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       <title>Today kk pathak News | Latest kk pathak News | Breaking kk pathak News in English | Latest kk pathak News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का kk pathak समाचार:Today kk pathak News ,Latest kk pathak News,Aaj Ka Samachar ,kk pathak समाचार ,Breaking kk pathak News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Bihar News: केके पाठक की छुट्टियां समाप्त, पदभार न संभालने पर किया तबादला</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/kk-pathaks-leave-ended-transferred-for-not-taking-charge/</link><pubDate>July 2, 2024, 6:14 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/kk-pathak.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार के चर्चित आईएएस अधिकारी केके पाठक की लंबी छुट्टी 30 जून को खत्म हो गई है। छुट्टी के बाद उन्हें शिक्षा विभाग से हटाकर नया पद दिया गया हैं। केके पाठक को राजस्व और भूमि सुधार विभाग में बतौर अपर मुख्य सचिव तैनात किया गया है। ऐसे में केक...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के चर्चित आईएएस अधिकारी केके पाठक की लंबी छुट्टी 30 जून को खत्म हो गई है। छुट्टी के बाद उन्हें शिक्षा विभाग से हटाकर नया पद दिया गया हैं। केके पाठक को राजस्व और भूमि सुधार विभाग में बतौर अपर मुख्य सचिव तैनात किया गया है। ऐसे में केके पाठ चर्चा में बने हुए हैं। सोमवार को उन्हें इस पद पर कार्यरत होना था ,लेकिन वह सोमवार को विभाग पहुंचे ही नहीं । बताया जा रहा है कि पिछले महीने में नीतीश कुमार ने उन्हें शिक्षा विभाग से उनका ट्रांसफर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में कर दिया गया। उनकी जगह एस सिद्धार्थ को शिक्षा विभाग का एसीएस बनाया गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पद संभालने नहीं पहुंचे केके पाठक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सूत्रों के मुताबिक फिलहाल इस पद को दीपक कुमार सिंह संभाल रहे हैं। सोमवार को इस विभाग के पद को केके पाठक को संभालना था, लेकिन यह केवल एक कल्पना बनकर रह गई। विभाग के पदाधिकारी केके पाठक का इंतजार करते रहे लेकिन वह राजस्व एवं भूमि सुधार का पद संभालने नहीं आए। वहीं संभावना जताई जा रही है कि केके पाठक अपनी छुट्टियों की अवधि को बढ़ा सकते हैं। इससे पहले 13 जून को बिहार सरकार ने केके पाठक का शिक्षा विभाग से तबादला कर दिया था। वे लगभग एक साल तक शिक्षा विभाग के एसीएस रहें। इस दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग में कई तरह के बदलाव किए। उनके फैसलों पर कई बार विवाद भी उठें। साथ ही शिक्षा विभाग के विभिन्न मुद्दों को लेकर राजभवन और विश्वविद्यालयों में टकराव भी देखा गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विभाग से नेम प्लेट हटवा ली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लोकसभा चुनाव के खत्म होने के बाद नीतीश कुमार ने केके पाठक को शिक्षा विभागक से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में ट्रांसफर दिया। संभावना है कि अवकाश पर रहने के कारण अब तक उन्होंने अपना पद नहीं संभाला हैं। सूत्रों से खबर मिली है कि केके पाठक ने खुद फोन कर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से अपनी नेम प्लेट हटवा ली। इसके बाद चर्चा होने लगी कि क्या केके पाठक नीतीश सरकार के इस फैसले से नाराज है?&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Teacher: केके पाठक के बाद अब एस सिद्धार्थ से भी नाराज दिखे शिक्षक</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/bihar-teacher-after-kk-pathak-now-the-teacher-is-seen-angry-with-s-siddharth-too/</link><pubDate>June 26, 2024, 8:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/सिद्धार्थ-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में स्कूल शिक्षकों की नाराजगी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। केके पाठक के बाद अब नए मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ से भी शिक्षक नाराज नजर आ रहे है। इस बार शिक्षकों की नाराजगी ऑनलाइन अंटेंडेंस बनाने का निर्देश दिया गया था। पार्सवर्ड इनवै...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में स्कूल शिक्षकों की नाराजगी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। केके पाठक के बाद अब नए मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ से भी शिक्षक नाराज नजर आ रहे है। इस बार शिक्षकों की नाराजगी ऑनलाइन अंटेंडेंस बनाने का निर्देश दिया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पार्सवर्ड इनवैलिड से नहीं बन पा रही ऑनलाइन अटेंडेंस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार शिक्षा विभाग की तरफ से सभी टीचरों को 25 जून से ऑनलाइन अटेंडेंस बनाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इस ऑनलाइन अटेंडेंस में भी शिक्षकों को कई तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा हैं। सुबह जब शिक्षकों ने ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए पोर्टल को खोला तो किसी का आईडी पार्सवर्ड इनवैलिड बता रहा था तो कहीं किसी के मोबाइल में पोर्टल ही नहीं खुल रहा था। सर्वर स्लो होने की वजह से बड़ी मात्रा में शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं बना पा रहे थे। शिक्षकों का कहना है कि अभी इस पोर्टल में कुछ तकनीकी कमियां है। इस पोर्टल को अनिवार्य करने से पहले कुछ दिनों तक ट्रायल मोड पर रखा जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गलत लोकेशन के कारण ऑनलाइन अटेंडेंस में आई परेशानी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शिक्षकों का कहना है कि मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि ई-शिक्षा कोष एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करें। विभाग द्वारा शिक्षकों को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया गया था। ई-शिक्षा कोष एप में लॉगिन करने के लिए। यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करने के बाद मार्क अटेंडेंस का ऑप्शन आता है। जिसे क्लिक करने पर लोकेशन का ऑप्शन दिखाई दे रहा है और इस लोकेशन पर अपने स्कूल के नाम व पता के साथ स्कूल की फोटों पर क्लिक करना होता है। इसके बाद जब पोर्टल खोला तो उनके विद्यालय का लोकेशन गलत बता रहा था। जिससे ऑनलाइन अटेंडेंस बनाने में परेशानी हो रही है। जिस कारण ज्यादा संख्या में शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं बना पा रहे हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar News:केके पाठक की अनुपस्थिति में एस सिद्धार्थ संभालेगें अपर सचिव का पद</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/bihar-news-in-the-absence-of-kk-pathak-s-siddharth-will-take-over-the-post-of-additional-secretary/</link><pubDate>June 3, 2024, 10:26 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/89y8u8-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार(Bihar News) के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक 28 दिनों के लिए छुट्टी पर चले गए हैं। उनकी अनुपस्थिति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह पद प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ को सौंप दिया है। सामान्य विभाग की ओर से इसको लेकर सूचना जारी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार(Bihar News) के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक 28 दिनों के लिए छुट्टी पर चले गए हैं। उनकी अनुपस्थिति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह पद प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ को सौंप दिया है। सामान्य विभाग की ओर से इसको लेकर सूचना जारी की गई है। अब सवाल यह उठाया जा रहा है कि आखिर कौन है ये एस सिद्धार्थ?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कौन हैं ये एस सिद्धार्थ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;केके पाठक की अनुपस्थिति में अपर मुख्य सचिव बने एस सिद्धार्थ इतने पावरफुल होने के बावजूद भी बड़ी सादगी के साथ अपना जीवन जीते हैं। उनके पास दौलतमंद होने के बाद भी पैसे या सुविधाओं के पीछे भागने की बजाए अपने हुनर से हर किसी को चौका देते हैं। 1991 बैच के आईएएस ऑफिसर हैं एस सिद्धार्थ। वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव है। एस सिद्धार्थ औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर और भोजपुर के डीएम भी रह चुके है। इसके अलावा एस सिद्धार्थ अपनी अलग तरह की वर्किंग स्टाइल के लिए भी जाने जाते है। वह बिल्कुल एक आम आदमी की तरह ही रहते है। उन्हें हमेशा व्हाइट शर्ट और ब्लैक पैंट पहने देखा जा सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सादगी का जीवन जीते है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एस सिद्धार्थ को पटना की सड़कों पर अक्सर रिक्शे में सफर करते हुए देखा जा सकता है। वह सड़क के किनारे चाट और गोल-गप्पे खाते भी दिख जाते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं चाय की टपरी पर इन्हे कई बार चाय पीते हुए भी उनकी तस्वीरे देखी जा सकती है। आईआईटी दिल्ली से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में पीएचडी कर चुके एस सिद्धार्थ आईएएस ऑफिसर के साथ-साथ एक ट्रेंड पायलट भी है। उनके बचपन का सपना था कि वह एयरक्राफ्ट उड़ाए।&lt;br&gt;जब तक केके पाठक अपनी छुट्टियों को पूरा करके वापस नहीं आ जाते। तब तक एस सिद्धार्थ इस पद को संभालेगें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>KK Pathak के नए फरमान ने बढ़ाई बच्चों और शिक्षकों की टेंशन, छुट्टियों में भी चलेंगी क्लासेस</title><link>https://bihar.inkhabar.com/desh-pradesh/kk-pathaks-new-order-increases-the-tension-of-children-and-teachers-classes-will-run-even-during-holidays/</link><pubDate>April 14, 2024, 9:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/04/4-2-300x169.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>पटना। बिहार के शिक्षा विभाग के अपर सचिव केके पाठक (KK Pathak) लगातार एक्शन में हैं और एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहे हैं। हाल ही में जहां उनके लिए एक फैसले से बच्चों के अभिभावकों की टेंशन बढ़ गई वहीं दूसरी तरफ उन्होंने एक बार फिरसे एक बड़ा और अ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के शिक्षा विभाग के अपर सचिव केके पाठक (KK Pathak) लगातार एक्शन में हैं और एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहे हैं। हाल ही में जहां उनके लिए एक फैसले से बच्चों के अभिभावकों की टेंशन बढ़ गई वहीं दूसरी तरफ उन्होंने एक बार फिरसे एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि केके पाठक ने शनिवार को बिहार के बांका जिले के सभी 2100 सरकारी विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया गया है। जिसके अनुसार, इस बार सरकारी विद्यालयों में 15 अप्रैल से 15 मई तक ग्रीष्मावकाश होगा। लेकिन किसी को छुट्टी नहीं मिलेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्रीष्मावकाश में नहीं मिलेगा अवकाश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, KK Pathak के इस फरमान का मतलब ये है कि विद्यालय नियमित रूप से खुलेंगे। यही नहीं हर दिन शिक्षक और बच्चे स्कूल भी आएंगे। बच्चे हर दिन पढ़ेंगे भी। बस इस दौरान उनकी कक्षा को विशेष कक्षा कहा जाएगा। यानी की ग्रीष्मावकाश के समय स्कूल के बच्चों की विशेष क्लास चलाई जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जिला शिक्षा पदाधिकारी ने दिया आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कुंदन कुमार ने शनिवार को ये आदेश जारी किया है। इसमें ये कहा गया है कि पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक हर विद्यालय ग्रीष्मावकाश के दौरान सुबह आठ बजे से 10 बजे तक संचालित किया जाएगा। जिसमें हर दिन बच्चों के साथ-साथ सभी शिक्षकों का आना अनिवार्य है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं डीईओ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण और अनुपस्थित बच्चों को इस विशेष कक्षा में प्रत्येक दिन पढ़ाया जाना है। इसके अलावा अगर कोई और बच्चा इसमें उपस्थित होकर पढ़ना चाहता है तो वे भी आकर पढ़ाई कर सकता है। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के लिए परीक्षा का भी आयोजन किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>KK Pathak: सुपौल के इन 9 विद्यालयों के हेडमास्टर की नौकरी पर गिर सकती है गाज</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/headmaster-of-these-9-schools-of-supaul-may-lose-his-job/</link><pubDate>December 25, 2023, 6:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/2-10-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में शिक्षा विभाग की तरफ से व्यवस्था में सुधार लाने के लिए लगातार कुछ न कुछ निर्देश जारी होते रहते हैं। यही नहीं खुद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इसके लिए अलर्ट कर रहे हैं। वो आए दिन निरीक्षण कार्य भी करते रहते हैं। वहीं ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में शिक्षा विभाग की तरफ से व्यवस्था में सुधार लाने के लिए लगातार कुछ न कुछ निर्देश जारी होते रहते हैं। यही नहीं खुद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इसके लिए अलर्ट कर रहे हैं। वो आए दिन निरीक्षण कार्य भी करते रहते हैं। वहीं इतनी सख्ती के बाद भी व्यवस्था में कमियां दिखने को मिल रही हैं। इस बार जो मामला सामने आया है वो सुपौल जिले का बताया जा रहा है जहां एक गलती पर 9 हेडमास्टरों की नौकरी पर गाज गिर सकती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में जारी हुआ पत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, इस संबंध में सुपौल जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में 21 दिसंबर को एक पत्र जारी हुआ था। जो कि अब सामने आया है। इस पत्र के जरिए प्राथमिक शिक्षा एवं शिक्षा अभियान के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने डीपीओ स्थापना राहुल चंद्र चौधरी को कहा है कि हर स्कूल में कम से कम दो शौचालय का निर्माण किया जाए लेकिन जिले के 9 स्कूलों में इसकी कोई व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में उन्होंने कार्रवाई की अनुसंशा की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये 9 विद्यालय लिस्ट में शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;मध्य विद्यालय कहरवाना&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;प्रावि कनचीरा छातापुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;यूएमएस मोतीपुर कन्या राघोपुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;प्रावि लक्ष्मीनिया सुपौल&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;प्रावि घोरे राघोपुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;प्रावि अमहा चौघरा&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;कन्या प्रावि ब्रह्मपुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;यूएमएस सिमराहा मरौना&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;उर्दू मध्य विद्यालय बौराहा राघोपुर&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विद्यालय प्रधान के विरुद्ध पत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इस मामले के संबंध में डीपीओ एसएसए प्रवीण कुमार बताया कि शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिले के 9 स्कूलों में शौचालय के निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई। इसीलिए डीपीओ स्थापना को पत्र जारी किया गया। बता दें कि विद्यालय प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। वहीं डीपीओ स्थापना राहुल चंद्र चौधरी ने पूछने पर बताया कि उन्हें अभी कोई पत्र नहीं मिला है। यदि कोई पत्र प्राप्त होगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>K.K. Pathak: केके पाठक के नए फरमान से बढ़ सकती है शिक्षकों की टेंशन, जानें क्या है नया आदेश</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/teachers-tension-may-increase-due-to-kk-pathaks-new-order-know-what-is-the-new-order/</link><pubDate>December 16, 2023, 11:12 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/10-4-300x165.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने एक नए फरमान से सरकारी स्कूलों के टीचरों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि केके पाठक एक सरकारी स्कूल की शिक्षिक से कह रहे थे कि अगर बच्चे शाम 5 बजे तक भी पढ़ना चाहते हैं तो आप उ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने एक नए फरमान से सरकारी स्कूलों के टीचरों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि केके पाठक एक सरकारी स्कूल की शिक्षिक से कह रहे थे कि अगर बच्चे शाम 5 बजे तक भी पढ़ना चाहते हैं तो आप उन्हें पढ़ाइए। इसके साथ ही बच्चों से कहा कि आप पढ़ें चाहे नहीं पढ़े लेकिन आपको स्कूल में 3:30 बजे तक रहना है भागना नहीं है। उनका ये बयान कैमरे में कैद हो गया है, जिससे शिक्षक सोच में पड़ गए है कि क्या 5 बजे तक पढ़ाने का फरमान जारी होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निरीक्षण करने पहुंचे केके पाठक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक शुक्रवार को वैशाली जिले सरकारी स्कूलों का जायजा लेने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान केके पाठक हाजीपुर के हंसतारगंज मध्य विद्यालय पहुंचे जहां उन्होंने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने चंद्रलेखा मध्य विद्यालय अस्तीपुर, मध्य विद्यालय मीनापुर व अन्य स्कूलों का निरीक्षण किया। जिसके बाद केके पाठक लालगंज के घटारो मध्य विद्यालय में पहुंचे। यहां उन्होंने एक शिक्षिका को कहा कि आप 3:30 से लेकर 5:00 बजे तक स्कूल में रहें। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों से कहा कि आप पढ़ें चाहे नहीं पढ़ें लेकिन 3:30 बजे तक आपको स्कूल में रहना है भागना नहीं है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहले भी जारी हो चुके हैं कड़े फरमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इससे पहले शिक्षा विभाग की तरफ से कई फरमान जारी किए गए थे। जैसे कि जिस स्कूल में शिक्षक पढ़ाते हैं उन्हें उस स्कूल के 15 किलोमीटर के दायरे में ही रहना होगा चाहे वो ड्यूटी पर हों या छुट्टी पर। इसके अलावा शिक्षकों को तबीयत खराब होने पर भी स्कूल आकर छुट्टी लेनी पड़ेगी। इस दौरान व्हाट्सएप पर छुट्टी का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यही नहीं कोई शिक्षक मीडिया में बयान नहीं दे सकता और न ही शिक्षा विभाग को लेकर सोशल मीडिया पर किसी प्रकार का पोस्ट कर सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Teacher : केके पाठक ने बताया कब मिलेगा BPSC में चयनित शिक्षकों का वेतन</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/kk-pathak-told-when-the-teachers-selected-in-bpsc-will-get-their-salaries/</link><pubDate>December 2, 2023, 7:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/4-1-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक लगातार स्कूलों में औचक निरीक्षण करते नज़र आ रहे हैं। अब वह मुंगेर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पंहुचे। इस दौरान उन्होंने नए शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में दस...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक लगातार स्कूलों में औचक निरीक्षण करते नज़र आ रहे हैं। अब वह मुंगेर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पंहुचे। इस दौरान उन्होंने नए शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में दसवीं कक्षा के बाद हर हाल में ड्राप आउट रोकना है। शिक्षकों को समय पर वेतन भी मिलेगा और 7 दिसंबर से पहले नवनियुक्त का वेतन उनके खाते में चला जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया, आप हौसला बुलंद रखकर बच्चों का भविष्य बेहतर बनाएं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नवनियुक्त शिक्षकों को किया संबोधित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक शुक्रवार की रात मुंगेर पहुंचे। यहां जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में उन्होंने BPSC में चयनित नवनियुक्त शिक्षकों को निर्देश दिया। केके पाठक ने कहा, छह माह या वर्ष में एक बार सभी शिक्षकों का रिफ्रेशर कोर्स होगा। शिक्षा व्यवस्था ठीक रही तो गांवों में भी परिवर्तन दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि आप सभी की पोस्टिंग गांव में हुई है। गांव में विद्यालय के पास ही सभी अपना आवास रखें और पूरे मनोयोग से बच्चों को पढ़ाएं। केके ने कहा कि नवनियुक्त शिक्षकों को बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, जिसे बखूबी से निभाना है। गांव के लोगों को ये सोचकर आपका इंतजार है कि BPSC के नियुक्त शिक्षक हमारे गांव में आएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;1 जनवरी को मिलेगा वेतन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा केके पाठक ने कहा कि गांव के लोग सोच रहे हैं कि आपके आने से उनके बच्चों को एक नई सोच और उच्चस्तरीय शिक्षा प्राप्त होगी तो आप लोग गांव जाएं। किसी ने अफवाह उड़ा दी है कि एक लाख शिक्षक की भर्ती कर तो लिए हैं लेकिन विभाग पैसे कहां से देगा सबको। सरकार के पास तो पैसे ही नहीं हैं मगर आप लोग चिंता न करें। आप लोगों को समय पर पैसे मिलेंगे। 7 दिसंबर से पहले नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन मिल जाएगा और दिसंबर माह का वेतन 1 जनवरी 2024 को मिलेगा। दिसंबर माह में एक लाख शिक्षक और आ जाएंगे, जो शिक्षकों की कमी है वो पूरी हो जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विद्यालय में हुई है बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यहां कार्यक्रम में जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा लोग बीपीएससी शिक्षकों का इंतजार कर रहे थे। विद्यालय में बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। समाज आप शिक्षकों को काफी सम्मान देगा। बिहार के नवनिर्माण में आप सभी सहयोग करें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>KK Pathak: बिहार के सरकारी स्कूलों में शुरू हो रहा केके पाठक का मिशन दक्ष, चलेगी स्पेशल क्लास</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/kk-pathaks-mission-daksh-is-starting-in-government-schools-of-bihar-special-classes-will-be-run/</link><pubDate>December 1, 2023, 1:06 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/15-300x200.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए केके पाठक ने इसी दिसंबर से एक बड़े मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत ऐसे बच्चों का चुनाव किया जाएगा जो पढ़ाई में बहुत कमजोर हैं। अब से इन बच्चों को अलग से 45 मिनट का समय दिया जाएगा। इस 45 म...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए केके पाठक ने इसी दिसंबर से एक बड़े मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत ऐसे बच्चों का चुनाव किया जाएगा जो पढ़ाई में बहुत कमजोर हैं। अब से इन बच्चों को अलग से 45 मिनट का समय दिया जाएगा। इस 45 मिनट के दौरान शिक्षक न सिर्फ कमजोर बच्चों पर अलग से ध्यान देंगे बल्कि ये भी पता लगाएंगे कि बच्चा पढ़ाई में पीछे क्यों है? इसके कारण का पता लगाने के बाद बच्चे की पढ़ाई में सुधार किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लाखों बच्चों की चलेगी स्पेशल क्लास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कि दिसंबर से ही सूबे के सभी सरकारी स्कूलों में मिशन दक्ष की शुरुआत होने जा रही है। केके पाठक के इस मिशन के अनुसार पढ़ाई में कमजोर बच्चों को अलग से पढ़ाया जाएगा। यही नहीं इन बच्चों की परीक्षा भी अलग से ली जाएगी। बिहार के लाखों बच्चों के लिए स्पेशल क्लास चलेगी जो मिशन दक्ष के अंतर्गत होगी। इन छात्र-छात्राओं के लिए स्पेशल एग्जाम कैलेंडर भी बनाए जाएंगे। इस मिशन के तहत प्रत्येक कक्षा से 5 बच्चों का चुनाव किया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;15 मार्च तक रखी गई डेडलाइन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा मिशन दक्ष के तहत स्कूलों में एक खास समय तय किया गया है। इसमें चयन किए गए बच्चों की क्लास स्कूल में छुट्टी होती ही शुरू हो जाएगी। ये स्पेशल क्लास प्रतिदिन दोपहर साढ़े 3 बजे से लेकर सवा 4 बजे तक चला करेगी। इसमें वो बच्चे शामिल किए जाएंगे जो अपनी किताबें ठीक से नहीं पढ़ सकते। इतना ही नहीं इन छात्र-छात्राओं के लिए 15 मार्च 2024 तक की डेडलाइन भी तय की गई है। दी गई डेडलाइन तक बच्चों को पढ़ने में अच्छा बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। अगर इस स्पेशल परीक्षा में बच्चे पास नहीं हो पाए तो स्कूल प्रिंसिपल को लेने के देने पड़ सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केके पाठक ने लिखी चिट्ठी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने इस विषय में जिलों के अफसरों को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें मिशन दक्ष को चलाने के लिए खास निर्देश दिए गए। इसके लिए जिला पदाधिकारियों की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई गई है। इस दौरान केके पाठक का यह ऑर्डर है कि हर टीचर को कम से कम 5 बच्चों को पढ़ाना होगा। शिक्षकों को शैक्षणिक तौर पर इन कमजोर बच्चों को गोद लेना होगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar News: शिक्षा विभाग के नए फरमान से शिक्षक संघ नाराज, राष्ट्रपति और CJI से करेंगे शिकायत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-news-teachers-union-angry-with-the-new-order-of-the-education-department-will-complain-to-the-president-and-cji/</link><pubDate>November 30, 2023, 7:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/7-5-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार शिक्षा विभाग के द्वारा लगातार नए-नए फरमान जारी किए जाने से बिहार के शिक्षकों में नाराजगी देखी जा रही है। वहीं अब केके पाठक के एक और नए फरमान को शिक्षक संघ ने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना है। इस मामले को लेकर संघ, भारत के राष्ट्रपत...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार शिक्षा विभाग के द्वारा लगातार नए-नए फरमान जारी किए जाने से बिहार के शिक्षकों में नाराजगी देखी जा रही है। वहीं अब केके पाठक के एक और नए फरमान को शिक्षक संघ ने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना है। इस मामले को लेकर संघ, भारत के राष्ट्रपति और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को पत्र लिखने की तैयारी में है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा विभाग कर रहा उल्लंघन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार का मानना है कि यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और ऐसे में वह अपने मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी सरकार से कई पत्राचार संघ और संगठन के होते रहे हैं। ऐसे में केके पाठक कैसे कह रहे हैं कि संघ बनाने का अधिकार नहीं है जो बनाएगा उसे पर कार्रवाई होगी। जबकि साल 1949 से हमारा संगठन रजिस्टर्ड है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छुट्टियों में कटौती को लेकर दिया बयान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं स्कूलों में छुट्टियों का कैलेंडर जारी होने और स्कूल की अवधि का समय बढ़ाए जाने पर मनोज कुमार ने कहा कि यह कैसे संभव है। इसमें पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों को जितना समय पढ़ाया जाएगा, उतना समय 10वीं और 12वीं के छात्रों को। वहीं मनोज कुमार ने यह भी कहा कि इससे पहले प्राथमिक विद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों के लिए अलग-अलग अवकाश तालिका बनाई जाती थी। बच्चों को 8 घंटे तक स्कूल में रोक पाना काफी मुश्किल है। ऐसे में सरकार को प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के लिए अलग-अलग अवकाश तालिका जारी करनी चाहिए। कक्षा एक का बच्चा और 12वीं का बच्चा बराबर पढ़ेगा क्या यह व्यावहारिक है?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है शिक्षा विभाग का नया निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इन दिनों काफी एक्शन में नजर आ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने पत्र जारी करते हुए निर्देश दिया है कि सरकार ने किसी शिक्षक संघ को मान्यता नहीं दी है। वहीं पत्र के अनुसार, ऐसे में कोई भी शिक्षक संघ का निर्माण नहीं करेंगे, न ही किसी संघ से जुड़ेंगे। अगर कोई शिक्षक ऐसा करता है तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>KK Pathak: निरीक्षण के दौरान नरम मिजाज में दिखाई दिए केके पाठक, नवनियुक्त शिक्षकों को दिलाया भरोसा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/kk-pathak-appeared-in-a-soft-mood-during-the-inspection-assured-the-newly-appointed-teachers/</link><pubDate>November 30, 2023, 6:07 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/3-9-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक लगातार स्कूलों में औचक निरीक्षण करते नज़र आ रहे हैं। उनके कड़े तेवर को स्कूल के शिक्षक से लेकर प्रधानाध्यापक तक सभी जानते हैं। बताया जा रहा है कि इसी जांच के क्रम में इस बार केके पाठक भोजपुर ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक लगातार स्कूलों में औचक निरीक्षण करते नज़र आ रहे हैं। उनके कड़े तेवर को स्कूल के शिक्षक से लेकर प्रधानाध्यापक तक सभी जानते हैं। बताया जा रहा है कि इसी जांच के क्रम में इस बार केके पाठक भोजपुर के एक ट्रेनिंग सेंटर पर पहुंचे थे लेकिन इस बार उनका अंदाज अलग दिखाई दिया। इस बार वह एकदम सामान्य मिजाज में नजर आए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नरम मिजाज में नजर आए केके पाठक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, ट्रेनिंग सेंटर पर पहुंचते ही केके पाठक (kk pathak) नवनियुक्त शिक्षकों से हंसी मजाक करते हुए बातचीत कर रहे थे। हालांकि, वो यहां निर्धारित समय से थोड़ा देरी से पहुंचे थे। इसके लिए उन्होंने माफी भी मांगी। इस दौरान केके पाठक ने शिक्षकों से पूछा कि यहां अरवल के रहने वाले कौन हैं तो कुछ महिला शिक्षकों ने हाथ उठाया। वहीं जब केके पाठक ने पूछा कि बिहार के बाहर रहने वाले कौन-कौन हैं तो इसपर अधिकांश महिला नवनियुक्त शिक्षकों ने हाथ खड़े किए। इस पर केके पाठक भी आश्चर्य में पड़ गए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नवनियुक्त शिक्षकों से किए सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हालांकि, इसके बाद केके पाठक ने हंसी मजाक के अंदाज में सभी नवनियुक्त शिक्षकों से बातचीत शुरू की। उन्होंने सवाल किया कि बिहार में कैसा महसूस हो रहा है, इसपर महिला शिक्षकों ने जवाब दिया कि सर बहुत अच्छा। केके पाठक ने यह भी सवाल किया कि बिहार को लेकर जो गलत विचार था वह दूर हो गया न? इस पर सभी शिक्षकों ने कहा कि जी सर। फिर केके पाठक ने कहा कि आप लोग अपने अभिभावक को बता दीजिए कि सब कुछ सही चल रहा है यहां। जैसा आपलोग सोच रहे थे वैसा कुछ भी नहीं है। केके पाठक ने कहा कि यह ट्रेनिंग सेंटर तो इंटेरियर में है, फिर भी सबकुछ सही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सैलरी का दिलाया भरोसा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यही नहीं इस दौरान केके पाठक ने कहा, आपलोग चिंता मत कीजिए, जैसे ही आप लोगों की ट्रेनिंग पूरी होगी वैसे ही आप लोगों की ज्वॉइनिंग हो जाएगी। हमलोग यह भी कोशिश कर रहे हैं कि आप लोगों की सैलरी भी दिसंबर में आ जाए। इसके बाद केके पाठक ने प्रिंसिपल बात करते हुए कहा कि अगर इनका अकाउंट खुल गया है तो चेकबुक भी 15 दिन के अंदर दिलवा दीजिए। केके पाठक ने सभी शिक्षकों से कहा कि पढ़ाई की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए बच्चों को पढ़ाना है। स्कूल के रखरखाव का भी ध्यान दें। साथ ही आप लोग कमजोर बच्चे पर विशेष ध्यान दें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar: औचक निरीक्षण के लिए जहानाबाद पहुंचे K. K Pathak, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-k-k-pathak-reached-jehanabad-for-surprise-inspection-gave-strict-instructions-to-officials/</link><pubDate>November 3, 2023, 6:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/3-2-300x225.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बनाए जाने के बाद से के के पाठक लगातार एक्शन में नज़र आ रहे हैं। वह लगातार अचानक स्कूलों में निरीक्षण करने के लिए पहुंच जाते हैं तो कभी नए-नए नियम लागू कर देते हैं। बताया जा रहा है कि के के पाठक की ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बनाए जाने के बाद से के के पाठक लगातार एक्शन में नज़र आ रहे हैं। वह लगातार अचानक स्कूलों में निरीक्षण करने के लिए पहुंच जाते हैं तो कभी नए-नए नियम लागू कर देते हैं। बताया जा रहा है कि के के पाठक की इस सक्रियता से बिहार के शिक्षक खौफ खाने लगे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;के के पाठक ने दिया निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे, के के पाठक औचक निरीक्षण करने के लिए जहानाबाद के हुलासगंज पहुंच गए। जहां उन्होंने जहानाबाद जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने डीईओ रौशन आरा को प्रस्तावित डायट कॉलेज को एनसीटीई से मंजूरी दिलाने के लिए व्यवस्था सुधार और जरूरी कागजी प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही के के पाठक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को प्रशिक्षुओं की संख्या को बढ़ाने और कॉलेज के खाली कमरों को आवासन के लिए इस्तेमाल करने का निर्देश दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कंप्यूटर और फर्नीचर की व्यवस्था का निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यही नहीं औचक निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने शिक्षकों के दरी पर बैठाकर ट्रेनिंग देने और लैब में कम कंप्यूटर सिस्टम होने पर नाराजगी जताई है।उन्होंने डीएम रिची पांडे को भी निर्देश दिया कि यथाशीघ्र यहां पर 50 से अधिक कंप्यूटर लगाए जाएं और फर्नीचर की भी व्यवस्था की जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्रामीणों की शिकायत पर लिया संज्ञान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा के के पाठक ने ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत पर भी संज्ञान लिया लेते हुए मेस संचालक पर जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों द्वारा डायट कॉलेज में चारदिवारी निर्माण और प्लास्टिक की थैली और गंदगी फैलाने की शिकायत की गई थी। केके पाठक ने उन्होंने भरोसा दिलाया है कि शीघ्र ही चारदिवारी बना दी जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दो दिन के अंदर हो डायट कॉलेज की व्यवस्था में सुधार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने डायट गया कॉलेज के प्रिंसिपल की जगह जिला शिक्षा पदाधिकारी को यहां की व्यवस्था संचालन का अधिकार सौंपने का निर्देश डीएम को दिया है। इस दौरान ट्रेनिंग कॉलेज के छात्रों ने बताया कि शिक्षक यहां नियमित नहीं आते हैं। यहां शिक्षक गया से प्रतिनियुक्ति पर है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि शीघ्र ही ट्रेनिंग कॉलेज ढोगरा में शिक्षकों का पदस्थापन कराया जाएगा। उन्होंने डीईओ को दो दिन के अंदर डायट कॉलेज की व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया है। यही नहीं के के पाठक ने इसकी सारी जानकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देने का भी निर्देश दिया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा- बिहार में शिक्षा का बजट 40 हजार…</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-prashant-kishore-the-architect-of-jan-suraj-padyatra-raised-questions-on-the-education-system-said-the-budget-of-education-in-bihar-is-rs-40-thousand/</link><pubDate>September 22, 2023, 12:24 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-2-7-300x168.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। प्रशांत किशोर ने कहा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में शिक्षा का बजट 40 हजार करोड़ रुपये का है लेकिन 40 बच्चे भी अच्छे से पढ़कर नहीं निकल पा रहे हैं। प्रशांत किशोर ने उठाए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल बिहार में शिक्षा व्यवस्था...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; प्रशांत किशोर ने कहा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में शिक्षा का बजट 40 हजार करोड़ रुपये का है लेकिन 40 बच्चे भी अच्छे से पढ़कर नहीं निकल पा रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रशांत किशोर ने उठाए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक काफी दिनों से एक्टिव दिखाई दे रहे हैं। वह शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं। इन सबके बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को एक बयान जारी करते हुए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गांवों में शिक्षक के रहने की व्यवस्था नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुजफ्फरपुर में जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि अभी सरकार का जो प्रयास है, अधिकारी शिक्षकों को स्कूल में बैठा रहे हैं। अगर शिक्षक स्कूल में बैठ भी जाएं तो उन्हें पढ़ाने के लिए आप कैसे मजबूर करेंगे? इस बयान में प्रशांत किशोर किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि गांवों में शिक्षक के रहने की व्यवस्था ही नहीं है। उसके खुद के बच्चे के बीमार पड़ने पर इलाज की व्यवस्था ही नहीं है, तो भला वो वहां रहेगा कैसे? प्रशांत किशोर ने नसीहत देते हुए कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य दोनों ही क्षेत्रों में बेहतर यही होगा कि आप भले दो ही स्कूल या अस्पताल खोलें, लेकिन उसे अच्छे से चलाएं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हर प्रखंड में 3 से 5 विश्व स्तरीय संस्थान बनाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाने को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि हर प्रखंड में कम से कम 3 से 5 विश्व स्तरीय संस्थान बनाए जाएं। बजाय इसके कि आपने 25, 30, 40 व्यवस्था बनाई हुई है, जहां पर आप केवल खिचड़ी बांट रहे हैं और चोरी करा रहे हैं। प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि ये पैसा हम खर्च कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि बिहार सरकार ये पैसा खर्च नहीं कर रही है। बिहार में शिक्षा का बजट 40 हजार करोड़ रुपये का है और आप स्कूलों की दशा देख लीजिए कि क्या हो रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;40 करोड़ खर्च पर भी अच्छी व्यवस्था नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि राजधानी पटना के जयप्रकाश नगर के प्राथमिक विद्यालय का वीडियो बिहार सरकार की पोल खोलते हुए तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि एक क्लास रूम में पांच कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर एक ही ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाया जा रहा है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में हम 40 हजार करोड़ रुपये हर साल शिक्षा पर खर्च कर रहे हैं लेकिन इससे 40 बच्चे भी अच्छे से पढ़कर नहीं निकल पा रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बच्चों को विद्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था करें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रशांत किशोर ने कहा कि इसी बिहार में नेतरहाट, लंगट सिंह कॉलेज, पटना साइंस कॉलेज, पटना कॉलेज के साथ ऐसे दस से भी अधिक इंस्टीट्यूशन थे। इनसे बढ़कर हर प्रखंड में एक से दो विद्यालय ऐसे थे जहां से पढ़कर लोग अपना जीवन बना पाते थे। उन्होंने कहा कि मैंने जो आपको बताया कि समता मूलक शिक्षा नीति बनाने के चक्कर में आपने हर जगह विद्यालय खोल दिए। उसकी गुणवत्ता पर, उसकी सुविधाओं पर, वहां मिलने वाली शिक्षा पर आपने ध्यान नहीं दिया। अगर शिक्षा व्यवस्था सुधारना है तो हम लोगों को हर गांव में विद्यालय बनाने की बजाय बच्चों को विद्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar News: राज्यपाल ने खुले मंच पर नीतीश कुमार को दे दी नसीहत, बोले- कुलाधिपति की मर्यादा का ख्याल रखें</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-news-the-governor-gave-advice-to-nitish-kumar-on-the-open-platform-said-take-care-of-the-dignity-of-the-chancellor/</link><pubDate>September 5, 2023, 2:54 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download-47-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना: आज पूरा देश शिक्षक दिवस मना रहा है। ऐसे में बिहार में भी शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शिरकत की। लेकिन राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शिकायत की है। राज्यपाल ने कह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: आज पूरा देश शिक्षक दिवस मना रहा है। ऐसे में बिहार में भी शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शिरकत की। लेकिन राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शिकायत की है। राज्यपाल ने कहा कि आपने देखा है कि मुख्यमंत्री ने कितना काम किया है। आप इतना सोच नहीं सकते हैं, इतना कर नहीं सकते हैं, जितना काम किया है। लेकिन विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति को अगर आप नीचे रखेंगे तो कुलाधिपति इस पर जरूर विचार नहीं कर सकते। कुलाधिपति की जो भी वहां हैसियत है, उसपर विचार करने की, पुनर्विचार करने की आवश्यकता है शिक्षा विभाग को।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन दोनों बातों पर विचार करने की आवश्यकता है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्यपाल ने कहा कि आप कुलाधिपति को वहां से टोकते रहेंगे और अपेक्षा करते रहेंगे, ऐसा नहीं हो सकता है। मुझे लगता है कि इन दोनों बातों पर विचार करने की आवश्यकता है। कोई चिंता का विषय नहीं है। यह समन्वय का विषय है। संघर्ष का विषय नहीं है। तनाव की बात आती है, लेकिन मेरे और मुख्यमंत्री के बीच में कोई तनाव नहीं है। हम दोनों इकट्ठा बैठ सकते हैं। हम दोनों इकट्ठा बैठकर विचार कर सकते हैं। इस पूरे विषय पर समाधान निकाल सकते हैं, ऐसा मेरा विश्वास है। शिक्षक दिवस पर अपने अगर इस शिक्षा के सिस्टम को, प्रदेश के शिक्षा के सिस्टम को ठीक करने का संकल्प किया जाए तो इससे बेहतर कुछ नहीं होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मंच पर लड़खड़ा गए सीएम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, पटना विश्वविद्यालय के नए व्हीलर सीनेट हॉल का भी उद्घाटन किया जाना था। इसको लेकर विवि प्रशासन की ओर से राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आमंत्रित किया गया था। ऐसे में नीतीश कुमार जब स्टेज पर पहुंचे तो रेड कारपेट पर वह लड़खड़ा गए। इसके बाद उनके बॉडीगार्ड ने उन्हें संभाला। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने व्हीलर सीनेट हॉल का भी उद्घाटन किया। विवि के किसी भी कार्यक्रम में कुलाधिपति सह राज्यपाल के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहली बार मंच साझा कर रहे हैं। व्हीलर सीनेट हॉल का नव सौन्दर्यीकृत किया गया है। शिक्षक दिवस पर सेवानिवृत्त 35 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। 21 शिक्षक एवं कर्मचारी भी सम्मानित हुए।&lt;/p&gt;
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