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                    <title><![CDATA[बाइक को टक्कर देगी ई-साइकिल, विदेश से मिला ऑर्डर, जानें इसकी खासियत]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tech/e-cycle-will-compete-with-bike-got-order-from-abroad-know-its-specialties/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। पूरे देश में ई-कामर्स की धूम मची है। होम डिलीवरी का कारोबार बाइक पर टिका है। खासकर फूड, दवाइयों की डिलीवरी में ज्यादा इस्तेमाल बाइकों का किया जाता है। इन सेक्टर में इलेक्ट्रिक बाइकों का इस्तेमाल किया जाता है। बाइक में पेट्रोल महंगा होता है, वहीं पर्यावरण के लिए भी हानिकारक होता है। आईआईटी [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-60.jpg"/><strong>पटना।</strong> पूरे देश में ई-कामर्स की धूम मची है। होम डिलीवरी का कारोबार बाइक पर टिका है। खासकर फूड, दवाइयों की डिलीवरी में ज्यादा इस्तेमाल बाइकों का किया जाता है। इन सेक्टर में इलेक्ट्रिक बाइकों का इस्तेमाल किया जाता है। बाइक में पेट्रोल महंगा होता है, वहीं पर्यावरण के लिए भी हानिकारक होता है।
<h2><strong>आईआईटी ने तैयार की ई-साइकिल</strong></h2>
इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना ने दो मॉडल में ई-साइकिल को तैयार किया है। इसमें पहली ई-साइकिल एक बार चार्ज होने के बाद 35-45 किलोमीटर तक चलेगी। वहीं दूसरा मॉडल चार्जिंग के बाद 80-90 किलोमीटर तय करेगा। इसका प्रारंभिक परीक्षण पूरा हो चुका है। आईआईटी के डीन प्रशासन प्रो. ए.के. ठाकुर के निर्देशन में अभिजीत कुमार और उनकी टीम ने इस इलेक्ट्रिक बाइक को तैयार किया है। इसे आईआईटी के इनोवेशन सेंटर में बनाया गया है।
<h3><strong>ई-साइकिल के फीचर</strong></h3>
ई-साइकिल के पहले मॉडल की कीमत 25,999 रुपये तय की गई है। यह 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से 35-45 किलोमीटर तक एक बार चार्ज करने पर चलेगी। तीन-चार घंटे में यह फुल चार्ज हो जाती है। इस साइकिल में कई तरह के फीचर्स भी हैं।इसमेंऑन-स्क्रीन स्पीड देखने की सुविधा, डिस्क ब्रेक, लाइट और हार्न आदि की लगाए गए हैं। दूसरा मॉडल 50-60 किलोग्राम का सामान ढोने में सक्षम है। यह 80-90 किलोमीटर की रेंज कवर कर सकता है। इसकी कीमत 28,999 रुपये रखी गई है। विदेशों से इसके लिए ऑर्डर भी आने लगे हैं।
<h3><strong>कई शहरों में बेची गई</strong></h3>
प्रो. ए.के ठाकुर ने बताया कि इसे सामान्य फ्रेम में डिजाइन किया गया है। पहले मॉडल का वजन 23 और दूसरे मॉडल का वजन 30 किलोग्राम है। अभिजीत कुमार ने बताया कि पहले चरण में माइनस 20 डिग्री तापमान में कार्य करने वाला सूटकेस इन्वर्टर नाइजीरिया में लगभग 300 पीस भेजे गए हैं। इसके अलावा बिहार के साथ-साथ हैदराबाद, बेंगलुरु, आंध्र प्रदेश, झारखंड के कई शहरों में भी इसे बेचा गया है। अब तक 800 पीस की बिक्री की गई है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 28, 2025, 4:36 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा घिबली स्टाइल, आप भी बना सकते है अपनी फोटो को एस्थेटिक्स]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tech/ghibli-style-is-trending-on-social-media-you-can-also-make-your-photo-aesthetic/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। बच्चे से लेकर बड़े तक हर कोई घिबली के ट्रेंड को फॉलो कर रहा है। वहीं कुछ के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि घिबली ट्रेंड है क्या। इससे कैसे अपनी तस्वीर को एक घिबली आर्ट में बदला जा सकता है? आइए जानते हैं घिबली ट्रेंड से जुड़े सवालों के जवाब। [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-60.jpg"/><strong>पटना।</strong> बच्चे से लेकर बड़े तक हर कोई घिबली के ट्रेंड को फॉलो कर रहा है। वहीं कुछ के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि घिबली ट्रेंड है क्या। इससे कैसे अपनी तस्वीर को एक घिबली आर्ट में बदला जा सकता है? आइए जानते हैं घिबली ट्रेंड से जुड़े सवालों के जवाब।
<h2><strong>घिबली स्टाइल की लोकप्रियता</strong></h2>
घिबली ट्रेंड जापान का एक एनिमेशन स्टूडियो है, जिसे ऑस्कर द्वारा भी नवाजा गया है। यह आर्ट स्टाइल अपने एस्थेटिक्स और इमोशनल कनेक्शन के लिए काफी ट्रेंड में है। हाल ही में कई यूजर्स ने ChatGPT और Grok की मदद से अपनी तस्वीरों को घिबली स्टाइल में बदलना शुरू कर दिया है, जिससे यह ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। लोग अपनी तस्वीरों को कुछ एआई की मदद से घिबली तस्वीरों में बदल देते हैं।
<h2><strong>क्या है घिबली स्टाइल</strong></h2>
स्टूडियो घिबली की स्थापना हायाओ मियाज़ाकी, इसाओ ताकाहाता और तोशियो सुजुकी ने की थी। इस स्टूडियो की फिल्में दुनियाभर में पॉपुलर हैं। इस स्टाइल को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं। साल 2003 में आई फिल्म 'स्पिरिटेड अवे' घिबली स्टाइल में ही बनाई गई थी। इस फिल्म ने ऑस्कर पुरस्कार जीता था। 'द बॉय एंड द हेरोन' को भी बेस्ट एनिमेटेड फीचर फिल्म का अकादमी अवॉर्ड मिला है।
<h2><strong>कैसे बन रही हैं घिबली स्टाइल इमेजेस?</strong></h2>
OpenAI के नए GPT-4o अपडेट में अब यूजर्स स्टूडियो घिबली आर्ट में इमेज बना सकते हैं।

1. इसके लिए यूजर्स को ChatGPT के लेटेस्ट वर्जन में जाना होगा।

2. इमेज जनरेशन फीचर को चुनकर, कैनवस विकल्प पर क्लिक करना होगा।

3. अपनी फोटो अपलोड कर स्टूडियो घिबली स्टाइल में कन्वर्ट करने का निर्देश देना होगा।

4. घिबली स्टाइल इमेज बनाने के लिए Grok जैसे फ्री एआई टूल्स का भी उपयोग किया जा सकता है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 28, 2025, 4:36 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[TikTok को पछाड़ने के लिए इंस्टाग्राम का नया प्लान, यूजर्स की बढ़ी टेंशन]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tech/instagrams-new-plan-to-beat-tiktok-users-tension-increased/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। TikTok को टक्कर देने के लिए Meta एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी Instagram Reels को एक अलग ऐप के रूप में लॉन्च करने पर विचार कर रही है। इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने कंपनी के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी है। इस कदम को अमेरिका [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-60.jpg"/><strong>पटना।</strong> TikTok को टक्कर देने के लिए Meta एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी Instagram Reels को एक अलग ऐप के रूप में लॉन्च करने पर विचार कर रही है। इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने कंपनी के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी है। इस कदम को अमेरिका में TikTok पर संभावित बैन के खतरे से जोड़कर देखा जा रहा है।
<h2><strong>Instagram का अहम हिस्सा</strong></h2>
दुनियाभर में Instagram के दो अरब से अधिक मंथली एक्टिव यूजर्स हैं, जिनमें से कई केवल Reels देखने के लिए इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंस्टाग्राम यूजर्स का आधे से ज्यादा स्क्रीन टाइम Reels देखने में ही जाता है। रोजाना करीब 1.76 करोड़ घंटे की Reels स्ट्रीम की जाती हैं। ऐसे में Meta अब इसे एक अलग प्लेटफॉर्म के रूप में पेश कर सकता है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक आधिकारिक रूप से इस पर कोई बयान नहीं दिया है।
<h2><strong>TikTok का भविष्य खतरे में</strong></h2>
Reels को अलग ऐप के तौर पर लॉन्च करने की एक वजह अमेरिका में TikTok का अनिश्चित भविष्य भी है। वहां TikTok के स्वामित्व को लेकर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है, जिससे Meta को अपने शॉर्ट-फॉर्म वीडियो कंटेंट को और मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।
<h3><strong>Meta का नया एडिटिंग ऐप</strong></h3>
Meta सिर्फ Reels को अलग प्लेटफॉर्म पर ले जाने की योजना नहीं बना रहा, बल्कि एक नया वीडियो एडिटिंग ऐप भी लाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि यह ऐप TikTok के मालिक बाइटडांस की एडिटिंग ऐप CapCut को टक्कर देने के लिए पेश किया जाएगा। यह पहली बार नहीं है जब Meta ने TikTok को टक्कर देने के लिए कोई नया ऐप लाने की योजना बनाई है। 2018 में कंपनी ने Lasso नाम के एक वीडियो शेयरिंग ऐप लॉन्च किया था, लेकिन यह ज्यादा सफल नहीं हो पाई और बाद में इसे बंद कर दिया गया। अब देखना होगा कि Reels का अलग ऐप यूजर्स को कितना पसंद आता है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 28, 2025, 4:36 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[क्या है APAAR ID कार्ड, कैसे बनवा सकते है इसे ऑनलाइन]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tech/what-is-apaar-id-card-how-can-you-get-it-made-online/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। APAAR ID कार्ड के बारे में आप सभी ने सुना ही होगा। इसे नई शिक्षा नीति के तहत लाया गया है। APAAR ID एक यूनीक स्‍टूडेंट आईडी कार्ड है। इसमें स्‍टूडेंट्स के एजुकेशनल रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड किए गए हैं। सभी स्‍टूडेंट्स के लिए अपार आईडी बनवाना जरूरी हो गया है। स्‍कूलों को [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-60.jpg"/><strong>पटना।</strong> APAAR ID कार्ड के बारे में आप सभी ने सुना ही होगा। इसे नई शिक्षा नीति के तहत लाया गया है। APAAR ID एक यूनीक स्‍टूडेंट आईडी कार्ड है। इसमें स्‍टूडेंट्स के एजुकेशनल रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड किए गए हैं। सभी स्‍टूडेंट्स के लिए अपार आईडी बनवाना जरूरी हो गया है। स्‍कूलों को इसे अपने स्‍टूडेंट्स के लिए बनवाना अनिवार्य हैं।
<h2><strong>अकैडमिक रिकॉर्ड स्टोर है</strong></h2>
APAAR ID कार्ड में किसी भी स्‍टूडेंट्स के अकैडमिक रिकॉर्ड को स्टोर किया जाएगा। इससे स्‍टूडेंट्स की अपने रिकॉर्ड्स तक पहुंच बेहतर बनेगी। आइए जानते हैं, इसे ऑनलाइन कैसे बनवाया जा सकता है। इसके क्‍या फायदे है। APAAR ID का पूरा नाम Automated Permanent Academic Account Registry (ऑटोमे‍टेड परमानेंट अकैडमिक अकाउंट रजिस्‍ट्री) है। यह एक तरह का रिकॉर्ड है, जिसमें स्‍टूडेंट्स अपने सभी अकैडमिक रिकॉर्ड्स, अवॉर्ड्स आदि देख पाएंगे।
<h3><strong>दोनों स्कूलों में बनेगा आईडी कार्ड</strong></h3>
यह सरकारी और प्राइवेट दोनों स्‍कूलों के लिए बनेगा। हालांकि बिना माता-पिता की अनुमति के अपार आईडी कार्ड नहीं बनवाया जा सकता है। APAAR ID कार्ड में स्‍टूडेंट्स के रिकॉर्ड्स तो सेव रहते ही हैं, साथ में कई पर्सनल इन्‍फर्मेशन जैसे- उनकी वजन, हाइट, हेल्‍थ डिटेल आद‍ि के बारे में भी जानकारी स्टोर होती है। इसीलिए अपार आईडी बनवाने के लिए पैरंट्स की इजाजत की जरूरत होती है। जिससे माता-पिता को पता रहे कि अपार आईडी में बच्‍चे की कौन सी डिटेल्‍स मौजूद हैं।
<h3><strong>अपार आईडी कार्ड के रजिस्टार</strong></h3>
माता-पिता को सहमति देने के लिए एक कॉन्‍सेंट फॉर्म भरना होता है। सबसे पहले APAAR की वेबसाइट https://apaar.education.gov.in/ पर विजिट करना होगा। वहां 'Resources' सेक्शन में जाकर APAAR पैरेंटल कंसेंट फॉर्म डाउनलोड करना होगा। फॉर्म में डिटेल्‍स भरने के बाद फॉर्म को उस स्‍कूल में जमा करना होगा। जहां बच्‍चा पढ़ाई करता है। सरकारी वेबसाइट के मुताबिक अब तक 31 करोड़ से ज्‍यादा बच्‍चे अपार आईडी के लिए रजिस्‍टर हो गए हैं।]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 28, 2025, 4:36 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[यह है सबसे कमजोर पासवर्ड, तुरंत ही बदले नहीं तो होंगे हैकर्स का शिकार]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tech/this-is-the-weakest-password-if-you-do-not-change-it-immediately-then-you-will-be-a-victim-of-hackers/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। साइबर सिक्योरिटी पर नई स्टडी से कुछ खुलासे हुए हैं। जिसमें कमजोर पासवर्ड बदलने पर जोर दिया गया है। साथ ही ऐसे पासवर्ड भी बताए हैं जो आसानी से हैक हो सकते हैं। इस स्टडी में बताया गया है कि बहुत सारे कमजोर पासवर्ड होते है जो आमतौर पर यूर्जस याद रखने के लिए [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-60.jpg"/><strong>पटना।</strong> साइबर सिक्योरिटी पर नई स्टडी से कुछ खुलासे हुए हैं। जिसमें कमजोर पासवर्ड बदलने पर जोर दिया गया है। साथ ही ऐसे पासवर्ड भी बताए हैं जो आसानी से हैक हो सकते हैं। इस स्टडी में बताया गया है कि बहुत सारे कमजोर पासवर्ड होते है जो आमतौर पर यूर्जस याद रखने के लिए बनाते है। KnownHost की ओर से नई स्टडी की गई है।
<h2><strong>साइबर थ्रेट चिंतनीय विषय</strong></h2>
स्टडी में कहा गया कि सबसे कमजोर पासवर्ड '123456' और 'Password' साबित होते हैं। इनका इस्तेमाल डेटा ब्रीच के लिए आसानी से किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स ने कहा कि ऐसा करना यूजर्स के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। साइबर थ्रेट अभी एक बड़ा चिंतनीय विषय बना हुआ है। यूजर्स को ऐसे पासवर्ड से बचने के लिए टिप्स भी दिए जा रहे हैं। कुछ ऐसे पासवर्ड की लिस्ट भी जारी की गई है जिन्हें हैक करना काफी आसान हो गया है।

यह है सबसे कमजोर पासवर्ड

123456-50,203.085
123456-20,508,946
1234-4,453,720
12345678-9,875,311
12345-4,934,837
password
111111
admin
<h3><strong>कमजोर पासवर्ड को करते है ब्रेक</strong></h3>
अगर आपका पासवर्ड भी इससे मिलता जुलता है तो साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट कहते है इसे तुरंत ही बदल दिया जाए। दरअसल हैकर्स की ओर से ऑटोमेटेड टूल का इस्तेमाल किया जाता है। ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट जैक मूरे ने बताया कि साइबर क्रिमिनल कमजोर पासवर्ड को तुरंत ब्रेक कर देते हैं।]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 28, 2025, 4:36 am</pubDate>
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                    <title><![CDATA[फास्टैग के नए नियम को जानना है जरूरी, वरना दोगुना पैसे भरने की होगी मजबूरी]]></title>
                    <link>https://bihar.inkhabar.com/tech/it-is-important-to-know-the-new-rules-of-fastag-otherwise-you-will-be-forced-to-pay-double-the-amount/</link>
                    <description><![CDATA[पटना। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से FASTag बैलेंस वैलिडेशन के नियम लागू किए जा रहे हैं। नए FASTag नियम 17 फरवरी 2025 से लागू होंगे। इसमें यूजर को अपने FASTag स्टेटस के बारे में ज्यादा एक्टिव रहने की जरूरत होगी। ऐसा न होने पर FASTag पेमेंट अटक सकता है। नए नियम [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-60.jpg"/><strong>पटना।</strong> नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से FASTag बैलेंस वैलिडेशन के नियम लागू किए जा रहे हैं। नए FASTag नियम 17 फरवरी 2025 से लागू होंगे। इसमें यूजर को अपने FASTag स्टेटस के बारे में ज्यादा एक्टिव रहने की जरूरत होगी। ऐसा न होने पर FASTag पेमेंट अटक सकता है।
<h2><strong>नए नियम 17 फरवरी से जारी</strong></h2>
NPCI ने 28 जनवरी, 2025 को नए नियम जारी किए है, जिसके मुताबिक, 17 फरवरी 2025 से अगर टोल प्लाजा पर टैग रीड करने से पहले 60 मिनट से ज्यादा समय तक टैग ब्लैकलिस्ट रहा है फिर टैग रीड करने के बाद कम से कम 10 मिनट तक ब्लैकलिस्ट रहा है, तो पेमेंट नहीं होगा। यह नया नियम यूजर्स को अपने FASTag स्टेट्स में सुधार के लिए 70 मिनट की विंडो देता है। FASTag नियमों में बदलाव का सीधा प्रभाव यूजर पर पड़ेगा। अब आपको टोल बूथ पर ब्लैकलिस्टेड FASTag को आखिरी समय रिचार्ज करना नुकसान पहुंचा सकता है।
<h3><strong>फास्टैग का स्टे्टस करें चेक</strong></h3>
अगर आपका फास्टैग टोल के पास पहुंचने पर पहले ही ब्लैकलिस्टेड है, तो उसे तुरंत रिचार्ज करने से पेमेंट नहीं होगा। अगर आपका FASTag आपके टोल पर पहुंचने से पहले ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, और टैग पढ़ने के बाद भी ब्लैकलिस्टेड है, तो पेमेंट नहीं होगा। इससे आपको दोगुना टोल देना होगा। इससे बचने के लिए आप अपने फास्टटैग स्टे्टस चेक कर सकते हैं। अपना फास्टैग स्टे्टस चेक करने के लिए परिवहन विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।
<h3><strong>इस तरह कर सकते है फास्टैग एक्टिव</strong></h3>
इसके लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। वेबसाइट पर जाकर"Check E-Challan Status" पर क्लिक करें। अपना व्हीकल का रजिस्ट्रेशन नंबर डाले। इस तरह से पता लग जाएगा कि आपका वाहन ब्लैकलिस्टेड है या नहीं। अब आप सोचेंगे कि अगर फास्टैग ब्लैकलिस्ट दिखा रहा है तो इसके लिए क्या करें। इसके लिए पहले आपको पहले फास्टैग रिचार्ज करना होगा। इसके बाद न्यूनतम बैलेंस चेक करें। इसके बाद पेमेंट को वेरिफाई करना होगा। वेरिफाई होने के बाद फिर से पेमेंट चेक करें। वेरिफाई होने के बाद आपको फास्टैग एक्टिव दिखेगा।]]></content:encoded>
                    <pubDate>April 28, 2025, 4:36 am</pubDate>
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