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       <title>Today Reservation News | Latest Reservation News | Breaking Reservation News in English | Latest Reservation News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Reservation समाचार:Today Reservation News ,Latest Reservation News,Aaj Ka Samachar ,Reservation समाचार ,Breaking Reservation News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Quota in Reservation: आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एनडीए के दो मंत्री आमने-सामने, कही बड़ी बात</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/quota-in-reservation-two-nda-ministers-face-to-face-on-supreme-courts-decision-regarding-reservation-said-a-big-thing/</link><pubDate>August 5, 2024, 9:42 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/download-4-2.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना : आरक्षण के अंदर कोटा को लेकर एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं दिख रहा है। आरक्षण के मुद्दे को लेकर एनडीए के दो दिग्गज मंत्री आमने-सामने दिख रहे हैं। लोजपा सुप्रीमों चिराग पासवान ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सवाल खड़ा किया तो दूसरी तरफ हम पार्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना &lt;/strong&gt;: आरक्षण के अंदर कोटा को लेकर एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं दिख रहा है। आरक्षण के मुद्दे को लेकर एनडीए के दो दिग्गज मंत्री आमने-सामने दिख रहे हैं। लोजपा सुप्रीमों चिराग पासवान ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सवाल खड़ा किया तो दूसरी तरफ हम पार्टी के मुखिया जीतनराम मांझी ने उच्च न्यायालय के फैसले का दिल खोल कर स्वागत किया और तो और उन्होंने चिराग पासवान को स्वार्थी तक कह दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मांझी ने कहा जो क्षोभ दिखा रहे हैं उनके ही लोग आरक्षण का फायदा उठा रहे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान जीतनराम मांझी ने आगे कहा कि भुइयां, मुसहर,मेहतर, डोम जाती के जो लोग हैं उनमें से कितने फीसदी लोग आईपीएस, आईएएस, चीफ इंजीनियर और इंजीनियर हैं। जो लोग आज क्षोभ दिखा रहे हैं उनके ही लोग आरक्षण का फायदा उठा रहे हैं। इसके मतलब है कि अनुसूचित जाति (SC) का हक भी वही लोग उठा रहे हैं। 76 साल से तो वे लोग इसका लाभ उठा ही रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चिराग ने कहा आरक्षण दलितों के साथ भेदभाव को देखते हुए दिया गया था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि कोटा के अंदर कोटा पर चिराग पासवान ने आपत्ति व्यक्त की है। इस मामले को लेकर चिराग ने कहा कि आरक्षण दलितों के साथ भेदभाव को देखते हुए दिया गया था। पहले के समय में दलितों को मंदिरों में पूजा-पाठ नहीं करने दिया जाता था। न ही घोड़ी चढ़ने दिया जाता है। इस बीच चिराग पासवान के बयान के बाद जीतनराम मांझी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर बयान दिया, जिससे सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि जो लोग आगे बढ़ गए है वो आगे बढ़ते रहे। और जो लोग पिछड़ गए हैं उनके बारे में सोचा जाए। इसलिए हम हर स्थिति में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। इस दौरान उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है वह आज से दस साल पहले आना चाहिए था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar: 75% आरक्षण लागू करने के प्रस्ताव पर नीतीश कैबिनेट ने लगाई मुहर, 9 नवंबर को विधानसभा में लाएगी बिल</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/bihar-nitish-cabinet-approves-the-proposal-to-implement-75-reservation-will-bring-the-bill-in-the-assembly-on-november-9/</link><pubDate>November 8, 2023, 6:11 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-5-1-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में जाति आधारित जनगणना कुछ महीने पहले ही हुई है। ऐसे में राज्य में मंगलवार (07 नवंबर) की शाम आरक्षण का दायरा बढ़ाने पर नीतीश कुमार की कैबिनेट ने मुहर लगा दी. 75 फीसदी आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव राज्य में कैबिनेट से पास हो गया है। ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में जाति आधारित जनगणना कुछ महीने पहले ही हुई है। ऐसे में राज्य में मंगलवार (07 नवंबर) की शाम आरक्षण का दायरा बढ़ाने पर नीतीश कुमार की कैबिनेट ने मुहर लगा दी. 75 फीसदी आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव राज्य में कैबिनेट से पास हो गया है। बता दें कि नीतीश सरकार ने निर्णय लिया है कि बिहार विधानसभा में उनकी सरकार 9 नवंबर को आरक्षण बढ़ाने का बिल लाएगी. वहीं दूसरी तरफ नीतीश सरकार के इस फैसले को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले बड़े दांव की तरह बताया जा रहा है। दरअसल, विधानसभा में मंगलवार (07 नवंबर) को ही CM नीतीश ने आरक्षण की सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया था. बिहार कैबिनेट की बैठक इस प्रस्ताव के कुछ पलों के बाद हुई है और इस फैसले पर मुहर भी लगाया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए क्या है आरक्षण बढ़ाने का गणित?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अनुसूचित जाति को पहले से मिल रहे 16 फीसदी के बजाय 20 फीसदी आरक्षण देने का प्रस्ताव नीतीश कुमार की कैबिनेट ने पास किया है. पहले से मिल रहे अनुसूचित जनजाति को एक फीसदी आरक्षण के बजाय दो फीसदी आरक्षण देने का प्रस्ताव पास किया गया है. 25 फीसदी अति पिछड़े को, 18 फीसदी ओबीसी को और 10 फीसदी का आरक्षण आर्थिक रूप से पिछड़े यानि EWS वर्ग को दिया जाएगा. इस तरह आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 75 फीसदी करने का फैसला लिया गया है। जातिगत जनगणना के अनुसार, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, उपसमूह सहित ओबीसी, बिहार की कुल आबादी का 63 प्रतिशत है। वहीं SC और ST कुल मिलाकर 21 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चर्चा में क्यों है जाति आधारित जनगणना?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाल ही में बिहार सरकार ने एलान किया है कि बिहार सरकार सभी जातियों और समुदायों का सामाजिक और आर्थिक जनगणना करेगी। और पिछले दिन सरकार ने ऐसा कर दिखाया है। इस जनगणना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में भारतीय परिवारों की आर्थिक हालात के बारे में जानकारी एकत्र किया जाता है। इस गणना के माध्यम से विभिन्न जाति और समूहों की आर्थिक स्थितियों का जानकारी हासिल करने के लिए विशिष्ट जाति नामों पर डेटा भी इकट्ठा करते है।&lt;/p&gt;
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