<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Good News News | Latest Good News News | Breaking Good News News in English | Latest Good News News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Good News समाचार:Today Good News News ,Latest Good News News,Aaj Ka Samachar ,Good News समाचार ,Breaking Good News News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/good-news</link>
        <lastBuildDate>April 19, 2026, 11:39 am</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>गुड न्यूज, बिहार की सड़के बनेगी नंबर-1, प्रशासन बनाएगी गड्ढामुक्त रोड</title><link>https://bihar.inkhabar.com/good-news/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%a1-%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9c-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac/</link><pubDate>February 19, 2025, 2:43 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/02/Clipboard-2025-02-19T081229.700.jpg</image><category>गुड न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार की ग्रामणीण सड़के आगामी 30 जून तक गड्ढामुक्त कर ली जाएगी। ग्रामीणों को सरल यातायात सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी सड़कों के निर्माण कार्य को पूरा करने की ...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार की ग्रामणीण सड़के आगामी 30 जून तक गड्ढामुक्त कर ली जाएगी। ग्रामीणों को सरल यातायात सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी सड़कों के निर्माण कार्य को पूरा करने की योजना तैयार कर ली है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सड़क अनुरक्षण अवधि के बाहर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अनुरक्षण अवधि से बाहर हो चुकी है। ग्रामीण सड़कों के निर्माण, पुननिर्माण, नवीनीकरण और उन्नयन का काम किया जाएगा। इस योजना को ग्रामीण सड़क सुदुढ़ीकरण और प्रबंधन कार्यक्रम का नाम दिया गया है। 14 नवंबर 2024 को मंत्रिपरिषद की बैठक में इसे स्वीकृति दे दी गई थी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी सड़कों और पुलों की विस्तृत जमीनी सर्वेक्षण किया जाएगा। जिससे योजनाओं की पार्दशिता सुनिश्चित हो सके। इस योजना के तहत राज्य में 2185 सड़कों का उन्नयन की मरम्मत की जाएगी।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;काम करने की लागत 3056.13 करोड़&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;इन सभी सड़कों को वित्तीय वर्ष 25-26 में स्वीकृत बजट से क्रियान्वित किया जाएगा। इस काम को करने के लिए कुल लागत 3056.13 करोड़ है। सभी जिलों में 13,436 सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा, जिनकी कुल लंबाई 23,938.545 किलोमीटर लंबी की जाएगी। इस पर 20,322.415 करोड़ खर्च किए जाएंगे। स्वीकृत सड़कों की निविदा प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी। मार्च तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इस योजना के तहत सड़कों को साल में 2 बार कालीकरण किया जाएगा।&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;रोड रिपेयर व्हीकल की व्यवस्था&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;सतत् ऑपरेशन और मेंटनेंस के लिए रैपिड रोड रिपेयर व्हीकल की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि सड़को को खराब होने पर तुरंत उसकी मरम्मत की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लगभग 4182 सड़कों की मरम्मत और उन्नयन किया जाएगा। ये अनुश्रवण अवधि से बाहर हो जाएंगी। इस सभी सड़को को स्वीकृत बजट से क्रियान्वित किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Good News: लोगों के लिए खुशखबरी, रैन बसेरों में सोने की सुविधा के साथ मिलेगा मुफ्त खाना</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/good-news-good-news-for-people-free-food-will-be-available-along-with-sleeping-facility-in-night-shelters/</link><pubDate>December 23, 2024, 5:26 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/shelter-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। ठंड के दौरान पटना नगर निगम द्वारा लोगों को ठंड से बचाने के लिए रैन बसेरों का इंतजाम किया है। रैन बसेरे में आश्रय लेने वाले लोगों को निःशुल्क आश्रय मिलता है। इसके साथ ही रात रैन बसेरों में मुफ्त में सोने के साथ ही भोजन भी मिलेगा। सोमवार की...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; ठंड के दौरान पटना नगर निगम द्वारा लोगों को ठंड से बचाने के लिए रैन बसेरों का इंतजाम किया है। रैन बसेरे में आश्रय लेने वाले लोगों को निःशुल्क आश्रय मिलता है। इसके साथ ही रात रैन बसेरों में मुफ्त में सोने के साथ ही भोजन भी मिलेगा। सोमवार की रात से यह सुविधा शुरू की जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बसेरों में 2 कंबल की व्यवस्था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रजिस्टर के मुताबिक जो व्यक्ति रात में यहां सोने के लिए आएंगे, उन्हें रात का भोजन भी मुफ्त में दिया जाएगा। मेयर सीता साहू के निर्देश पर आश्रितों को यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।&lt;br&gt;नगर आयुक्त ने रात में भ्रमण कर रैन बसेरों में सुविधा की जांच की थी। भ्रमण में निर्देश दिया कि यहां रात आश्रय करने वाले सभी व्यक्तियों को सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उनके निर्देश पर सभी रैन बसेरों में 2 कंबल की व्यवस्था की गयी है, जिससे आश्रितों को रात में सोने के दौरान ठंड ना लगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;29 रैनबसेरों का निर्माण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि पटना नगर निगम द्वारा शहर में टोटल 29 रैनबसेरों का निर्माण किया गया है, जिनमें 12 जर्मन हैंगर, 6 स्थायी और 11 अस्थायी आश्रय स्थल हैं। सार्वजनिक स्थल रेलवे स्टेशन, चौक चौराहे और बस स्टैंड के पास इनका निर्माण कराया गया है। सफाई और सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी रैन बसेरों की सीसीटीवी कैमरों से मॉनीटरिंग भी की जा रही है। रैन बसेरों में टोटल 907 बेडों की व्यवस्था की गई है। साथ ही संबंधित कर्मचारियों से भी कहा गया कि लोगों को रैन बसेरे में सोने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रेरित करे ताकि अधिकतर लोगों तक यह सुविधा पहुंचे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मोबलाइजर का सहारा लिया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके लिए समाज कल्याण विभाग के आउटरीच वर्कर (मोबलाइजर ) के जरिए खुले में सोने वालों को रैन बसेरे में सोने के लिए प्रेरित किया जाएगा। लोगों को रैन बसेरों में सोने के लिए प्रेरित करने के लिए मोबलाइजर का सहारा लिया जा रहा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: किसानों की फसल क्षति की भरपाई करेगी राज्य सरकार, जाने कैसे करें आवेदन</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/bihar-state-government-will-compensate-farmers-for-crop-damage-know-how-to-apply/</link><pubDate>January 30, 2023, 7:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/01/famers-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में फसल की क्षति होने पर उसकी भरपाई अब राज्य सरकार करेगी। राज्य सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए यह फैसला किया है कि किसानों की फसल क्षति होने पर अब राज्य सरकार मुआवजा देगी। मालूम हो कि सूबे में किसानों को कभी बारिश ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में फसल की क्षति होने पर उसकी भरपाई अब राज्य सरकार करेगी। राज्य सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए यह फैसला किया है कि किसानों की फसल क्षति होने पर अब राज्य सरकार मुआवजा देगी। मालूम हो कि सूबे में किसानों को कभी बारिश की अधिकता का सामना करना पड़ता है या कभी सूखे की मार झेलनी पड़ती है। इससे गरीब किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता हैं। बिहार में ऐसे ही अधिकतर सीमांत किसान पाए जाते है, ऐसे में फसलों की क्षति होने पर किसानों को काफी कठनाई होती हैं। इन सबको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना की शुरुआत की हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h3 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या हैं मुख्यमंत्री राहत सुखाड़ योजना&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;



&lt;p&gt;&lt;br&gt;इस योजना के तहत राज्य के किसानों को आर्थिक मदद के तहत 3500 रुपए की सहायता प्रदान की जायेगी। इसका लाभ लेने के लिए किसान प्रत्येक खरीफ और रबी फसल के मौसम में ऑनलाइन पोर्टल पर निबंधन कर सकते हैं। रबी सीजन में अगस्त-सितंबर और खरीफ सीजन में मार्च-अप्रैल में किसानों के अकाउंट में आरजीटीएस या एनईएफटी से मदद की जायेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h3 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कैसे करें आवेदन&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;



&lt;p&gt;इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने किसानों के लिए 500 करोड़ की बजट राशि निर्धारित किया है। यह पैसा सीधा किसानों के खाते में ट्रांसफर किया जायेगा। इसका लाभ उठाने के लिए किसान कृषि विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते है।&lt;br&gt;सबसे पहले आवेदक ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं, उसके बाद आपको वेबसाइट के पेज पर सूखाग्रस्त प्रखंडों के लिए कृषि इनपुट सब्सिडी योजना का मेन्यू नजर दिखाई देगा। इसके बाद आप कृषि इनपुट सब्सिडी योजना का चयन करें। उसके बाद 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या भरे। बाद में फॉर्म में पूछी गई सारी जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़कर भर दें। उसके बाद फॉर्म को अपलोड करके सबमिट कर दें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>