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‘जो बहू का नहीं वो…’जनसुराज के पोस्टर पर बिहार की राजनीति गर्म, लालू यादव को लेकर उठने लगे कई सवाल

पटना: जन सुराज 2 अक्टूबर को राजनीतिक दल के रूप में अस्तित्व में आएगा. इससे पहले बिहार में पोस्टर पॉलिटिक्स तेज होती दिख रही है. प्रशांत किशोर की जन सुराज 2 अक्टूबर को औपचारिक तौर पर राजनीतिक पार्टी बन जाएगी, वहीं दूसरी ओर राजधानी के हर चौराहे पर पोस्टर लगाकर अपनी धमक दिखाने की कोशिश […]

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  • September 30, 2024 11:46 am IST, Updated 6 months ago

पटना: जन सुराज 2 अक्टूबर को राजनीतिक दल के रूप में अस्तित्व में आएगा. इससे पहले बिहार में पोस्टर पॉलिटिक्स तेज होती दिख रही है. प्रशांत किशोर की जन सुराज 2 अक्टूबर को औपचारिक तौर पर राजनीतिक पार्टी बन जाएगी, वहीं दूसरी ओर राजधानी के हर चौराहे पर पोस्टर लगाकर अपनी धमक दिखाने की कोशिश भी शुरू हो गई है. इस क्रम में जन सुराज के निशाने पर खासतौर पर लालू का परिवार है. जन सुराज नेता अपर्णा यादव ने एक पोस्टर लगाया है, जिसमें लालू यादव के परिवार पर हमला बोला गया.

पोस्टर में क्या है लिखा?

पटना की सड़क किनारे लगे पोस्टर में लिखा है- जो बिहार बहु-बेटियों का नहीं था, वह अब जन सुराज का होगा. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे जनसुराज से जुड़कर अपना और अपने बच्चों का बेहतर भविष्य बनाएं. दरअसल, जन सुराज के पोस्टर में तेज प्रताप यादव और उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय के बीच चल रहे विवाद का साफ जिक्र किया गया है. इसी को लेकर पोस्टर में जनसुराज पर हमला बोला गया है.

पटना में जनसुराज ने लगाया पोस्टर

बता दें कि यह पहला पोस्टर नहीं है जब जनसुराज ने लालू प्रसाद यादव के परिवार पर हमला बोला है. इससे पहले भी लालू प्रसाद यादव का परिवार कई बार जन सुराज के निशाने पर रहा है. ऐसे और भी पोस्टर पटना की सड़कों पर लगाए गए हैं. एक में लिखा है- लालू यादव ने सिर्फ अपने परिवार को संभाला, बाकी सभी यादव नेताओं का राजनीतिक नरसंहार किया.

सियासी हलचल तेज

हालांकि, इस राजनीतिक पोस्टर ने एक बार फिर से बिहार की राजनीति को गर्म कर दिया है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर लालू परिवार पर निशाना साधा गया है और गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जनसुराज की ओर से पटना की सड़कों पर लालू परिवार पर निशाना साधते हुए एक और पोस्टर लगाया गया है। हालांकि, पोस्टर में लिखी बातों को लेकर जेडीयू और बीजेपी ने लालू परिवार पर निशाना साधा है।

राजद ने किया पलटवार

वहीं, राजद और कांग्रेस ने पलटवार किया है. राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को राजनीतिक लड़ाई लड़नी चाहिए, एक परिवार की बहू के खिलाफ इस तरह का पोस्टर लगाना बेहद आपत्तिजनक है. इस दौरान उन्होंने आगे कहा कि यह बताता है कि किस तरह की मानसिकता के लोग राजनीति में आ रहे हैं. सबसे पहले हमें अपने परिवार की अनेक बेटियों की चिंता करनी चाहिए। दूसरों पर पत्थर फेंकने से पहले आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपके घर के दरवाजे और खिड़कियां कांच के बने हों।

पोस्टर विवाद पर जदयू की प्रतिक्रिया

इस पोस्टर पर जेडीयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा, जेडीयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले सालों में महिलाओं को सम्मान दिया है, लेकिन लालू प्रसाद ने अपने परिवार की महिलाओं (लालू यादव और राबड़ी देवी की बहू) को सम्मान दिया है। प्रताप यादव की पत्नी ऐश्वर्या राय) जिस तरह अपमानजनक व्यवहार किया और समाज में एक नरेटिव सेट किया।

नौकरी के बदले नौकरों से भी ली जमीन

इस दौरान उन्होंने आगे कहा कि, मुझे लगता है कि राजद परिवार द्वारा राजनीतिक और सामाजिक दिशा में उठाए गए कदम कम नहीं थे. इस बीच, बीजेपी प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा, पटना में लगे पोस्टर गलत नहीं हैं. बिहार के लोगों का कहना है कि लालू परिवार में लालू प्रसाद का कोई सगा नहीं है जिसे धोखा नहीं मिला हो, अपने घर के नौकर चाकर तक के नाम से नौकरी के बदले जमीन लिखवाने का काम किया है।


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