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       <title>Today Mahashivratri News | Latest Mahashivratri News | Breaking Mahashivratri News in English | Latest Mahashivratri News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Mahashivratri समाचार:Today Mahashivratri News ,Latest Mahashivratri News,Aaj Ka Samachar ,Mahashivratri समाचार ,Breaking Mahashivratri News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>महाशिवरात्रि में रखें सेहत का खास ध्यान, व्रत में ऊर्जा के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय</title><link>https://bihar.inkhabar.com/religious/take-special-care-of-your-health-on-mahashivratri-follow-these-important-measures-to-get-energy-during-the-fast/</link><pubDate>February 26, 2025, 9:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/02/Clipboard-2025-02-26T145729.942.jpg</image><category>अध्यात्म</category><excerpt>पटना। महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और रात्रि जागरण कर भगवान शिव की आराधना करते हैं। लेकिन लंबा उपवास और कम पानी पीने से शरीर पर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि उपवास के ...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और रात्रि जागरण कर भगवान शिव की आराधना करते हैं। लेकिन लंबा उपवास और कम पानी पीने से शरीर पर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि उपवास के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सेहत संबंधी सावधानियों का पालन किया जाए, जिससे ऊर्जा बनी रहे और कमजोरी महसूस न हो। आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन उपवास रखते समय अपनी सेहत का ध्यान कैसे रखें।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. हाइड्रेशन का रखें ध्यान&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;महाशिवरात्रि के व्रत में कई लोग पूरा दिन बिना पानी पिए उपवास रखते हैं, लेकिन यह शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से सिरदर्द, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए अगर संभव हो तो बीच-बीच में गुनगुना पानी, नारियल पानी, नींबू पानी या फलों का रस लें, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. ज्यादा देर खाली पेट न रहें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;लंबे समय तक खाली पेट रहने से एसिडिटी और कमजोरी हो सकती है। अगर व्रत में फलाहार कर सकते हैं, तो समय-समय पर फल, मेवे, दूध, दही, मखाने या साबूदाने का सेवन करें। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे और दिनभर एनर्जी बनी रहेगी।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. हल्का और संतुलित भोजन करें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;अगर आप व्रत खोल रहे हैं, तो एकदम से भारी और तला-भुना खाना न खाएं। इससे पाचन तंत्र पर अचानक दबाव पड़ सकता है। व्रत खोलने के बाद फलों, छाछ, खिचड़ी, साबूदाने की खीर या हल्की सब्जियां खाएं, जिससे पेट को आराम मिले और पाचन सही बना रहे।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;4. अत्यधिक चाय-कॉफी से बचें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;कई लोग उपवास के दौरान अधिक चाय या कॉफी पीते हैं, जिससे शरीर में कैफीन की मात्रा बढ़ जाती है। यह डिहाइड्रेशन और एसिडिटी बढ़ा सकता है। इसकी जगह बिल्कुल हल्का दूध, नारियल पानी, हर्बल टी या तुलसी का काढ़ा लेना फायदेमंद रहेगा।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;5. ज्यादा मीठा खाने से बचें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;व्रत में लोग ज्यादा मीठा खा लेते हैं, जिससे शुगर लेवल अचानक बढ़ सकता है और शरीर सुस्त महसूस कर सकता है। बेहतर होगा कि मीठे में आप गुड़, शहद या प्राकृतिक मिठास वाले फल का सेवन करें, ताकि शरीर को फायदेमंद पोषण मिले।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>महाशिवरात्रि के दिन भूलकर भी न करें ये गलती, वरना शिव जी हो जाएंगे नाराज,</title><link>https://bihar.inkhabar.com/religious/do-not-commit-this-mistake-on-mahashivratri-otherwise-lord-shiva-will-get-angry/</link><pubDate>February 26, 2025, 8:59 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/02/Clipboard-2025-02-26T142822.765-300x169.jpg</image><category>अध्यात्म</category><excerpt>पटना। महाशिवरात्रि के इस शुभ दिन पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह दिन भक्तों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस दिन व्रत और रात्रि जागरण करने से सभी पापों का नाश होता है और मनोकामनाएं ...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; महाशिवरात्रि के इस शुभ दिन पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह दिन भक्तों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस दिन व्रत और रात्रि जागरण करने से सभी पापों का नाश होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। लेकिन इस पावन दिन पर कुछ गलतियां करने से पूजा का फल प्राप्त नहीं होता।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इन नियमों का पालन ना करने से भगवान शिव की कृपा भी नहीं मिलती। आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और व्रत के खास नियम क्या हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;महाशिवरात्रि व्रत के खास नियम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;1. &lt;strong&gt;स्नान और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें:&lt;/strong&gt; महाशिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और शुद्ध वस्त्र धारण करें। अशुद्ध शरीर से पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति नहीं होती।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;2. &lt;strong&gt;पूजा में तामसिक चीजों का उपयोग न करें:&lt;/strong&gt; शिवलिंग पर तुलसी, हल्दी, कुमकुम और नारियल पानी चढ़ाना वर्जित माना गया है। भगवान शिव को ये चीजें प्रिय नहीं हैं, इसलिए पूजा में इनका प्रयोग न करें।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;3. &lt;strong&gt;शिवलिंग पर केतकी और केवड़ा फूल न चढ़ाएं:&lt;/strong&gt; मान्यता है कि केतकी और केवड़ा के फूल भगवान शिव को अपशकुनकारक लगते हैं। इसलिए इन फूलों का प्रयोग पूजा में न करें।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;4. &lt;strong&gt;शिव पूजा में कांस्य और स्टील के बर्तनों का प्रयोग न करें:&lt;/strong&gt; पूजा में हमेशा तांबे, चांदी या मिट्टी के पात्रों का ही प्रयोग करें। स्टील और कांस्य के बर्तनों में जल अर्पण करना अशुभ माना जाता है।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;5. &lt;strong&gt;महाशिवरात्रि व्रत में अनाज और नमक का सेवन न करें:&lt;/strong&gt; इस दिन पूर्ण रूप से फलाहार करें। कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, दूध और फलों का सेवन करना उत्तम माना जाता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आज है महाशिवरात्रि, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/today-is-mahashivratri-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</link><pubDate>February 26, 2025, 7:11 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/02/Clipboard-2025-02-26T124034.054-300x169.jpg</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। महाशिवरात्रि का व्रत करने से भगवान शिव अति शीघ्र प्रसन्‍न होकर आपकी सभी इच्‍छाएं पूर्ण करते हैं और आपके सभी कष्‍ट दूर करके आपके जीवन को खुशियों से भर देते हैं। शिवपुराण में बताया गया है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का ...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; महाशिवरात्रि का व्रत करने से भगवान शिव अति शीघ्र प्रसन्‍न होकर आपकी सभी इच्‍छाएं पूर्ण करते हैं और आपके सभी कष्‍ट दूर करके आपके जीवन को खुशियों से भर देते हैं। शिवपुराण में बताया गया है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्‍न हुआ था।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;महाशिवरात्रि पर भक्त शिव जी को प्रसन्न करने के लिए जलाभिषेक करते हैं। सुबह का समय विशेष फलदायी माना जाता है। लेकिन दिन और रात में भी पूजा के लिए अच्छे मुहूर्त हैं। जलाभिषेक ब्रह्म मुहूर्त से ही शुरू हो जाता है। सुबह 6 बजकर 48 मिनट से 9 बजकर 41 मिनट तक का सबसे उत्तम समय है। इसके बाद 11 बजकर 7 मिनट से लेकर 12 बजकर 34 मिनट तक का समय भी शुभ मुहूर्त है। शाम को 3 बजकर 26 मिनट से लेकर 6 बजकर 9 मिनट तक और फिर रात में 8 बजकर 53 मिनट से लेकर 12 बजकर 1 मिनट तक भी पूजा कर सकते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;शिवरात्रि की पूजा विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;व्रती को सुबह स्नान कर ले। स्नान के बाद भस्म और त्रिपुण्ड तिलक लगाएं। गले में रुद्राक्ष की माला धारण करके हाथ में जल लेकर मंत्र का जाप करें। पूजा के दौरान शिवरात्रिव्रतं ह्येतत् करिष्येऽहं महाफलम् । निर्विघ्नमस्तु मे चात्र त्वत्प्रसादाञ्जगत्पते । शाम के समय हो सके तो एक बार फिर स्नान कर लें। मंदिर जाकर शिव जी की पूजा करें। भगवान को पुष्प, बेल पत्र, धतूरा, केला, धूप अर्पित करें। भगवान को मीठे का भोग लगाएं। शिवलिंग पर दूध चढ़ाना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>इस साल महाशिवरात्रि कब? जानें पूजा से जुड़ी कुछ अहम बातें</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/when-is-mahashivratri-this-year-know-some-important-things-related-to-puja/</link><pubDate>January 19, 2025, 11:06 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-23-2-300x168.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए महाशिवरात्रि का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे भगवान शिव और देवी गौरी के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना: &lt;/strong&gt;सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए महाशिवरात्रि का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे भगवान शिव और देवी गौरी के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव और देवी शक्ति का मिलन हुआ था, जिसे महाशिवरात्रि कहा जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चार प्रहर की पूजा का प्रावधान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शास्त्रों में चार प्रहर की पूजा का प्रावधान है, इन प्रहर की पूजा से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;रात्रि प्रथम प्रहर पूजा का समय &amp;#8211; शाम 06:29 बजे से रात 09:34 बजे तक&lt;br&gt;रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा का समय- 27 फरवरी को रात्रि 09:34 बजे से 12:39 बजे तक&lt;br&gt;रात्रि तृतीया प्रहर पूजा समय- 27 फरवरी को दोपहर 12:39 बजे से 03:45 बजे तक&lt;br&gt;रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय- 27 फरवरी सुबह 03:45 बजे से सुबह 06:50 बजे तक&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महाशिवरात्रि का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का महत्व है, इस दिन महाशक्ति मां पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था। इसी कारण से इस दिन भगवान शिव की पूजा और अभिषेक किया जाता है और पौराणिक कथाओं के अनुसार माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह कराया जाता है। शिव का मानना ​​है कि इस दिन भगवान शिव की विधिवत पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, साथ ही सभी प्रकार के दुखों से मुक्ति मिलती है। इस साल की महाशिवरात्रि बेहद खास है क्योंकि इस दिन 12 साल बाद प्रयागराज महाकुंभ का आखिरी शाही स्नान होगा.&lt;/p&gt;
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