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       <title>Today sawan 2024 News | Latest sawan 2024 News | Breaking sawan 2024 News in English | Latest sawan 2024 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का sawan 2024 समाचार:Today sawan 2024 News ,Latest sawan 2024 News,Aaj Ka Samachar ,sawan 2024 समाचार ,Breaking sawan 2024 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/sawan-2024</link>
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            <title>Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Sawan 2024: सावन की तीसरे सोमवार करें, भगवान शिव के 3 स्वरूपों की उपासना</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/sawan-2024-on-the-third-monday-of-sawan-worship-the-3-forms-of-lord-shiva/</link><pubDate>August 5, 2024, 2:32 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/drh.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। सावन के तीसरा सोमवार का व्रत 5 अगस्त यानी आज के दिन रखा जाएगा। सावन में आने वाले सभी सोमवार बेहद खास माने जाते है। शिव जी सृष्टि के तीनों गुणों को नियंत्रित करते हैं। शिव जी त्रिनेत्रधारी है। साथ ही शिव जी की उपासना भी मूल रूप से तीन स्वर...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सावन के तीसरा सोमवार का व्रत 5 अगस्त यानी आज के दिन रखा जाएगा। सावन में आने वाले सभी सोमवार बेहद खास माने जाते है। शिव जी सृष्टि के तीनों गुणों को नियंत्रित करते हैं। शिव जी त्रिनेत्रधारी है। साथ ही शिव जी की उपासना भी मूल रूप से तीन स्वरूपों में ही की जाती है। तीनों स्वरूपों की उपासना के लिए सावन का तीसरा सोमवार सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। इस तीनों स्वरूपों की उपासना करके सावन के तीसरे सोमवार को मनोकामनाओं की पूर्ति की जा सकती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नीलकंठ स्वरूप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;शिवजी के इन स्वरूपों की उपासना अगर प्रदोष काल में करें तो शुभ माना जाता है। समुद्र मंथन के दौरान जब हलाहल विष निकला तो शिव जी ने मानवता की रक्षा के लिए उस विष को पी लिया था। उन्होंने विष को अपने कंठ में ही रोक लिया , जिससे उनका कंठ नीला हो गया। नीला कंठ होने के कारण महाकाल के इस स्वरूप को नीलकंठ कहा जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नटराज स्वरूप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस स्वरूप की उपासना करने से शत्रु बाधा, षडयंत्र और तंत्र मंत्र जैसी चीजों का असर नहीं होता। शिव ने ही दुनिया में समस्त नृत्य संगीत और कला का आविष्कार किया है।नृत्य कला के तमाम भेद भी शिव ने अपने शिष्यों को बताई है। भगवान नटराज को नृत्य के देवता के स्वरूप में पूजा जाता है, जो भगवान शिव के ही एक प्रतीक हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मृत्यजंय स्वरूप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;जिनकी उपासना से मृत्यु को भी तक को जीता जा सकता है, वह है शिव का स्वरूप &amp;#8211; मृत्युंजय। शिव जी का यह स्वरूप अमृत का कलश लेकर भक्त की रक्षा करते हैं। भगवान शिव के मृत्युंजय स्वरूप की उपासना से अकाल मृत्यु से रक्षा, आयु रक्षा, स्वास्थ्य लाभ मिलता है। मृत्यजंय उपासना से सभी मनोकामना पूर्ति होती है। सावन के सोमवार को भगवान शिव के मृत्युंजय स्वरूप की पूजा-अर्चना करने के लिए शिव लिंग पर बेल पत्र और फूल चढ़ाए जाते है। साथ ही जलधारा अर्पित की जाती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Sawan 2024: सावन सोमवार का व्रत , जानिए इससे संबंधित प्रश्नों के उत्तर?</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/sawan-2024-sawan-monday-fast-know-the-answers-to-questions-related-to-it/</link><pubDate>July 29, 2024, 2:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/qwer-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। सावन का पावन महीना शिव भक्तों के लिए पवित्र पावन का महीना होता है। इस महीने का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व है। इस पूरे महीने जितने भी सोमवार आतें हैं,प्रत्येक सोमवार को महिलाएं शिव जी को प्रसन्न करने के लिए सोमवार का व्रत करती है। ये व्रत ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सावन का पावन महीना शिव भक्तों के लिए पवित्र पावन का महीना होता है। इस महीने का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व है। इस पूरे महीने जितने भी सोमवार आतें हैं,प्रत्येक सोमवार को महिलाएं शिव जी को प्रसन्न करने के लिए सोमवार का व्रत करती है। ये व्रत उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से भगवान महादेव अपने भक्तों की सारी मनोकामना पूरी करतें हैं, लेकिन ऐसी महिलाएं और लड़कियां जो पहली बार सोमवार का व्रत रख रही होती हैं, उनके मन में इस व्रत से संबंधित कई प्रश्न होते हैं,जिसके उत्तर वे जानना चाहती है। तो हम आज ऐसे कुछ प्रश्नों के उत्तर देना चाहेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;सोमवार व्रत में किन-किन चीजों को खा सकतें हैं?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सोमवार के व्रत में फल, ड्राइ फ्रूइट्स और डेयरी प्रोडक्टस खा सकते हैं?&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;सोमवार व्रत में किन चीजों से परहेज करना चाहिए?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सोमवार के व्रत में अनाज और मसालेदार चीजें खाने से परहेज करें। व्रत में बेसन से बनी चीजे भी नहीं खा सकतें हैं और मांसाहारी भोजन तो बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या सोमवार का व्रत रात के 12 बजे के बाद खोल सकते है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;शास्त्रों के मुताबकि रात के 12 बजे व्रत तोड़ने को सही नहीं माना जाता है, क्योंकि हिन्दू धर्म में अगला दिन सूर्योदय के बाद ही माना जाता है, ऐसे में आपको व्रत तोड़ने के लिए सूर्योदय के समय तोड़ना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;सोमवार के व्रत में दूध पीया जा सकता है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सोमवार के व्रत में दूध और कोई भी डेयरी प्रोडक्टस खा सकतें हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या सोमवार के व्रत में हल्दी खा सकते हैं?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सोमवार के व्रत में मसाले वाला खाना मना होता है, हल्दी एक प्रकार का मसाला है। मसाले की प्रकृति गर्म होती है। जो व्रत के दौरान पेट में गर्मी पैदा कर सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Sawan 2024:सावन सोमवार पर भगवान शिव को लगाए इन चीजों का भोग</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/sawan-2024-offer-these-things-to-lord-shiva-on-sawan-monday/</link><pubDate>June 24, 2024, 5:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/sawan-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>लखनऊ। हिंदू धर्म में सावन के महीने का एक अलग ही महत्व होता है। इस दौरान लोग भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। इस साल सावन की शुरूआत आषाढ़ पूर्णिमा के बाद होगी। हिंदू पंचांग के मुताबिक इस साल सावन का महीना 22 जुलाई दिन सोमवार से शुरू होगा। जिस ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; हिंदू धर्म में सावन के महीने का एक अलग ही महत्व होता है। इस दौरान लोग भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। इस साल सावन की शुरूआत आषाढ़ पूर्णिमा के बाद होगी। हिंदू पंचांग के मुताबिक इस साल सावन का महीना 22 जुलाई दिन सोमवार से शुरू होगा। जिस वजह से यह अपने आप में एक शुभ तिथि मानी जा रही है। ऐसा माना जाता है कि जो शिव भक्त सावन के महीने में शिव जी की सच्चे दिल से पूजा-अर्चना करते है। भगवान उनके जीवन में सुख-समृद्धि हमेशा बनाए रखते है। इसके साथ ही भक्तों द्वारा मांगी गई सभी इच्छाए पूर्ण होती है। हिंदू मान्यताओं के मुताबिक भगवान शिव को यह महीना काफी प्रिय होता है। आइए जानते है कि सावन के महीने में भगवान शिव को किन-किन चीजों का भोग लगाना चाहिए,जिससे महाकाल की कृपा आप पर बनी रहती है।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;खीर का भोग लगाएं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;भगवान शिव को सभी भोग में से खीर सबसे ज्यादा पसंद होती है तो सावन के महीने में महाकाल को खीर का भोग जरूर लगाना चाहिए। मान्यताओं के मुताबिक यदि आप सावन के महीने में सोमवार के दिन महाकाल को चावल की खीर का भोग लगाते है तो उससे महाकाल आपसे काफी प्रसन्न होंगे। महाकाल को खीर का भोग लगाने से आपकी कुंडली में मौजूद चंद्र दोष दूर हो जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऋतुफल का भोग लगाएं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सावन के महीने में भगवान शिव को 5 तरह के ऋतुफल का भोग लगाना चाहिए। ऋतुफल का भोग लगाने से शिव जी अपने भक्तों से काफी प्रसन्न होते है। ऐसा माना जाता है कि 5 तरह के ऋतुफल चढ़ाने से संतान से संबंधी सभी प्रकार की समस्याएं दूर हो जाती है। साथ ही यदि आप आर्थिक तंगी से सूझ रहे है तो आपको सावन के सोमवार के दिन भगवान शिव को खीर के साथ 5 तरह के ऋतुफल का भोग जरूर लगाना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Sawan 2024: इस वजह से और भी शुभ होगा शिवजी का प्रिय सावन का महीना, जानें क्यों है खास?</title><link>https://bihar.inkhabar.com/world/sawan-2024-because-of-this-lord-shivas-favorite-month-of-sawan-will-be-even-more-auspicious-know-why-it-is-special/</link><pubDate>May 24, 2024, 10:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/7-4-300x249.png</image><category>दुनिया</category><excerpt>पटना। हिंदू धर्म (Hindu Dharma) में सावन के महीने का बहुत महत्व है। सावन (Sawan 2024) का महीना बेहद पवित्र होता है और ये भगवान शिव (Lord Shiva) का प्रिय भी है। यही कारण है कि सावन का पूरा महीना आध्यात्मिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इन दिनो...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; हिंदू धर्म (Hindu Dharma) में सावन के महीने का बहुत महत्व है। सावन (Sawan 2024) का महीना बेहद पवित्र होता है और ये भगवान शिव (Lord Shiva) का प्रिय भी है। यही कारण है कि सावन का पूरा महीना आध्यात्मिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इन दिनों कई स्थानों पर सावन का मेला भी लगता है। सावन के महीने में शिवभक्त शिवजी के मंदिर (Shiv Mandir) और शिवालयों में जाकर जल चढ़ाते हैं। इस दौरान कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2024) शुरू होती है और ज्योतिर्लिंगों (Jyotirlinga) में भक्तों का अंबार लगा होता है। सभी भक्त अपने सामर्थ्यनुसार भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए व्रत, पूजा, अभिषेक, जलाभिषेक (Jalabhishek) और मंत्र जाप आदि करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;यूं तो सावन (Sawan 2024) का पूरा महीन अपने आप में बहुत ही अहमीयत रखता है। लेकिन इस साल सावन का महीना कई मायनों में बेहद खास है। दरअसल इस बार सावन के महीने की शुरुआत और समाप्ति दोनों सोमवार के दिन से ही हो रही है। सावन और सोमवार दोनों ही शिवजी को समर्पित हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस दिन से शुरू होगा सावन का महीना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पंचांग (Hindu Calendar 2024) के मुताबिक, सावन का महीना आषाढ़ (Ashadha 2024) माह खत्म होते ही शुरू हो जाता है। इस साल सावन के महीने की शुरुआत 22 जुलाई 2024 से हो रही है और 19 अगस्त 2024 को यह समाप्त होगा। वहीं सावन माह की प्रतिपदा तिथि का आरंभ 21 जुलाई दोपहर 03: 47 मिनट से होगा और 22 जुलाई को दोपहर 01:11 पर प्रतिपदा तिथि समाप्त हो जाएगी। उदायतिथि के मुताबिक सावन का महीना 22 जुलाई से माना गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सोमवार से शुरू, सोमवार को समापन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बात दें कि इस साल सावन की शुरुआत 22 जुलाई से हो रही है और इसकी समाप्ति 19 अगस्त को होगी। इस बार 22 जुलाई और 19 अगस्त इन दोनों तिथियों को सोमवार का दिन रहेगा। सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा-उपासना (Shiv Puja) और व्रत के लिए समर्पित है। लेकिन सावन में सोमवार का महत्व कई गुना बढ़ जाता है, इसीलिए इसे सोमवारी (Sawan Somwari) भी कहा जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सावने के महीने में लोग सोमवारी व्रत करते हैं। लेकिन जो लोग सोमवारी व्रत करने में असमर्थ होते हैं वो सावन (Sawan 2024) के पहले और अंतिम सोमवार (Sawan Last Monday) को भी व्रत रख सकते हैं। साथ ही साथ इस बार सावन के महीने में पूरे 5 सोमवार पड़ेंगे। जिससे इसका महत्व और भी बढ़ जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहां किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले इससे संबंधित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
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