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       <title>Today Health Department News | Latest Health Department News | Breaking Health Department News in English | Latest Health Department News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Health Department समाचार:Today Health Department News ,Latest Health Department News,Aaj Ka Samachar ,Health Department समाचार ,Breaking Health Department News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/health-department</link>
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        </image><item><title>Recruitment: युवाओं के लिए गुड न्यूज, स्वास्थ्य विभाग निकालेगा 21 हजार पदों पर भर्ती</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/recruitment-youth-will-get-employment-soon-health-department-will-recruit-21-thousand-posts/</link><pubDate>November 21, 2024, 3:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/doc.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। अस्पतालों में नर्सिंग सेवा को बेहतर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग जल्दी ही 21 हजार ज्यादा पदों पर भर्तियां करने वाला है। यह पद नर्स और स्टाफ के पदों पर की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की नर्सिग सेवा नियमावली को जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिलने की ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; अस्पतालों में नर्सिंग सेवा को बेहतर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग जल्दी ही 21 हजार ज्यादा पदों पर भर्तियां करने वाला है। यह पद नर्स और स्टाफ के पदों पर की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की नर्सिग सेवा नियमावली को जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इससे नियुक्तियों का रास्ता साफ हो जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर भर्ती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;स्वास्थ्य विभाग 15 दिन के भीतर नर्स-एएनएम नियुक्ति के लिए रोस्टर क्लियरेंस जारी करेगा। पदाधिकारियों के मुताबिक रिक्ति संबंधी अधियाचना दिसंबर तक राज्य तकनीकी सेवा आयोग को भेज दी जाएगी। प्रतियोगिता परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग नर्स के 6298 और एएनएम के 15089 रिक्तियों की अधिसूचना भेजने की तैयारी में है। वहीं, कैबिनेट से शल्यकक्ष सहायक संवर्ग नियमावली 2014 और संशोधित नियमावली 2024 की स्वीकृति मिलते ही शल्यकक्ष सहायक पदों पर भी भर्तियां निकाली जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;100 अंको पर मेरिट लिस्ट तैयार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;18 नवंबर 2024 को बिहार गजट के असाधारण अंक में पदों की विज्ञप्ति को प्रकाशित किया है। पदों पर नियुक्ति लिखित परीक्षा के आधार पर होगी। 75 अंक लिखित परीक्षा और अनुभव के 5 अंक। हर साल अधिकतम 25 अंक अस्पतालों में संविदा पर कार्य करने वालों को दिया जाएगा। 100 अंकों पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट विज्ञान (जीव विज्ञान) एवं शल्य कक्ष सहायक कोर्स में डिप्लोमा-डिग्री है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अंको के आधार पर नियुक्ति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पहले इंटरमीडिएट और शल्य कक्ष सहायक के डिप्लोमा-डिग्री कोर्स के प्राप्त अंकों के आधार पर नियुक्ति होती थी। इसके अतिरिक्त नर्सिंग सेवा को चिकित्सा संस्थानों की रीढ़ की हड्डी माना जाता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Action: एक अस्पताल में डीएम की कार्रवाई, 5 डॉक्टरों का रोका वेतन</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/action-dms-action-in-a-hospital-salaries-of-5-doctors-stopped/</link><pubDate>October 16, 2024, 7:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/doc-300x169.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। जहानाबाद के एक अस्पताल में 5 सरकारी डॉक्टरों पर डीएम ने बड़ी कार्रवाई हुई हैं। डीएम अलंकृता पांडे ने 5 डॉक्टरों के वेतन पर रोक दिया है। सभी डॉक्टरों द्वारा की जाने वाली लापरवाही को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। 50 फीसदी से कम उपलब्धि पर ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; जहानाबाद के एक अस्पताल में 5 सरकारी डॉक्टरों पर डीएम ने बड़ी कार्रवाई हुई हैं। डीएम अलंकृता पांडे ने 5 डॉक्टरों के वेतन पर रोक दिया है। सभी डॉक्टरों द्वारा की जाने वाली लापरवाही को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;50 फीसदी से कम उपलब्धि पर कार्रवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के भीतर संचालित सेवाओं का निरीक्षण किया, जिसमें कार्य में लापरवाही बरतने के लिए पांच डॉक्टरों के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम के मुताबिक संस्थागत डिलीवरी, प्रसव के बाद की जांच ,परिवार नियोजन ,नियमित टीकाकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्धारित लक्ष्य से 50 फीसदी से कम उपलब्धि पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सर्जन के वेतन पर भी रोक लगाने को कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इन मानकों में डिलीवरी के पहले की जांच ,संस्थागत डिलीवरी , आयरन की गोलियों का वितरण, परिवार नियोजन,टीकाकरण, भाव्या का उपयोग शामिल है। सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि प्रभारी स्वास्थ्य पदाधिकारी, रतनी फरीदपुर व घोसी को काम में लापरवाही बरतने पर जवाब मांगा गया है और संतोषजनक जवाब ना मिलने तक वेतन को रोक दिया गया है। परिवार नियोजन में कोताही बरतने वाले दो डॉक्टरों मधुबाला व डॉक्टर राजेश कुमार (जो हुलासगंज में पदस्थापित हैं) और रेफरल अस्पताल घोसी में कार्यरत एक अन्य सर्जन के वेतन पर भी रोक लगाने को कहा गया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Health Department: स्वास्थ्य विभाग में बंपर भर्ती, रोस्टर के मुताबिक किए जाएंगे पद बहाल</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/health-department-bumper-recruitment-in-health-department-posts-will-be-restored-as-per-roster/</link><pubDate>September 20, 2024, 3:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/hea-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार के बरोजगार युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का बड़ा मौका सामने आया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग में 45 हजार स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती इस साल की जाएगी। जिसमें डॉक्टर, लैब टैक्नीशियन और नर्स फार्मासिस्ट समेत कई बद शामिल है। अक्टूबर साल 20...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के बरोजगार युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का बड़ा मौका सामने आया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग में 45 हजार स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती इस साल की जाएगी। जिसमें डॉक्टर, लैब टैक्नीशियन और नर्स फार्मासिस्ट समेत कई बद शामिल है। अक्टूबर साल 2024 भर्ती की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रोस्टर के आधार पर होगी भर्तियां&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;स्वास्थ्य विभाग ने पहसे 65 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर जिलों के विभिन्न पदों को रोस्टर तैयार कर खाली पदों की जानकारी मांगी थी। बढ़े आरक्षण पर पटना हाई कोर्ट की रोक के बाद फिर से विभाग ने पुराने प्रावधानों के आधार पर ही बहाली करने का फैसला लिया है। अगले 6 महीनों में इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग को कुछ पदों के लिए जिलों से 50 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर रोस्टर क्लियर करने के बाद वैकेंसी वैकेंसी आने भी लगी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पदों पर बहाली अगले महीने&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;संभावना है कि करीबन सभी पदों पर की बहाली रोस्टर के साथ अगले महीने तक मिल जाएगी। साथ ही खाली पदों को सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया जाएगा। इसके बाद तकनीकी सेवा आयोग समेत विभिन्न आयोगों को पदों के लिए जानकारी भेजी जाएगी। आयोग आवेदन के लिए योग्य अभ्यर्थियों को लगभग 1 महीने तक आवेदन करने का विकल्प देंगे। चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद योग्य अभ्यर्थियों की अनुशंसा आयोग स्वास्थ्य विभाग को मिलेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;770 डेंटिस्ट के पदों पर भर्ती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;स्वास्थ्य मंत्रई मंगल पांडेय ने जून में विभाग के अधिकारियों के साथ विभाग में अलग-अलग पदों पर रिक्तियों की समीक्षा की थी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि मिशन मोड में डॉक्टरों और नर्स समेत सभी खाली पदों पर नियुक्ति की जाएं। पिछले दिनों 770 डेंटिस्ट के पद मंजूर किए गए हैं। 2 दिन पहले मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी रिक्त पदों पर बहाली के निर्देश दिए थे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार में अब सौतेले बच्चे को भी माना जाएगा आश्रित, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की नयी परिभाषा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/now-step-child-will-also-be-considered-dependent-in-bihar-health-department-released-new-definition/</link><pubDate>August 14, 2024, 6:48 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/download-4-6-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना : बिहार में अब सौतेले संतान को भी माता-पिता का आश्रित माना जाएगा। इसके साथ-साथ नाबालिग भाई-बहनों को भी आश्रित की सूची में शामिल किया गया है। बिहार की नीतीश सरकार ने मेडिकल रिइम्बर्समेंट में आ रही दिक्कतों को देखते हुए कानून में बदलाव करने ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना &lt;/strong&gt;: बिहार में अब सौतेले संतान को भी माता-पिता का आश्रित माना जाएगा। इसके साथ-साथ नाबालिग भाई-बहनों को भी आश्रित की सूची में शामिल किया गया है। बिहार की नीतीश सरकार ने मेडिकल रिइम्बर्समेंट में आ रही दिक्कतों को देखते हुए कानून में बदलाव करने का फैसला लिया है। इस मामले को लेकर मेडिकल रिइम्बर्समेंट में कई मामले फंसे हुए हैं। ऐसे में बिहार सरकार ने आश्रितों के लिए नए तरीकें से इसकी परिभाषा तैयार की है। इस संबंध में पहले भी एक प्रस्ताव प्रदेश मंत्रालय के समक्ष रखा जा चुका है, जिसे कैबिनेट ने हरी झंडी दिखाई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नई परिभासा को दी मान्यता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि राज्य मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति को लेकर आश्रितों की परिभाषा जारी कर दी है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आश्रितों की श्रेणी में सौतेले बेटे-बेटियों के अलावा नाबालिग भाई भी शामिल हैं. विधानसभा सदस्यों, राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के आश्रितों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति इसी आधार पर की जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें क्या है परिभाषा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;स्वास्थ्य विभाग ने आश्रितों को लेकर संकल्प जारी किया है, जिसमें आश्रितों की परिभाषा और उम्र सीमा निर्धारित की गयी है. उनके बेटे को चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ तब तक मिलेगा जब तक कि उसकी शादी नहीं हो जाती या वह 25 वर्ष का नहीं हो जाता। ऐसे कर्मचारियों की बेटी के संबंध में, आयु सीमा के बावजूद, उसे तब तक आश्रित माना जाता है जब तक वह अपनी जीविका अर्जित करना शुरू नहीं कर देती या शादी नहीं कर लेती।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस स्थिति में भी होगा मान्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नई परिभाषा के तहत, यदि बेटा या बेटी विकलांग हो जाता है, तो उसे आयु सीमा और वैवाहिक स्थिति की परवाह किए बिना आश्रित माना जाएगा। तलाकशुदा, विधवा बेटी को भी आयु सीमा की परवाह किए बिना आश्रित माना जाएगा।&lt;/p&gt;
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