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       <title>Today RLSP News | Latest RLSP News | Breaking RLSP News in English | Latest RLSP News Headlines - Inkhabar</title>
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        </image><item><title>लालू यादव से अचानक मिलने पहुंचे पशुपति पारस, सियासी गलियारों में हलचल तेज</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/pashupati-paras-suddenly-arrives-to-meet-lalu-yadav-stir-in-political-circles/</link><pubDate>January 19, 2025, 8:15 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-17.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस अचानक राज्य के सियासी गलियारों में सुर्खियों में आ गए हैं. उनके बदले हुए रुख से ऐसा लग रहा है कि बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. दरअसल, पशुपति पारस की रा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना: &lt;/strong&gt;बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस अचानक राज्य के सियासी गलियारों में सुर्खियों में आ गए हैं. उनके बदले हुए रुख से ऐसा लग रहा है कि बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. दरअसल, पशुपति पारस की राजद सुप्रीमो लालू यादव से नजदीकियों की खूब चर्चा है. लोकसभा चुनाव के बाद से राजनीतिक परिदृश्य से गायब चल रहे पशुपति पारस के लिए लालू यादव ने रीढ़ की हड्डी का काम किया है. अब कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में लालू और पारस का गठबंधन देखने को मिलेगा. इसी सिलसिले में पशुपति पारस आज (रविवार, 19 जनवरी) अचानक लालू यादव से मिलने पहुंचे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;15 जनवरी को भी हुई थी मुलाकात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हालांकि दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई. इससे पहले लालू यादव 15 जनवरी को पशुपति पारस के बुलावे पर उनके दफ्तर पहुंचे थे. उस दौरान लालू यादव ने संकेत दिया था कि पशुपति पारस भविष्य में महागठबंधन का हिस्सा बन सकते हैं. पिछले एक हफ्ते में यह उनकी दूसरी मुलाकात है, जो 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास के अंदर हो रही है. इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एनडीए से अलग होने की खबरें तेज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि वो इस बात से नाराज हैं कि एनडीए में पशुपति पारस की जगह चिराग पासवान को तरजीह दी गई. हालांकि, लोकसभा चुनाव के बाद भी वह एनडीए में बने रहे. इस दौरान नीतीश सरकार ने वह बंगला भी छीन लिया जिसमें उनकी पार्टी का कार्यालय था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह बंगला भी चिराग पासवान की पार्टी को सौंप दिया. अब पारस लालू यादव से मिलने पहुंचे हैं. इस मुलाकात से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. माना जा रहा है कि पारस एनडीए को बड़ा झटका दे सकते हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी बचाओ नाम से जारी की चिट्ठी, बुलाई बैठक</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/upendra-kushwaha-latter-to-jdu-leaders-jdu-kobachana-hai-pkdnh/</link><pubDate>February 5, 2023, 3:18 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/02/upendra-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना: बिहार की राजनीति हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है. बिहार की सियासत में एक बार फिर से बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. बिहार की सत्ता में काबिज महागठबंधन (राजद) के खिलाफ जदयू के पार्लियामेंट्री बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; बिहार की राजनीति हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है. बिहार की सियासत में एक बार फिर से बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. बिहार की सत्ता में काबिज महागठबंधन (राजद) के खिलाफ जदयू के पार्लियामेंट्री बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने खुलकर हमला बोला है. &lt;/p&gt;



&lt;p&gt;उपेंद्र कुशवाहा ने जनता दल यूनाइटेड के शिर्ष नेताओं के साथ-साथ अपनी पुरानी पार्टी रालोसपा के सदस्यों को और महात्मा फुले समता परिषद के प्रमुख नेताओं को मीटिंग करने के लिए बुलाया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ये मीटिंग पटना में 19 और 20 फरवरी को रखी गई है. &lt;/p&gt;



&lt;p&gt;होने वाली मीटिंग के संबंध में उपेंद्र कुशवाहा ने एक चिट्ठी जारी की है, जिसमें उपेंद्र कुशवाहा द्वारा जदयू के बिखरने को लेकर चिंता जताई है. साथ ही इस चिट्ठी में उपेंद्र कुशवाहा का दर्द भी छलका है. &lt;/p&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि मैं डेढ़ महीने से नीतीश कुमार को इस बारे में लगातार बता रहा हूं, लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई ध्यान नहीं दिया है. साथ ही मेरी बातों को गलत तरीके से लोगों के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं. चिट्ठी में उन्होंने आगे लिखा कि &amp;#8216;आज बैठक कर चर्चा की जरूरत आ गई है&amp;#8217;.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;चिट्ठी में बयां किया दर्द&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;उपेंद्र कुशवाहा ने चिट्ठी में लिखा कि जदयू पार्टी अपने आंतरिक कारणों से दिन-प्रतिदिन कमजोर हो रही है. विधानसभा उपचुनाव के परिणाम आने के समय से ही मैं नीतीश कुमार को पार्टी की स्थिति से लगातार अवगत कराते आ रहा हूं. &lt;/p&gt;



&lt;p&gt;मैं लगातार कोशिश कर रहा हूं कि रोज अस्तित्व खोती जेडीयू को बचाया जा सके, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद भी नीतीश कुमार लगातार मेरी बातों को अनदेखा करते आ रहे हैं. साथ ही उन्होंने आगे लिखा कि मुख्यमंत्री जी की तरफ से मेरी बातों की न सिर्फ अनदेखी की जा रही है बल्कि लोगों के सामने लगातार उसकी गलत व्याख्या भी किया जा रहा है. &lt;/p&gt;



&lt;p&gt;उपेंद्र कुशवाहा ने अपने पत्र में आगे लिखा कि मुख्यमंत्री जी का राजद के साथ “एक खास डील” और जेडीयू का आरजेडी के साथ विलय की खबरों ने पार्टी के नेताओं और पार्टी के कार्यकर्ताओं को अंदर तक झकझोर दिया है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt; आज ऐसी स्थिति उत्पन हो गई है जिसमें हम सबके सामने एक राजनीतिक शून्यता की स्थिति लगातार बनती जा रही है. ऐसे में आज ये परिस्थिति आ गई है कि पार्टी इस अहम मुद्दे पर विचार विमर्श करे.&lt;/p&gt;
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