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       <title>Today Shivanand Tiwari News | Latest Shivanand Tiwari News | Breaking Shivanand Tiwari News in English | Latest Shivanand Tiwari News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Shivanand Tiwari समाचार:Today Shivanand Tiwari News ,Latest Shivanand Tiwari News,Aaj Ka Samachar ,Shivanand Tiwari समाचार ,Breaking Shivanand Tiwari News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/shivanand-tiwari</link>
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        <language>hi</language>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Shivanand Tiwari Arrest: RJD नेता शिवानंद तिवारी को एक साल की सजा , जानें पूरा मामला</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/rjd-leader-shivanand-tiwari-sentenced-to-one-year-imprisonment-know-the-whole-matter/</link><pubDate>December 6, 2023, 10:33 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/8-2.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में इस समय सियासत गरमाई हुई है। इसी बीच राजद नेता शिवानंद तिवारी का JDU कोटे के मंत्री संजय झा को अपशब्द कहना काफी भारी पड़ा है। मानहानि के केस में शिवानंद तिवारी को एक साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में इस समय सियासत गरमाई हुई है। इसी बीच राजद नेता शिवानंद तिवारी का JDU कोटे के मंत्री संजय झा को अपशब्द कहना काफी भारी पड़ा है। मानहानि के केस में शिवानंद तिवारी को एक साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। बता दें कि मंगलवार को पटना के MP-MLA कोर्ट में मानहानि केस को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने राजद नेता को दोषी पाया है। इस मामले की जानकारी संजय झा के वकील मधुकर आनंद ने दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कि ये पूरा मामला वर्ष 2018 का है। जिस वक्त बिहार में जेडीयू और बीजेपी गठबंधन की सरकार थी और राजद विपक्ष में। उस समय शिवानंद तिवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और संजय झा के बीच के रिश्तों पर तंज कसते हुए अपशब्द कहे थे। जिसे संजय झा ने काफी गंभीरता से लेते हुए शिवानंद तिवारी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट ने दी राहत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस संबंध में संजय झा के वकील मधुकर आनंद ने जानकारी दी कि साल 2019 में यह केस ट्रायल पर आया था। जिसके बाद लगातार सुनवाई की गई। यही नहीं इस मामले में मंगलवार को भी 15 मिनट तक ये सुनवाई चली। मधुकर आनंद ने कहा कि शिवानंद को सजा सुनाने के बाद राहत भी दे दी गई है, जिससे उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा। कोर्ट ने उनके वकील की अर्जी पर 21 दिनों का प्रोविजनल बेल दे दिया है। अब उन्हें डिस्ट्रिक्ट जज के यहां रेगुलर बेल के लिए अप्लाई करना पड़ेगा। इसके साथ ही 30 दिनों के अंदर रेगुलर बेल लेना पड़ेगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>RJD Reaction: नीतीश कुमार के तंज पर भड़के शिवानंद तिवारी, सीएम को दी नसीहत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/rjd-reaction-shivanand-tiwari-angry-at-nitish-kumars-taunt-gives-advice-to-cm/</link><pubDate>November 27, 2023, 1:14 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/13-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। राजधानी पटना में जेडीयू की तरफ से भीम संसद का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान सीएम नीतीश कुमार ने इशारों-इशारों में आरजेडी सरकार पर निशाना साधा। अब इसे लेकर आरजेडी ने आपत्ति जताई है। सीएम के इस बयान पर आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ना...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; राजधानी पटना में जेडीयू की तरफ से भीम संसद का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान सीएम नीतीश कुमार ने इशारों-इशारों में आरजेडी सरकार पर निशाना साधा। अब इसे लेकर आरजेडी ने आपत्ति जताई है। सीएम के इस बयान पर आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी नाराज हैं। उन्होंने कहा कि हर नेता को यही लगता है कि जब वह सत्ता में आया तब सब काम हुआ। नीतीश आज कल लालू-राबड़ी शासन काल पर सवाल उठाते रहते हैं। 1990 में जब लालू सीएम बने थे तो उन्होंने समाज को बदलने का काम किया था। 90 के दशक से पहले पिछड़ा, अति पिछड़ा और दलित वर्ग, सवर्ण जाति के लोगों को सलाम करता था। वो लोग चुनाव में वोट डालने नहीं जाते थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिवानंद तिवारी ने गिनवाए लालू यादव के कार्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लालू यादव के सीएम बनने के बाद दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा को ताकत मिली और उनका उत्थान हुआ। उन्होंने आगे कहा कि लालू यादव ने पटना में दलित भवन बनवाया। इसके साथ ही डोम टोली पटना में बसाया। तब सवर्ण जातियों ने इसका विरोध किया था। लालू ने काफी काम किया था इसलिए नीतीश कुमार सीएम बने। नीतीश को और आगे बढ़ने का मौका मिला। नीतीश को बिहार में रोजगार पर ध्यान देना चाहिए। बिहार मजदूरों का सप्लायर हो गया है। बिहार से हर राज्य में मजदूर काम करने जाते हैं। नौकरी को लेकर जो प्रवास किया जा रहा है, इसके बारे में सोचने की जरुरत है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नीतीश ने माना तेजस्वी का एजेंडा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान आरजेडी नेता ने कहा कि 2020 का बिहार विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार एनडीए में रहकर लड़े थे। महागठबंधन तेजस्वी के नेतृत्व में लड़ा था। तेजस्वी यादव ने कहा था कि हम सरकार में आएंगे तो 10 लाख रोजगार दिया जाएगा। शिवानंद तिवारी ने कहा कि बिहार में जब पिछले साल महागठबंधन सरकार बन गई तो तेजस्वी यादव अपने वादे को पूरा करने में जुट गए। तेजस्वी यादव के एजेंडे को नीतीश ने भी माना। नीतीश ने कहा कि मैं भी अलग से 10 लाख रोजगार दूंगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भीम संसद में क्या बोले नीतीश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि रविवार को जेडीयू की भीम संसद कार्यक्रम के दौरान सीएम नीतीश ने अपने संबोधन में 2005 से पहले के बिहार का जिक्र किया था। उन्होंने साल 2005 से पहले के बिहार की कानूनी व्यवस्था काे बारे में बताते हुए कहा कि हमने बहुत काम किया है। साल 2005 से पहले तक कोई शाम को घर से बाहर नहीं निकलता था। जब हम आए तो सब सही किया। अब देर रात भी लोग बिना डरे घूमते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: मनोज झा के समर्थन में आए वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी, कहा- चेतन आनंद को समझ नहीं है, वह बच्चा है</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-senior-leader-shivanand-tiwari-came-in-support-of-manoj-jha-said-chetan-anand-does-not-understand-he-is-a-child/</link><pubDate>September 28, 2023, 6:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/2-6-300x219.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। सदन में सांसद मनोज झा द्वारा पढ़ी गई कविता का जमकर विरोध किया जा रहा है। वहीं अब आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी उनके समर्थन में आए हैं। वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी आए समर्थन में सांसद मनोज झा ने सदन में &amp;#8216;ठाकुरों&amp;#8217; वाली कवि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सदन में सांसद मनोज झा द्वारा पढ़ी गई कविता का जमकर विरोध किया जा रहा है। वहीं अब आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी उनके समर्थन में आए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी आए समर्थन में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सांसद मनोज झा ने सदन में &amp;#8216;ठाकुरों&amp;#8217; वाली कविता के जरिए जो कहा है फिलहाल तो हर तरफ उसका विरोध दिखाई दे रहा है। वही आरजेडी इसके समर्थन में उतरी है। बताया जा रहा है कि आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि चेतन आनंद को समझ नहीं है। वह बच्चा है। उन्होंने कहा कि मनोज झा के भाषण को हमने भी सुना है और जिस कविता का पाठ मनोज झा ने किया है हम उसके प्रशंसक हैं। यह मेरे मोबाइल में डाउनलोड भी है। बता दें कि शिवानंद तिवारी ने बुधवार को इस बारे में बातचीत की है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चेतन अभी बच्चे हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि इस कविता में दर्द है कि हमारा कुछ नहीं है धरती पर, जो कुछ है ठाकुर का है। यह जो ठाकुर है वह प्रतीक है। मनोज झा ने ये भी कहा कि मेरे अंदर भी ठाकुर है, मतलब कि जो सामंती भाव है ऊंची जातियों में चाहे राजपूत हो, भूमिहार हो या ब्राह्मण हो उसके बारे में कह रहे हैं। शिवानंद तिवारी ने कहा कि ओमप्रकाश वाल्मीकि जी ने एक से एक कहानियां लिखी हैं। चेतन बच्चा है। चेतन हमारे लड़के की उम्र से भी कम का है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या बोले शिवानंद तिवारी ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं ये सवाल करने पर की आनंद मोहन ने भी मनोज झा के इस बयान का विरोध किया है तो इस पर शिवानंद तिवारी ने जवाब दिया कि हमने उनका बयान नहीं सुना है। हमने उनके लड़के का बयान सुना है। हम यह सोचते हैं कि ठाकुर का मतलब उसने राजपूत को ले लिया है, जबकि ठाकुर का मतलब है वो सामंती मिजाज। इसमें दलितों में भी जो दलित है उसके बारे में कविता के जरिए पीड़ा को बयां किया जा रहा है। उसी संदर्भ में मनोज झा ने बात कही थी। शिवानंद तिवारी ने कहा कि पार्टी के अंदर कोई विवाद नहीं है। मनोज झा ने ठीक बोला है। हम समर्थन करते हैं। कविता और उस कवि के हम प्रशंसक हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मनोज झा ने सदन में पढ़ी थी कविता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि आरजेडी सांसद मनोज झा महिला आरक्षण बिल पर राज्यसभा में बोल रहे थे। उसी दौरान उन्होंने एससी-एसटी और ओबीसी कैटेगरी की महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग करते हुए सदन में ओमप्रकाश वाल्मीकि जी की कविता पढ़ी थी जिसमें ठाकुरों का जिक्र था। अब उसी पर यह विवाद हो रहा है। बीजेपी के साथ जेडीयू के नेता भी इस बयान पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार : कोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद जी. कृष्णैया की पत्नी ने कहा हमें न्याय मिलेगा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/after-the-notice-was-issued-by-the-court-krishnaiah-wife-said-we-will-get-justice-prince-singh/</link><pubDate>May 8, 2023, 8:59 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/anand-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: आनंद मोहन की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए बिहार सरकार से 2 हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है. इस फैसले के बाद जी.कृष्णैया की पत्नी ने कहा कि हमें खुशी है कि कोर्ट की ओर से हमें सकारात्मक प्रक्रिया मिली है. इसके साथ ही उन्होंने...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: आनंद मोहन की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए बिहार सरकार से 2 हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है. इस फैसले के बाद जी.कृष्णैया की पत्नी ने कहा कि हमें खुशी है कि कोर्ट की ओर से हमें सकारात्मक प्रक्रिया मिली है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोर्ट ने दो हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है. हमें विश्वास है कि हमें न्याय मिलेगा.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जारी किया नोटिस&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आनंद मोहन की रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने सहरसा के एसपी और बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने जारी नोटिस का जवाब 2 हफ्तों के अंदर मांगा है. आनंद मोहन की रिहाई को लेकर जी. कृष्णैया की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. जिसपर कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आज होने वाली थी सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है. जी. कृष्णैया की पत्नी उमा देवी ने आनंद मोहन की रिहाई के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. ये सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जे.के. माहेश्वरी की बेंच करने वाली है.&lt;br&gt;&lt;br&gt;&lt;strong&gt;क्या फिर जाएंगे जेल ?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गोपालगंज के डीएम जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में आनंद मोहन को उम्रकैद की सजा मिली थी, लेकिन जेल नियमों में बदलाव कर बिहार सरकार ने उन्हें रिहा कर दिया, जिस पर नीतीश सरकार की खूब आलोचना भी हुई. इसके साथ ही जी. कृष्णैया की बेटी और पत्नी ने नीतीश कुमार से आग्रह किया कि वो इस फैसले पर पुर्नविचार करें. उन्होंने कहा था कि अगर नीतीश सरकार अपने फैसले को नहीं बदलती है तो वो सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1994 की है घटना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;5 दिसंबर 1994 को मुजफ्फरपुर में गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया की हत्या हुई थी. इस मामले में आनंद मोहन सिंह को दोषी पाया गया था. जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में आनंद मोहन को पहले फांसी की सजा हुई थी, लेकिन बाद में उसे उम्रकैद की सजा में तब्दील कर दिया गया था.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रिहाई के लिए बदला नियम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;साल 2012 में बिहार कारा अधिनियम में कुछ बदलाव किए गए थे, जिसके अनुसार अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी अधिकारी की हत्या में दोषी पाया जाता है तो सजा पूरी होने के बाद भी उसकी रिहाई का प्रवाधान नहीं था, लेकिन अप्रैल 2023 में नीतीश सरकार ने कारा अधिनियम में बदलाव करते हुए आनंद मोहन के साथ 26 अन्य कैदियों को रिहा कर दिया था.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आनंद मोहन की रिहाई पर SC ने जारी किया नोटिस, बिहार सरकार से मांगा जवाब</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/sc-issues-notice-on-anand-mohan-release-seeks-response-from-bihar-government-prince-singh/</link><pubDate>May 8, 2023, 8:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/aanad-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना: आनंद मोहन की रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने सहरसा के एसपी और बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने जारी नोटिस का जवाब एक हफ्ते के अंदर मांगा है. आनंद मोहन की रिहाई को लेकर जी. कृष्णैया की पत्नी न...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: आनंद मोहन की रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने सहरसा के एसपी और बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने जारी नोटिस का जवाब एक हफ्ते के अंदर मांगा है. आनंद मोहन की रिहाई को लेकर जी. कृष्णैया की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. जिसपर कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आज होने वाली थी सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है. जी. कृष्णैया की पत्नी उमा देवी ने आनंद मोहन की रिहाई के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. ये सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जे.के. माहेश्वरी की बेंच करने वाली है.&lt;br&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या फिर जाएंगे जेल ?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गोपालगंज के डीएम जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में आनंद मोहन को उम्रकैद की सजा मिली थी, लेकिन जेल नियमों में बदलाव कर बिहार सरकार ने उन्हें रिहा कर दिया, जिस पर नीतीश सरकार की खूब आलोचना भी हुई. इसके साथ ही जी. कृष्णैया की बेटी और पत्नी ने नीतीश कुमार से आग्रह किया कि वो इस फैसले पर पुर्नविचार करें. उन्होंने कहा था कि अगर नीतीश सरकार अपने फैसले को नहीं बदलती है तो वो सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1994 की है घटना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;5 दिसंबर 1994 को मुजफ्फरपुर में गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया की हत्या हुई थी. इस मामले में आनंद मोहन सिंह को दोषी पाया गया था. जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में आनंद मोहन को पहले फांसी की सजा हुई थी, लेकिन बाद में उसे उम्रकैद की सजा में तब्दील कर दिया गया था.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रिहाई के लिए बदला नियम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;साल 2012 में बिहार कारा अधिनियम में कुछ बदलाव किए गए थे, जिसके अनुसार अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी अधिकारी की हत्या में दोषी पाया जाता है तो सजा पूरी होने के बाद भी उसकी रिहाई का प्रवाधान नहीं था, लेकिन अप्रैल 2023 में नीतीश सरकार ने कारा अधिनियम में बदलाव करते हुए आनंद मोहन के साथ 26 अन्य कैदियों को रिहा कर दिया था.&lt;/p&gt;
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