पटना। माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे जया एकादशी के नाम से जाना जाता है, इस वर्ष 8 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से जीवन के समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है और अपार धन-धान्य की प्राप्ति होती है। जया एकादशी का […]
पटना। माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे जया एकादशी के नाम से जाना जाता है, इस वर्ष 8 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से जीवन के समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है और अपार धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। जया एकादशी के दिन व्रत रखने और श्री हरि की उपासना करने से व्यक्ति के सभी दुख दूर होते हैं और जीवन सुखमय बनता है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से पिशाच योनि से मुक्ति मिलती है और यह व्रत अश्वमेध यज्ञ के बराबर फलदायी होता है।
जया एकादशी व्रत से एक दिन पूर्व, दशमी तिथि को, हल्का भोजन या केवल फलाहार करना चाहिए, ताकि एकादशी के दिन पेट में कोई अवशिष्ट भोजन न रहे। एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। दिनभर फलाहार व्रत रखें और अनाज का सेवन न करें। रात्रि में जागरण करते हुए भगवान विष्णु का स्मरण करें। द्वादशी तिथि पर सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करें।
जया एकादशी के दिन कुछ विशेष उपाय करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। व्यापार में वृद्धि के लिए: पीले कपड़े में 2 हल्दी की गांठ, एक चांदी का सिक्का, और एक पीली कौड़ी रखकर पोटली बनाएं। इसे धन स्थान पर रखें। करियर में उन्नति के लिए: शाम के समय घी का दीपक जलाकर “ॐ नमो भगवते नारायणाय” मंत्र का 11 बार जाप करें। कर्ज से मुक्ति के लिए: जटा वाले नारियल पर लाल मौली बांधकर बहते जल में प्रवाहित करें। कच्चे सफेद सूत के धागे को पीपल के पेड़ की 11 परिक्रमा करते हुए लपेटें। इन उपायों से जीवन के विभिन्न कष्टों से मुक्ति मिलती है।