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बिहार में बड़ा हादसा: देश का सबसे बड़ा निर्माणाधीन कोसी नदी पर बन रहा पुल गिरा, कई लोगों के घायल होने की खबर

पटना। बिहार (Bihar) के सुपौल जिले में आज शनिवार सुबह बड़ा हादसा हुआ है। बता दें कि प्रदेश में बन रहा देश का सबसे बड़ा पुल हादसे का शिकार हुआ है। कोसी नदी (Kosi River) पर बन रहे बकौर पुल का बड़ा हिस्सा टूट गया है। जिसमें एक शख्स की जान चली गई है। वहीं […]

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The country's largest under-construction bridge on Kosi river collapsed
  • March 22, 2024 4:00 am IST, Updated 1 year ago

पटना। बिहार (Bihar) के सुपौल जिले में आज शनिवार सुबह बड़ा हादसा हुआ है। बता दें कि प्रदेश में बन रहा देश का सबसे बड़ा पुल हादसे का शिकार हुआ है। कोसी नदी (Kosi River) पर बन रहे बकौर पुल का बड़ा हिस्सा टूट गया है। जिसमें एक शख्स की जान चली गई है। वहीं 40 से अधिक लोग पुल के नीचे दब गए हैं। इसके साथ ही कई लोगों की घायल होने की आशंका हैं। पुल का स्लैब गिरने से करीब 30 मजदूरों के दबे होने के आसार हैं। बता दें कि घटना स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी कर दिए गए है। यह पुल देश का सबसे बड़ा निर्माणाधीन कोसी नदी पर बन रहा पुल है।

मजदूरों को बाहर निकालने का कार्य जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी मजदूर पुल निर्माण कार्य कर रहे थे। जैसे ही इस घटना की जानकारी पुलिस को मिली मौके पर ही पुलिस टीम घटनास्थल पहुंची। स्लैब के अंदर फंसे मजदूरों को अभी बाहर निकालने का कार्य जारी है।

दो कार्य एजेंसी के पास है पुल निर्माण का टेंडर

बता दें कि सुपौल जिले के बकौर और मधुबनी जिले के भेजा के बीच बनाए जा रहे देश के सबसे लंबे (10.2 किलोमीटर) महासेतु के निर्माण का कार्य तेजी से हो रहा है. केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से 1199 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत से इस भव्य पुल का निर्माण किया जा रहा है. पुल निर्माण में 1051.3 करोड़ रुपए का खर्च हो रहा है, इसका टेंडर एक कार्य एजेंसी को दिया गया है. कार्य एजेंसी में गैमन इंजीनियर्स एंड कांक्ट्रेक्टर्स प्राईवेट लिमिटेड एवं मेसर्स ट्रांस रेल लाईटिंग प्राईवेट लिमिटेड (ज्वाईंट वेंचर) का नाम शामिल है.

जानें पुल में कितने होंगे पिलर व पाया

इस पुल को पूर्ण रूप से तैयार करने का समय अगस्त 2023 तक निर्धारित था। पुल निर्माण होने में अधिक समय लगा। अब इस पुल को वर्ष 2024 के अंत तक पूरा करने का उद्देश्य है. अब तक पुल का 56 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है. इस पुल में कुल 171 पाया और 166 से अधिक पिलर बन कर तैयार हो गए हैं. इस पुल पर कुल तीन किलोमीटर एप्रोच पथ बनेगा। जिसमें बकौर की तरफ से 2.1 किमी और भेजा की तरफ से करीब 1 किमी एप्रोच पथ का निर्माण किया जाएगा।


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