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       <title>Today Hindu Festival News | Latest Hindu Festival News | Breaking Hindu Festival News in English | Latest Hindu Festival News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Hindu Festival समाचार:Today Hindu Festival News ,Latest Hindu Festival News,Aaj Ka Samachar ,Hindu Festival समाचार ,Breaking Hindu Festival News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/hindu-festival</link>
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        </image><item><title>Diwali 2024: कब है दिवाली 31 अक्टूबर या 01 नवंबर? यहां दूर होगा कन्फ्यूजन</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/diwali-2024-when-is-diwali-31st-october-or-01st-november-confusion-will-be-resolved-here/</link><pubDate>September 27, 2024, 11:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-14-4.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: दिवाली के त्योहार का हर किसी को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस शुभ दिन पर देशभर में विशेष रौनक देखने को मिलती है. हर साल यह त्योहार भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण के 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। राम...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना: &lt;/strong&gt;दिवाली के त्योहार का हर किसी को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस शुभ दिन पर देशभर में विशेष रौनक देखने को मिलती है. हर साल यह त्योहार भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण के 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राम परिवार की विशेष पूजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी के साथ राम परिवार की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि पूजा करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है और आर्थिक लाभ के योग बनते हैं। दिवाली के दिन दीपक जलाए जाते हैं. आइए जानते हैं दिवाली पूजा के शुभ मुहूर्त के बारे में.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दिवाली 2024 तिथि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर को दोपहर 03:52 बजे शुरू होगी. यह तिथि 01 नवंबर को शाम 06:16 बजे समाप्त होगी. ऐसे में 01 नवंबर को दिवाली मनाई जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दिवाली का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;01 नवंबर को मां लक्ष्मी की पूजा का शुभ समय शाम 05:36 बजे से शाम 06:16 बजे तक है. इस दौरान आप माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;घर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;शाम के समय मां लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति को चौकी पर रखें।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;अब उन्हें फूल माला, रोली और चंदन अर्पित करें.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आरती करें और साथ में मंत्रों का जाप भी करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;फल और मिठाई अर्पित करें.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;जीवन में सुख-शांति की कामना करें.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दीवाली की पूजा शुभ मुहूर्त में करें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जरूर करें ये कार्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दिन एक थाली में पांच दीपक जलाएं। इसके बाद इन दीपकों को मंदिर में रखें और पूजा करें। इसके बाद दीयों को घर के अलग-अलग हिस्सों में रख दें। ये काम करना शुभ माना जाता है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Jeetiya: 24 सितंबर को है जीतिया व्रत, जाने शुभ मुहूर्त और महत्व</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/jeetiya-jeetiya-fast-is-on-24th-september-know-the-auspicious-time-and-significance/</link><pubDate>September 21, 2024, 5:20 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/jut-300x169.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। जीवित्पुत्रिका व्रत भारत और नेपाल में धूमधाम से मनाया जाता है। जीवित्पुत्रिका व्रत एक पवित्र व महत्वपूर्ण व्रत है जो माताएं अपने पुत्रों की दीर्घायु व सुख-समृद्धि के लिए बिना अन्न जल के रखती हैं। यह व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; जीवित्पुत्रिका व्रत भारत और नेपाल में धूमधाम से मनाया जाता है। जीवित्पुत्रिका व्रत एक पवित्र व महत्वपूर्ण व्रत है जो माताएं अपने पुत्रों की दीर्घायु व सुख-समृद्धि के लिए बिना अन्न जल के रखती हैं। यह व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;व्रत का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह व्रत आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर में महीने में पड़ता है। इस दिन माताएं अपने बेटों की लंबी उम्र व सुखी जीवन के लिए प्रार्थना करती है और व्रत रखती है। इस दिन माताएं पूरे दिन भूखे-प्यासे उपवास करती हैं और अगले दिन सुबह में व्रत तोड़ती हैं। जीवित्पुत्रिका व्रत का महत्व इस बात से है कि यह माताओं को अपने संतानों के प्रति प्रेम व समर्पण दर्शाने का मौका देती है। यह व्रत माताओं को पुत्रों की सुरक्षा व सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने का एक तरीका भी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जीतिया का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दिन माताएं अपने बेटों के लिए व्रत रखती है और अपनी संतानों के लिए सुख-समृद्धी की कामना करती है। यह व्रत माता-पुत्र के बीच स्नेह व ममता के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। यह व्रत मां और संतान के बीच प्यार के रिश्तों मजबूत बनाने में मदद करता है। आचार्य ने बताया कि पंचांग के मुताबिक जितिया या जीवित्पुत्रिका व्रत इस बार 24 सितंबर मंगलवार को नहाय खाय के साथ आरंभ होगा। तदनुसार कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 25 सितंबर बुधवार को रहेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;26 सिंतबर को पारण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सनातन में उदया तिथि को बहुत महत्व दिया जाता है, इसलिए उदया तिथि के आधार पर जितिया या जीवित्पुत्रिका व्रत 25 सितंबर बुधवार को ही मनाया जाएगा। 26 सितंबर गुरुवार को दानादि कर्म के साथ ही इस व्रत का पारण किया जाएगा।&lt;/p&gt;
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