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       <title>Today NHRC News | Latest NHRC News | Breaking NHRC News in English | Latest NHRC News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का NHRC समाचार:Today NHRC News ,Latest NHRC News,Aaj Ka Samachar ,NHRC समाचार ,Breaking NHRC News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>बिहार: जहरीली शराब से मौत के मामले में NHRC ने राज्य को थमाया नोटिस</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/nhrc-issues-notice-to-state-in-tej-pratap-death-case-prince-singh-inkhabar/</link><pubDate>April 20, 2023, 7:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-18.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: साल 2016 में लागू हुए शराबबंदी कानून के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब पीकर सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन बावजूद इसके सरकार जहरीली शराब की अवैध बिक्री को रोकने में पूरी तरह से नाकामयाब है. बीते दिनों मोतिहारी जिलों में जहरीली...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: साल 2016 में लागू हुए शराबबंदी कानून के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब पीकर सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन बावजूद इसके सरकार जहरीली शराब की अवैध बिक्री को रोकने में पूरी तरह से नाकामयाब है. बीते दिनों मोतिहारी जिलों में जहरीली शराब पीने का मामला सामने आया था. इस घटना में अबतक 34 लोगों की मौत हो चुकी है. इस घटना के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार सरकार को जवाब मांगा है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;NHRC ने भेजा नोटिस&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;मोतिहारी शराब कांड के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बिहार के डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी बिहार सरकार को नोटिस भेज 6 हफ्तों के भीतर उनसे जवाब मांगा है. अपने नोटिस में आयोग ने लगातार ऐसी हो रही घटनाओं पर अपनी चिंता जाहिर की है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि ऐसा लगता है कि साल 2016 में शराबबंदी कानून लागू करने के बाद सरकार अवैध शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के क्रियान्वयव पर ध्यान नहीं दे रही है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सारण में हुआ था हादसा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि मोतिहारी से पहले साल 2022 के दिसंबर महीने में जहरीली शराब पीने से सारण जिले में कई लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे में कई परिवारों ने अपने सदस्यों को खोया था. इसके बाद भी लगातार शराब पीने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है और लोग बीमार होते जा रहे हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>जहरीली शराब कांड मामले में मानवाधिकार आयोग ने बिहार सरकार की रिपोर्ट को बताया गलत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/poisenous-liquore-in-bihar-manawadhikar-aayog-prince-singh/</link><pubDate>March 24, 2023, 6:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/JAHLUJIJOM-300x169.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>छपरा: बिहार के छपरा जिले में जहरीली शराबकांड मामले में मानवाधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है. मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट में जहरीली शराब पीने से 77 लोगों की जान जाने की पुष्टि की गई है. इस मामले में जिला प्रशासन ने जहरीली शराब स...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;छपरा&lt;/strong&gt;: बिहार के छपरा जिले में जहरीली शराबकांड मामले में मानवाधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है. मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट में जहरीली शराब पीने से 77 लोगों की जान जाने की पुष्टि की गई है. इस मामले में जिला प्रशासन ने जहरीली शराब से 42 लोगों की मौत की जानकारी दी थी. मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट ने सीधे-सीधे राज्य सरकार और जिला प्रशासन की रिपोर्ट को चुनौती दे रही है. साथ ही रिपोर्ट में मौत के आकड़ों को लेकर अब लोग जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से लेकर राज्य सरकार पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सारण एमपी ने कही ये बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में सारण से भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि मनावाधिकार आयोग की रिपोर्ट में 77 लोगों की मौत की बात कही गई है. रिपोर्ट में साफ लिखा है कि मरने वालों में अधिकतर किसान, मजदूर, ड्राइवर फेरी वाले चाय बेचने वाले या फिर बेरोजगार थे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मरने वालों में 75 फिसदी पिछड़ी जाति के लोग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;साथ ही उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि मरने वालों में 75 फिसदी लोग पिछड़ी जातियों से ताल्लुक रखने वाले थे. इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जांच करने गई टीम को राज्य सरकार से सहयोग नहीं मिला. इसके साथ ही मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट में पटना HC की टिप्पणी का भी जिक्र है, जिसमें यह कहा गया है कि राज्य सरकार राज्य में पूर्ण शराबबंदी कराने में पूरी तरह से असफल रही है.&lt;/p&gt;
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