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       <title>Today pradosh vrat puja vidhi News | Latest pradosh vrat puja vidhi News | Breaking pradosh vrat puja vidhi News in English | Latest pradosh vrat puja vidhi News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का pradosh vrat puja vidhi समाचार:Today pradosh vrat puja vidhi News ,Latest pradosh vrat puja vidhi News,Aaj Ka Samachar ,pradosh vrat puja vidhi समाचार ,Breaking pradosh vrat puja vidhi News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/pradosh-vrat-puja-vidhi</link>
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        </image><item><title>Guru Pradosh: आज है गुरु प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/guru-pradosh-today-is-guru-pradosh-vrat-learn-the-auspicious-time-and-puja-method/</link><pubDate>November 28, 2024, 2:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/pra-1.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। सनातन धर्म में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन प्रदोष व्रत का रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस बार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी ति...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सनातन धर्म में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन प्रदोष व्रत का रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस बार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 नवंबर 2024 यानी आज है। जिसे गुरु प्रदोष व्रत के रूप में मनाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रदोष व्रत की पूजा विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को करने से व्रत करने वाली की सभी इच्छाएं पूरी हो जाती है। ज्योतिषियों के मुताबिक इस प्रदोष व्रत के मौके पर दुर्लभ सौभाग्य योग के साथ कई शुभ योग भी बन रहे हैं। प्रदोष व्रत के मौके पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने की परंपरा है। इस दिन सुबह जल्दी स्नान करके साफ वस्त्र धारण करने चाहिए। मंदिर या पूजा स्थल की सफाई करें। मंदिर साफ करने के बाद शिव परिवार की प्रतिमा स्थापित करें। इस प्रदोष व्रत में भगवान शिव और पार्वती की विधि-विधान से पूजा करते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भगवान शिव को जल अर्पित करें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदोष व्रत पूजा में भगवान शिव और माता पार्वती को अक्षत, बेल पत्र, धूप आदि अर्पित करना चाहिए। इन सभी सामग्री से भगवान शिव की पूजा में शामिल करना चाहिए। यह व्रत निर्जला या फलाहार के साथ किसी भी तरह से रखा जा सकता है। पूरे दिन उपवास करने के बाद सूर्यास्त से पहले कुछ खा लेना चाहिए। हो सके तो शाम को पुनः स्नान करें। इसके बाद भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करें और गुरु प्रदोष व्रत की कथा सुनें। अंत में शिव जी की आरती करके भोग लगाए। इस दिन ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए जल चढ़ाना ना भूलें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पंचांग के मुताबिक मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 नवंबर को सुबह 06: 23 मिनट पर आरंभ होगी। इसके पश्चात 29 नवंबर को सुबह 08: 39 मिनट पर खत्म हो जाएगी। इस तरह 28 नवंबर को मार्गशीर्ष माह का पहला प्रदोष व्रत किया जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 24 मिनट से लेकर 08: 06 मिनट तक रहेगा।इस दिन कई सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है, जो 28 नवंबर की संध्या 4 बजकर 1 मिनट तक ही रहेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वैवाहिक जीवन में शांति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस समय चित्रा नक्षत्र का भी यो बन रहा है। इस मुहूर्त में शिव परिवार की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही सभी प्रकार के दुख-दर्द खत्म होते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Pradosh Vrat: आज है प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/pradosh-vrat-today-is-pradosh-vrat-know-the-auspicious-time-worship-method-and-importance/</link><pubDate>November 13, 2024, 6:36 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/pra-300x169.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। भगवान शिव के अनुयायी हर महीने में दो बार प्रदोष व्रत रखते हैं। यह व्रत माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर आयोजित किया जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन भगवान शिव की अराधना की जाती है। इस दिन भगवान शिव की विधि-...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; भगवान शिव के अनुयायी हर महीने में दो बार प्रदोष व्रत रखते हैं। यह व्रत माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर आयोजित किया जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन भगवान शिव की अराधना की जाती है। इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस साल प्रदोष व्रत 13 नवंबर को मनाया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक इस दिन उपवास करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। शिव परिवार की पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। प्रदोष व्रत का पालन इसलिए भी किया जाता है क्योंकि इससे जीवन में सुख और समृद्धि का संचार होता है। 13 नवंबर को प्रदोष पूजा का शुभ मूहुर्त शाम 5 बजकर 28 मिनट से 8 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। जो कुल 2 घंटे 39 मिनट का है। इस दिन प्रदोष काल का सही समय इसी अवधि में है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रदोष व्रत की पूजा विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद मंदिर की साफ-सफाई करनी चाहिए। शिवलिंग को स्थापित करें। उस पर जल चढ़ाए। शिवलिंग पर जल अर्पित करें। मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा के आगे दीपक जलाएं। शिव-गौरी और गणेशजी की विधि-विधान के साथ पूजा करें। शिव परिवार की आरती उतारें। साथ ही संध्या पूजा की तैयारी करें। अगर संभव हो तो शाम को समय दोबार स्नान करने के बाद ही पूजा करें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रदोष व्रत के लाभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद शिव मंदिर जाकर भगवान शिव के दर्शन करें। घर पर भी शिवलिंग स्थापित कर उसकी पूजा करें। शिवलिंग पर मदार, फल, बिल्वपत्र, फूल, चंदन और भांग अर्पित करें। शिवजी के मंत्रों का जाप करें। मान्यता है कि प्रदोष व्रत करने से प्रदोष काल में विधिपूर्वक भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस दिन विशेष पूजा करने से आपको शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि के अवसर बनते हैं।&lt;/p&gt;
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