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       <title>Today ISRO News | Latest ISRO News | Breaking ISRO News in English | Latest ISRO News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का ISRO समाचार:Today ISRO News ,Latest ISRO News,Aaj Ka Samachar ,ISRO समाचार ,Breaking ISRO News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/isro</link>
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        </image><item><title>ISRO: बिहार के जिला टॉपर्स को मिलेगा इसरो जाने को मौका,100 विद्यार्थियों का होगा चुनाव</title><link>https://bihar.inkhabar.com/desh-pradesh/isro-district-toppers-of-bihar-will-get-a-chance-to-go-to-isro-100-students-will-be-selected/</link><pubDate>September 9, 2024, 4:06 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/isro.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं, 10वीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थी अंतरिक्ष की दुनिया को समझने के लिए इसरो केंद्र बेंगलुरु जाएंगे। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने इसरो जाने वाले विद्यार्थियों की सूची सभी जिला शिक्षा पदाधिकारिय...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं, 10वीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थी अंतरिक्ष की दुनिया को समझने के लिए इसरो केंद्र बेंगलुरु जाएंगे। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने इसरो जाने वाले विद्यार्थियों की सूची सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को जल्द उपलब्ध कराने का आदेश जारी किए है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;100 बच्चों का किया जाएगा चयन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;राज्य परियोजना निदेशक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इस अभियान में उन विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा जो कक्षा 9वीं के वार्षिक परीक्षा और 10वीं के बोर्ड परीक्षा में जिला स्तर पर टॉप किया है। इस अभियान में टोटल 100 बच्चों को इसरो जाने का मौका दिया जाएगा। प्रत्येक जिले से एक छात्र और छात्रा को टीम में शामिल किया जाएगा। जारी आदेश यह भी कहा गया है कि जिन जिलों में प्रखंडों की संख्या 18 से ज्यादा है। वहां से 2 छात्र और दो छात्रा शामिल होंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षकों को किया जाएगा शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस कार्यक्रम का मकसद बच्चों में विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाना है। परियोजना परिषद द्वारा विद्यार्थियों के चुनाव के लिए सभी जिलों को फॉर्मेट भेज गया है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इसरो के भ्रमण पर जा रहे विद्यार्थियों के साथ शिक्षक भी जाएंगे। दरभंगा, छपरा, पटना, मुजफ्फरपुर, सहरसा,पूर्णिया, मुंगेर और गया जैसे जिलों से शिक्षकों का चयन किया जाएगा। पटना से 4 और बाकी जिले से 2-2 टीचरों को शामिल किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;20 शिक्षकों की तैयार की जाएगी सूची&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;प्रत्येक जिले से एक शिक्षक और एक शिक्षिका शामिल को शामिल किया जाएगा। जबकि पटना से चार शिक्षक जिनमें दो शिक्षक एवं दो शिक्षिका शामिल होंगे। परिषद ने जारी अपने आदेश में कहा है कि इस अभियान के लिए इन जिलों से टोटल 20 शिक्षकों की सूची तैयार की जाएगी। उन्हीं शिक्षकों को बच्चों के साथ इसरो जाने का मौका मिलेगा, जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में सेमिनार, विज्ञान प्रदर्शनी, क्वीज का संचालन और पुरस्कार आदि में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>नासा भारत के ग्रुप कैप्टन शुभांशु को भेजेगी अंतरिक्ष स्टेशन, बेंगलुरु में होगी ट्रेनिंग</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/nasa-will-send-indias-group-captain-shubhanshu-to-space-station-training-will-be-done-in-bengaluru/</link><pubDate>August 3, 2024, 5:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/Clipboard-38-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भारतीय कैप्टन को अंतरिक्ष भेजने का निर्णय लिया है। भारत के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अमेरिकी एजेंसी नासा अंतरिक्ष स्टेशन भेजने की तैयारी कर रही है। इसरो ने अपने बयान में इस बात की जानकारी दी है। इसरो ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना &lt;/strong&gt;: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भारतीय कैप्टन को अंतरिक्ष भेजने का निर्णय लिया है। भारत के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अमेरिकी एजेंसी नासा अंतरिक्ष स्टेशन भेजने की तैयारी कर रही है। इसरो ने अपने बयान में इस बात की जानकारी दी है। इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र के लिए अमेरिका स्थित एक्सिओम स्पेस के साथ अंतरिक्ष उड़ान समझौता किया है, जिसमें 2 भारतीय पायलट होंगे। दोनों भारतीय प्राइम और बैकअप मिशन पायलट होंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कैप्टन शुक्ला होंगे प्राइमरी मिशन पायलट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;नासा के बयान के अनुसार ग्रुप कैप्टन शुक्ला प्राइमरी मिशन पायलट की जिम्मेदारी निभाएंगे, वहीं भारतीय वायुसेना के एक अन्य ऑफिसर, ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर बैकअप मिशन पायलट बनेंगे। इन दोनों अधिकारियों को &amp;#8216;गगनयात्री&amp;#8217; भी कहा जाता है। इनकी ट्रेनिंग अगस्त के पहले सप्ताह में शुरू होगी। पिछले साल वायुसेना से चार टेस्ट पायलटों का चुनाव किया गया था और गगनयान मिशन की ट्रेनिंग बेंगलुरु में इसरो के अंतरिक्ष यात्री ट्रेनिंग सेंटर में शुरू होगी। यह ट्रेनिंग अगस्त के महीने में शुरू होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पृथ्वी पर वापसी से मिशन की समाप्ति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;गगनयान मिशन एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता का प्रदर्शन करना है। इस मिशन की योजना के तहत तीन सदस्यों के दल को 3 दिवसीय मिशन के लिए 400 किलोमीटर की कक्षा में भेजने की तैयारी है, जिसका समापन भारतीयों की सुरक्षित पृथ्वी पर वापसी के साथ होगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>चंदा मामा के आंगन में पहुंचा हिंदुस्तान… दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/india-reached-chanda-mamas-courtyard-successful-landing-on-south-pole/</link><pubDate>August 23, 2023, 12:35 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-2023-08-23T160001.498-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। भारत के चंद्रयान 3 मिशन ने इतिहास रचते हुए चांद पर जीत हासिल कर ली है। भारत के लिए अब दक्षिणी ध्रुव अनजान नहीं रह गया है। 140 करोड़ भारतीयों की दुआएं कबूल हो गयी और भारत ने चांद पर अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया। हिंदुस्तान ने दक्षिण...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; भारत के चंद्रयान 3 मिशन ने इतिहास रचते हुए चांद पर जीत हासिल कर ली है। भारत के लिए अब दक्षिणी ध्रुव अनजान नहीं रह गया है। 140 करोड़ भारतीयों की दुआएं कबूल हो गयी और भारत ने चांद पर अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया। हिंदुस्तान ने दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कर ली है। यह अद्भुत पल हर भारतीयों को गर्वित करने वाला है। पूरे भारत में कई दिनों से मिशन की सफलता के लिए पूजा-पाठ किया जा रहा, प्रार्थनाओं ने अपना असर दिखाया और चांद पर हिंदुस्तान पहुंच गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;क्षितिज रेखा पर नजर आएगा सूर्य&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया है। बता दें कि दक्षिणी ध्रुव पर अमेरिका, रूस और चीन समेत कई महाशक्तियों की नजरें हैं। चीन ने कुछ समय पहले दक्षिणी ध्रुव से कुछ दूर पर अपना लैंडर उतारा था। जबकि अमेरिका अगले साल दक्षिणी ध्रुव पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की तैयारी में है। बता दें कि चांद का दक्षिणी ध्रुव वैसा ही है जैसा पृथ्वी का है। पृथ्वी के दक्षिणी ध्रुव की तरह चांद का दक्षिणी ध्रुव सबसे ठंडा है। अगर यहां आकर कोई अंतरिक्ष यात्री खड़ा हो जाता है तो उसे सूर्य क्षितिज रेखा (आकाश और धरती को जोड़ती हुई नज़र आये) पर दिखेगा। उसे यहां से सूर्य और चमकता हुआ नजर आएगा। ऐसा अंदाजा लगाया जाता है कि हमेशा छाया और कम तापमान में होने के कारण यहां पर पानी और खनिज हो सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;अभी तक नहीं पहुंची सूर्य की रोशनी&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;नासा की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि चांद के दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ है। इसके अलावा दूसरे प्राकृतिक संसाधन भी हो सकते हैं। यहां पर बड़े-बड़े पहाड़ और गड्ढे है। सूरज की रोशनी भी कम मात्रा में पहुंचती है। 1998 के एक मून मिशन ने पता लगाया था कि दक्षिणी ध्रुव पर हइड्रोजन की भी मौजूदगी है। यहां पर कई ऐसे गड्ढे हैं जो अरबों सालों से अंधेरे में हैं वहां तक सूर्य की रोशनी कभी जा ही नहीं सकी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chandrayaan 3: बस कुछ देर और… जल्द होगी चांद पर लैंडिंग, मंदिर-मस्जिद में दुआओं का दौर जारी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/chandrayaan-3-just-a-little-more-time-landing-on-the-moon-will-happen-soon-prayers-continue-in-temple-mosque/</link><pubDate>August 23, 2023, 11:36 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-2023-08-23T160001.498-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। महज कुछ ही देर में वह समय आने वाला है, जिसका इंतजार 140 करोड़ भारतीय बेसब्री से कर रहे हैं। 1 घंटे से भी कम समय में चंद्रयान 3 की चांद पर लैंडिंग होगी। इसे लेकर देश भर में मंदिर से लेकर मस्जिद तक प्रार्थनाओं का दौर जारी है। चंद्रयान 3 की च...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;महज कुछ ही देर में वह समय आने वाला है, जिसका इंतजार 140 करोड़ भारतीय बेसब्री से कर रहे हैं। 1 घंटे से भी कम समय में चंद्रयान 3 की चांद पर लैंडिंग होगी। इसे लेकर देश भर में मंदिर से लेकर मस्जिद तक प्रार्थनाओं का दौर जारी है। चंद्रयान 3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग को लेकर पूरा देश दुआ कर रहा है। 41 दिनों के सफर को तय करके चंद्रयान यहां तक पहुंचा है। चंद्रयान की लैंडिंग के सभी टेस्ट और मानक पूरे हो चुके हैं। इसरो की लैंडिंग टीम ने जटिल प्रक्रिया शुरू कर दी है। थोड़ी देर बाद चंद्रयान चांद पर लैंड करेगा। ISRO का कहना है कि तय समय के मुताबिक ही मिशन पूरा होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;पूरी दुनिया की नजर भारत पर&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि भारत का तीसरा चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3’ इतिहास रचने के बेहद करीब है। आज शाम (23 अगस्त) 6:04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम की सॉफ्ट लैंडिंग कराई जाएगी। विक्रम लैंडर से प्रज्ञान रोवर निकलकर चंद्रमा की सतह पर जानकारी इक्कठी करेगा। भारत के इस मिशन पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है। बता दें कि चंद्रमा के इस हिस्से पर अब तक कोई देश नहीं पहुंच पाया है। हाल ही में रूस का चंद्र मिशन ‘लूना-25’ यहां पर क्रैश कर गया था, जिससे उसका मिशन फेल हो गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;स्पेस पॉवर बनेगा भारत&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;यदि चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग कर लेता है तो यह भारत को स्पेस पॉवर बनाएगी। साथ ही चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने मामले में अमेरिका, रूस और चीन के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन जायेगा। सॉफ्ट लैंडिंग करने में अब महज कुछ ही घंटे बचा हुआ है। काउंटडाउन शुरू हो गया है और लोगों की नजर इस ओर टिक गयी है।&lt;/p&gt;
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