पटना : दिल्ली कोचिंग हादसे के बाद देश भर में अवैध तरीकों से संचालित हो रहे संस्थाओं पर एक्शन लेना शुरू हो गया है। इस बीच बिहार की नीतीश सरकार अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। वहीं इस मामले को देखते हुए आज मंगलवार को राजधानी पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने कहा है […]
पटना : दिल्ली कोचिंग हादसे के बाद देश भर में अवैध तरीकों से संचालित हो रहे संस्थाओं पर एक्शन लेना शुरू हो गया है। इस बीच बिहार की नीतीश सरकार अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। वहीं इस मामले को देखते हुए आज मंगलवार को राजधानी पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने कहा है कि पटना कोचिंग हब है। भारी संख्या में छात्र अलग-अलग प्रतियोगी एग्जाम की तैयारी के लिए कोचिंग लेते हैं। ऐसे सभी कोचिंग संस्थानों की जांच की जाएगी। इस दौरान उन्होंने आगे कहा कि पटना जिले में 3000 बड़े कोचिंग संस्थान हैं। इसके लिए जांच आज से शुरू होगी।
पटना जिला अधिकारी ने कहा है कि अनुमंडलवार जांच टीम बनाई गई है। छह सदस्यीय टीम के स्पीकर अनुमंडल पदाधिकारी होंगे। इसके लिए 6 टीम का गठन किया गया है। इस टीम में अग्निशमन अधिकारी, सीओ, बीईओ, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और क्षेत्र के थानाध्यक्ष को शामिल किया गया है। कोचिंग संस्थानों के रजिस्ट्रेशन, प्रवेश-निकास की व्यवस्था, सुरक्षा मानकों, फायर सेफ्टी, बिल्डिंग बायलॉज, ड्रेनेज सिस्टम, इमरजेंसी स्थिति से निपटने की व्यवस्था की जांच की जाएगी।
जांच के बाद सभी अधीकारियों को 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट देना पड़ेगा। रिपोर्ट में अगर संस्थानों को दी गई मानकों के अनुरूप डेटा नहीं होगा तो उस संस्थान को ठीक करने का समय दिया जाएगा। इसके बावजूद भी अगर कोई संस्थान अपने रिपोर्ट को मानक के अनुरूप नहीं पालन नहीं करता है तो उसकी संस्थान को बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान जिला अधिकारी ने आगे कहा कि वेरिफिकेशन ड्राइव आज 30 जुलाई से ही शुरू किया जाएगा।