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       <title>Today Uttarkashi Tunnel News | Latest Uttarkashi Tunnel News | Breaking Uttarkashi Tunnel News in English | Latest Uttarkashi Tunnel News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Uttarkashi Tunnel समाचार:Today Uttarkashi Tunnel News ,Latest Uttarkashi Tunnel News,Aaj Ka Samachar ,Uttarkashi Tunnel समाचार ,Breaking Uttarkashi Tunnel News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/uttarkashi-tunnel</link>
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        </image><item><title>Uttarkashi Tunnel Rescue: दीपक और सबाह पहुंचे घर, लोगों ने योद्धा की तरह किया स्वागत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/deepak-and-sabah-reached-home-people-welcomed-them-like-warriors/</link><pubDate>December 1, 2023, 9:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/8.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। उत्तरकाशी में सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को 17 दिनों के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अब मेडिकल टेस्ट के बाद सभी मजदूर अपने-अपने घर वापस लौट रहे हैं। इस बीच ये कामगार अपने साथ जिंदगी में कभी न भूलने वाली यादें लेकर लौटे हैं।...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; उत्तरकाशी में सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को 17 दिनों के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अब मेडिकल टेस्ट के बाद सभी मजदूर अपने-अपने घर वापस लौट रहे हैं। इस बीच ये कामगार अपने साथ जिंदगी में कभी न भूलने वाली यादें लेकर लौटे हैं। जहां उनके गांव-घर के लोग योद्धा की तरह उनका स्वागत कर रहे हैं। इसी क्रम में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के दीपक भी अपने गांव पहुंचे। दीपक की मां ने बेटे को देखते ही उसे गले से लगा लिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सबाह के स्वागत में जुटा पूरा गांव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;17 दिनों तक टनल में फंसे रहने के बाद, भोजपुर के पेउर गांव के सबाह अहमद शुक्रवार की सुबह अपने घर पहुंचे। यहां के लोग उनके स्वागत में लग गए। यही नहीं घर के आधा किलोमीटर दूर से ही सहार-सकड्डी मार्ग पर लोग फूल-माला लेकर सबाह के स्वागत में खड़े थे। जैसे ही गाड़ी घर के पास पहुंची, लोगों ने फूलों की मालाओं से उन्हें लाद दिया। सबाह जब अपने पिता मो.मिस्बाह अहमद से गले मिले तो दोनों भावुक हो गए। इस दौरान सबाह का स्वागत के लिए उनके चाचा मो.मुख्तार अहमद, पूर्व मुखिया अफजाल अहमद, अंजार अहमद, कोरनडिहरी पंचायत के मुखिया रामसुबक सिंह, पेरहाप के मुखिया महेन्द्र प्रताप, जिला परिषद सदस्य मीना कुमारी, समरेश सिंह, सहार मुखिया बसंत कुमार आदि उपस्थित रहे। बता दें कि सबाह टनल निर्माण कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दीपक को देख भावुक हुआ परिवार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा उत्तरकाशी के टनल में फंसे दीपक कुमार भी अपने घर मुजफ्फरपुर जिले के जैतपुर ओपी क्षेत्र के गिजास पहुंचे। यहां तो गांव वालों ने उनका किसी योद्धा की तरह स्वागत किया। इस दौरान दीपक की मां उन्हें देखकर भावुक हो गई और उन्हें गले से लगा लिया। यही नहीं दीपक के पिता भी खुशी से भावुक नजर आए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सबाह ने बताया हाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उत्तरकाशी में सिलक्यारा टनल में 17 दिन फंसे रहने के बाद बाहर आए सबाह अहमद ने बताया कि 12 नवंबर की सुबह निर्माण कार्य के दौरान टनल हादसे में 41 श्रमिक के साथ वे भी फंस गए थे। 17 दिन चले बचाव अभियान के बाद सभी श्रमिकों को सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सबाह ने बताया कि बिहार सरकार ने टनल में फंसे बिहार के सभी कामगारों के दिल्ली से घर तक आने के लिए टिकट की व्यवस्था की। इस दौरान सभी लोग सुबह की फ्लाइट से पटना पहुंचे और वहां से घर तक पहुंचाने के लिए चार पहिया वाहन की व्यवस्था भी की गई।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Uttarkashi Tunnel Rescue: छपरा के सोनू की मां ने सरकार और सुरक्षाकर्मियों को दिया धन्यवाद, बताया कब लौटेंगे घर</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/uttarkashi-tunnel-rescue-chhapras-sonus-mother-thanked-the-government-and-security-personnel-told-when-will-he-return-home/</link><pubDate>November 29, 2023, 6:16 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/2-9-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>Uttarkashi Tunnel Rescue: उत्तराखंड की सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को 17 दिनों के भारी संघर्ष के बाद मंगलवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। यहां सुरंग से बाहर निकाले गए मजदूर अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। बता दें कि इनमें से 5 मजद...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Uttarkashi Tunnel Rescue:&lt;/strong&gt; उत्तराखंड की सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को 17 दिनों के भारी संघर्ष के बाद मंगलवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। यहां सुरंग से बाहर निकाले गए मजदूर अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। बता दें कि इनमें से 5 मजदूर बिहार के रहने वाले हैं। इनमें से एक मजदूर का नाम सोनू बताया जा रहा, जो कि बिहार के छपरा जिले का रहने वाला है। सोनू की मां ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार और बचाव कार्य में जुटे सुरक्षाकर्मियों को तहे दिल से शुक्रिया बोला है। इसके साथ ही उन्होंने बताया है कि उनका बेटा दो दिन बाद गांव वापस लौट आएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरकार और सुरक्षाकर्मियों को दिया धन्यवाद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मीडिया से बातचीत के दौरान सोनू की मां ने सबसे पहले तो सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार को धन्यवाद मेरे बेटे को मेरी गोद में डाल दिया। सुरंग से बाहर निकले मजदूर सोनू की मां ने आगे उन लोगों का धन्यवाद किया जो लगातार 17 दिनों से सोनू समेत बाकी के मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश में लगे थे। उनसे सोनू की मां ने कहा, जिन लोगों ने सभी श्रमिकों को बाहर निकाला उनका लाख-लाख शुक्रिया, वो भी मेरे बच्चे के समान हैं, जिन्होंने मेरे बच्चे को बाहर निकाला।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सोनू ने फोन पर मां से की बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसी बातचीत के बाद सोनू की मां ने आगे बताया, सुरंग से निकलने के बाद उनके बेटे सोनू से उनकी बात फोन पर हुई। उन्होंने बताया कि वो बोल रहे थे कि मम्मी मैं सुरक्षित हूं, मैं अच्छा हूं चिंता मत करो मैं आ जाऊंगा। मैं दो दिन के बाद गांव आ जाऊंगा। बता दें कि बिहार के छपरा जिले में सोनू की मां अपने बेटे के सुरक्षित बाहर निकलने से काफी खुश हैं, हालांकि अभी उन्हें अपने बेटे से मिलने के लिए शुक्रवार तक का इंतजार और करना पड़ेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;48 घंटे निगरानी में रखे गए मजदूर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, सुरंग से बाहर निकाले जाने के बाद सभी मजदूरों को चिन्यालीसौड़ में बनाए गए अस्पताल ले जाया गया। जहां पर मजदूरों को 48 घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। इसके बाद ही उन्हें उनके परिजनों से मिलने भेजा जाएगा। इस दौरान अधिकारियों को आदेश दिए गए है कि अस्पताल में मजदूरों के इलाज और उनके घर जाने की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यहां अस्पताल में इलाज का खर्चा भी उत्तराखंड सरकार उठाएगी।&lt;/p&gt;
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