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       <title>Today Government scheme News | Latest Government scheme News | Breaking Government scheme News in English | Latest Government scheme News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Government scheme समाचार:Today Government scheme News ,Latest Government scheme News,Aaj Ka Samachar ,Government scheme समाचार ,Breaking Government scheme News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>देश में इतने लाख आंगनवाड़ी केन्द्र, मुफ्त में मिलती हैं ये तमाम चीजें</title><link>https://bihar.inkhabar.com/desh-pradesh/there-are-so-many-lakh-anganwadi-centers-in-the-country-all-these-things-are-available-for-free/</link><pubDate>December 8, 2024, 6:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-15-1.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>पटना: आंगनवाड़ी योजना भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित की जाती है। इस योजना के माध्यम से देशभर में महिलाओं और छोटे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा की जरूरतों को पूरा किया जाता है। आंगनवाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों को कई...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: आंगनवाड़ी योजना भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित की जाती है। इस योजना के माध्यम से देशभर में महिलाओं और छोटे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा की जरूरतों को पूरा किया जाता है। आंगनवाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों को कई चीजें मुफ्त दी जाती हैं। शुरुआती सालों में ये चीजें उनके पोषण में काफी मदद करती हैं। इतना ही नहीं, आंगनवाड़ी स्वास्थ्य की दृष्टि से भी काफी मददगार साबित होती है। तो चलिए जानते है बच्चों को कौन-कौन सी जरूरी चीजें आंगनबाड़ी केन्द्र में बिल्कुल फ्री में दी जाती हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फ्री में दी जाने वाली ये चीजें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों को पोषण और शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी चीजें भी उपलब्ध कराते हैं। आंगनबाडी केंद्र में बच्चों को पौष्टिक आहार यानि पूरक पोषाहार भी दिया जाता है। यह पौष्टिक आहार 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को दिया जाता है। जिसमें खिचड़ी, दलिया, चावल-दाल, दूध और भी कई चीजें शामिल हैं. इसके अलावा बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें कई गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीके भी लगाए जाते हैं। बता दें कि पोलियो, बीसीजी और डीपीटी जैसे टीकाकरण मुफ्त में किए जाते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फ्री हेल्थ चेकअप सर्विस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को मुफ्त स्कूली शिक्षा यानी प्री-प्राइमरी शिक्षा दी जाती है। जिसमें 3 साल से लेकर 6 साल तक के बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा बच्चों का निःशुल्क हेल्थ चेकअप भी किया जाता है। इसके साथ ही बच्चों को मुफ्त विटामिन की खुराक भी दी जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;देश में कितने आंगनवाड़ी केन्द्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भारत सरकार ने वर्ष 1975 में बच्चों को कुपोषण और भूख से बचाने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों की शुरुआत की। आज देश के लगभग सभी राज्यों में आंगनवाड़ी केंद्र हैं। अगर इनकी कुल संख्या की बात करें तो देश में लगभग 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्र हैं। एक आंगनवाड़ी केंद्र में 25 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता होते हैं और उनके लिए एक आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक तैनात होते हैं, जो इस सिस्टम को सही ढंग से चलाते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>यूपी-बिहार की महिलाएं दिल्ली में कैसे उठाएं 1000 रुपये का लाभ, जान लें किस दस्तावेज की पड़ेगी जरूरत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/desh-pradesh/how-women-of-up-bihar-can-avail-the-benefit-of-rs-1000-in-delhi-know-which-documents-will-be-required/</link><pubDate>December 2, 2024, 11:31 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-10-300x168.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>पटना: भारत की मोदी सरकार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाती है। भारत सरकार के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों की राज्य सरकारें भी महिलाओं के लिए अलग-अलग योजनाएं लाती रहती हैं। इस दौरान दिल्ली की तत्कालीन वित्त मंत्री और वर्तमान...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना: &lt;/strong&gt;भारत की मोदी सरकार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाती है। भारत सरकार के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों की राज्य सरकारें भी महिलाओं के लिए अलग-अलग योजनाएं लाती रहती हैं। इस दौरान दिल्ली की तत्कालीन वित्त मंत्री और वर्तमान सीएम आतिशी मार्लेना ने दिल्ली की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना की घोषणा की। जिसके तहत महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता के तौर पर 1000 रुपये की आर्थिक राशि दी जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस आधार पर मिलेगा लाभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि आप संयोजक व दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस योजना को लेकर बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने दिल्ली में रह रही बिहार और यूपी की महिलाओं के लिए भी बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर कोई महिला यूपी और बिहार की है तो उसे भी लाभ मिलेगा, बशर्ते उसके पास यह दस्तावेज होना जरुरी है। ऐसे में चलिए जानते है इस योजना का लाभ उठाने के लिए किन-किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केजरीवाल ने पदयात्रा के दौरान दी इसकी जानकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दिल्ली की आतिशी सरकार की अहम योजना में से एक मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना में दिल्ली की महिलाओं को हर माह 1000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. हाल ही में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के बुराड़ी विधानसभा में पदयात्रा के दौरान यह जानकारी दी थी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जल्द शुरू होगा रजिस्ट्रेशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस योजना के लिए जल्द ही पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। योजना में आवेदन करने के लिए महिलाओं के पास वोटर आईडी कार्ड होना जरूरी है। जिन महिलाओं के पास वोटर आईडी कार्ड नहीं होगा वे योजना में पंजीकरण नहीं करा पाएंगी और लाभ नहीं ले पाएंगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दिल्ली का वोटर आईडी कार्ड अनिवार्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, दिल्ली के अंदर दूसरे राज्य की महिलाएं भी रहती हैं. अन्य राज्यों की महिलाओं की बात करें जो दिल्ली में रहती हैं तो उसमें सबसे अधिक महिलाएं यूपी-बिहार की हैं। दिल्ली सरकार की इस योजना का लाभ इन राज्यों की महिलाओं को भी मिलने वाला है। हालांकि इसके लिए इनके पास दिल्ली का वोटर आईडी कार्ड होना जरूरी है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar: स्कूल के 17441 छात्रों का नामांकन हुआ रद्द, वर्षों से फर्जी ले रहे थे सरकारी योजनाओं का लाभ</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/bihar-enrollment-of-17441-school-students-cancelled-they-were-taking-benefits-of-fake-government-schemes-for-years/</link><pubDate>October 20, 2023, 7:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/2-16-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। अरवल जिले में स्कूल से हज़ारों बच्चों का नाम काट दिया गया है। बताया जा रहा है कि ऐसा करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। स्कूल से हटाए जा रहे अनुपस्थित छात्र बिहार के अरवल जिले से हज़ारों बच्चों का स्कूल से ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; अरवल जिले में स्कूल से हज़ारों बच्चों का नाम काट दिया गया है। बताया जा रहा है कि ऐसा करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्कूल से हटाए जा रहे अनुपस्थित छात्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार के अरवल जिले से हज़ारों बच्चों का स्कूल से नाम काट देने की खबर सामने आई है। दरअसल अरवल के सरकारी स्कूलों में नामांकन के बाद भी विद्यालय नहीं आने वाले छात्रों का नाम काटा जा रहा है। बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश के बाद अब जिले के कई विद्यालयों में नामांकन से उन छात्रों का नाम काटा जा रहा है जिनकी शत-प्रतिशत उपस्थित देखने को नहीं मिल रही है ।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फर्जी तरीके से ले रहे योजनाओं का लाभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बारे में चर्चा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बिंदु कुमारी ने बताया कि जिले के 538 विद्यालयों में कई छात्रों को चिन्हित किया गया है जो विद्यालय नहीं आते थे। उन्होंने बताया कि उन छात्रों के अभिभावकों को भी चेतावनी दी गई है और 15 दिनों के अंदर ही नामांकन पंजी से उनके नाम हटाए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। ये वही छात्र हैं जो वर्षों से फर्जी तरीके से सरकारी विद्यालय में नामांकन करवाकर निजी विद्यालय में पढ़ाई कर रहे थे। यही नहीं ये छात्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ भी ले रहे थे। ऐसे में जिले के पांच प्रखंडों में 17412 छात्रों का नाम काटा गया है, जिसमें सर्वाधिक छात्र कलेर और अरवल प्रखंड से हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि नामांकन के बाद जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के द्वारा इन छात्रों के मॉनिटरिंग भी की जा रही है। शिक्षा विभाग ने सख्त हिदायत दिया है कि ऐसे छात्रों को नामांकन सूची से हटाया जाए और उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली योजनाओं से भी वंचित किया जाए। दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि विद्यालय में कम से कम 50 फीसदी छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए। ऐसा नहीं करने पर वैसे शिक्षकों पर भी कार्रवाई का निर्णय लिया जा सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार में मरे हुए किसान उठा रहे थे डीजल अनुदान का पैसा, ऐसे हुआ भंडाफोड़</title><link>https://bihar.inkhabar.com/crime/bihar-crime-kishan-prince-singh/</link><pubDate>March 27, 2023, 1:50 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/kid-300x169.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>पटना: बिहार के मुजफ्फरपुर में मरे हुए लोगों को सरकारी योजना में लाभ देने के बात का भंडाफोड़ हुआ है. मिली जानकारी के अनुसार डीजल के अनुदान में मरे हुए लोगों का नाम भी दिया गया है. बताया जा रहा है कि खरीफ फसल पर मिलने वाले अनुदान को लेकर नियमों क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: बिहार के मुजफ्फरपुर में मरे हुए लोगों को सरकारी योजना में लाभ देने के बात का भंडाफोड़ हुआ है. मिली जानकारी के अनुसार डीजल के अनुदान में मरे हुए लोगों का नाम भी दिया गया है. बताया जा रहा है कि खरीफ फसल पर मिलने वाले अनुदान को लेकर नियमों को ताक पर रखकर अयोग्य लोगों के नाम पर भी डीजल का पैसा दिया जा रहा है. इस कारण कई जरूरतमंद किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फर्जी किसानों के नाम पर उठाया जा रहा पैसा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार से एक घोटाले की खबर सामने आ रही है, जहां एक परिवार के कई सदस्यों को किसान बनाकर उनके नाम पर सरकारी योजना का लाभ उठाया जा रहा है. यह मामला करीब पांच महीने पुराना बताया जा रहा है. इस मामले में अब सख्त रूप अपनाते हुए फर्जी किसानों पर जिला कृषि विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. फर्जी किसानों का यह पूरा मामला जिले के ग्यासपुर पंचायत के मटिहानी गांव में एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम पर इसके साथ ही ग्यासपुर के ही पारू प्रखंड के एक मरे हुए एक किसान के नाम पर डीजल अनुदान की राशि का लाभ उठाया जा रहा था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निलंबित किया गया था समन्वयक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मामले की जानकारी देते हुए जिला कृषि कार्यालय ने बताया कि इस मामले को लेकर किसानों ने पिछले साल अक्टूबर के महीने में इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद से कड़ी कार्रवाई करते हुए अक्टूबर में ही इस मामले की जांच को लेकर चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया था. जांच में विभाग ने पाया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए फर्जी तरीके से किसानों का इस्तेमाल किया गया है. जिसके बाद कृषि समन्वयक को निलंबित कर दिया गया था. इसके साथ ही आगे की कार्रवाई की जा रही है.&lt;/p&gt;
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