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       <title>Today Supreme Court News | Latest Supreme Court News | Breaking Supreme Court News in English | Latest Supreme Court News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Supreme Court समाचार:Today Supreme Court News ,Latest Supreme Court News,Aaj Ka Samachar ,Supreme Court समाचार ,Breaking Supreme Court News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/supreme-court</link>
        <lastBuildDate>May 3, 2026, 10:54 am</lastBuildDate>
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        </image><item><title>बीपीएससी मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, राजनीतिक माहौल गरम</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/hearing-on-bpsc-issue-today-in-supreme-court-political-atmosphere-heated/</link><pubDate>January 7, 2025, 7:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-3.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: 70वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर राजधानी में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. इस याचिका पर आज यानी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; 70वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर राजधानी में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. इस याचिका पर आज यानी मंगलवार को सुनवाई होनी है. इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की पीठ सुनवाई करेगी. इसके अलावा याचिका में प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज के लिए जिले के एसपी और डीएम के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुक्रवार को दायर हुई थी याचिका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि BPSC पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग वाली यह याचिका शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई. याचिका में बीपीएससी परीक्षा में धांधली का आरोप लगाया गया है. साथ ही इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में सीबीआई से कराने की मांग की गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;किसी भी परिस्स्थिति में री एग्जाम नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लगातार परीक्षा रद्द करने की मांग पर BPSC ने अपनी बात पर सपष्टीकरण कर दिया है। आयोग ने कहा है कि किसी भी परिस्स्थिति में री एग्जाम नहीं लिया जाएगा। पटना के बापू सेंटर छोड़कर किसी भी सेंटर पर एग्जाम को पुनः आयोजित नहीं लिया जाएगा। BPSC ने कहा है कि परीक्षा दोबारा कराने की संबंध में किसी भी जिले से जिलाधिकारी की तरफ से कोई आवेदन नहीं आया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजनीतिक माहौल गरम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;BPSC री एग्जाम को लेकर एक तरफ अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक माहौल काफी गर्म है। राजनेताओं की तरफ से लगातर अपनी वोट बैंक बनाने की कोशिशे जारी है। कई दिनों से पूर्णिया सांसद पप्पू यादव समेत जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर इस आंदोलन में अनशन पर बैठकर अभ्यर्थियों की हौसला बुलंद करने में जुटे हुए हैं। वहीं 6 जनवरी को धरना प्रदर्शन के दौरान PK को जबरन गिरफ्तार किया गया। हालांकि कुछ घंटों के भीतर उन्हें जमानत दे दी गई। आज मंगलवार को खबर आई कि PK अचानक बीमार पड़ गए जिसके बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>SP: अरबपति बिजनेस मैन को 2 शादी पड़ी भारी, सुप्रीम कोर्ट ने लगाया करोड़ों का जुर्माना</title><link>https://bihar.inkhabar.com/world/sp-billionaire-businessman-had-to-pay-heavily-for-two-marriages-supreme-court-imposed-a-fine-of-crores/</link><pubDate>December 21, 2024, 7:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/CD-300x169.webp</image><category>दुनिया</category><excerpt>पटना। एक अमीर आदमी को शादी करना और तलाक देना महंगा पड़ गया। अमेरिका में एक आईटी कंसल्टेंसी सर्विस कंपनी के मालिक एक भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक को शादी करना भारी पड़ गया। उन्हें इस बात का एहसास तब हुआ, जब उन्हें नवंबर 2020 में अपनी पहली पत्नी ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; एक अमीर आदमी को शादी करना और तलाक देना महंगा पड़ गया। अमेरिका में एक आईटी कंसल्टेंसी सर्विस कंपनी के मालिक एक भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक को शादी करना भारी पड़ गया। उन्हें इस बात का एहसास तब हुआ, जब उन्हें नवंबर 2020 में अपनी पहली पत्नी को गुजारा भत्ता के रूप में 500 करोड़ रुपये देने पड़े गए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;व्यक्ति को दोनों शादी नहीं चली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इतना ही नहीं अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दूसरी पत्नी को 12 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया है। कंसल्टेंसी सर्विस कंपनी के मालिक की दूसरी शादी एक साल से भी कम समय तक चली। इतना कुछ होने के बाद ये उद्योगपति शायद ही अब तीसरी शादी करने के बारे में सोचे। इस व्यक्ति की दूसरी शादी 31 जुलाई, 2021 को हुई थी, जो सिर्फ कुछ महीनों तक ही चली और टूट गई। दूसरी पत्‍नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उसे गुजारा भत्ता के तौर पर 12 करोड़ रुपए चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विवाह परिवार की नींव रखता है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ऐसा निर्देश दिया, जो कई पतियों को कही हद तक सुकून दे सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के सख्त प्रावधान महिलाओं की भलाई के लिए हैं न कि उनके पतियों को ‘दंडित करने या धमकाने के लिए। कानून पतियों से जबरन वसूली करने&amp;#8217; के लिए नहीं है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस पंकज मिथल ने कहा कि हिंदू विवाह एक पवित्र प्रथा है, जो परिवार की नींव है, न कि कोई व्यावसायिक समझौता।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; प्रावधान पतियों को दंडित करने के लिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खास तौर से वैवाहिक विवादों से संबंधित अधिकांश शिकायतों में रेप, धमकी और महिला से क्रूरता करने समेत भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं को लगाने के लिए शीर्ष अदालत ने कई मौकों पर फटकार लगई है। पीठ ने कहा, &amp;#8216;महिलाओं को इस बात को लेकर सावधान रहने की जरूरत है कि उनके हाथों में कानून के ये सख्त प्रावधान उनकी भलाई के लिए हैं, न कि उनके पतियों को दंडित करने के लिए। &amp;#8216;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>सुप्रीम कोर्ट ने शराब पर पलटा फैसला, CJI ने कही ये बात</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/supreme-court-reversed-its-decision-on-liquor-cji-said-this/</link><pubDate>October 23, 2024, 7:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-89-1-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: साल 1990 में सिंथेटिक्स एंड केमिकल्स मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के पक्ष में फैसला सुनाया था. संविधान पीठ ने कहा कि राज्य समवर्ती सूची के तहत भी औद्योगिक शराब को विनियमित करने का दावा नहीं कर सकते। राज्यों के पास है इसके पूरे अधिकार...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; साल 1990 में सिंथेटिक्स एंड केमिकल्स मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के पक्ष में फैसला सुनाया था. संविधान पीठ ने कहा कि राज्य समवर्ती सूची के तहत भी औद्योगिक शराब को विनियमित करने का दावा नहीं कर सकते।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राज्यों के पास है इसके पूरे अधिकार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यों को भी औद्योगिक शराब के उत्पादन और आपूर्ति के संबंध में कानून बनाने का अधिकार है, इसलिए &amp;#8220;राज्य की शक्ति छीनी नहीं जा सकती&amp;#8221;।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डीवाई चंद्रचूड़ ने फैसला सुनाते हुए क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस हृषिकेश रॉय, उज्जवल भुइयां, मनोज मिश्रा, एससी शर्मा, एएस ओका, जेबी पारदीवाला और एजी मसीह के बहुमत ने फैसला सुनाया कि राज्यों को उपभोक्ता शराब को विनियमित करने का पूरा अधिकार है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;GST आने के बाद सुप्रीम कोर्ट का लिया था सहारा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं, जस्टिस बीवी नागरत्ना ने इस फैसले से असहमति जताई और कहा कि औद्योगिक शराब को नियंत्रित करने का विधायी अधिकार केवल केंद्र के पास होगा. इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद औद्योगिक शराब पर टैक्स लगाने का अधिकार बहुत महत्वपूर्ण हो गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;34 साल पहले सुनाई गई थी फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;34 साल पहले 7 जजों की संविधान पीठ ने इस मामले में औद्योगिक शराब उत्पादन और नियमन की शक्ति केंद्र सरकार को सौंपने पर सहमति जताई थी. कोर्ट की नई बेंच ने इस फैसले को पलट दिया और साफ कर दिया कि औद्योगिक शराब का इस्तेमाल पीने के लिए नहीं किया जाता है. अतः इसे संविधान के अनुसार गैर विषैले अल्कोहल की श्रेणी में वर्गीकृत किया जाना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Brij Bihari Murder Case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जेल जायेंगे मुन्ना शुक्ला, कल कर सकते हैं सरेंडर</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/brij-bihari-murder-case-munna-shukla-will-go-to-jail-on-supreme-courts-decision-can-surrender-tomorrow/</link><pubDate>October 15, 2024, 11:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-13-300x168.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>पटना: बिहार के पूर्व मंत्री बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मिलने के बाद पूर्व विधायक विजय कुमार शुक्ला उर्फ ​​मुन्ना शुक्ला बुधवार 16 अक्टूबर को पटना जिला कोर्ट में सरेंडर करेंगे. इसी दिन पूर्वी चंपारण के मंटू तिवारी भी सरेंडर कर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; बिहार के पूर्व मंत्री बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मिलने के बाद पूर्व विधायक विजय कुमार शुक्ला उर्फ ​​मुन्ना शुक्ला बुधवार 16 अक्टूबर को पटना जिला कोर्ट में सरेंडर करेंगे. इसी दिन पूर्वी चंपारण के मंटू तिवारी भी सरेंडर कर सकते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरेंडर करने से पहले पैतृक आवास पहुंचे मुन्ना शुक्ला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरेंडर करने के बाद दोनों दोषियों को जेल भेजा जायेगा. कोर्ट में सरेंडर करने के लिए मुन्ना शुक्ला अपने लोगों के साथ लालगंज स्थित अपने पैतृक आवास के लिए निकल चुके हैं. इससे पहले उनके रिश्तेदार व परिचित नयाटोला स्थित उनके आवास पर पहुंचे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में मिली सजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार सरकार के पूर्व मंत्री बृजबिहारी प्रसाद की 13 जून 1998 को IGIMS में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मुन्ना शुक्ला समेत छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। इस मामले में हाई कोर्ट ने सभी को बरी कर दिया था. हालांकि इसके बाद बृहबिहारी प्रसाद की पत्नी रमा देवी और CBI की ओर से इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई. 4 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने हत्याकांड में मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी. सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सूरजभान सिंह समेत इन्हें किया गया कोर्ट से बरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इधर, इसी मामले में आरोपित सूरजभान सिंह, राजन तिवारी व अन्य को कोर्ट ने बरी कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में दुर्गा पूजा के बाद सरेंडर करने की बात कही गयी थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुन्ना शुक्ला 16 अक्टूबर को सरेंडर करेंगे. इस हत्याकांड ने उस वक्त बिहार में खूब सुर्खियां बटोरी थीं. बताया जाता है कि इस घटना को कुख्यात अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला ने अंजाम दिया था. यह एक तरह से कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की घटना थी.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Rection: बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पत्नी रमा देवी की पहली प्रतिक्रिया</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/rection-wife-rama-devis-first-reaction-to-the-supreme-courts-decision-in-the-brijbihari-prasad-murder-case/</link><pubDate>October 4, 2024, 3:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/HKL-300x169.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। राज्य के पूर्व मंत्री बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उनकी पत्नी व पूर्व सांसद रमा देवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो न्याय किया है। उसके लिए धन्यवाद। इस मामले में जो आरोपी बच गए हैं उनको मां भगवती देख लें...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; राज्य के पूर्व मंत्री बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उनकी पत्नी व पूर्व सांसद रमा देवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो न्याय किया है। उसके लिए धन्यवाद। इस मामले में जो आरोपी बच गए हैं उनको मां भगवती देख लेंगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुरक्षा के कारण गवाही नहीं दी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में फैसला आने में देरी पर उन्होंने कहा कि इससे अपराध में वृद्धि होती है। जल्द न्याय मिलने से अपराध में कमी आती है। अपने पति की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद रमा देवी गुरुवार को ब्रह्मपुरा स्थित आवास पर मीडिया से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने 8 आरोपियों को सजा सुनाई। इसमें से कई लोग मर गए हैं। मामले में कई गवाही देने को तैयार थे, लेकिन उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। इसलिए वे कोर्ट में गवाही देने नहीं गए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;न्याय मिलने में देरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;घटना के संबंध में बातचीत के दौरान वह भावुक हो गईं। कहती हैं, छोड़िए अब इससे क्या फायदा? बताती हैं कि जिस समय यह घटना हुई उस समय वह सांसद थीं। पहली बार चुनाव जीती थीं। इसके बावजूद उन्हें न्याय मिलने में देरी हुई। बता दें कि बिहार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की साल 1998 में हुई हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया। मुन्ना शुक्ला और एक अन्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। यह फैसला ट्रायल कोर्ट के आदेश के मुताबिक है।यह हत्याकांड एक समय काफी चर्चा का विषय था। ऐसा कहा जाता है कि इस घटना को खतरनाक अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला ने अंजाम दिया था। यह एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की घटना थी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Supreme Court: बृज बिहारी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, मुन्ना शुक्ला को सुनाई आजीवन कारावास की सजा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/supreme-court-supreme-court-gave-its-verdict-in-brij-bihari-murder-case-sentenced-munna-shukla-to-life-imprisonment/</link><pubDate>October 3, 2024, 10:36 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/fdrh-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। 1998 में बिहार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने बृज बिहारी हत्या के मामले में बाहुबली विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला और एक अन्य आरोपी को दोषी करार देते ह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; 1998 में बिहार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने बृज बिहारी हत्या के मामले में बाहुबली विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला और एक अन्य आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को कायम रखा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मामले में 5 लोग बरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और पांच अन्य लोगों को बरी कर दिया है। बता दें कि इस मामले में पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और विधायक मुन्ना शुक्ला समेत 8 लोगों को पटना हाईकोर्ट ने मामले से बरी कर दिया है। इस फैसले को देश की सबसे बड़ी अदालत में चुनौती दी गई थी। साल 1998 में पटना के IGIMS अस्पताल में बृज बिहारी प्रसाद की हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी रमा देवी, भाजपा और CBI ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। IGIMS&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;3 जजों की बेच ने की सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट के 3 जजों ने 21 और 22 अगस्त को इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी। न्यायाधीश संजीव खन्ना, आर महादेवन और संजय कुमार की बेंच ने आज अपना फैसला सुनाया। निचली अदालत ने 2009 में सभी 8 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बृज बिहारी प्रसाद लालू प्रसाद यादव की पार्टी के बड़े नेता थे। उनकी हत्या को गैंगवार का नतीजा माना जा रहा था। इस हत्याकांड में श्रीप्रकाश शुक्ला का नाम भी सामने आया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;श्रीप्रकाश शुक्ला गैंग में शूटर था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;श्रीप्रकाश शुक्ला उस समय सूरजभान सिंह के गैंग में शूटर था। बाद में श्रीप्रकाश शुक्ला का डर यूपी और बिहार में फैला हुआ था। गाजियाबाद में यूपी एसटीएफ ने एक मुठभेड़ में उसे मार डाला था। श्रीप्रकाश शुक्ला को पकड़ने के लिए ही सबसे पहले यूपी में एसटीएफ का गठन किया गया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>CJI: जजों के वेतन रोकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/cji-supreme-court-reprimands-bihar-government-for-stopping-salaries-of-judges/</link><pubDate>October 1, 2024, 9:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/zxcvb-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। हाईकोर्ट के जजों के बकाया वेतन जारी करने और न्यायिक अधिकारियों के लिए पेंशन निर्धारित करने के मुद्दे से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को कड़े निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘बिहार सरकार के वर्तमान ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; हाईकोर्ट के जजों के बकाया वेतन जारी करने और न्यायिक अधिकारियों के लिए पेंशन निर्धारित करने के मुद्दे से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को कड़े निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘बिहार सरकार के वर्तमान जज न्यायाधीश आर.पी. मिश्रा का वेतन तुरंत उन्हें दिया जाए, जिनका हाईकोर्ट में प्रमोशन के बाद से सैलरी बाकी है।’&lt;br&gt;बिना वेतन के काम की उम्मीद कैसे?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुनवाई चीफ जस्टिस ने की &lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि ‘किसी भी जज से वेतन के बिना काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है।’इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डी.वाई चंद्रचूड़, न्यायाधीश जे.बी पारदीवाला और न्यायाधीश मनोज मिश्रा की पीठ कर रही थी। इस दौरान गंभीरता से विचार करते हुए सीजेआई ने पटना हाईकोर्ट को फटकार लगाई। उन्होंने कहा, ‘जस्टिस आरपी मिश्रा का वेतन अभी तक उन्हें क्यों नहीं दिया गया? वे उन्हें वेतन देने से मना क्यों कर रहे हैं?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अन्य जजों की तरह सेवाएं प्राप्त करेंगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि उनके जैसे लोग हाईकोर्ट में नियुक्त होने पर अन्य सभी हाईकोर्ट जजों की तरह सेवाएं प्राप्त करेंगे। सुनवाई के दौरान पीठ ने यह भी कहा, ‘अगर जस्टिस मिश्रा जिला न्यायपालिका में कार्यरत रहते हुए नई पेंशन योजना के तहत शासित थे, लेकिन हाईकोर्ट में प्रमोशन होने पर वे दूसरे हाईकोर्ट न्यायाधीशों के बराबर सेवा शर्तों के अधीन शासित होंगे। जज को सेवा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को जस्टिस मिश्रा का वेतन बकाया राशि के साथ जारी करने का निर्देश दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;7 जजों का वेतन जारी करने के निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुनवाई के दौरान न्यायालय को याद दिलाया गया कि जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा को नवंबर 2023 में उच्च न्यायिक सेवाओं से हाईकोर्ट में प्रमोशन के बाद से अभी तक जीपीएफ नहीं दिया गया। हालांकि उन्होंने सभी औपचारिकताओं को पूर्ण कर लिया है। जज को प्रमोशन के बाद से अब तक वेतन नहीं मिला है। साल 2023 के मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने इसी तरह के अंतरिम उपाय में पटना हाईकोर्ट के 7 जजों के वेतन को जारी करने का निर्देश दिया था, जो उनके जीपीएफ अकाउंट बंद करने के बाद से रोके गए थे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>पॉक्सो एक्ट में बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/big-decision-of-supreme-court-regarding-changes-in-pocso-act/</link><pubDate>September 23, 2024, 7:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-9-7-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी सामग्री डाउनलोड करना और अपने पास रखना अपराध है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति ऐसी सामग्री को डिलीट नहीं करता है या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं देता है तो POCSO एक...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी सामग्री डाउनलोड करना और अपने पास रखना अपराध है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति ऐसी सामग्री को डिलीट नहीं करता है या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं देता है तो POCSO एक्ट की धारा 15 इसे अपराध मानती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को किया खारिज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कानूनी तौर पर ऐसी सामग्री रखना भी अपराध है. हाई कोर्ट ने एक शख्स के खिलाफ दर्ज केस यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि उसने सिर्फ चाइल्ड पोर्नोग्राफी डाउनलोड की थी और अपने पास रखी थी. उसने इसे किसी और को नहीं सेंड किया.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चाइल्ड पोर्नोग्राफी शब्द में बदलाव के आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को POCSO एक्ट में बदलाव करने और चाइल्ड पोर्नोग्राफी शब्द को चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज एंड एक्सप्लॉइटेटिव मटेरियल (CSAEM) से बदलने की सलाह दी है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच के सदस्य जस्टिस जेबी पारदीवाला ने 200 पेज का यह फैसला लिखा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आदेशों में सीएसएईएम ही लिखें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि जब तक POCSO एक्ट में बदलाव को संसद से मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक अध्यादेश लाया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की अदालतों को अपने आदेश में CSAEM लिखने की सलाह भी दी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;&amp;#8216;POCSO एक्ट की उपधारा 1 अपने आप में पूर्ण &amp;#8216;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम की धारा 15 की उपधारा 1 बच्चों के लिए अश्लील सामग्री रखने को अपराध मानती है। इसके लिए 5,000 रुपये से लेकर 3 साल की कैद तक के जुर्माने का प्रावधान है. धारा 15 की उपधारा 3 में ऐसी सामग्री के प्रसारण और व्यावसायिक उपयोग को अपराध घोषित किया गया है। मद्रास हाई कोर्ट ने उपधारा 2 और 3 के आधार पर आरोपियों को राहत दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि उपधारा 1 ही पर्याप्त है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Investors: निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, सहारा जल्द लौटाएगा फंसे हुए पैसे</title><link>https://bihar.inkhabar.com/national/investors-big-news-for-investors-sahara-will-soon-return-the-stuck-money/</link><pubDate>September 4, 2024, 12:57 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/SAHARA-300x169.webp</image><category>देश</category><excerpt>पटना। लाखों निवेशकों की तरह ही अगर आपके पैसे भी सहारा इंडिया की सेविंग स्कीम्स में फंसे हुए है तो फिर आपके लिए खुशखबरी आई है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप को फटकार लगाते हुए बड़ी बात कही है। कोर्ट ने कहा है कि निवेशकों का पैसा लौटाने में देरी न...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; लाखों निवेशकों की तरह ही अगर आपके पैसे भी सहारा इंडिया की सेविंग स्कीम्स में फंसे हुए है तो फिर आपके लिए खुशखबरी आई है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप को फटकार लगाते हुए बड़ी बात कही है। कोर्ट ने कहा है कि निवेशकों का पैसा लौटाने में देरी न हो। इसके लिए सहारा ग्रुप अपनी संपत्ति बेचकर निवेशकों का पैसा लौटा सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राशि जमा कराने को लेकर टिप्पणी की है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट की और से सेबी सहारा रिफंड अकाउंट में लगभग 10,000 करोड़ रूपए जमा कराने के संबंध मे बड़ी टिप्पणी की है। सेबी और सहारा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निवेशकों का फंसा पैसा लौटाने के लिए सेबी सहारा रिफंड अकाउंट में लगभग 10 हजार करोड़ रुपए जमा कराने के लिए सहारा समूह पर अपनी संपत्ति बेचने के लिए प्रतिबंध नहीं है। इसे बेचकर वो पैसा लौटा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2012 को जारी अपने निर्देश में कहा था कि सहारा ग्रुप की कंपनियों SIRECLऔर SHICL एकल निवेशक या निवेशकों के समूह से इकट्ठा की गई राशि को 15 प्रतिशत सलाना ब्याज के साथ सेबी को वापस करेंगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राशि जमा न होने पर नाराजगी जताई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह ने अदालत के निर्देश के मुताबिक राशि जमा न करने पर नाराजगी जाहीर की है। सहारा समूह को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा है कि मेंबरशिप राशि डिपॉजिट कराने की तारीख से 3 महीने के अंतर्गत री पेमेंट की तारीख तक ये सारे काम करने होंगे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>NEET PG 2024: कल से शुरू होगी नीट पीजी परीक्षा,जरूरी है ये दस्तावेज</title><link>https://bihar.inkhabar.com/desh-pradesh/neet-pg-2024-neet-pg-exam-will-start-from-tomorrow-these-documents-are-necessary/</link><pubDate>August 10, 2024, 7:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/qrgvx-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>पटना। नीट पीजी परीक्षा 2024 का आयोजन कल यानी 11 अगस्त से शूरू किया जाएगा। इस परीक्षा में लाखों कैंडिडेट्स शामिल होंगे। एग्जाम सेंटर पर उम्मीदवार अपने साथ जरूरी डाक्यूमेंट्स लेकर जाना ना भूलें नहीं तो, उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा। आ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; नीट पीजी परीक्षा 2024 का आयोजन कल यानी 11 अगस्त से शूरू किया जाएगा। इस परीक्षा में लाखों कैंडिडेट्स शामिल होंगे। एग्जाम सेंटर पर उम्मीदवार अपने साथ जरूरी डाक्यूमेंट्स लेकर जाना ना भूलें नहीं तो, उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा। आइए जानते हैं कौन से जरूरी डाक्यूमेंट्स ले जाना जरूरी है?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; सुनवाई से किया इंकार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) नीट पीजी 2024 परीक्षा का आयोजन करेगा। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा कल दो पालियों में आयोजित की जाएगी। देश भर में 2,28,542 उम्मीदवारों के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने 9 अगस्त को परीक्षा स्थगित करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि हम 5 छात्रों की याचिका पर 2 लाख छात्रों की परीक्षा को खतरे में नहीं डाल सकते। कैंडिडेट्स की तरफ से सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर कहा गया था कि एग्जाम सेंटर उनके शहरों से काफी दूर है। इसके लिए उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जरूरी दस्तावेज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;NEET PG 2024 परीक्षा देश भर के 185 शहरों में 500 एग्जाम सेंटरों पर आयोजित की जाएगी। प्रश्न पत्र में 200 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जिनमें से प्रत्येक प्रश्न में केवल अंग्रेजी भाषा में 4 उत्तर विकल्प होंगे। उम्मीदवारों को प्रत्येक सवाल में दिए गए 4 जवाब विकल्पों में से सही जवाब का चुनना है। ज्यादा जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक साइट पर जा सकते है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;क्यूआर कोड वाले एडमिट कार्ड की फोटो कॉपी&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;स्थाई और अस्थाई पंजीकरण की फोटो कॉपी&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पैन कार्ड,ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या आधार कार्ड&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>NEET-UG Row: नीट मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला, &amp;#8216;कोई व्यवस्थागत उल्लंघन नहीं हुआ, लीक सिर्फ पटना और हजारीबाग तक सीमित&amp;#8217;</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/neet-ug-row-supreme-courts-decision-in-neet-case-no-systemic-violation-took-place-leak-limited-only-to-patna-and-hazaribagh/</link><pubDate>August 2, 2024, 6:00 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/Clipboard-28-300x168.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना : नीट मामले में आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NEET-UG 2024 के पेपर में व्यवस्था का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। पेपर लीक केवल पटना और हजारीबाग तक सीमित था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि केंद्र द्वारा बनाई गई कमेटी को परीक्षा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना &lt;/strong&gt;: नीट मामले में आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NEET-UG 2024 के पेपर में व्यवस्था का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। पेपर लीक केवल पटना और हजारीबाग तक सीमित था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि केंद्र द्वारा बनाई गई कमेटी को परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा में कमजोरियों की पहचान करने, जांच बढ़ाने की प्रक्रिया, तकनीकी प्रगति के लिए SOP तैयार करने पर भी विचार करेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;NTA को लेकर सुनाया फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने अपने फैसले में NTA की संरचनात्मक प्रक्रियाओं में सभी खामियों को उजागर किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम छात्रों की बेहतरी के लिए उनकी ऐसी स्थिति नहीं होने देंगे। इसलिए जो मुद्दा उठाया गया है, उसे केंद्र को इसी साल ठीक करना चाहिए, ताकि ऐसा फिर से न हो।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter&quot;&gt;&lt;div class=&quot;wp-block-embed__wrapper&quot;&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot; data-width=&quot;500&quot; data-dnt=&quot;true&quot;&gt;&lt;p lang=&quot;hi&quot; dir=&quot;ltr&quot;&gt;NEET-UG 2024: सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि NEET-UG 2024 के पेपर में कोई प्रणालीगत उल्लंघन नहीं हुआ था, लीक केवल पटना और हज़ारीबाग तक ही सीमित था। &lt;a href=&quot;https://t.co/GYnPeDjlCx&quot;&gt;pic.twitter.com/GYnPeDjlCx&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;&amp;mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) &lt;a href=&quot;https://twitter.com/AHindinews/status/1819242643693466089?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;August 2, 2024&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;&lt;script async src=&quot;https://platform.twitter.com/widgets.js&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/div&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उम्मीदवारों के साथ-साथ माता-पिता भी शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इससे पहले, नीट यूजी पेपर लीक मामले में CBI द्वारा दायर पहली चार्जशीट में उम्मीदवारों के साथ उसके माता-पिता, एक इंजीनियर और पेपर लीक के मास्टरमाइंड का नाम शामिल हैं। CBI ने यह भी कहा कि जांच अभी जारी है और मामले में एक पूरक चार्जशीट भी दायर की जाएगी। पहली आरोप पत्र में 13 आरोपियों के नाम हैं, जिनमें 4 नीट कैंडिडेट, एक जूनियर इंजीनियर और पेपर लीक के दो मास्टरमाइंड शामिल हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अब तक इतने लोग हुए गिरफ्तार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नीट यूजी पेपर लीक मामले में 6 FIR दर्ज की गई हैं। नीट परीक्षा में धांधली के आरोपों पर पटना पुलिस ने सबसे पहले 5 मई को केस दर्ज किया था, जिसके बाद 23 जून को CBI को सौंप दिया गया था। 5 मई को हुई नीट परीक्षा में 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। इस मामले में अब तक 40 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें से 15 लोगों को बिहार पुलिस ने पकड़ा है और अब तक इस मामले में 58 जगहों पर छापेमारी हुई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bridge collapse: बिहार में पुल गिरने के मामले में SC ने अपनाई सख्ती, केंद्र व राज्य सरकार को जारी किया नोटिस</title><link>https://bihar.inkhabar.com/desh-pradesh/bridge-collapse-sc-takes-strict-action-in-the-case-of-bridge-collapse-in-bihar-issues-notice-to-central-and-state-government/</link><pubDate>July 30, 2024, 2:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/QWE-1-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>पटना। बिहार में लगातार पुल गिरने की घटनाएं सामने आ रही है। जिसको लेकर सु्प्रीम कोर्ट ने सख्ती अपनाई है। एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। पुल गिरने को लेकर याचिका दायर की हाल ही में भारी वर्षा के कारण बि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में लगातार पुल गिरने की घटनाएं सामने आ रही है। जिसको लेकर सु्प्रीम कोर्ट ने सख्ती अपनाई है। एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुल गिरने को लेकर याचिका दायर की&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाल ही में भारी वर्षा के कारण बिहार में 10 पुलों के गिरने की खबर सामने आई है। इस पर एडवोकेट ब्रजेश सिंह ने याचिका दायर की थी। याचिका में बिहार के सभी मौजूदा और निर्माणधीन पुलों के हाई लेवल स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाने की मांग की गई है। साथ ही कमजोर हो चुके ढ़ांचों को ध्वस्त कर दोबारा बनाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त पुलों के गिरने की जांच के लिए एक हाई लेवल एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग भी याचिका के माध्यम से की गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस मामले में नोटिस जारी किया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने बिहार सरकार को इस मामले में नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भी इस मामले में नोटिस जारी किया है। ब्रजेश सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि एक के बाद एक लगातार पुलों के ढहने की खबर सामने आ रही है। पिछली गलतियतों से भी सबक नहीं सीखा गया। पुल जैसे अहम बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया गया है। ब्रजेश सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि यह महज दुर्घटनाएं नहीं बल्कि मानव निर्मित आपदाएं है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Reservation Policy: सुप्रीम कोर्ट से नीतीश सरकार को झटका, 65% आरक्षण आदेश पर रोक वाला फैसला रहेगा बरकरार</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-reservation-policy-shock-to-nitish-government-from-supreme-court-decision-banning-65-reservation-order-will-remain-intact/</link><pubDate>July 29, 2024, 6:40 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/download-2-11-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना : बिहार की नीतीश सरकार को आज सोमवार (29 जुलाई) को उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। बिहार में आरक्षण प्रतिशत को 65 प्रतिशत तक सीमित करने का पटना हाईकोर्ट का फैसला जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना &lt;/strong&gt;: बिहार की नीतीश सरकार को आज सोमवार (29 जुलाई) को उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। बिहार में आरक्षण प्रतिशत को 65 प्रतिशत तक सीमित करने का पटना हाईकोर्ट का फैसला जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह सितंबर में इस मामले की विस्तार से सुनवाई करेगी। पटना हाईकोर्ट ने आरक्षण प्रतिशत बढ़ाने के बिहार सरकार के फैसले को रद्द कर दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने अपने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में पिछड़े वर्गों के दाखिले में आरक्षण में इजाफा किया गया था। बिहार सरकार ने पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जनजाति समाज से आने वाले लोगों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए मिलने वाले आरक्षण की सीमा में 50 फीसदी से 65 फीसदी तक की छूट दी थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; पटना हाई कोर्ट में दायर हुई कई याचिका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जब बिहार सरकार ने आरक्षण की सीमा बढ़ाई तो इस संबंध में पटना हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष की संवैधानिक स्थिति को चुनौती दी गई। मार्च में हाईकोर्ट ने इस संबंध में दायर रिट याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद 20 जून को हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को बड़ा झटका देते हुए सरकारी नौकरियों और दाखिले में 65 फीसदी की सीमा को रद्द कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Article 370: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चिराग पासवान ने जताई खुशी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/chirag-paswan-expressed-happiness-on-the-decision-of-supreme-court/</link><pubDate>December 11, 2023, 11:42 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/7-5-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना संवैधानिक रूप से सही है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और भारत का संविधान जम्मू कश्मीर के संवि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना संवैधानिक रूप से सही है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और भारत का संविधान जम्मू कश्मीर के संविधान से ऊंचा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर एलजेपी आर के प्रमुख चिराग पासवान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हम लोगों को इस फैसले की उम्मीद थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट के फैसले का किया समर्थन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एलजेपी आर के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा, जम्मू-कश्मीर राज्य में अनुच्छेद 370 को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट से जो फैसला आया है इस पर हम खुश हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर को राज्य के रूप में बहाल करने को लेकर जो बातें कही हैं इस पर नरेंद्र मोदी सरकार पहले से ही कमिटेड है। सरकार जल्द चुनाव भी कराएगी। चिराग पासवान ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर सरकार के फैसले पर विपक्षी नेता बार-बार सवाल उठा रहे थे। हम लोगों ने हमेशा इस फैसले का समर्थन किया। सदन में जब इस प्रस्ताव को लाया गया था तब मैंने ही अपनी पार्टी की तरफ से मत रखते हुए इसका समर्थन किया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अनुच्छेद 370 पर उच्चतम न्यायालय का फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के सरकार के फैसले को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Teacher News : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अब बीएड डिग्रीधारी नहीं बन पाएंगे प्राथमिक शिक्षक</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-teacher-news-big-decision-of-supreme-court-now-b-ed-degree-holders-will-not-be-able-to-become-primary-teachers/</link><pubDate>November 1, 2023, 5:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/1-300x150.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में बीएड डिग्रीधारियों से जुड़ी हुई बड़ी ख़बर सामने आई है। दरअसल अब बीएड डिग्रीधारी प्राथमिक शिक्षक नहीं बन पाएंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बीएड डिग्रीधारियों को प्राथमिक शिक्षकों के पद पर नियुक्ति का अवसर दिए जाने से संबंधित या...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में बीएड डिग्रीधारियों से जुड़ी हुई बड़ी ख़बर सामने आई है। दरअसल अब बीएड डिग्रीधारी प्राथमिक शिक्षक नहीं बन पाएंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बीएड डिग्रीधारियों को प्राथमिक शिक्षकों के पद पर नियुक्ति का अवसर दिए जाने से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को फैसला सुनाया है। इस दौरान बीएड पास अभ्यर्थियों को कक्षा 1 से 5 तक शिक्षक नियुक्ति में शामिल करने की हो रही मांग और इसके परिणाम को लेकर दी गई चुनौती की याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस अनिरुद्ध बोस ने कहा कि 11 अगस्त के बाद से प्राथमिक स्कूलों में बीएड में पास हुए अभ्यर्थी शिक्षक नहीं बन पाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2 नवंबर को मिलेगा नियुक्ति पत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कि बिहार सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई थी। इसमें यह मांग की गई थी कि बीएड डिग्रीधारियों को प्राथमिक शिक्षकों के पद पर नियुक्ति का मौका मिलना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ बताया जा रहा है कि बीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा में सफल हुए शिक्षकों को गांधी मैदान में 2 नवंबर को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इसे लेकर शिक्षा विभाग द्वारा सभी प्रकार की आवश्यक तैयारी कर ली गई हैं। यहां पर शिक्षकों के चाय नाश्ते की भी व्यवस्था की गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम द्वारा प्रदान किया जाएगा नियुक्ति पत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि शिक्षा विभाग से मिली अधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 993 अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी किया गया है। वहीं मंगलवार तक 910 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार कराया गया है। इस साक्षात्कार में भाग लेने वाले अभ्यार्थियों को 2 नवंबर को गांधी मैदान में एक समारोह के दौरान नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इसे लेकर डीपीओ ने बताया कि 500 सफल शिक्षकों को पटना गांधी मैदान में सीएम के द्वारा नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। शेष अन्य लोगों को जहानाबाद गांधी मैदान में सांसद, विधायक, डीएम के द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कार्यक्रम को लेकर की जा रही है तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान पटना जाने वाले शिक्षकों के लिए 13 बसों की व्यवस्था की गई है। बताया जा रहा है कि जहानाबाद गांधी मैदान करीब 8 बजे से खुल जाएगा। वहीं पटना में 3 बजे सीएम के द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान करने का कार्य किया जाएगा। वहीं शेष बचे 410 लोगों को शहर के गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र मिलेगा। इस कार्यक्रम को लेकर गांधी मैदान में पूरी व्यवस्था कर ली गई है। गांधी मैदान में ही पंडाल भी बनाया जा रहा है। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि पंडाल में 500 लोगों की बैठने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही पंडाल में टीवी भी लगाया जाएगा, जिसपर सीएम के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होना है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मांझी ने लगाया बिहार सरकार पर आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं दूसरी ओर बिहार में चल रही शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया के संबंध में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया जा रहा है। बता दें कि मंगलवार को हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब हमारे राज्य में लाखों युवा बेरोजगार हैं, तो दूसरे राज्यों के प्रति मुख्यमंत्री जी इतने उदार क्यों हैं? बताया जा रहा है कि पटना में अपने सरकारी आवास पर आयोजित सरदार पटेल जयंती समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान मांझी ने ये बात कही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>B.Ed Row Hearing In SC: सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर की बीएड अभ्यर्थियों की याचिका, अब 3 नवंबर को होगी सुनवाई</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/b-ed-row-hearing-in-sc-supreme-court-approves-the-petition-of-b-ed-candidates-now-hearing-will-be-held-on-november-3/</link><pubDate>October 30, 2023, 8:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/3-22-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। सुप्रीम कोर्ट में आज सोमवार को बिहार बीएड के अभ्यर्थियों की सुनवाई की गई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में रिजल्ट पर स्टे लगाने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। वहीं अब इसकी सुनवाई चीफ जस्टिस वाली बेंच करेगी। बता दें कि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट में आज सोमवार को बिहार बीएड के अभ्यर्थियों की सुनवाई की गई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में रिजल्ट पर स्टे लगाने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। वहीं अब इसकी सुनवाई चीफ जस्टिस वाली बेंच करेगी। बता दें कि इस मामले की सुनवाई की तारीख 3 नवंबर कर दी गई है। याचिकाकर्ता दीपांकर गौरव ने इस बात की जानकारी दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रिट याचिका पेंडिंग होने के बावजूद धोखा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल बिहार प्रारंभिक युवा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपांकर गौरव ने याचिका दायर की है। बता दें कि दीपांकर गौरव ने बीएड अभ्यर्थियों की रिट याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी। दीपांकर गौरव का कहना है कि बीपीएससी ने रिट याचिका पेंडिंग होने के बावजूद बीएड अभ्यर्थियों के साथ धोखा किया है। बीएड और डीएलएड अभ्यर्थियों का रिजल्ट एक साथ जारी होना चाहिए था। अब सुप्रीम कोर्ट बीएड अभ्यर्थियों के साथ न्याय करेगा और इस बहाली में बीएड योग्यताधारियों को मौका दिया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अभ्यार्थियों के साथ सौतेला व्यवहार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार प्रारंभिक युवा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपांकर गौरव ने इससे पहले कहा था कि इस मामले पर अभी सुनवाई लंबित है। उन्होंने कहा था कि मुख्य न्यायाधीश वाली बेंच इस पर सुनवाई करेगी। इसी बीच में बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा प्राथमिक का रिजल्ट जारी कर दिया। इसे लेकर हम लोगों ने आयोग की तरफ से जारी किए गए प्रारंभिक शिक्षक के रिजल्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। दीपांकर गौरव ने आगे बताया कि बीएड अभ्यर्थियों को छांटकर प्रारंभिक के 72 हजार रिजल्ट सिर्फ डीएलएड अभ्यर्थियों के बीच में दे दिया गया है। ऐसा करके आयोग ने बीएड अभ्यर्थियों के साथ सौतेला सा व्यवहार किया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: सुप्रीम कोर्ट से बिहार सरकार को बड़ा झटका, जानिए क्या है कोर्ट का फैसला?</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-big-blow-to-bihar-government-from-supreme-court-know-what-is-the-decision-of-the-court/</link><pubDate>October 9, 2023, 11:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/6-2-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। शिक्षक बहाली के मामले में प्राइमरी टीचर के लिए बीएड की योग्यता पर रोक लगा दिया गया है। बताया जा रहा है कि अब राज्य सरकार नई याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है। सुप्रीम कोर्ट से बीएड अभ्यार्थियों को कोई राहत नहीं प्रदेश में 1 लाख 70 हजार...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;शिक्षक बहाली के मामले में प्राइमरी टीचर के लिए बीएड की योग्यता पर रोक लगा दिया गया है। बताया जा रहा है कि अब राज्य सरकार नई याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट से बीएड अभ्यार्थियों को कोई राहत नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदेश में 1 लाख 70 हजार से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने झटका दे दिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट से बीएड कैंडिडेट्स को कोई भी राहत नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई दूसरे बेंच को ट्रांसफर कर दी है। हालांकि, बिहार सरकार ने कहा है कि वह याचिका में बदलाव करेगी और नए सिरे से दूसरी याचिका दाखिल की जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह है पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राजस्थान में शिक्षक बहाली के मामले में प्राइमरी टीचर के लिए बीएड की योग्यता पर प्रतिबंध लगा दिया है। सिर्फ बीटीसी या डीएलएड डिग्री वाले छात्र ही कक्षा पांचवीं तक पढ़ाने के लिए पात्र माने जाएंगे। अहम बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला तब आया था जब बिहार में भी शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया चल रही थी। बता दें कि बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी ने लगभग दो सप्ताह पहले ये तय किया था कि बीएड पास अभ्यार्थी प्राइमरी टीचर नहीं बन पाएंगे। यहीं नहीं इसके बाद शिक्षक भर्ती में शामिल 3 लाख 90 हजार बीएड अभ्यार्थियों के रिजल्ट रोक दिया गया। वहीं बीपीएससी ने यह तय किया है कि सिर्फ डीएलएड पास उम्मीदवारों का ही रिजल्ट जारी किया जायेगा। बीपीएससी ने ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण लिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाईकोर्ट ने भी खारिज की थी दलील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि यह मामला पटना हाईकोर्ट में भी पहुंचा था। जहां पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार ने दलील दी थी कि बीएड वाले अभ्यार्थियों को प्राइमरी टीचर नहीं बनाने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिहार के संबंध में नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ये साफ नहीं हो रहा है कि बिहार में ये आदेश लागू होगा या नहीं। वहीं 22 सितंबर को पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार की इस दलील को खारिज कर दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिहार में भी लागू होगा। पटना हाईकोर्ट के इसी फैसले को आधार बना कर बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दी है। फिलहाल बिहार सरकार का यह मानना है कि बीएड पास अभ्यर्थियों को प्राइमरी टीचर के पद पर नियुक्ति करने की इजाजत दी जाए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार : सुप्रीम कोर्ट में गया बिहार जातीय सर्वे का मामला ,6 अक्टूबर को होगी इसकी सुनवाई</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%97/</link><pubDate>October 3, 2023, 6:04 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/2-2-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। सोमवार को गांधी जयंती के दिन बिहार सरकार ने जाति आधारित गणना कि रिपोर्ट जारी की थी। बताया जा रहा है कि अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है। 6 अक्टूबर को होगी मामले की सुनवाई बिहार में जाति आधारित सर्वे मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने रख...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सोमवार को गांधी जयंती के दिन बिहार सरकार ने जाति आधारित गणना कि रिपोर्ट जारी की थी। बताया जा रहा है कि अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;6 अक्टूबर को होगी मामले की सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार में जाति आधारित सर्वे मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा गया है। कोर्ट ने 6 अक्टूबर को सुनवाई की बात कही है। यह मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था। बता दें कि कोर्ट ने सर्वे के आंकड़े जारी करने पर कोई रोक नहीं लगाई। कोर्ट का कहना था कि वह रोक का आदेश विस्तृत सुनवाई के बाद ही देगा। दरअसल, इस मामले की सुनवाई आज मंगलवार को होनी थी और याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि बिहार सरकार ने जाति सर्वे के आंकड़े जारी कर दिए हैं। अब कोर्ट शुक्रवार (06 अक्टूबर) को इस मामले की सुनवाई करेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रिपोर्ट के अनुसार बिहार में किसकी कितनी जनसंख्या&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जाति आधारित गणना की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में सबसे अधिक हिंदुओं की संख्या पाई गई है। बता दें की इसमें में 81.99 प्रतिशत हिंदू हैं। हिंदुओं की संख्या 10 करोड़ 71 लाख 92 हजार 958 है। वहीं बिहार में मुस्लिम की संख्या 17.7% यानी 2 करोड़ 31 लाख 49 हजार 925 है। इसके अलावा ईसाई की संख्या 75238, सिख की संख्या 14753, बौद्ध की संख्या 111201 और जैन की संख्या 12523 है यानी 1% से भी कम है। वहीं बिहार के जातीय गणना के आंकड़े के अनुसार कुल जनसंख्या का 63 प्रतिशत हिस्सा ओबीसी, ईबीसी हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य की कुल जनसंख्या 13.07 करोड़ से कुछ अधिक है। इसमें अगर वर्गों की आबादी के बारे में बात करें तो सामान्य वर्ग – 15.52%,पिछड़ा वर्ग- 27.12%,अति पिछड़ा वर्ग – 36.1%,अनूसूचित जाति- 19.65% और अनूसचित जनजाति – 1.68% है। वहीं अगर बात करें कि किस में कितनी आबादी है तो ब्राह्मण- 3.67%, राजपूत- 3.45%, भूमिहार- 2.89%, कायस्थ – 0.60%, यादव – 14.26 %, कुरमी- 2.87%, तेली- 2.81%, मुसहर- 3.08% और सोनार-0.68% में हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए क्या है मामला ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, जाति जनगणना के आंकड़ों को जारी करने पर रोक लगाने के लिए पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बिहार सरकार के पक्ष में इसका फैसला सुनाया था और सरकार के इस कदम को कानूनी रूप से वैध बताया था। वहीं इसके बाद बिहार सरकार ने जाति गणना का कार्य शुरू कर दिया था। बताया जा रहा है कि पटना हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर और रिपोर्ट को फिलहाल जारी नहीं करने का अनुरोध किया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आज होगी जातीय आधारित गणना से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, पटना हाई कोर्ट के फैसले को दी गई है चुनौती</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/hearing-will-be-held-in-the-supreme-court-today-on-the-petitions-related-to-caste-based-census-the-decision-of-patna-high-court-has-been-challenged/</link><pubDate>September 6, 2023, 10:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। सुप्रीम कोर्ट आज पटना उच्च न्यायालय के बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करने के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा। केंद्र सरकार ने हलफनामा वापस ले लिया था शीर्ष अदालत की वेबसा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट आज पटना उच्च न्यायालय के बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करने के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्र सरकार ने हलफनामा वापस ले लिया था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शीर्ष अदालत की वेबसाइट अनुसार न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की पीठ मामले की सुनवाई जारी रखेगी। पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा वापस ले लिया था, जिसमें कहा गया कि उसके अलावा जनगणना जैसी प्रक्रिया करने का हकदार कोई और नहीं है। केंद्रीय गृह मंत्रालय में रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय द्वारा दायर नए हलफनामे में यह कहते हुए पैराग्राफ को वापस ले लिया गया कि संविधान के तहत या अन्यथा कोई अन्य निकाय जनगणना या जनगणना के समान कोई और कार्रवाई करने का हकदार नहीं है। पिछली सुनवाई में जब केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि वह संवैधानिक और कानूनी स्थिति को रिकॉर्ड पर रखना चाहते हैं। तब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की अनुमति दी थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शीर्ष अदालत में याचिकाकर्ताओं की दलीलें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शीर्ष अदालत के सामने याचिकाकर्ताओं ने यह दलीलें दी थी कि सर्वेक्षण प्रक्रिया गोपनीयता के कानून का उल्लंघन करती है और केवल केंद्र सरकार के पास ही भारत में जनगणना करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के पास जाति आधारित जनगणना के संचालन पर निर्णय लेने और उसे अधिसूचित करने का कोई अधिकार नहीं है। शीर्ष अदालत ने सर्वेक्षण प्रक्रिया या सर्वेक्षण के परिणामों के प्रकाशन पर रोक लगाने के लिए कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था, हालांकि यह तर्क दिया गया था कि डेटा के प्रकाशन के बाद मामला व्यर्थ ही हो जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ट्रांसजेंडर समुदाय &amp;#8216;लिंग&amp;#8217; की बजाय &amp;#8216;जाति&amp;#8217;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नीतीश कुमार की राज्य सरकार ने कहा है कि बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और जल्दी ही परिणाम सार्वजनिक हो जाऐंग। राज्य की जाति सर्वेक्षण प्रक्रिया में ट्रांसजेंडर समुदाय को &amp;#8216;लिंग&amp;#8217; की श्रेणी के बजाय &amp;#8216;जाति&amp;#8217; के रूप में वर्गीकृत करने के बिहार सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत के सामने एक और याचिका दायर की गई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बीएड वाले अब नहीं बन सकेंगे प्राथमिक स्कूल में टीचर, SC के फैसले का BPSC बिहार शिक्षक भर्ती पर क्या पड़ेगा असर?</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/ed-people-will-no-longer-be-able-to-become-teachers-in-primary-schools-what-will-be-the-effect-of-scs-decision-on-bpsc-bihar-teacher-recruitment/</link><pubDate>August 12, 2023, 1:38 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/teacher-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जून 2023 में राज्य में शिक्षक पदों पर कुल 170461 रिक्तियां निकाली गयी थी। इस परीक्षा से संबंधित जरुरी नोटिफिकेशन अब बीपीएससी ने जारी किया है। दरअसल B.Ed vs BSTC विवाद मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने ब...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जून 2023 में राज्य में शिक्षक पदों पर कुल 170461 रिक्तियां निकाली गयी थी। इस परीक्षा से संबंधित जरुरी नोटिफिकेशन अब बीपीएससी ने जारी किया है। दरअसल B.Ed vs BSTC विवाद मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। जिसमें BSTC करने वाले उम्मीदवारों को राहत देते हुए B.Ed धारकों को प्राथमिक विद्यालय में टीचर बनने के लिए अपात्र घोषित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला राजस्थान में आये हुए एक मामले को लेकर आया है लेकिन इसका असर अन्य राज्यों में भी पड़ सकता है। जल्द ही बिहार में एक लाख 70 हज़ार शिक्षकों की भर्ती होने वाली है तो इस फैसले का सीधा असर उनके ऊपर भी पड़ेगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बिहार शिक्षक भर्ती पर असर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;मालूम हो कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने जून 2023 में शिक्षकों के लिए 170461 पदों पर रिक्तियां निकाली थी। जिसमें प्राइमरी टीचर यानी कक्षा 1 से 5 तक के कुल 79943 पद, टीजीटी टीचर कक्षा 9-10 के 32916 पद और पीजीटी टीचर यानी कक्षा 11-12 तक के 57602 पद शामिल हैं। इसमें से कक्षा 1 से 5 तक के लिए 7.4 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है जिसमें B.Ed वालों की संख्या 5 लाख के करीब है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नया नोटिस जारी नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;अब बिहार में कक्षा 1 से 5 तक नियुक्ति के लिए बीएड डिग्री वालों के सामने यह शर्त है कि उन्हें नियुक्ति के 2 साल के अंदर 6 महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा। वर्तमान में BPSC ने भर्ती के लिए जो प्रक्रिया लागू किया है। उसमें यहीं प्रावधान लागू है। आयोग ने अभी इससे संबंधित कोई नया नोटिस जारी किया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आनंद मोहन की रिहाई पर SC ने जारी किया नोटिस, बिहार सरकार से मांगा जवाब</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/sc-issues-notice-on-anand-mohan-release-seeks-response-from-bihar-government-prince-singh/</link><pubDate>May 8, 2023, 8:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/aanad-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना: आनंद मोहन की रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने सहरसा के एसपी और बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने जारी नोटिस का जवाब एक हफ्ते के अंदर मांगा है. आनंद मोहन की रिहाई को लेकर जी. कृष्णैया की पत्नी न...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: आनंद मोहन की रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने सहरसा के एसपी और बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने जारी नोटिस का जवाब एक हफ्ते के अंदर मांगा है. आनंद मोहन की रिहाई को लेकर जी. कृष्णैया की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. जिसपर कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आज होने वाली थी सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है. जी. कृष्णैया की पत्नी उमा देवी ने आनंद मोहन की रिहाई के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. ये सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जे.के. माहेश्वरी की बेंच करने वाली है.&lt;br&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या फिर जाएंगे जेल ?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गोपालगंज के डीएम जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में आनंद मोहन को उम्रकैद की सजा मिली थी, लेकिन जेल नियमों में बदलाव कर बिहार सरकार ने उन्हें रिहा कर दिया, जिस पर नीतीश सरकार की खूब आलोचना भी हुई. इसके साथ ही जी. कृष्णैया की बेटी और पत्नी ने नीतीश कुमार से आग्रह किया कि वो इस फैसले पर पुर्नविचार करें. उन्होंने कहा था कि अगर नीतीश सरकार अपने फैसले को नहीं बदलती है तो वो सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1994 की है घटना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;5 दिसंबर 1994 को मुजफ्फरपुर में गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया की हत्या हुई थी. इस मामले में आनंद मोहन सिंह को दोषी पाया गया था. जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में आनंद मोहन को पहले फांसी की सजा हुई थी, लेकिन बाद में उसे उम्रकैद की सजा में तब्दील कर दिया गया था.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रिहाई के लिए बदला नियम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;साल 2012 में बिहार कारा अधिनियम में कुछ बदलाव किए गए थे, जिसके अनुसार अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी अधिकारी की हत्या में दोषी पाया जाता है तो सजा पूरी होने के बाद भी उसकी रिहाई का प्रवाधान नहीं था, लेकिन अप्रैल 2023 में नीतीश सरकार ने कारा अधिनियम में बदलाव करते हुए आनंद मोहन के साथ 26 अन्य कैदियों को रिहा कर दिया था.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: मनीष कश्यप की सुनवाई से SC  ने किया इंकार, कहा हाईकोर्ट जाइए</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/sc-refuses-to-hear-manish-kashyap-says-go-to-high-court-prince-singh/</link><pubDate>May 8, 2023, 6:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/manish-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: यूट्यूबर मनीष कश्यप को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. डीवााई चंद्रचूड़ की पीठ ने मनीष कश्यप की सुनवाई से इंकार कर दिया है. बता दें कि मनीष कश्यप ने केस क्लब करने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पहले हाईकोर्ट में जाकर सुनवाई करिए....</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; यूट्यूबर मनीष कश्यप को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. डीवााई चंद्रचूड़ की पीठ ने मनीष कश्यप की सुनवाई से इंकार कर दिया है. बता दें कि मनीष कश्यप ने केस क्लब करने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पहले हाईकोर्ट में जाकर सुनवाई करिए. मनीष कश्यप केस की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है. &lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आज होने वाली थी सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की पिटाई की फेक खबरें और वीडियो वायरल करने के मामले में जेल में बंद बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप केस में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है. आज की सुनवाई में तमिलनाडु सरकार सुप्रीम कोर्ट में इसका जवाब देगी कि किस आधार पर मनीष कश्यप पर NSA लगाया गया है. बता दें इससे पहले 28 अप्रैल की सुनवाई में कोर्ट ने सरकार से ये सवाल पूछा था कि मनीष कश्यप पर NSA क्यों लगाया गया है, जिस पर सरकार की ओर से कुछ दिनों का समय मांगा गया था.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मनीष की तीन मांगें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;मनीष कश्यप केस में सुप्रीम कोर्ट में आज तीन अहम मुद्दों पर सुनवाई होने वाली है. पिछली सुनवाई के दौरान मनीष कश्यप की ओर से तीन मांगें की गई थीं, जिनमें NSA एक्ट हटाने, रेगुलर बेल देने और कई राज्यों में दर्ज केसों को क्लब करने की मांग शामिल है. इस केस की सुनवाई उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति नरसिम्हा की पीठ द्वारा की जा रही है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मनीष पर दर्ज हैं 6 केस&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इससे पहले मनीष कश्यप पर NSA लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया था. साथ ही मनीष कश्यप को मदुरै जेल से कही और शिफ्ट ना करने का निर्देश भी दिया गया था. बता दें, फेक न्यूज फैलाने के मामले में कई राज्यों में मनीष कश्यप के ऊपर 6 केस दर्ज किए गए हैं&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: मनीष कश्यप केस में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, तमिलनाडु सरकार बताएगी क्यों लगाया NSA ?</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/hearing-in-supreme-court-today-in-manish-kashyap-case-tamil-nadu-government-will-explain-why-nsa-was-imposed-prince-singh-inkhabar/</link><pubDate>May 8, 2023, 3:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/manish-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की पिटाई की फेक खबरें और वीडियो वायरल करने के मामले में जेल में बंद बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप केस में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है. आज की सुनवाई में तमिलनाडु सरकार सुप्रीम कोर्ट में इसका जवाब देग...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की पिटाई की फेक खबरें और वीडियो वायरल करने के मामले में जेल में बंद बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप केस में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है. आज की सुनवाई में तमिलनाडु सरकार सुप्रीम कोर्ट में इसका जवाब देगी कि किस आधार पर मनीष कश्यप पर NSA लगाया गया है. बता दें इससे पहले 28 अप्रैल की सुनवाई में कोर्ट ने सरकार से ये सवाल पूछा था कि मनीष कश्यप पर NSA क्यों लगाया गया है, जिस पर सरकार की ओर से कुछ दिनों का समय मांगा गया था.  &lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मनीष की तीन मांगें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;मनीष कश्यप केस में सुप्रीम कोर्ट में आज तीन अहम मुद्दों पर सुनवाई होने वाली है. पिछली सुनवाई के दौरान मनीष कश्यप की ओर से तीन मांगें की गई थीं, जिनमें NSA एक्ट हटाने, रेगुलर बेल देने और कई राज्यों में दर्ज केसों को क्लब करने की मांग शामिल है. इस केस की सुनवाई उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति नरसिम्हा की पीठ द्वारा की जा रही है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्यों लगा NSA ?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इससे पहले मनीष कश्यप पर NSA लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया था. साथ ही मनीष कश्यप को मदुरै जेल से कही और शिफ्ट ना करने का निर्देश भी दिया गया था. बता दें, फेक न्यूज फैलाने के मामले में कई राज्यों में मनीष कश्यप के ऊपर 6 केस दर्ज किए गए हैं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच ने दिया आदेश, जातिगत जनगणना पर लगी रोक</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/justice-vinod-chandrans-bench-ordered-ban-on-caste-census-prince-singh-inkhabar-bihar/</link><pubDate>May 4, 2023, 9:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-69-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार में चल रहे जातिगत जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है. गुरुवार को जातीय जनगणना पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि . बता दें कि सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही मामल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;पटना: बिहार में चल रहे जातिगत जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है. गुरुवार को जातीय जनगणना पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि . बता दें कि सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही मामले में अपनी दलील दे रहे थे, लेकिन पटना हाईकोर्ट ने जाति जनगणना पर रोक लगा दी है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;हाईकोर्ट ने लगाई रोक&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई 3 जुलाई को होनी है. इसके साथ ही तब तक कोई डेटा सामने नहीं आएगा. इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील ने जानकारी दी कि तीन जुलाई से इस मामले पर डिटेल में सुनवाई की जाएगी. इसके साथ ही कोर्ट के इस फैसले से नीतीश कुमार को बहुत बड़ा झटका लगा है. ऐसे में ये देखना होगा कि जुलाई के बाद इस मामले में क्या कुछ होता है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गुरुवार को कोर्ट ने लगाई रोक&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आज पटना हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने राज्य में जातिगत जनगणना पर रोक लगा दी है। बता दें कि पटना उच्च न्यायलय ने जनगणना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>पटना हाईकोर्ट ने जातीय गणना पर नीतीश सरकार से पूछे कई सवाल, फैसले की तारीख हुई तय</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/patna-high-court-asked-many-questions-to-nitish-government-on-caste-enumeration-date-of-decision-fixed/</link><pubDate>May 3, 2023, 2:52 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-38-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार में एक तरफ जहाँ इस वक़्त जातीय गणना का काम जोर-शोर से चल रहा है। तो दूसरी तरफ इसे रोकने के लिए पटना हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। जिसे लेकर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई भी पूरी हुई। पिछले दो दिनों से दोनों पक्ष के वकील दलील पेश कर रहे थ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; बिहार में एक तरफ जहाँ इस वक़्त जातीय गणना का काम जोर-शोर से चल रहा है। तो दूसरी तरफ इसे रोकने के लिए पटना हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। जिसे लेकर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई भी पूरी हुई। पिछले दो दिनों से दोनों पक्ष के वकील दलील पेश कर रहे थे। दोनों तरफ की दलील सुनने के बाद पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाने की तारीख तय की है। वहीँ कोर्ट ने सुनवाई के दौरान नीतीश सरकार से कई सवाल किए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट ने सरकार से पूछा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;क्या आर्थिक सर्वेक्षण कराना क़ानूनी बाध्यता है ?&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;जातीय गणना कराना सरकार के अधिकार क्षेत्र में है या नहीं ?&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;जातीय गणना कराने का उद्देश्य क्या है ?&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;क्या जातीय गणना को लेकर कोई कानून भी बनाया गया है ?&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट में सरकार की दलील&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;सरकार की तरफ से कोर्ट में दलील देते हुए महाधिवक्ता पीके शाही ने कहा कि जन कल्याण की योजनाओं के लिए ये गणना कराया जा रहा है। और जातीय गणना का फैसला बिहार के दोनों सदन बिहार विधानसभा और विधानपरिषद से प्रस्ताव पारित होने के बाद लिया गया है। ये राज्य सरकार का नीतिगत फैसला है। और इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। वहीँ इस गणना से सरकार को गरीबों के लिए योजना बनाने में आसानी होगी।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दाखिल की गई थी याचिका&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि जातीय गणना कराने को लेकर सरकार के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट में याचिका दाखिल कर इस पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार के पास जातियों की गिनती करने का अधिकार नहीं है। सरकार का यह फैसला संविधान का उल्लंघन कर रही है। याचिका में ये भी कहा गया है कि सरकार जातिगत गणना में लोगों की जाति के साथ-साथ उनके कामकाज और योग्यता की भी जानकारी मांग रही है। जो उनके गोपनीयता के अधिकार का हनन है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: बेटे के तिलक समारोह से आनंद मोहन की तस्वीरें आईं सामने</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/pictures-of-anand-mohan-surfaced-from-sons-tilak-ceremony-prince-singh/</link><pubDate>May 1, 2023, 9:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-61-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई पर रार छिड़ा हुआ है. आनंद मोहन की रिहाई को लेकर लगातार राज्य का सियासी पारा हाई है. आज सुबह खबर आई कि जी. कृष्णैया की पत्नी ने आनंद मोहन की रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिया है....</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई पर रार छिड़ा हुआ है. आनंद मोहन की रिहाई को लेकर लगातार राज्य का सियासी पारा हाई है. आज सुबह खबर आई कि जी. कृष्णैया की पत्नी ने आनंद मोहन की रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिया है. इसको लेकर 8 मई को सुनवाई भी होने वाली है. इसी बीच आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद के तिलक की तस्वीरें सामने आई हैं.&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full is-resized&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; src=&quot;https://www.inkhabarbihar.com/wp-content/uploads/2023/05/image.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-2634&quot; width=&quot;720&quot; height=&quot;540&quot; srcset=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/image.png 720w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/image-300x225.png 300w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/image-150x113.png 150w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/image-696x522.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 720px) 100vw, 720px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;चेतन आनंद की शादी की तस्वीरें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि आनंद मोहन अपने बेटे की शादी में रस्मों को अदा कर रहे हैं. बता दें कि चेतन आनंद की 3 मई को शादी होने वाली है. इस शादी में बेहद कम लोगों को बुलाया गया है. काफी हद तक शादी को प्राइवेट रखने की कोशिश की गई है. रविवार के दिन चेतन आनंद की शादी की रस्में हुईं. जिसमें देखा जा सकता है कि आनंद मोहन बेटे को आशिर्वाद देते नजर आ रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://www.inkhabarbihar.com/wp-content/uploads/2023/05/Untitled-design-2.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-2636&quot; srcset=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/Untitled-design-2.png 790w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/Untitled-design-2-300x169.png 300w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/Untitled-design-2-768x432.png 768w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/Untitled-design-2-150x84.png 150w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/Untitled-design-2-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आठ मई को होगी सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के बाद से लागातार उनकी रिहाई को लेकर सवाल उठाया जा रहा था. इस मामले को लेकर राज्य की नीतीश सरकार भी सवालों के घेरे में आ रही है. इस मामले में अब जानकारी सामने आ रही है कि आनंद मोहन की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट में 8 मई को सुनवाई होने वाली है. डीएम जी. कृष्णैया की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में उनके रिहाई को चुनौती दी थी. इस मामले में शीर्ष आदालत 8 मई को सुनवाई करने वाली है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रिहाई के फैसले पर लगेगा रोक?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गोपालगंज के डीएम जी. कृष्णैया के हत्या के मामले सजा काट रहे आनंद मोहन को बीते दिनों जेल से रिहा कर दिया गया. इस मामले में जी. कृष्णैया की पत्नी ने शीर्ष आदालत में उनकी रिहाई को चुनौती दी थी. इस मामले में अब 8 मई को सुनवाई होने वाली है. इसके साथ ही बताया जा रहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट उनकी रिहाई के फैसले पर रोक लगा देती है तो आनंद मोहन को एक बार फिर से जेल जाना पड़ सकता है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: आनंद मोहन की रिहाई पर 8 मई को होने वाली है सुनवाई, फिर जाएंगे जेल?</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/hearing-on-the-release-of-anand-mohan-is-going-to-be-held-on-may-will-go-to-jail-again-prince-singh/</link><pubDate>May 1, 2023, 6:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-60-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के बाद से लागातार उनकी रिहाई को लेकर सवाल उठाया जा रहा था. इस मामले को लेकर राज्य की नीतीश सरकार भी सवालों के घेरे में आ रही है. इस मामले में अब जानकारी सामने आ रही है कि आनंद मोहन की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के बाद से लागातार उनकी रिहाई को लेकर सवाल उठाया जा रहा था. इस मामले को लेकर राज्य की नीतीश सरकार भी सवालों के घेरे में आ रही है. इस मामले में अब जानकारी सामने आ रही है कि आनंद मोहन की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट में 8 मई को सुनवाई होने वाली है. डीएम जी. कृष्णैया की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में उनके रिहाई को चुनौती दी थी. इस मामले में शीर्ष आदालत 8 मई को सुनवाई करने वाली है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रिहाई के फैसले पर लगेगा रोक?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गोपालगंज के डीएम जी. कृष्णैया के हत्या के मामले सजा काट रहे आनंद मोहन को बीते दिनों जेल से रिहा कर दिया गया. इस मामले में जी. कृष्णैया की पत्नी ने शीर्ष आदालत में उनकी रिहाई को चुनौती दी थी. इस मामले में अब 8 मई को सुनवाई होने वाली है. इसके साथ ही बताया जा रहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट उनकी रिहाई के फैसले पर रोक लगा देती है तो आनंद मोहन को एक बार फिर से जेल जाना पड़ सकता है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>मनीष कश्यप पर NSA लगाने के सवाल पर तमिलनाडु सरकार ने SC में दिया जवाब, कहा-FIR रद्द नहीं कर सकते</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/on-the-question-of-imposing-nsa-on-manish-kashyap-the-tamil-nadu-government-replied-in-the-sc-said-that-the-fir-cannot-be-canceled/</link><pubDate>April 28, 2023, 9:50 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-20-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना: यूट्यूबर मनीष कश्यप पर NSA लगाने और उनकी गिरफ्तारी के मामले की सुनवाई आज यानी कि 28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में हुई। जहाँ तमिनलाडु की सरकार ने अपना जवाब चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ और पीएस नरसिम्हा के सामने रखा। जिसमें बताया गया क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; यूट्यूबर मनीष कश्यप पर NSA लगाने और उनकी गिरफ्तारी के मामले की सुनवाई आज यानी कि 28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में हुई। जहाँ तमिनलाडु की सरकार ने अपना जवाब चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ और पीएस नरसिम्हा के सामने रखा। जिसमें बताया गया की आखिर मनीष कश्यप पर NSA क्यों लगाया गया ?&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;तमिलनाडु सरकार ने क्या कहा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;तमिलनाडु सरकार ने मनीष कश्यप के मामले का जवाब देते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक एफिडेविट दाखिल किया। जिसमें NSA लगाने की वजह बताई गयी है। सरकार ने कहा कि मनीष कश्यप के खिलाफ दर्ज़ FIR को रद्द नहीं किया जा सकता है। और न ही उन पर लगे NSA को, क्योंकि मनीष कश्यप ने तमिलनाडु में बिहार के प्रवासियों की पिटाई कर हत्या की बात करते हुए गलत वीडियो बनाए और उसके बैकग्राउंड में फ़र्ज़ी वीडियो का भी इस्तेमाल किया गया।&lt;br&gt;तमिलनाडु सरकार ने कहा कि जब मनीष कश्यप तमिलनाडु आये तो उन्होंने तमिलनाडु में रह रहे बिहारियों से जानबूझकर उकसाने वाले सवाल किए। उनके सवालों में वैमनस्य का दृष्टिकोण साफ तौर पर जाहिर हो रहा था।&lt;br&gt;इसके साथ ही सरकार ने कहा कि मनीष कश्यप ने जानबूझकर वीडियो से छेड़छाड़ की और फेक न्यूज़ फैलाए, क्योंकि सांप्रदायिक हिंसा भड़काना उनका मकसद था।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मनीष कश्यप की सुप्रीम कोर्ट से मांग&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि यूट्यूबर मनीष कश्यप ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। जिसमे बिहार और तमिलनाडु में अपने ऊपर दर्ज़ हुए FIR को क्लब करने की मांग के साथ जमानत की भी मांग की है। गौरतलब हो कि मनीष कश्यप को पहले बिहार पुलिस ने गिरफ्तार किया था, उसके बाद तमिलनाडु को सौंप दिया था। मनीष कश्यप पर दोनों राज्यों में कुल 6 FIR दर्ज़ है। जिसमें फेक न्यूज़ फैलाने और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का आरोप लगा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>सुप्रीम कोर्ट का बिहार सरकार से सवाल, क्या शराबबंदी कानून लागू होने के बाद खपत कम हुई ?</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/supreme-courts-question-to-the-bihar-government-did-the-consumption-decrease-after-the-prohibition-law-was-implemented-prince-singh-inkhabar/</link><pubDate>April 13, 2023, 8:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/lkd-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए बिहार सरकार से पूछा कि क्या सरकार के पास ऐसा कोई डाटा है, जिससे यह पता लग सके कि शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से राज्य में शराब की खपत में कितनी कमी आई है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम राज्य...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए बिहार सरकार से पूछा कि क्या सरकार के पास ऐसा कोई डाटा है, जिससे यह पता लग सके कि शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से राज्य में शराब की खपत में कितनी कमी आई है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम राज्य सरकार की मंशा पर कोई सवाल खड़ा नहीं कर रहे हैं, लेकिन हमें जमानत के लिए जो याचिकाएं मिल रही हैं उनमें से कई सारी शराबबंदी कानून से जुड़ी हैं.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट में आ रही हैं याचिकाएं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बुधवार को जस्टिस केएम जोसेफ, कृष्ण मुरारी और बीवी नागरत्ना की पीठ ने शराबबंदी से जुड़े एक मामले पर सवाल उठाया. बेंच ने अनिल कुमार को अग्रिम जमानत देने पर सवाल खड़ा किया. साल 2015 में मधुबनी जिले के निवासी अनिल कुमार की कार से 25 लीटर से अधिक विदेशी शराब पकड़ा गया था. इस मामले में राज्य के वकील की दलिलों को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनपर सवाल खड़ा किया.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शराबबंदी से क्या खपत कम हुई ?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पीठ ने कहा कि क्या आप जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में बिहार से जमानत के लिए कितनी याचिकाएं आ रही हैं ? इसका बड़ा हिस्सा शराबबंदी कानून से जुड़ा हुआ है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि क्या राज्य सरकार के पास ऐसा कोई डाटा है, जिससे यह साबित हो सके कि शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से बिहार में शराब की खपत में कमी आई है.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>