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       <title>Today Shiv ji News | Latest Shiv ji News | Breaking Shiv ji News in English | Latest Shiv ji News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Shiv ji समाचार:Today Shiv ji News ,Latest Shiv ji News,Aaj Ka Samachar ,Shiv ji समाचार ,Breaking Shiv ji News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>इस साल महाशिवरात्रि कब? जानें पूजा से जुड़ी कुछ अहम बातें</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/when-is-mahashivratri-this-year-know-some-important-things-related-to-puja/</link><pubDate>January 19, 2025, 11:06 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-23-2.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए महाशिवरात्रि का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे भगवान शिव और देवी गौरी के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना: &lt;/strong&gt;सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए महाशिवरात्रि का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे भगवान शिव और देवी गौरी के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव और देवी शक्ति का मिलन हुआ था, जिसे महाशिवरात्रि कहा जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चार प्रहर की पूजा का प्रावधान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शास्त्रों में चार प्रहर की पूजा का प्रावधान है, इन प्रहर की पूजा से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;रात्रि प्रथम प्रहर पूजा का समय &amp;#8211; शाम 06:29 बजे से रात 09:34 बजे तक&lt;br&gt;रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा का समय- 27 फरवरी को रात्रि 09:34 बजे से 12:39 बजे तक&lt;br&gt;रात्रि तृतीया प्रहर पूजा समय- 27 फरवरी को दोपहर 12:39 बजे से 03:45 बजे तक&lt;br&gt;रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय- 27 फरवरी सुबह 03:45 बजे से सुबह 06:50 बजे तक&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाशिवरात्रि का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का महत्व है, इस दिन महाशक्ति मां पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था। इसी कारण से इस दिन भगवान शिव की पूजा और अभिषेक किया जाता है और पौराणिक कथाओं के अनुसार माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह कराया जाता है। शिव का मानना ​​है कि इस दिन भगवान शिव की विधिवत पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, साथ ही सभी प्रकार के दुखों से मुक्ति मिलती है। इस साल की महाशिवरात्रि बेहद खास है क्योंकि इस दिन 12 साल बाद प्रयागराज महाकुंभ का आखिरी शाही स्नान होगा.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Sawan 2024: इस वजह से और भी शुभ होगा शिवजी का प्रिय सावन का महीना, जानें क्यों है खास?</title><link>https://bihar.inkhabar.com/world/sawan-2024-because-of-this-lord-shivas-favorite-month-of-sawan-will-be-even-more-auspicious-know-why-it-is-special/</link><pubDate>May 24, 2024, 10:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/7-4-300x249.png</image><category>दुनिया</category><excerpt>पटना। हिंदू धर्म (Hindu Dharma) में सावन के महीने का बहुत महत्व है। सावन (Sawan 2024) का महीना बेहद पवित्र होता है और ये भगवान शिव (Lord Shiva) का प्रिय भी है। यही कारण है कि सावन का पूरा महीना आध्यात्मिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इन दिनो...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; हिंदू धर्म (Hindu Dharma) में सावन के महीने का बहुत महत्व है। सावन (Sawan 2024) का महीना बेहद पवित्र होता है और ये भगवान शिव (Lord Shiva) का प्रिय भी है। यही कारण है कि सावन का पूरा महीना आध्यात्मिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इन दिनों कई स्थानों पर सावन का मेला भी लगता है। सावन के महीने में शिवभक्त शिवजी के मंदिर (Shiv Mandir) और शिवालयों में जाकर जल चढ़ाते हैं। इस दौरान कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2024) शुरू होती है और ज्योतिर्लिंगों (Jyotirlinga) में भक्तों का अंबार लगा होता है। सभी भक्त अपने सामर्थ्यनुसार भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए व्रत, पूजा, अभिषेक, जलाभिषेक (Jalabhishek) और मंत्र जाप आदि करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;यूं तो सावन (Sawan 2024) का पूरा महीन अपने आप में बहुत ही अहमीयत रखता है। लेकिन इस साल सावन का महीना कई मायनों में बेहद खास है। दरअसल इस बार सावन के महीने की शुरुआत और समाप्ति दोनों सोमवार के दिन से ही हो रही है। सावन और सोमवार दोनों ही शिवजी को समर्पित हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस दिन से शुरू होगा सावन का महीना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पंचांग (Hindu Calendar 2024) के मुताबिक, सावन का महीना आषाढ़ (Ashadha 2024) माह खत्म होते ही शुरू हो जाता है। इस साल सावन के महीने की शुरुआत 22 जुलाई 2024 से हो रही है और 19 अगस्त 2024 को यह समाप्त होगा। वहीं सावन माह की प्रतिपदा तिथि का आरंभ 21 जुलाई दोपहर 03: 47 मिनट से होगा और 22 जुलाई को दोपहर 01:11 पर प्रतिपदा तिथि समाप्त हो जाएगी। उदायतिथि के मुताबिक सावन का महीना 22 जुलाई से माना गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सोमवार से शुरू, सोमवार को समापन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बात दें कि इस साल सावन की शुरुआत 22 जुलाई से हो रही है और इसकी समाप्ति 19 अगस्त को होगी। इस बार 22 जुलाई और 19 अगस्त इन दोनों तिथियों को सोमवार का दिन रहेगा। सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा-उपासना (Shiv Puja) और व्रत के लिए समर्पित है। लेकिन सावन में सोमवार का महत्व कई गुना बढ़ जाता है, इसीलिए इसे सोमवारी (Sawan Somwari) भी कहा जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;सावने के महीने में लोग सोमवारी व्रत करते हैं। लेकिन जो लोग सोमवारी व्रत करने में असमर्थ होते हैं वो सावन (Sawan 2024) के पहले और अंतिम सोमवार (Sawan Last Monday) को भी व्रत रख सकते हैं। साथ ही साथ इस बार सावन के महीने में पूरे 5 सोमवार पड़ेंगे। जिससे इसका महत्व और भी बढ़ जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहां किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले इससे संबंधित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
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