<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
        <title></title>
        <description></description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tourism</link>
        <lastBuildDate>May 15, 2026, 1:48 pm</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item>
                    <title><![CDATA[Photo Feature: गर्मियों की छुट्टी के लिए ढूंढ रहे हैं डेस्टिनेशन, तो जरूर जाएं इन जगहों पर]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/photos/if-you-are-looking-for-a-destination-for-summer-vacation-then-definitely-visit-these-places/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। अप्रैल का महीना छुट्टियों का समय होता है, जब परीक्षाएं खत्म हो चुकी होती हैं और गर्मी बढ़ने लगती है। ऐसे में परिवार और दोस्तों के साथ घूमने का यह बेहतरीन मौका होता है। अगर आप भी इस महीने ट्रैवल प्लान बना रहे हैं लेकिन डेस्टिनेशन को लेकर उलझन में हैं, तो हम आपको [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><strong>पटना।</strong> अप्रैल का महीना छुट्टियों का समय होता है, जब परीक्षाएं खत्म हो चुकी होती हैं और गर्मी बढ़ने लगती है। ऐसे में परिवार और दोस्तों के साथ घूमने का यह बेहतरीन मौका होता है। अगर आप भी इस महीने ट्रैवल प्लान बना रहे हैं लेकिन डेस्टिनेशन को लेकर उलझन में हैं, तो हम आपको 5 खूबसूरत पर्यटन स्थलों के बारे में बता रहे हैं, जहां आप अपनी गर्मी की छुट्टियां बिता सकते हैं।

<img class="alignnone  wp-image-16130" src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T145402.876-300x220.jpg" alt="" width="631" height="463" />

अरुणाचल प्रदेश में समुद्र तल से 2,669 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तवांग भारत के सबसे सुंदर पर्यटन स्थलों में से एक है। हिमालय की बर्फीली चोटियों से घिरा यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां की तवांग मोनेस्ट्री, सुंदर झीलें और ताशी डेलेक ट्रेक एडवेंचर के शौकीनों के लिए बेहतरीन अनुभव हो सकता है।

<img class="alignnone  wp-image-16131" src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T145441.128-300x142.jpg" alt="" width="642" height="304" />

मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी गर्मी में ठंडी हवा और हरियाली का आनंद लेने के लिए बेहतरीन जगह है। यह सतपुड़ा की पहाड़ियों में बसा है, जहां झरने, गुफाएं और प्राकृतिक नज़ारे देखने को मिलते हैं। इसके साथ ही यह ट्रेकिंग और हाइकिंग के लिए भी शानदार ऑप्शन हैं।

<img class="alignnone  wp-image-16132" src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T145529.898-300x225.jpg" alt="" width="643" height="482" />

हिमाचल में अगर आप किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं, जहां प्राकृतिक सुंदरता के साथ आध्यात्मिक शांति भी मिले, तो धर्मशाला बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसे ‘मिनी तिब्बत’ भी कहा जाता है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में तिब्बती लोग रहते हैं। धर्मशाला के पास स्थित मैक्लोडगंज भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

<img class="alignnone  wp-image-16133" src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T145632.713-300x169.jpg" alt="" width="646" height="364" />

तमिलनाडु में नीलगिरि की पहाड़ियों में बसा ऊटी हमेशा से ही हिल स्टेशनों के शौकीनों की पसंदीदा जगह रहा है। यहां के चाय बागान, झीलें, वाटरफॉल और खूबसूरत वादियांइसे और भी आकर्षक बनाते हैं। अप्रैल में यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है, जिससे यह छुट्टियां बिताने के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन बन जाता है।

<img class="alignnone  wp-image-16134" src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T145750.625-300x171.jpg" alt="" width="675" height="385" />

पश्चिम बंगाल में स्थित दार्जिलिंग अपनी हरी-भरी पहाड़ियों, चाय बागानों और मनमोहक घाटियों के लिए प्रसिद्ध है। यह गर्मियों के दौरान ठंडी और ताज़ी हवा का अहसास कराने के लिए बेहतरीन जगह है। अप्रैल में यहां का तापमान 11 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, जिससे यह मौसम घूमने के लिए एकदम परफेक्ट बन जाता है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/photos/if-you-are-looking-for-a-destination-for-summer-vacation-then-definitely-visit-these-places/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[हवाई यात्रा के मामले में तेजी से विकास कर रहा बिहार, 2 दशक में 6 से 17 गुना बढ़ी आवाजाही]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/good-news/bihar-is-rapidly-developing-in-terms-of-air-travel-movement-increased-from-6-to-17-times-in-2-decades/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। बिहार की गिनती पिछड़े राज्यों में की जाती थी। यहां के लोगों के लिए विमान का सफर करना मुश्किल काम होता था, लेकिन पिछले दो दशकों में बिहार में कई बड़े बदलाव हुए हैं। प्रदेश में हवाई सेवाओं में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है। प्रदेश में हवाई संपर्क, बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><strong>पटना।</strong> बिहार की गिनती पिछड़े राज्यों में की जाती थी। यहां के लोगों के लिए विमान का सफर करना मुश्किल काम होता था, लेकिन पिछले दो दशकों में बिहार में कई बड़े बदलाव हुए हैं। प्रदेश में हवाई सेवाओं में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है। प्रदेश में हवाई संपर्क, बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है।
<h2><strong>हवाई यातायात में मजबूत स्थिति</strong></h2>
राज्य अब हवाई यातायात के मानचित्र पर कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है। बता दें कि साल 2005 में बिहार में केवल पटना और गया हवाई अड्डों से प्लेन उड़ाने भरते थे। आंकड़ों पर नजर डालें, तो साल 2005-06 में बिहार के हवाई अड्डों से कुल 4,788 उड़ानों को संचालित किया था। इस दौरान लगभग 2.48 लाख यात्रियों ने हवाई यात्रा की थी। वहीं, 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 29,614 उड़ानों की आवाजाही का हो गया। इस बीच 42.86 लाख यात्रियों ने प्लेन से यात्रा की थी। यह आकंड़ा लगभग 6 गुना और 17 गुना की वृद्धि को दर्शाता है।
<h2><strong>टर्मिनल भवन का कार्य जारी</strong></h2>
यह वृद्धि बिहार में हवाई कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाता है। मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि राज्य सरकार नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मार्गदर्शन और समन्वय में कार्य कर रही है। राज्य संसाधनों से हवाई अड्डों के विस्तार के लिए जमीन मुहैया कराई जा रही है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) आवश्यक बुनियादी ढांचे, जिसमें टर्मिनल भवन भी शामिल हैं, का विकास कार्य जारी है। हमारा संकल्प है कि राज्य में कोई भी स्थान हवाई अड्डे से 200 किलोमीटर से ज्यादा दूर न हो।"
<h2><strong>दरभंगा सिविल हवाई अड्डा</strong></h2>
दरभंगा सिविल एन्क्लेव, प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण हवाई अड्डा है। यह भारतीय वायु सेना के स्टेशन में स्थित है। इस हवाई अड्डे से उड़ानों की शुरुआत 8 नवंबर 2020 को हुई। इसे केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN) योजना के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य देश के छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ना था। शुरुआत में दरभंगा से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के लिए सीधी उड़ानें भरी गईं। पहले ही साल में यात्रियों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली और यह एयरपोर्ट बिहार के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल हो गया।
<h2><strong>दरभंगा एयरपोर्ट अहम हवाई केंद्र</strong></h2>
साल 2023-24 में यहां से 3,335 उड़ानों की आवाजाही हुई, जिसे 5.26 लाख से ज्यादा यात्रियों ने यात्रा की, जो इसके तेज विकास को दर्शाता है। आज दरभंगा एयरपोर्ट मिथिलांचल और उत्तर बिहार के लोगों के लिए एक अहम हवाई संपर्क केंद्र बन चुका है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/good-news/bihar-is-rapidly-developing-in-terms-of-air-travel-movement-increased-from-6-to-17-times-in-2-decades/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[भारी भीड़ को देखते हुए कई ट्रेनों को किया कैंसिल, स्टेशन पर लोगों ने मचाया हंगामा]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/many-trains-were-cancelled-due-to-heavy-rush-people-created-ruckus-at-the-station/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। माघ पूर्णिमा स्नान पर प्रयागराज में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर रेलवे ने एहतियातन कई नियमित ट्रेनों के संचालन को रद्द कर दिया है। कई ट्रेनों के रुट में बदलाव किया गया है। बीते दिन जयनगर से खुलकर मुजफ्फरपुर से प्रयागराज जाने वाली 11062 पवन एक्सप्रेस सारनाथ, बनारस सिटी, प्रयागराज और नैनी के [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><strong>पटना।</strong> माघ पूर्णिमा स्नान पर प्रयागराज में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर रेलवे ने एहतियातन कई नियमित ट्रेनों के संचालन को रद्द कर दिया है। कई ट्रेनों के रुट में बदलाव किया गया है। बीते दिन जयनगर से खुलकर मुजफ्फरपुर से प्रयागराज जाने वाली 11062 पवन एक्सप्रेस सारनाथ, बनारस सिटी, प्रयागराज और नैनी के बीच रद्द रहेगी।
<h2><strong>ट्रेन के रद्द होने नहीं भेजा मैसेज</strong></h2>
इस मामले में रेलवे की ओर से यात्रियों को सोमवार की देर रात तक मैसेज नहीं भेजा है। इससे यात्री आक्रोशित है। इसके अतिरिक्त मुजफ्फरपुर से सिंकदराबाद जाने वाली 05293 स्पेशल ट्रेन का भी परिचालन नहीं होगा। वहीं रक्सौल-आनंद विहार सदभावना एक्सप्रेस बनारस और बनारस सिटी के रद्द रहेगी। बरौनी-अहमदाबाद एक्स्प्रेस पर मुजफ्फरपुर जंक्शन पर कुंभ जाने वालों ने कब्ज जमा लिया है। एसी बोगी के अंदर तक लोगों की भीड़ भर गई है। जिससे आरक्षित यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
<h2>बोगियों को बंदकर रवाना किया</h2>
शौचालय से लेकर 2 सीटों के बीच बने पैसेज में भी यात्री बैठकर यात्रा करने को मजबूर है। इस पर पहले से बैठे यात्रियों ने हंगामा कर दिया। आरपीएफ ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेन के बोगियों को बंदकर हाजीपुर के लिए रवाना किया। वहीं मुजफ्फरपुर से बलसाड़ जाने वाली श्रमिक स्पेशल में सोमवार को छपरा पहुंचते ही ट्रेन में भीषण भीड़ उमड़ी। इसके बाद टीटीई ने अंदर बैठे यात्रियों की मदद से सभी बोगियों को बंद कर दिया गया है।
<h3><strong>मधुबनी स्टेशन पर यात्रियों ने किया हंगामा</strong></h3>
इस पर छपरा यात्रियों ने जमकर शोर मचाया। अंत्योदय एक्सप्रेस में गेट बंद होने के कारण से यात्री टूटे खिड़की से बोगी के अंदर घुस रहे हैं। वहीं जयनगर से नई दिल्ली जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी में भीड़ की वजह से नहीं चढ़ने वाले यात्रियों ने सोमवार को मधुबनी स्टेशन पर जमकर हंगामा किया।]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/tourism/many-trains-were-cancelled-due-to-heavy-rush-people-created-ruckus-at-the-station/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[कर्तव्य पथ पर बिहार की झांकी रहेगी आकर्षण का केंद्र, जानिए क्या कुछ होगा स्पेशल]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/culture/bihars-tableau-will-be-the-center-of-attraction-on-the-duty-path-know-what-will-be-special/</link>
                    <description><![CDATA[पटना: 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर बिहार की झांकी भी दिखेगी. आठ साल बाद बिहार की झांकी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का मौका मिल रहा है. बिहार की यह झांकी ज्ञान की भूमि नालंदा की प्राचीन विरासत और इसे संरक्षित करने के लिए किए जा रहे [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना:</strong> 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर बिहार की झांकी भी दिखेगी. आठ साल बाद बिहार की झांकी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का मौका मिल रहा है. बिहार की यह झांकी ज्ञान की भूमि नालंदा की प्राचीन विरासत और इसे संरक्षित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को दिखाया जाएगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>झांकी में भगवान बुद्ध की अलौकिक रूप दिखेगा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि इसके अलावा झांकी में भगवान बुद्ध की अलौकिक और भव्य प्रतिमा के साथ घोड़ा कटोरा झील को इको टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का अनूठा प्रयास भी दिखाया गया है. झांकी के अग्रभाग में बोधिवृक्ष यह संदेश दे रहा है कि ज्ञान का प्रकाश इस धरती से पूरे विश्व में फैल चुका है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>ज्ञान और शांति की समृद्ध परंपरा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बिहार राज्य की झांकी में बिहार की ज्ञान और शांति की समृद्ध परंपरा को प्रदर्शित किया गया है. झांकी में भगवान बुद्ध को शांति का संदेश देते हुए प्रदर्शित किया गया है. भगवान बुद्ध की यह अलौकिक प्रतिमा राजगीर के घोड़ा कटोरा जलाशय में स्थित है, जिसे देखने हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। वर्ष 2018 में स्थापित एक ही पत्थर से बनी भगवान बुद्ध की 70 फीट की अलौकिक एवं भव्य प्रतिमा के साथ घोड़ा कटोरा झील का विकास, इको-टूरिज्म के क्षेत्र में बिहार सरकार का एक अनूठा प्रयास है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय भी दिखेंगे</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>झांकी में प्राचीन नालंदा महाविहार (विश्वविद्यालय) के खंडहरों को भी दर्शाया गया है, जो इस बात का प्रमाण है कि चीन, जापान और मध्य एशिया जैसे दूर देशों से छात्र ज्ञान प्राप्त करने के लिए यहां आते थे। नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर प्राचीन भारत की ज्ञान परंपरा के प्रतीक हैं। भारतीय संस्कृति की विरासत को सुरक्षित रखने के लिए इन खंडहरों का संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। बिहार सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों से नालन्दा का प्राचीन गौरव पुनः स्थापित हो रहा है। झांकी में दीवार चित्रों के माध्यम से बिहार की प्राचीन और समृद्ध विरासत को भी दर्शाया गया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/culture/bihars-tableau-will-be-the-center-of-attraction-on-the-duty-path-know-what-will-be-special/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[बिहार में स्थापित होंगे 2 और चिड़ियाघर, वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/2-more-zoos-will-be-established-in-bihar-wildlife-conservation-will-get-a-boost/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। बिहार सरकार ने राज्य की आबादी और भौगोलिक क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए 2 नए चिड़ियाघर स्थापित करने का फैसला लिया है। 2 चिड़ियाघर स्थापित होने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रेम कुमार ने बुधवार को एक समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना।</strong> बिहार सरकार ने राज्य की आबादी और भौगोलिक क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए 2 नए चिड़ियाघर स्थापित करने का फैसला लिया है। 2 चिड़ियाघर स्थापित होने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रेम कुमार ने बुधवार को एक समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को एक समिति बनाने का निर्देश दिया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>साथ ही नए चिड़ियाघरों के लिए स्थानों की पहचान करने को भी कहा है। इस दौरान मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि तमिलनाडु की आबादी केवल आठ करोड़ है। जहां चार जैविक उद्यान हैं। वहीं बिहार इतना बड़ा राज्य है लेकिन वहां केवल 2 ही चिड़ियाघर है। जिनका नाम पटना में संजय गांधी जैविक उद्यान और राजगीर चिड़ियाघर सफारी है। जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए, राज्य में दो और जैविक उद्यान स्थापित करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि स्थापना के बाद बिहार में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>वन्यजीव विरासत को मिलेगी सहायता</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>राज्य की समृद्ध वन्यजीव विरासत को संरक्षित करने और उसकी रक्षा करने में भी सहायता मिलेगी। प्रेम कुमार ने कहा कि पार्क शैक्षिक केंद्र के रूप में भी काम करेंगे। संरक्षण के महत्व और पर्यावरण की रक्षा की आवश्यकता के बारे में जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार इको-टूरिज्म और वन्यजीवों के संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>जैव विविधता पार्क की स्थापना</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>राजगीर में स्थापित राज्य की पहली चिड़ियाघर सफारी ने 2021 में अपनी स्थापना के बाद से 9 लाख से ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित किया है। सरकार ने जमुई, गया और अररिया समेत विभिन्न जिलों में जैव विविधता पार्क भी स्थापित किए हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/tourism/2-more-zoos-will-be-established-in-bihar-wildlife-conservation-will-get-a-boost/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[नीतीश सरकार ने जारी किया 2025 का कैलेंडर, पूरे साल का दिया ब्यौरा]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/nitish-government-released-the-calendar-for-2025-gave-details-for-the-whole-year/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार यानी आज मुख्यमंत्री आवास स्थित संकल्प कक्ष में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के साल 2025 के कैलेंडर का उद्धघाटन किया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के इस साल के कैलेंडर में सरकारी नौकरियों से लेकर औद्योगिक क्षेत्र की गतिविधि के साथ-साथ जीविका समूह की सक्रियता का ब्यौरा दिया गया है। [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना।</strong> मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार यानी आज मुख्यमंत्री आवास स्थित संकल्प कक्ष में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के साल 2025 के कैलेंडर का उद्धघाटन किया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के इस साल के कैलेंडर में सरकारी नौकरियों से लेकर औद्योगिक क्षेत्र की गतिविधि के साथ-साथ जीविका समूह की सक्रियता का ब्यौरा दिया गया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>प्रौद्योगिकी के उपयोग की जानकारी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>कैलेंडर के उद्धघाटन के मौके पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत पर उन्हें पौधा भेंट किया। साल 2025 के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कैलेंडर में राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही अग्रणी योजनाओं का खास तौर पर जिक्र है। बिजली उपलब्धता के क्षेत्र में हुए सुधार को भी बताया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग स्कूलों में किस तरह से हो रहा इसकी भी जानकारी साझा की गई।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>जनवरी से मई महीने तक का काम</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>जनवरी महीने में औद्योगिक विकास एवं निवेश की चर्चा है। राज्य सरकार ने औद्योगिक निवेश को बढ़ाने के लिए किस तरह से नीतिगत ढांचे में बदलाव किया है इसकी जानकारी है। फरवरी के महीने में रोजगार सृजन की जानकारी दी गई है। इसके अलावा सरकारी विभागों व उनके क्षेत्रीय कार्यालयों में रिक्त पड़े पदों पर बहाली की जानकारी है। मार्च के पन्ने पर खेल-कूद में राज्य सरकार के कार्यों की जानकारी दी गई है। अप्रैल माह के पन्ने पर महिला सशक्तिकरण की बात की है। मई का पन्ना आधारभूत संरचना को समर्पित है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>जून से दिसंबर के काम का ब्यौरा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>जून महीने के पन्ने पर शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों की जानकारी दी है। जून में शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों की जानकारी और अगस्त के पन्ने पर कृषि क्षेत्र में हुए काम और विकास से जुड़े काम को दिखाया है। सितंबर माह में बिहार के आइकॉनिक भवनों की जानकारी साझा है। अक्टूबर महीने में जलवायु परिवर्तन से बचाव के कार्यों के बारे में बताया तो वहीं नवंबर महीने में ऊर्जा के क्षेत्र में किए काम का ब्यौरा है। दिसंबर महीने का पूरा पन्ना जीविका समूह के क्रियाकलापों के बारे में है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/tourism/nitish-government-released-the-calendar-for-2025-gave-details-for-the-whole-year/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Mandar Mountain: बांका में बना है प्राचीन पिकनिक स्पॉट, अपने इतिहास और सौंदर्य के लिए है फेमस]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/mandar-mountain-an-ancient-picnic-spot-built-in-banka-famous-for-its-history-and-beauty/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। नए साल 2025 में घूमने या पिकनिक मनाने प्लान बना रहे हो तो बिहार आ सकते हैं। प्रदेश के बांका के बौसी मंदार पर्वत और ओढ़नी डैम घूमने वाली जगहों में से एक है। मंदार पर्वत किसी पहचान का मोहताज नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि यह देव और दानवों के बीच हुए [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना।</strong> नए साल 2025 में घूमने या पिकनिक मनाने प्लान बना रहे हो तो बिहार आ सकते हैं। प्रदेश के बांका के बौसी मंदार पर्वत और ओढ़नी डैम घूमने वाली जगहों में से एक है। मंदार पर्वत किसी पहचान का मोहताज नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि यह देव और दानवों के बीच हुए समुद्र मंथन का गवाह पेश करता है। इससे तीन धर्म का संगम स्थल भी माना जाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पहाड़ की गोद में बना ओढ़नी जलाशय</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>यह बिहार के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां देश के अलावा विदेश से भी पर्यटक यहां घूमने आते हैं। मंदार पर्वत विश्व-सृष्टि का एकमात्र मूक गवाह है। इतिहास में आर्य और अनार्य के बीच सौहार्द्र बनाने के लिए समुद्र मंथन किया गया था। जिसमें मंदार मथानी के रूप में उपयोग हुआ था। ऐतिहासिक मंदार पर्वतों पर पुरातात्विक अवशेषों का भंडार है। बांका जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हरी-भरी वादियों और पहाड़ की गोद में ओढ़नी जलाशय बना है ।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>समुद्र मंथन से निकले थे 14 रत्न</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>ओढ़नी डैम में पर्यटकों को जल क्षेत्र में परिभ्रमण करने के लिए बोटिंग की सुविधा मौजूद है। यहां आइलैंड रिसॉर्ट का निर्माण पूरा हो चुका है। यहां टूरिस्ट के लिए कई खास तरीके के प्रबंध किए गए हैं। बौसी में मंदार पर्वत मौजूद है, जो 700 फीट ऊंचे इस पर्वत के बारे में पुराणों और महाभारत में कई कहानियां प्रचलित है। जिनमें एक कहानी ऐसी है कि देवताओं ने अमृत प्राप्ति के लिए दैत्यों के साथ मिलकर मंदार पर्वत से ही समुद्र मंथन किया था। जिससे 14 रत्न और कालकूट विष निकले थे। यहां बिहार का दूसरा सबसे बड़ा मेला लगता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>प्राकृतिक सौंदर्य के लिए मशहूर</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मंदार पर्वत अपने इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्यता के लिए जाना जाता है। यहां एक कथा प्रचलित है जिसमें भगवान विष्णु ने राक्षस को हराकर उसका वध किया। उसे यह कह कर विशाल मंदार के नीचे दबा दिया था कि वह फिर से विश्व को डरा-धमका ना सके, पुराणों के मुताबिक यह लड़ाई लगभग 10 हजार साल तक चली थी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/tourism/mandar-mountain-an-ancient-picnic-spot-built-in-banka-famous-for-its-history-and-beauty/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[वैष्णो देवी जाने वालों के लिए बुरी खबर, 72 घंटों के लिए कटरा में हड़ताल का ऐलान]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bad-news-for-those-visiting-vaishno-devi-strike-announced-in-katra-for-72-hours/</link>
                    <description><![CDATA[पटना: वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई जा रही रोपवे परियोजना के विरोध में 25 दिसंबर से तीन दिनों के लिए कटरा को पूर्ण रूप से बंद करने की घोषणा की है। कटरा में इस बंद का व्यापक असर दिख रहा है. इससे श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना:</strong> वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई जा रही रोपवे परियोजना के विरोध में 25 दिसंबर से तीन दिनों के लिए कटरा को पूर्ण रूप से बंद करने की घोषणा की है। कटरा में इस बंद का व्यापक असर दिख रहा है. इससे श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>रोपवे का काम रोका गया</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार (18 दिसंबर) को वैष्णो देवी संघर्ष समिति और प्रशासन के बीच बातचीत सफल रही. प्रशासन ने आश्वासन दिया कि यह प्रोजेक्ट बंद होगा, पर वैष्णो देवी संघर्ष समिति लिखित में यह आश्वासन चाहती है. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा बनाए जा रहे रोपवे का काम रोक दिया गया है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>आज भी बंद है कटरा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बंद के पहले दिन बुधवार (25 दिसंबर) को कटरा में सभी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं। इसके साथ ही 14 किलोमीटर पैसेंजर ट्रैक पर ट्रेन ड्राइवर और पालकी ड्राइवर भी हड़ताल में शामिल हुए और अपना विरोध जताया. इसके चलते यात्रियों को अपनी यात्रा पूरी करने के लिए न तो कोई कोच मिला और न ही पालकी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>जानें क्या है रोपवे प्रोजेक्ट?</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>कटरा से मंदिर की दूरी 14 किलोमीटर है। अगर यह रोपवे बन गया तो वैष्णो देवी मंदिर तक का सफर 1 घंटे में पूरा हो जाएगा. इस प्रोजेक्ट को बनाने में करीब 300 करोड़ रुपये की लागत आएगी.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>परेशानियों का सामना</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वहीं, इस बंद के कारण देशभर से श्री माता वैष्णो देवी, कटरा आने वाले श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. माता के दर्शन के लिए अमृतसर से कटरा पहुंचे श्रद्धालुओं ने दावा किया कि उन्हें इस हड़ताल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और अब इस हड़ताल के कारण उन्हें न तो खाने के लिए कुछ मिल रहा है और न ही कोई परिवहन.</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bad-news-for-those-visiting-vaishno-devi-strike-announced-in-katra-for-72-hours/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Kakolat Waterfall: ककोलत में सीएम नीतीश ने पर्यटक सुविधाओं का किया लोकार्पण, लोगों में दिखी ख़ुशी की लहर]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/kakolat-waterfall-cm-nitish-inaugurated-tourist-facilities-in-kakolat-wave-of-happiness-seen-among-people/</link>
                    <description><![CDATA[पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज शनिवार को नवादा के दौरे पर है. उन्होंने बिहार के कश्मीर के रूप में विख्यात ककोलत जलप्रपात में सैलानी सुविधाओं का लोकार्पण किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ककोलत जलप्रपात के मुख्य गेट पर फीता काटकर उद्धघाटन किया इस दौरान सीएम के साथ वन और पर्यावरण मंत्री सह [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना </strong>: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज शनिवार को नवादा के दौरे पर है. उन्होंने बिहार के कश्मीर के रूप में विख्यात ककोलत जलप्रपात में सैलानी सुविधाओं का लोकार्पण किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ककोलत जलप्रपात के मुख्य गेट पर फीता काटकर उद्धघाटन किया इस दौरान सीएम के साथ वन और पर्यावरण मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेम कुमार उपस्थित रहे. करीब 30 मिनट तक रूककर कर सीएम नीतीश ने विकास कार्यों का निरीक्षण किया.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:image {"id":10817,"width":"748px","height":"auto","sizeSlug":"full","linkDestination":"none"} -->
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/08/image-2.png" alt="" class="wp-image-10817" style="width:748px;height:auto"/></figure>
<!-- /wp:image -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>समारोह स्थल पर किया गया पौधारोपण</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस कड़ी में सीएम नीतीश व प्रभारी मंत्री ने समारोह स्थल पर पौधारोपण भी किया. हालांकि सीएम नीतीश ककोलत झरने तक नहीं पहुंच पाएं. इस दौरान सीएम ने कहा कि विकास उनकी पहली मिशन है और हमेशा विकास कार्य करते रहेंगे। इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक, MLC और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे. वहीं, सीएम नीतीश के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के पुख्ते इंतजाम किए गए थे. जगह-जगह पर पुलिस बल तैनात रहे. इस उद्धघाटन से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों में खुशी का माहौल है.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>3 वर्ष के बड़ा खोले जाएंगे ककोलत</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वहीं, 3 वर्ष से बंद ककोलत को अब नए तरीके से बनने के बाद सैलानियों के लिए खोल दिया जाएगा. दो साल पहले नीतीश कुमार ककोलत का निरक्षण करने के लिए आए थे जहां उन्होंने बोला था कि ककोलत को नए तरीके से बनाया जाएगा और सैलानियों को अबतक की सबसे बढ़िया सुविधा प्रदान की जाएगी. अब ककोलत पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है. सैलानियों को अब पहले से अधिक सुविधा दी जाएगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:image {"id":10816,"sizeSlug":"full","linkDestination":"none"} -->
<figure class="wp-block-image size-full"><img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/08/image-1.png" alt="" class="wp-image-10816"/></figure>
<!-- /wp:image -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पुल का भी लोकार्पण</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि नालंदा में सीएम नीतीश कुमार ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की ओर से निर्माण किए गए पुल का लोकार्पण किया. यह नव निर्मित पुल को बनाने में 493.64 लाख रुपये की खर्च हुई है. इस पुल के बनने से इलाके के लोगों को काफी मदद मिलेगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/top-news/kakolat-waterfall-cm-nitish-inaugurated-tourist-facilities-in-kakolat-wave-of-happiness-seen-among-people/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[पटना में बनकर तैयार हुआ बापू टावर, गांधी की विरासत को मिलेगा बढ़ावा]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bapu-tower-is-ready-in-patna-gandhis-legacy-will-get-a-boost/</link>
                    <description><![CDATA[पटना : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजधानी पटना शहर में एक नया स्मारक बनाया गया है। गर्दनीबाग इलाके में स्थित इस भव्य टावर का निर्माण किया गया है, जो गांधी जी को समर्पित है। यह बिहार की स्थापना और सांस्कृतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। बापू टावर [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना </strong>: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजधानी पटना शहर में एक नया स्मारक बनाया गया है। गर्दनीबाग इलाके में स्थित इस भव्य टावर का निर्माण किया गया है, जो गांधी जी को समर्पित है। यह बिहार की स्थापना और सांस्कृतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। बापू टावर के निर्माण की लागत 129 करोड़ रुपये है, जो महात्मा गांधी की विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>7 एकड़ में बनकर हुआ तैयार</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि 7 एकड़ में इस टावर का निर्माण हुआ है. इसमें विभिन्न गैलरी, शोध केंद्र और विशिष्ट मेहमानों के लिए लाउंज व प्रशासनिक कार्यालय बनाया गया हैं, जो इसे एक शैक्षिक और सांस्कृतिक केंद्र बनाते हैं। 120 फीट की ऊंचाई पर खड़ा और छह मंजिलों वाला यह विशाल टावर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह टावर न केवल एक वास्तुशिल्प चमत्कार है, बल्कि गांधी के जीवन और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और शांति, अहिंसा और सद्भावना के उनके सार्वभौमिक सिद्धांतों के कार्यान्वयन का केंद्र बिंदु भी है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>गांधी के जीवन से जुड़ी किस्सों को दिखाया गया</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इतिहास के माध्यम से गांधी की एक विसर्जित यात्रा को भव्यता के साथ बनाया गया है, जिसमें गोलाकार और आयतकार इमारत बनाया गया है। जो आगंतुकों को गांधी के जीवन और विरासत के एक आकर्षक व्याख्या के माध्यम से मार्गदर्शन कर रही हैं। गांधी टॉवर पर्यटकों को ग्राउंड फ्लोर पर टर्नटेबल थिएटर शो के साथ एक अनूठा अनुभव देता है, जहां बापू की जीवनी जीवंत हो जाती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:image {"id":10780,"width":"598px","height":"auto","sizeSlug":"full","linkDestination":"none"} -->
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/08/image.png" alt="" class="wp-image-10780" style="width:598px;height:auto"/></figure>
<!-- /wp:image -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>करीब 45 करोड़ रुपये हुए खर्च</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>टावर के अंदर गांधीजी और बिहार के इतिहास से जुड़ी एक प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसको बनाने में करीब 45 करोड़ रुपये खर्च हुए है। अहमदाबाद में डिजाइन की गई मूर्तियों और कलाकृतियों को दर्शाया गया है, जो प्रयटकों के अनुभव में गहराई और प्रामाणिकता देती है। इसके अतिरिक्त, टावर को बनाने में हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया गया है, जो पर्यावरण प्रबंधन और विकास के उच्च मानकों को दर्शाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>2018 से निर्माण कार्य हुए शुरू</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बापू टॉवर का निर्माण 2 अक्टूबर 2018 को शुरू हुआ था, जिसे शुरुआती लक्ष्य से कई गुना बढ़ा दिया गया। अब टावर बनकर तैयार है। यह निश्चित रूप से आने वाले दिनों में गांधीवादी सिद्धांतों का प्रतीक और भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bapu-tower-is-ready-in-patna-gandhis-legacy-will-get-a-boost/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Budget 2024: बजट में वित्त मंत्री ने बिहार के पर्यटन पर दिया जोर, काशी की तर्ज पर बोधगया में बनेगा कॉरिडोर]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/budget-2024-in-the-budget-finance-minister-laid-emphasis-on-tourism-of-bihar-corridor-will-be-built-in-bodhgaya-on-the-lines-of-kashi/</link>
                    <description><![CDATA[पटना : वित्त मंत्री मंगलवार (23 जुलाई) को केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। यह मोदी 3.0 सरकार का पहला केंद्रीय बजट है। इसमें वित्त मंत्री ने लगातार सातवां बजट पेश कर इतिहास रच दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का 6 बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड तोड़ा। 2019 में वे भारत की पहली [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना </strong>: वित्त मंत्री मंगलवार (23 जुलाई) को केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। यह मोदी 3.0 सरकार का पहला केंद्रीय बजट है। इसमें वित्त मंत्री ने लगातार सातवां बजट पेश कर इतिहास रच दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का 6 बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड तोड़ा। 2019 में वे भारत की पहली महिला वित्त मंत्री बनीं। उन्होंने इस साल फरवरी में एक ही सत्र में लगातार छह बजट पेश किए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट उनका लगातार सातवां बजट है। इस दौरान बजट पेश करते हुए संसद भवन में वित्त मंत्री ने बिहार के पर्यटन पर जोर दिया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>बजट में किया ऐलान</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>काशी की तर्ज पर बोधगया में कॉरिडोर बनेगा.</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:list -->
<ul class="wp-block-list"><!-- wp:list-item -->
<li>बजट में बिहार में पर्यटन पर जोर दिया गया</li>
<!-- /wp:list-item -->

<!-- wp:list-item -->
<li>नालंदा में पर्यटन का विकास होगा</li>
<!-- /wp:list-item -->

<!-- wp:list-item -->
<li>बिहार में राजगीर टूरिस्ट सेंटर बनेगा</li>
<!-- /wp:list-item -->

<!-- wp:list-item -->
<li>बाढ़ आपदा पर बिहार के लिए 11000 करोड़ का प्रावधान दिया जाएगा </li>
<!-- /wp:list-item --></ul>
<!-- /wp:list -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>बिहार में नए हवाई अड्डे, मेडिकल कॉलेज समेत इन क्षेत्रों में होगा विकास</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बजट पढ़ते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 21,400 करोड़ रुपये की लागत से बिहार के पीरपैंती में 2400 मेगावाट का नया बिजली संयंत्र स्थापित करने सहित बिजली परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। बिहार में नए हवाई अड्डे, मेडिकल कॉलेज और खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। बहुपक्षीय विकास बैंकों से बाहरी सहायता के लिए बिहार सरकार के अनुरोधों पर शीघ्रता से काम किया जाएगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:embed {"url":"https://twitter.com/AHindinews/status/1815631827450605749","type":"rich","providerNameSlug":"twitter","responsive":true} -->
<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
https://twitter.com/AHindinews/status/1815631827450605749
</div></figure>
<!-- /wp:embed -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/top-news/budget-2024-in-the-budget-finance-minister-laid-emphasis-on-tourism-of-bihar-corridor-will-be-built-in-bodhgaya-on-the-lines-of-kashi/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Bihar Tourism: 5 महीने में 1.78 करोड़ पर्यटक पहुंचे बिहार, विदेशी सैलानी भी आए प्रदेश]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bihar-tourism-1-78-crore-tourists-reached-bihar-in-5-months-foreign-tourists-also-came-to-the-state/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। बिहार में घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस साल मई में लगभग 1 करोड़ 78 लाख से ज्यादा पर्यटक बिहार आए। पिछले साल की तुलना की जाए तो पर्यटकों की संख्या में लगभग 48 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। पिछले साल जनवरी से मई में लगभग 1.21 करोड़ [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना।</strong> बिहार में घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस साल मई में लगभग 1 करोड़ 78 लाख से ज्यादा पर्यटक बिहार आए। पिछले साल की तुलना की जाए तो पर्यटकों की संख्या में लगभग 48 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। पिछले साल जनवरी से मई में लगभग 1.21 करोड़ पर्यटक बिहार आए थे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सर्वाधिक पर्यटक बोधगया घूमने आए</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस बार पर्यटकों की संख्या में 57 लाख की संख्या बढ़कर 1.78 लाख तक पहुंच गई है।पर्यटन विभाग द्वारा जारी किए गए आकड़ो के मुताबिक सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक गया-बोधगया घूमने गए। जबकि देशी पर्यटक पटना घूमने के लिए आए। इस साल सबसे ज्यादा 42.93 लाख पर्यटक जनवरी में बिहार में आए थे। इनमे देशी पर्यटक 42 लाख से ज्यादा रहे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सर्वाधिक पर्यटक जनवरी के महीने में आए</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वहीं विदेशी पर्यटकों की संख्या 86 हजार से ज्यादा दर्ज की गई। जनवरी के बाद मार्च में सबसे ज्यादा 42.59 पर्यटक बिहार आए। इसमे विदेशी पर्यटकों की संख्या 58 हजार से ज्यादा थी। फरवरी में 32.76 लाख पर्यटक प्रदेश में आए जिसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या 77 हजार से ज्यादा रही।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bihar-tourism-1-78-crore-tourists-reached-bihar-in-5-months-foreign-tourists-also-came-to-the-state/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Tourism: आगरा में मशहूर है ये 5 मंदिर,भक्तों का लगा रहता है तांता]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/tourism-these-5-temples-are-famous-in-agra-devotees-keep-coming-in-large-numbers/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। भारत के हर राज्य में कुछ ऐसे मंदिर होते है जहां हमेशा भक्तों का तांता लगा रहता है। जहां के मंदिरों में किसी भी मौसम में जाएं तो वहां हमेशा भक्तों की भीड़ रहती हैं। यदि हम बात करें आगरा की तो वहां भी कुछ ऐसे मंदिर है जो काफी फेमस है। यदि आप [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना।</strong> भारत के हर राज्य में कुछ ऐसे मंदिर होते है जहां हमेशा भक्तों का तांता लगा रहता है। जहां के मंदिरों में किसी भी मौसम में जाएं तो वहां हमेशा भक्तों की भीड़ रहती हैं। यदि हम बात करें आगरा की तो वहां भी कुछ ऐसे मंदिर है जो काफी फेमस है। यदि आप कभी आगरा जाएं तो इन मंदिरों में एक बार जाकर दर्शन जरूर करें। आगरा में एक ऐसा मंदिर भी है जहां की शिवलिंग कैलाश से लाई गई थी। आइए जानते है कौन से है ये 5 मंदिर</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>खाटू श्याम जी का मंदिर</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>ये मंदिर पूरे यूपी में सबसे बड़ा खाटू श्याम जी का मंदिर है। ये मंदिर पूरी तरह से राजस्थान के पूराने खाटू श्याम वाले मंदिर से प्रेरित है। आगरा के जियोनी मंडी में बना यह मंदिर 3 मंजिला है। यह मंदिर सुबह 5.30 से रात 9 बजे तक ही खुला रहता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान खाटू श्याम की पूजा-अर्चना करना भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना करना के समान है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>श्री मनकामेश्वर मंदिर</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>श्री मनकामेश्वर मंदिर आगरा के सभी पूराने मंदिरों में से एक है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये मंदिर ताज महल से भी पुराना है। इसका निर्माण ताज महल से भी पहले हो गया था। कई बड़े त्योहारों पर यहां भक्तों की बहुत भीड़ लग जाती हैं। यह मंदिर रावतपारा में स्थित है। यह सुबह साढ़े पांच से रात साढ़े आठ बजे तक ही खुला रहता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>दयालबाग मंदिर</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>ये मंदिर राधा स्वामी आस्था का प्रतीक है। यह मंदिर सुंदर वास्तुकला और अपने शांतिपूर्ण वातावरण के लिए जाना जाता है। इस मंदिर का निर्माण 1904 में शुरू हो गया था। जिसे 1980 में आम जनता के लिए खोल दिया गया। दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल की मौजूदगी आगरा के एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में महत्व को और पुख्ता करती है। ऐसी ही एक महत्वपूर्ण जगह है दयाल बाग। उत्तर प्रदेश के महानगर आगरा में स्थित दयाल बाग, राधा स्वामी संप्रदाय का मुख्यालय है, जिसकी स्थापना 1861 में शिव दयाल सिंह ने की थी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>बल्केश्वर महादेव मंदिर</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बल्केश्वर महादेव मंदिर महादेव शिव को समर्पित किया गया है। यह 700 साल से भी ज्यादा पूराना मंदिर है। कहा जाता है कि इस क्षेत्र में नदी के पास एक गाय घूम रही थी। तभी अचानक से वह तेज से रंभाने लगी। जिसके बाद वहां के स्थानीय लोगों वहां इकट्ठा हुआ। जब तलाश करी गई तो पाया गया कि वह गाय वहां पर मिले एक शिवलिंग की ओर इशारा कर रही थी। जिसके बाद वहां एक शिव मंदिर का निर्माण किया गया जिसका नाम बल्केश्वर मंदिर रखा गया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p><strong>कैलाश मंदिर</strong></p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>आगरा में कैलाश मंदिर को आगरा के एक स्थानीय राजा सूरजमल द्वारा बनवाया गया था। कहा जाता है कि राजा सूरजमल को एक दिन एक सपना आया था जिसमें उन्हें महादेव शिव के दर्शन हुए थे। इसे एक अच्छा शगुन मानकर सूरजमल की सैनिकों की टीम को कैलाश पर्वत पर भेजा गया। वहां से वह लोग एक शिवलिंग लेकर आएं। आगरा में महादेव के मंदिर का निर्माण करा कर उस शिवलिंग को स्थापित किया गया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/tourism/tourism-these-5-temples-are-famous-in-agra-devotees-keep-coming-in-large-numbers/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Darbhanga News: दरभंगा में हुई वाटर स्पोर्ट्स की शुरूआत, वाटर स्कूटर,बोटिंग के साथ पैरासेलिंग का भी मजा उठा सकेंगे पर्यटक]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/darbhanga-news-water-sports-started-in-darbhanga-tourists-will-be-able-to-enjoy-parasailing-along-with-water-scooter-boating/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। बिहार के दरभंगा शहर(Darbhanga News) में वाटर स्पोर्ट्स के साथ नौका विहार की शुरुआत की गई है।अब लोग तलाब में कई तरह के वाटर स्पोर्ट्स का मजा उठा सकते हैं। इसके लिए सुरक्षा की खास तैयारी भी की गई है। साथ ही वाटर स्पोर्ट्स के शुल्क भी तय किए गए है। बिहार में पहले [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना</strong>। बिहार के दरभंगा शहर(Darbhanga News) में वाटर स्पोर्ट्स के साथ नौका विहार की शुरुआत की गई है।अब लोग तलाब में कई तरह के वाटर स्पोर्ट्स का मजा उठा सकते हैं। इसके लिए सुरक्षा की खास तैयारी भी की गई है। साथ ही वाटर स्पोर्ट्स के शुल्क भी तय किए गए है। बिहार में पहले से ही दो जिलों में वाटर स्पोर्ट्स की शुरुआत हो चुकी है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>अनहोनी से बचने के पूरे इंतजाम</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>दरभंगा में वाटर स्पोर्ट्स के साथ नौका विहार की भी शुरुआत हुई है। यहां पर्यटकों को बोटिंग, वाटर स्कूटर के साथ पैरासेलिंग का रोमांच मिलेगा। इसके लिए उन्हें 50 से 300 रुपए तक खर्च करने होंगे। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए यहां रेसक्यू टीम भी मौजूद रहेगी। इसके साथ ही गोताखोरों के साथ एक मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी। दरभंगा के लोग वाटर स्पोर्ट्स के साथ चंद्रधारी संग्रहालय और थीमेटिक पार्क का भी आनंद ले सकेंगे। उद्घाटन के मौके पर जिलाधिकारी राजीव रौशन नगर आयुक्त कुमार गौरव के साथ नगर निगम की मेयर अंजुम आरा समेत कई वार्ड के पार्षद मौजूद थे। इस दौरान सभी नेताओं के अलावा अधिकारियों ने भी बोटिंग का मजा लिया।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>नगर आयुक्त का बयान</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस मौके पर दरभंगा के नगर आयुक्त कुमार गौरव ने बताया कि नगर निगम इलाके में यह मोटर बोटिंग शुरू की गई है। इसके लिए एक निजी कंपनी को इस वाटर स्पोर्टस को चलाने का<br>कांट्रेक्ट दिया गया है। इसके लिए सुरक्षा के खास इंतेजाम किए गए है। साथ ही वाटर स्पोर्टस के लिए शुल्क भी तय किए गए है। वहीं मोटर बोट का मजा लेने वाले स्थानीय निवासी रवि कुमार के मुताबिक दरभंगा भी अब बड़े शहरों की तरह विकसित होते जा रहा है। हमने मोटर बोटिंग का मजा लिया जो काफी सुरक्षित है। इस पर घूमकर मजा आया। ऐसी मौज मस्ती के लिए पहले बाहर जाना पड़ता था। अब अपने शहर में ही वाटर स्पोर्ट्स हो जाने से अब हम लोग खुश हैं और पूरे परिवार के साथ आगे इसका मजा ले रहे हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/tourism/darbhanga-news-water-sports-started-in-darbhanga-tourists-will-be-able-to-enjoy-parasailing-along-with-water-scooter-boating/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Bihar Tourism: बिहार पर्यटन विकास निगम के सस्ते टूर पैकेज के साथ बनाएं प्लान, उठाएं छुट्टियों का मजा]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bihar-tourism-make-plans-with-cheap-tour-packages-of-bihar-tourism-development-corporation-enjoy-your-holidays/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में अगर छुट्टियों में घर पर बैठकर बोर नहीं होना चाहते और किसी अच्छी जगह जाकर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो बिहार के टूरिस्ट स्थलों (Bihar Tourism) की सैर कर सकते हैं। बिहार की राजधानी पटना के टूरिस्ट स्थलों के साथ पावपुरी, ककोलत, नालंदा, [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना।</strong> गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में अगर छुट्टियों में घर पर बैठकर बोर नहीं होना चाहते और किसी अच्छी जगह जाकर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो बिहार के टूरिस्ट स्थलों (Bihar Tourism) की सैर कर सकते हैं। बिहार की राजधानी पटना के टूरिस्ट स्थलों के साथ पावपुरी, ककोलत, नालंदा, राजगीर एवं बोधगया जैसे ऐतिहासिक, धार्मिक और मनमोहक स्थलों की सैर भी आप कम खर्च में कर सकते हैं। इसके लिए बिहार पर्यटन विकास निगम सस्ता टूर पैकेज लेकर आया है। जिसमें आपको घूमने के साथ-साथ खाने-पीने की भी सुविधा मिलती है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>घूमने के लिए एसी बस की सुविधा</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ बिहार के विभिन्न पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। पर्यटन विकास निगम ने एक दिन का टूर पैकेज की शुरूआत की है। जिसमें सैर करने के लिए पर्यटकों को एसी गाड़ी की सुविधा मिलेगी। उन्हें नाश्ता और लंच के साथ शाम का स्नेक्स भी दिया जाएगा। इसके अलावा पर्यटन स्थलों पर भ्रमण के लिए सैलानियों को अलग से टिकट का पैसा भी नहीं खर्च करना होगा। इस टूर पैकेज में गाइड की भी सुविधा भी मिलेगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इस नंबर पर संपर्क कर कराएं बुकिंग</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि यह टूर पैकेज छुट्टी के दिन के साथ शनिवार और रविवार के लिए है। पैकेज की बुकिंग में सारी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके लिए सैलानियों से अलग से पैसा नहीं लिया जाएगा। इस टूर पैकेज की बुकिंग शुरू हो गई है। ऐसे में अगर आप इस टूर पैकेज का लाभ लेना चाहते हैं तो 9334312428, 9801693189, 9905653597 पर संपर्क कर के अपनी बुकिंग करा सकते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>टूर पैकेज में मिलेंगी ये सुविधाएं</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>जानकारी दे दे कि बिहार पर्यटन विकास निगम (Bihar Tourism) की ओर से इस टूर पैकेज में एक दिन के अंदर सभी प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराकर वापस लाया जाएगा। इस दौरान यात्रियों को ट्रैवलर गाड़ी से घुमाने ले जाया जाएगा। यह पूरी तरह वातानुकूलित 15 से 25 सीटर की आरामदायक गाड़ी है। इनमें सैलानियों को सफर में थकान कम होगी और गर्मी का एहसास भी नहीं होगा। बिहार पर्यटन विकास निगम कार्यालय से ये गाड़ी सुबह 7 बजे गाड़ी चलेगी और देर शाम आठ बजे तक भ्रमण कराकर वापस निगम कार्यालय छोड़ा जाएगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस ट्रैवलर गाड़ी में 10 सैलानियों को एक साथ ले जाया जाएगा। इससे कम बुकिंग पर पैकेज की सुविधा नहीं मिलेगी। सभी भ्रमण स्थलों के लिए शुल्क प्रति व्यक्ति अलग-अलग तय है। इसमें पटना पावापुरी ककोलत के लिए 2700 रुपये, पटना दर्शन के लिए 2700 रुपये, पटना-नालंदा-राजगीर के लिए 3500 रुपये और पटना बोधगया के लिए 2600 रुपये लगेगा।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bihar-tourism-make-plans-with-cheap-tour-packages-of-bihar-tourism-development-corporation-enjoy-your-holidays/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Bihar News: गर्मियों की छुट्टियों में बना रहे घूमने का प्लान तो बिहार के ये टूरिस्ट स्पॉट हैं बढ़िया विकल्प]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bihar-news-if-you-are-planning-to-travel-during-summer-holidays-then-these-tourist-spots-of-bihar-are-a-good-option/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। जल्द ही गर्मियों की छुट्टीयां शुरू होने वाली हैं। ऐसे में अगर आप भी इन छुट्टियों में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो बिहार (Bihar News) के कुछ टूरिस्ट स्पॉट आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं। जहां आप कुदरत के सुंदर नजारों का आनंद तो उठा ही सकते हैं साथ [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना।</strong> जल्द ही गर्मियों की छुट्टीयां शुरू होने वाली हैं। ऐसे में अगर आप भी इन छुट्टियों में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो बिहार (Bihar News) के कुछ टूरिस्ट स्पॉट आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं। जहां आप कुदरत के सुंदर नजारों का आनंद तो उठा ही सकते हैं साथ ही बिहार के स्वर्णिम इतिहास को भी करीब से जान सकते हैं। ये टूरिस्ट स्पॉट न सिर्फ बजट फ्रैंडली हैं बल्कि आपको आनंददायक अनुभव भी प्रदान करेंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>बिहार के टॉप 5 टूरिस्ट स्पॉट</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>बोधगया</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इन टूरिस्ट स्पॉट्स में सबसे ऊपर है ‘बोधगया’। बोधगया एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। इसी स्थान पर भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह स्थान भारत ही नहीं, विदेशों में भी एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल के साथ-साथ पर्यटक स्थल के रूप में जाना जाता है। बोधगया आकर आप भगवान बुद्ध के जीवन को करीब से जानने और समझने का एक अद्वितीय मौका पा सकते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>वाल्मीकिनगर</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इसके अलावा ‘वाल्मीकिनगर’ भी आपके लिए अच्छा विकल्प है। जहां आप वन और वन्य पशुओं के विचारण का आनंद ले सकते हैं। यहां आप प्रकृति की गोद में सुकून से घूम सकते हैं और वन्य प्राणियों के निकट जाकर उनसे जुड़ सकते हैं। वाल्मीकिनगर आपको शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का एक अद्वितीय अनुभव कराता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>मंझर कुंड</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बिहार के रोहतास जिले में स्थित मंझर कुंड भी पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। यहां लोग अधिकांशतः अगस्त-सितंबर के दौरान जाते हैं। इन दिनों में कुंड में झरने का पानी पूरी तरह से भर जाता है। आपको वीकेंड या छुट्टी के दिनों में इस कुंड की सैर जरूर करनी चाहिए।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पावापुरी</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बिहार के नालंदा जिले में स्थित ‘पावापुरी’ एक महत्वपूर्ण स्थल है। यह राजगीर और बोधगया के नजदीक ही स्थित है। पावापुरी भगवान महावीर से जुड़ा एक प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है। पावापुरी में देश भर से सैलानी घूमने आते हैं। यहां घूमने आना आपके लिए एक बढ़िया विकल्प हो सकता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>काकोलत</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वहीं ‘काकोलत’ भी एक बेहद आकर्षक पर्यटक स्थल है, जहां आप प्रकृति के सुंदर नजारों का आनंद ले सकते हैं। यहां आप ऊँचाई से गिरते झरनों को भी देख सकते हैं, जो दर्शकों को आकर्षित करते हैं। काकोलत में प्रकृति के सुंदर नजारे देखने को मिलते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bihar-news-if-you-are-planning-to-travel-during-summer-holidays-then-these-tourist-spots-of-bihar-are-a-good-option/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Sonpur Mela 2023: बिहार के ऐतिहासिक सोनपुर मेले की शुरुआत, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने किया उद्घाटन]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/culture/sonpur-mela-2023-bihars-historic-sonpur-fair-begins-deputy-cm-tejashwi-yadav-inaugurated-it/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। बिहार में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले की शुरुआत हो चुकी है। दरअसल, शनिवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के द्वारा इस मेले का उद्घाटन किया गया। बता दें कि यह मेला 26 दिसंबर 2023 तक चलेगा। इस मेले के उद्घाटन के समय &#8216;ससुराल गेंदा फूल&#8217; फेम बॉलीवुड गायिका श्रद्धा [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना।</strong> बिहार में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले की शुरुआत हो चुकी है। दरअसल, शनिवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के द्वारा इस मेले का उद्घाटन किया गया। बता दें कि यह मेला 26 दिसंबर 2023 तक चलेगा। इस मेले के उद्घाटन के समय 'ससुराल गेंदा फूल' फेम बॉलीवुड गायिका श्रद्धा पंडित की टीम द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुत दी गई। यही नहीं संपूर्ण मेला अवधि के दौरान सांस्कृतिक पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>26 दिसंबर तक चलेगा मेला</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इस दौरान बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने शनिवार को विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेले का उद्घाटन किया। सोनपुर मेले की शुरुआत शनिवार से हुई। जिसे लेकर लोगों में काफी उत्साह देखाई दिया। इस दौरान मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। बता दें कि सोनपुर मेला 25 नवंबर से लगातार 26 दिसम्बर 2023 तक चलेगा। सोनपुर मेले के उद्घाटन के मौके पर बिहार के विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह की अध्यक्षता में कार्यक्रम की शुरुआत हुई।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कार्यक्रम में शामिल हुए कई नेता</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>सोनपुर मेले के शुभारंभ के अवसर पर उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री तेजस्वी यादव, राजस्व और भूमि सुधार मंत्री आलोक मेहता, कला संस्कृति विभाग के मंत्री जितेंद्र कुमार राय, सुनील कुमार सिंह सदस्य, बिहार विधान परिषद् (उप मुख्य सचेतक, सत्तारूढ़ दल), श्रीकांत यादव सदस्य, श्रम संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र राम, बिहार विधान सभा, छोटेलाल राय सदस्य बिहार विधानसभा, डॉ. रामानुज प्रसाद, डॉ. सत्येन्द्र यादव सदस्य बिहार विधानसभा, सदस्यबिहार विधानसभा और बिरेन्द्र नारायण यादव सदस्य बिहार विधान परिषद मौजूद रहे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>सोनपुर मेले की खास बात</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि सोनपुर मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग मेला देखने पहुंचते हैं। यहां मेले में पर्यटन विभाग द्वारा सांस्कृतिक पंडाल समेत आर्ट एंड क्राफ्ट विलेज का भी निर्माण किया गया। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा पर्यटन ग्राम में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त कॉटेज का निर्माण कार्य भी किया गया। दरअसल, सोनपुर मेला विभिन्न तरह के पशुओं का आकर्षण का केंद्र बनता है। सोनपुर मेले को एशिया का सबसे बड़ा मेला माना जाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>तेजस्वी यादव ने विपक्ष पर बोला हमला</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वहीं कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि हम लोग कलम बांटने का काम कर रहे हैं, तो वो लोग तलवार बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मेरे ऊपर जातिवाद का आरोप लगाते हैं। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, मेरी बीवी ईसाई धर्म से हैं। अगर हम जातिवादी होते तो ईसाई धर्म मे शादी क्यों करते?</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>लालू यादव की तरफ से भी दी शुभकामनाएं</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इसके अलावा तेजस्वी यादव ने कहा कि सोनपुर मेले की शुरुआत की जा रही है। सोनपुर कितना पुराना स्थल है, ये बताने की जरूरत नहीं है। यह मेरे पिता की कर्मभूमि भी है। उन्होंने बताया कि यहां आने से पहले हम मुंगेर गए हुए थे, मुख्यमंत्री भी साथ में थे। हम लोगों ने मुंगेर में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन किया। तेजस्वी यादव ने बताया कि मेले के उद्घाटन में आने से पहले पापा से बात भी हुई तो उन्होंने पूछा कहां जा रहे हो तो हमने बोला सोनपुर जा रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि मेरी तरफ से भी शुभकामनाएं दे देना।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>उपमुख्यमंत्री ने किया मेले का बखान</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा, मेला लंबा चलने वाला है। आप लोग बढ़िया से मेले का लुफ्त उठाइए। जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और अन्य विभागों के सहयोग से इस मेले की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों ने इसमें मेहनत की है, ताकि यह मेला सफलतापूर्वक हो सके। इस मेले का अपना इतिहास रहा है। यहां मुगलों के समय से ही पशु मेला लगता आ रहा है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/culture/sonpur-mela-2023-bihars-historic-sonpur-fair-begins-deputy-cm-tejashwi-yadav-inaugurated-it/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Festival Special Train: यात्रीगण कृपया ध्यान दें, फेस्टीवल सीज़न में चलेंगी कई स्पेशल ट्रेनें]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/states/festival-special-train-passengers-please-note-many-special-trains-will-run-during-the-festival-season/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। नवंबर का महीना त्योहारों का महीना है। इस दौरान छठ या दिवाली जैसे त्यौहार पर यात्रियों को घर जाने के लिए ट्रेनों में टिकट नहीं मिल रहा है। यह देखते हुए कई रूट में रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए कई पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरु होने जा रहा है। बता दें [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना।</strong> नवंबर का महीना त्योहारों का महीना है। इस दौरान छठ या दिवाली जैसे त्यौहार पर यात्रियों को घर जाने के लिए ट्रेनों में टिकट नहीं मिल रहा है। यह देखते हुए कई रूट में रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए कई पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरु होने जा रहा है। बता दें कि इसी कड़ी में सहरसा-नई दिल्ली, पटना-आनंद विहार सहित कई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का परिचालन होगा। इसकी जानकारी शुक्रवार को मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने दी है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पटना-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इन स्पेशल ट्रेनों की बात करें तो 03201 पटना-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल ट्रेन 29 अक्टूबर को पटना से 16.00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 30 अक्टूबर को 09.30 बजे आनंद विहार टर्मिनस पहुंचेगी। वहीं वापसी में 03202 आनंद विहार टर्मिनल-पटना स्पेशल ट्रेन 1 नवंबर को आनंद विहार टर्मिनस से 11.40 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 2 नवंबर को 05.00 बजे पटना पहुंच जाएगी। बता दें कि यह ट्रेन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के रास्ते से चलेगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>आनंद विहार टर्मिनल-पटना स्पेशल</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>वहीं 04002 आनंद विहार टर्मिनल-पटना स्पेशल 10, 11, 13, 14 एवं 16 नवंबर को आनंद विहार टर्मिनस से 23.55 बजे प्रस्थान करेगी। यह अगले दिन शाम को 03.45 बजे पटना पहुंचेगी। बता दें कि वापसी में 04001 पटना-आनंद विहार टर्मिनस स्पेशल ट्रेन 11, 12, 14, 15 एवं 17 नवंबर को पटना से शाम 06.45 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 10.20 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। यह ट्रेन आरा, बक्सर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के रास्ते से चलेगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>नई दिल्ली-सहरसा स्पेशल ट्रेन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि 04022 नई दिल्ली-सहरसा स्पेशल ट्रेन 10, 11, 13, 14 एवं 16 नवंबर को नई दिल्ली से शाम के 15.30 बजे प्रस्थान करते हुए अगले दिन शाम के 16.30 बजे सहरसा पहुंचेगी। वहीं वापसी में 04021 सहरसा-नई दिल्ली स्पेशल 11, 12, 14, 15 एवं 17 नवंबर को सहरसा से शाम के 07.00 बजे प्रस्थान करते हुए अगले दिन रात 08.20 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। जानकारी के अनुसार यह ट्रेन छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, सिमरी बख्तियारपुर के रास्ते से होते हुए चलेगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>भुवनेश्वर-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल ट्रेन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>इसके अलावा 08477 भुवनेश्वर-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल 28 अक्टूबर को भुवनेश्वर से 10.00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 29 अक्टूबर को 14.30 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंच जाएगी। वहीं वापसी में 08478 आनंद विहार टर्मिनस-भुवनेश्वर स्पेशल 1 नवंबर को सुबह 06.00 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 02.11.2023 को 10.30 बजे भुवनेश्वर पहुंच जाएगी। बता दें कि यह स्पेशल ट्रेन नेसुबो गोमो, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के रास्ते से चलेगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>गुवाहाटी-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल ट्रेन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>गुवाहाटी-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल ट्रेन 05658 गुवाहाटी से 28 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे प्रस्थान करते हुए 30 अक्टूबर को रात के 00.25 बजे आनंद विहार टर्मिनस पहुंचेगी। वहीं वापसी में 05657 आनंद विहार टर्मिनल-गुवाहाटी स्पेशल 2 नवंबर को आनंद विहार टर्मिनल से रात के 00.30 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 3 नवंबर को दोपहर 14.00 बजे गुवाहाटी पहुंच जाएगी। यह ट्रेन बरौनी, पाटलिपुत्र होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के रास्ते चलेगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>कोलकाता-दिल्ली स्पेशल ट्रेन</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>कोलकाता-दिल्ली स्पेशल ट्रेन 02383 कोलकाता से 28 अक्टूबर को शाम 04.55 बजे प्रस्थान करेगी। यह अगले दिन 29 अक्टूबर को 15.20 बजे दिल्ली पहुंचेगी। वहीं वापसी में दिल्ली-कोलकाता स्पेशल ट्रेन 02384 दिल्ली से 1 नवंबर को रात 23.55 बजे प्रस्थान करते हुए 3 नवंबर को रात 00.45 बजे कोलकाता पहुंचेगी। बता दें कि यह ट्रेन धनबाद, गया से होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के रास्ते से चलेगी।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/states/festival-special-train-passengers-please-note-many-special-trains-will-run-during-the-festival-season/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[बिहार: यूपी-बिहार के लोगों के लिए बड़ी ख़बर, त्योहारी सीज़न में रेलवे ने शुरू की आठ स्पेशल ट्रेनें]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bihar-big-news-for-the-people-of-up-bihar-railways-started-eight-special-trains-in-the-festive-season/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। इस त्योहार दिवाली और छठ पूजा के लिए दिल्ली, यूपी और बिहार के लोगों के लिए रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है, इस दौरान रेलवे ने 8 स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का फैसला किया है। 8 स्पेशल ट्रेनों की शुरूआत अक्टूबर आने के साथ ही त्योहारों [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना।</strong> त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। इस त्योहार दिवाली और छठ पूजा के लिए दिल्ली, यूपी और बिहार के लोगों के लिए रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है, इस दौरान रेलवे ने 8 स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का फैसला किया है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>8 स्पेशल ट्रेनों की शुरूआत</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>अक्टूबर आने के साथ ही त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने तैयारी कर रहे दिल्ली, यूपी और बिहार के लोगों के लिए रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि रेलवे ने 8 स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का फैसला किया है। रेलवे ने दिल्ली से यूपी और बिहार के लिए आठ स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। यहीं नहीं आईआरसीटीसी ने इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>त्योहारी सीजन में बुक कराएं टिकट</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगा। ये स्पेशल ट्रेनें अक्टूबर में शुरू हुए त्योहारी सीजन में नवरात्री से लेकर नंबवर के मध्य छठ पूजा तक चलेंगी। दरअसल इस दौरान रामनवमीं, विजयदशमी, दिवाली, भैयादूज और करवाचौथ के त्योहार भी मनाए जाएंगे। ऐसे में अगर आपने टिकट बुक नहीं कराई है तो अभी देर नहीं हुई है, आप इन ट्रेनों में भी टिकट बुक करवा सकता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>इन 8 स्पेशल ट्रेनों की हुई है शुरूआत</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:list -->
<ul><!-- wp:list-item -->
<li>04060 आनंद विहार-जयनगर एक्सप्रेस 7 नवंबर - 28 नवंबर तक प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को चलाई जाएगी।</li>
<!-- /wp:list-item -->

<!-- wp:list-item -->
<li>04059 जयनगर-आनंद विहार एक्सप्रेस 4 नवंबर - 29 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार और शनिवार को चलाई जाएगी।</li>
<!-- /wp:list-item -->

<!-- wp:list-item -->
<li>04080 नई दिल्ली-वाराणसी एक्सप्रेस 6 नवंबर - 11 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को चलाई जाएगी।</li>
<!-- /wp:list-item -->

<!-- wp:list-item -->
<li>04079 वाराणसी-नई दिल्ली एक्सप्रेस 7 नवंबर -1 दिसंबर प्रत्येक मंगलवार, शुक्रवार और रविवार को चलाई जाएगी।</li>
<!-- /wp:list-item -->

<!-- wp:list-item -->
<li>04488 आनंद विहार-गोरखपुर एक्सप्रेस 4 नवंबर - 25 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार चलाई जाएगी।</li>
<!-- /wp:list-item -->

<!-- wp:list-item -->
<li>04487 गोरखपुर-आनंदविहार एक्सप्रेस 5 नवंबर - 26 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को चलाई जाएगी।</li>
<!-- /wp:list-item -->

<!-- wp:list-item -->
<li>05557 जयनगर-आनंद विहार एक्सप्रेस 21 नवंबर - 5 दिसंबर तक प्रत्येक मंगलवार को चलाई जाएगी।</li>
<!-- /wp:list-item -->

<!-- wp:list-item -->
<li>05558 आनंद विहार-जयनगर एक्सप्रेस 22 नवंबर - 6 दिसंबर तक प्रत्येक बुधवार को चलाई जाएगी।</li>
<!-- /wp:list-item --></ul>
<!-- /wp:list -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>आप इन ट्रेनों की टिकट बुक करने के लिए आईआरसीटीसी की अधिकारिक साइट पर भी जा कर जानकारी ले सकते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bihar-big-news-for-the-people-of-up-bihar-railways-started-eight-special-trains-in-the-festive-season/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[बिहार: 28 सितंबर से शुरू हो रहा है विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला, गया जाने की सोच रहे हैं तो जान लिजिए ये जानकारी]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bihar-world-famous-pitru-paksha-fair-is-starting-from-28th-september-if-you-are-thinking-of-going-to-gaya-then-know-this-information/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। पितृपक्ष के दौरान लाखों की संख्या में देश–विदेश से हिंदू सनातन धर्मावलंबी गया पहुंचते हैं। अगर आप भी पितृपक्ष के समय गया जाने वाले हैं और वहां की तैयारी और सुविधाओं के बारे में जानना चाहते हैं तो यहां से जानकारी ले सकते हैं। देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्री आते हैं गया में विश्व प्रसिद्ध [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-27T150025.152.jpg"/><!-- wp:paragraph -->
<p><strong>पटना।</strong> पितृपक्ष के दौरान लाखों की संख्या में देश–विदेश से हिंदू सनातन धर्मावलंबी गया पहुंचते हैं। अगर आप भी पितृपक्ष के समय गया जाने वाले हैं और वहां की तैयारी और सुविधाओं के बारे में जानना चाहते हैं तो यहां से जानकारी ले सकते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्री आते हैं</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>गया में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 28 सितंबर से शुरू होने वाला है। यह मेला 14 अक्टूबर तक चलेगा। मेले के दौरान यहां देश-विदेश से लाखों की संख्या में हिंदू सनातन धर्मावलंबी पहुंचते हैं। यहां वह अपने पितरों की मोक्ष की कामना के लिए पिंडदान, तर्पण और विभिन्न प्रकार के कर्मकांडों को पूरा करते हैं। कहा जाता है कि ये मान्यता है कि पितरों को जल और तिल से पितृपक्ष में तर्पण किया जाता है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>पिंडदान के स्थान</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बता दें कि शहर में पिंडदान करने के लिए 54 स्थान हैं। तीर्थयात्री यहां अलग-अलग तिथि को पिंडदान करते हैं। यहां प्रेतशिला, रामशिला, देव घाट, अक्षयवट, गोदावरी, पितामहेश्वर, विष्णुपद, सीता कुंड सहित अन्य 54 वेदियों पर तीर्थयात्री पिंडदान और तर्पण करने आते हैं।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>तीर्थयात्रियों के रहने का पूरा इंतज़ाम</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>बताया जा रहा है कि सीताकुंड में प्याऊ बना हुआ है। इसके अलावा देव घाट पर भी तीन अलग-अलग प्याऊ बने है और विष्णुपद मंदिर गेट के बाहर भी गंगाजल की आपूर्ति की जाएगी। यहीं नहीं पाइपलाइन के जरिए भी तीर्थयात्रियों को गंगाजल उपलब्ध हो सकेगा। बता दें कि गांधी मैदान में लोगों के ठहरने के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के द्वारा टेंट सिटी का निर्माण कराया जा रहा है। टेंट सिटी में लगभग 2500 लोगों के रहने की व्यवस्था है। यहां पर इसके अलावा बोधगया के निग्मा मोनेस्ट्री में 2400, सामुदायिक भवन और अन्य आवासन के लिए 41 आवासन स्थल में 10050 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>होटल, रेस्टहाउस, निजि भवन और धर्मशाला की व्यवस्था</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मेले में 6000 पुलिस जवानों के ठहरने के लिए 23 स्थानों का चयन किया गया है। इसके अलावा लगभग 3452 यात्रीयों के लिए 63 होटल और रेस्टहाउस भी चिह्नित किए गए हैं। वहीं 368 पंडा के लिए निजी भवन और धर्मशाला को चिह्नित किया गया है। यहां पर 36544 यात्री ठहर सकेंगे। यहीं नहीं इसी तरह कुल 497 स्थानों पर करीब 60946 लोगों के रूकने की व्यवस्था की गई है।</p>
<!-- /wp:paragraph -->

<!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading"><strong>ये हैं सुरक्षा के इंतजाम</strong></h2>
<!-- /wp:heading -->

<!-- wp:paragraph -->
<p>मेले में पेयजल की व्यवस्था, शौचालय, बिजली, साफ–सफाई, चिकित्सा सुविधा सहित अन्य सभी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। जिसके लिए अलग-अलग कोषांग का गठन किया गया है। बता दें कि इसकी मॉनीटरिंग अधिकारी और खुद डीएम करेंगे। मेले में तीर्थयात्रियों की भीड़ होगी इसलिए ऐसे में सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए मेला क्षेत्र में नो व्हीकल जोन बनाया गया है। हालांकि तीर्थयात्री ई-रिक्शा से मंदिर तक जा पाएंगे।</p>
<!-- /wp:paragraph -->]]></content:encoded>
                    <pubDate>March 27, 2025, 9:32 am</pubDate>
                    <guid>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bihar-world-famous-pitru-paksha-fair-is-starting-from-28th-september-if-you-are-thinking-of-going-to-gaya-then-know-this-information/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item></channel></rss>