पटना। बिहार में 6 से ज्यादा जगहों पर बांध क्षतिग्रस्त हुए हैं। 56 साल बाद फिर से बौरायी कोसी नदी भी अपने उफान पर है। कोसी बराज से भले ही पानी कम है, लेकिन तटबंधों पर खतरा मंडराने लगा है। रविवार की आधी रात को दरभंगा का बांध टूट गया। जिससे दो प्रखंडों में बसे […]
पटना। बिहार में 6 से ज्यादा जगहों पर बांध क्षतिग्रस्त हुए हैं। 56 साल बाद फिर से बौरायी कोसी नदी भी अपने उफान पर है। कोसी बराज से भले ही पानी कम है, लेकिन तटबंधों पर खतरा मंडराने लगा है। रविवार की आधी रात को दरभंगा का बांध टूट गया। जिससे दो प्रखंडों में बसे लोगों का जीवन प्रभावित हो गया।
स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने लगे। कोसी बराज से पानी छोड़ने के बाद कोशी नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। जिले के किरतपुर प्रखंड के भूभौल गांव के नजदीक रात करीब 1 बजे बांध ध्वस्त हो गया। बांध के ध्वस्त होने से किरतपुर प्रखंड और घन्यश्यामपुर प्रखंड के कई गांव में बाढ़ का पानी घुस गया। जिससे लाखों की आबादी प्रभावित हो गई है।
प्रशासन ने देर रात तक बांध को ध्वस्त होने से बचाने के लिए प्रयास किया, लेकिन देर रात कोशी नदी की तेज धारा के सामने बांध टिक नहीं पाया। किरतपुर प्रखंड के जमालपुर थाना क्षेत्र के नरकटिया गांव और भूभौल गांव के समीप दोपहर से ही बांध पर बने सड़क के ऊपर से पानी बहने लगा। जिसे प्रशासन के द्वारा लगातार सैंड बैग डालकर बचाने की कोशिश की। साथ ही लोगो से सतर्क और सावधान रहने की अपील भी की।
दरभंगा के जिलाधिकारी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को काबू करने में लग गए, लेकिन बांध को बचाने में असफल रहे। कोशी नदी के तांडव से फिलहाल किरतपुर प्रखंड और घन्यश्यामपुर प्रखंड के लोगो के बीच कोहराम मचा हुआ है। लोग अपने मवेशी और परिवार के साथ ऊंचे स्थानों और तटबंध पर शरण ले रहे हैं। वहीं प्रशासन की तरफ से बाढ़ पीड़ित लोगों को मदद पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए हैं। साथ ही लोगों से अपील कि है कि हड़बड़ाने की जरुरत नहीं है। हर संभव मदद की जाएगी, जिला प्रशासन आपके साथ है।