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       <title>Today Gaya Ji News | Latest Gaya Ji News | Breaking Gaya Ji News in English | Latest Gaya Ji News Headlines - Inkhabar</title>
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        </image><item><title>बिहार: युद्ध में मारे गए लोगों का यूक्रेन की महिला ने किया पिंडदान, दिया शांति का संदेश</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/bihar-ukrainian-woman-performed-pinda-daan-of-those-killed-in-war-gave-message-of-peace/</link><pubDate>October 8, 2023, 10:26 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/7.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। गया में चल रहे पितृपक्ष मेला में, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध मारे गये सैनिकों और नागरिकों की आत्मा की शांति तथा उनके मोक्ष के लिए यूक्रेन की एक महिला ने यहां एक मंदिर में ‘पिंडदान’ किया है। महिला ने बताया कि वह यहां शांति का संदेश फैलाने...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; गया में चल रहे पितृपक्ष मेला में, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध मारे गये सैनिकों और नागरिकों की आत्मा की शांति तथा उनके मोक्ष के लिए यूक्रेन की एक महिला ने यहां एक मंदिर में ‘पिंडदान’ किया है। महिला ने बताया कि वह यहां शांति का संदेश फैलाने के लिए आई हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यूक्रेन की महिला गया में कर रही पिंडदान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गया में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 28 सितंबर से शुरू हो चुका है। यह मेला 14 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश से लाखों की संख्या में हिंदू सनातन धर्मावलंबी गया जी पहुंचे हुए हैं। ये मान्यता है कि पितरों को जल और तिल से पितृपक्ष में तर्पण किया जाता है। यहीं नहीं पितृपक्ष अवधि में गया जी धाम में पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दौरान एक दिलचस्प वाकया सामने आया है। बताया जा रहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध में फरवरी 2022 से लेकर अब तक मारे गए सैनिकों और नागरिकों की आत्मा की शांति तथा उनके मोक्ष के लिए यूक्रेन की एक महिला ने गया के एक मंदिर में ‘पिंडदान’ किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;&amp;#8216;दूसरा मौका है जब मैं पिंडदान करने आई हूं&amp;#8217;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस साल पितृ पक्ष की शुरूआत 29 सितंबर से हुई है। बता दें कि इसकी 16 दिनों की अवधि में हिंदू अपने पूर्वजों का श्राद्ध एवं तर्पण तथा पिंडदान करते हैं। वहीं यूक्रेनी महिला यूलिया ने संवाददाताओं से कहा कि यह दूसरा मौका है जब मैं पिंडदान करने आई हूं। यूलिया ने बताया कि मैं बीते साल भी इस पितृपक्ष दौरान अपने माता-पिता की आत्मा की शांति एवं मोक्ष के लिए यहां पर आई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यूलिया सनातन धर्म में दृढ़ विश्वास रखती हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यूक्रेनी महिला यूलिया ने कहा कि रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध निश्चित तौर पर समाप्त होना चाहिए। यूलिया ने बताया कि वह यहां शांति का संदेश फैलाने के लिए आई हैं। यूलिया ने इस्कॉन प्रचारक लोकनाथ गौड़ की मदद से पिंडदान किया है। इसे लेकर लोकनाथ गौड़ ने कहा कि यूलिया सनातन धर्म में दृढ़ विश्वास रखती हैं। उन्होंने गया और पितृ पक्ष के दौरान यहां पिंडदान करने के महत्व के बारे में बहुत अध्ययन किया है। बता दें कि गया में, यहां के विष्णुपद मंदिर में प्रतिवर्ष पितृ पक्ष मेले का आयोजन किया जाता है। हर वर्ष, दुनिया भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पितृ पक्ष के दौरान पिंडदान करने के लिए मंदिर में आते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: अगर इस बार पितृ पक्ष पर गया नहीं आ सकते तो करिए ई-पिंडदान, जानिए पूरी डिटेल</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/bihar-if-you-cannot-come-to-gaya-for-pitru-paksha-this-time-then-do-e-pind-daan-know-the-complete-details/</link><pubDate>September 22, 2023, 6:41 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/2-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। गया में 28 सितंबर से 14 अक्टूबर तक लगेगा पितृ पक्ष मेला। इस बार देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। पिंडदान से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। ई-पिंडदान से करें पूर्वजों के मोक्ष की कामना गया में 28 सितंबर से विश्व...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; गया में 28 सितंबर से 14 अक्टूबर तक लगेगा पितृ पक्ष मेला। इस बार देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। पिंडदान से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ई-पिंडदान से करें पूर्वजों के मोक्ष की कामना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गया में 28 सितंबर से विश्व प्रसिद्ध पितृ पक्ष मेले का शुभारंभ होने जा रहा है। यहां मेले में जल्दी ही देश-विदेश से लाखों की संख्या में हिंदू सनातन धर्मावलंबियों के आने का सिलसिला शुरू होने वाला है। बता दें कि इस वर्ष पितृ पक्ष मेले के दौरान 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं के गया जी पहुंचने की संभावना है। गया जी पहुंचकर तीर्थयात्री अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलाने की कामना के साथ पिंडदान, तर्पण एवं कर्मकांड को पूरा करते हैं लेकिन जो लोग इस बार पितृ पक्ष पर गया जी नहीं आ सकते हैं वो लोग ई-पिंडदान का लाभ उठा सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विशेष पैकेज से मिलेगी सारी सुविधा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस साल बिहार सरकार ने ऐसे श्रद्धालुओं के लिए ई-पिंडदान की व्यवस्था की है जो विदेश में हैं और अपने पितरों का पिंडदान करना चाहते हैं। गया जिले के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि यह व्यवस्था ऐसे लोगों के लिए है जो खासकर विदेशों में रहते हैं या फिर किसी अन्य कारणों से गया जी पिंडदान के लिए नहीं आ सकते हैं। इस ई-पिंडदान के जरिए विष्णुपद मंदिर, अक्षय वट और फल्गु नदी के किनारे पिंडदान करने की व्यवस्था की जा रही है। इस व्यवस्था के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के द्वारा एक पैकेज भी बनाया गया है जिसमें पिंडदान के लिए सामग्री, ब्राह्मण का दक्षिणा और अन्य खर्च को शामिल किया गया है। इसकी जानकारी बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। अपनी सुविधा के हिसाब से पैकेज के अनुसार ऑनलाइन बुकिंग कराया जा सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इतना खर्च आ सकता है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि गया जी में विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी और अक्षयवट पर पिंडदान करने की व्यवस्था की जा रही है। तीनों स्थानों ई-पिंडदान के लिए प्रति श्रद्धालु 21,500 रुपये तय किए गए हैं। इसमें पूजन सामग्री, ब्राह्मण का दक्षिणा आदि सभी राशियां जोड़ी गई है। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन पेमेंट बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के बैंक खाते में करना होगा। यहां श्रद्धालुओं को ई-पिंडदान संपन्न कराने के बाद पेन ड्राइव की होम डिलीवरी कराई जाएगी।&lt;/p&gt;
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