<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today MATA PARVATI News | Latest MATA PARVATI News | Breaking MATA PARVATI News in English | Latest MATA PARVATI News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का MATA PARVATI समाचार:Today MATA PARVATI News ,Latest MATA PARVATI News,Aaj Ka Samachar ,MATA PARVATI समाचार ,Breaking MATA PARVATI News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/mata-parvati</link>
        <lastBuildDate>April 24, 2026, 1:47 pm</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Guru Pradosh: आज है गुरु प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/guru-pradosh-today-is-guru-pradosh-vrat-learn-the-auspicious-time-and-puja-method/</link><pubDate>November 28, 2024, 2:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/pra-1.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। सनातन धर्म में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन प्रदोष व्रत का रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस बार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी ति...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सनातन धर्म में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन प्रदोष व्रत का रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस बार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 नवंबर 2024 यानी आज है। जिसे गुरु प्रदोष व्रत के रूप में मनाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रदोष व्रत की पूजा विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को करने से व्रत करने वाली की सभी इच्छाएं पूरी हो जाती है। ज्योतिषियों के मुताबिक इस प्रदोष व्रत के मौके पर दुर्लभ सौभाग्य योग के साथ कई शुभ योग भी बन रहे हैं। प्रदोष व्रत के मौके पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने की परंपरा है। इस दिन सुबह जल्दी स्नान करके साफ वस्त्र धारण करने चाहिए। मंदिर या पूजा स्थल की सफाई करें। मंदिर साफ करने के बाद शिव परिवार की प्रतिमा स्थापित करें। इस प्रदोष व्रत में भगवान शिव और पार्वती की विधि-विधान से पूजा करते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भगवान शिव को जल अर्पित करें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदोष व्रत पूजा में भगवान शिव और माता पार्वती को अक्षत, बेल पत्र, धूप आदि अर्पित करना चाहिए। इन सभी सामग्री से भगवान शिव की पूजा में शामिल करना चाहिए। यह व्रत निर्जला या फलाहार के साथ किसी भी तरह से रखा जा सकता है। पूरे दिन उपवास करने के बाद सूर्यास्त से पहले कुछ खा लेना चाहिए। हो सके तो शाम को पुनः स्नान करें। इसके बाद भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करें और गुरु प्रदोष व्रत की कथा सुनें। अंत में शिव जी की आरती करके भोग लगाए। इस दिन ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए जल चढ़ाना ना भूलें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पंचांग के मुताबिक मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 नवंबर को सुबह 06: 23 मिनट पर आरंभ होगी। इसके पश्चात 29 नवंबर को सुबह 08: 39 मिनट पर खत्म हो जाएगी। इस तरह 28 नवंबर को मार्गशीर्ष माह का पहला प्रदोष व्रत किया जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 24 मिनट से लेकर 08: 06 मिनट तक रहेगा।इस दिन कई सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है, जो 28 नवंबर की संध्या 4 बजकर 1 मिनट तक ही रहेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वैवाहिक जीवन में शांति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस समय चित्रा नक्षत्र का भी यो बन रहा है। इस मुहूर्त में शिव परिवार की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही सभी प्रकार के दुख-दर्द खत्म होते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Mahashivratri 2024: बिहार के इस मंदिर में मनाया जाता है महादेव का विवाहोत्सव, जानें इस Mahashivratri पर क्या होगा खास</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/mahashivratri-2024-mahadevs-marriage-festival-is-celebrated-in-this-temple-of-bihar-know-what-will-be-special-on-this-mahashivratri/</link><pubDate>March 8, 2024, 4:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/03/download-5-2-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। देशभर में आज यानी 8 मार्च को महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। ऐसे में बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित गरीब नाथ मंदिर की अलग ही परंपरा है। तो आइए जानते है महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ के इस मंदिर में क्या होता है खास। महाशिवरात्रि पर ह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; देशभर में आज यानी 8 मार्च को महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। ऐसे में बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित गरीब नाथ मंदिर की अलग ही परंपरा है। तो आइए जानते है महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ के इस मंदिर में क्या होता है खास।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाशिवरात्रि पर होगा खास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर उत्तर बिहार के देवघर कहे जाने वाले बाबा गरीबनाथ मंदिर में भोलेनाथ की भव्य विवाहोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. सभी महादेव भक्त भगवान शिव एवं माता पार्वती के विवाह उत्सव को दिव्य व भव्य बनाने में निरंतर लगे हुए हैं. बता दें कि विवाह से पूर्व भोलेनाथ और माता पार्वती की हल्दी रस्म संपन्न हुई। शादी यानी आज से एक दिन पहले 7 मार्च को भोलेनाथ की मटकोर पूजा की गई। हालांकि आज का दिन विशेष तौर पर खास है क्योंकि आज महाशिवरात्रि को भगवान शिव और मां गौरी के विवाहोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर प्रशासन द्वारा भोलेनाथ की अद्भुत झांकिया निकाली जाती है। यह झांकिया पूरे शहर का चक्कर लगाते हुए मंदिर में वापस आता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रात भर होगी चार पहर की पूजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शुक्रवार यानी आज रात गरीब नाथ मंदिर में शिव विवाह के अनुष्ठान के कार्य शुरू हो जाएंगे। बता दें कि सप्तर्षि आरती एवं मंत्रों से विवाह के लोकाचार संपन्न होंगे। आज रात भर चार पहर की आरती के साथ-साथ विवाह के उत्सव भोर तक विधिपूर्वक चलेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन चीजों को चढ़ाए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ को धतूरा, बेलपत्र, आंकड़े की माला, सफेद फूल, भांग, दूध, शहद, गंगाजल, मौसमी फल, बेर समेत अन्य चीज भी भगवान भोलेनाथ को समर्पित करें, ऐसा करने से भगवान भोलेनाथ अति प्रसन्न होते हैं और अपने भक्त को ढ़ेर सारा आशीर्वाद भी देते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज रुद्राभिषेक का विशेष महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाशिवरात्रि पर शिव जी और मां पार्वती को प्रसन्न करने के लिए दूध, दही, शहद, शक्कर आदि से पूजा का आरंभ करें। इस दिन पर भोलेनाथ को जलाभिषेक करने का एक अलग ही परंपरा है। इस शुभ अवसर पर रुद्राभिषेक का विशेष महत्व होता है। ऐसे में शिव भक्त को महाशिवरात्रि पर्व का इंतजार हमेशा लगा रहता है।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>