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       <title>Today Ganesh Chaturthi 2024 News | Latest Ganesh Chaturthi 2024 News | Breaking Ganesh Chaturthi 2024 News in English | Latest Ganesh Chaturthi 2024 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Ganesh Chaturthi 2024 समाचार:Today Ganesh Chaturthi 2024 News ,Latest Ganesh Chaturthi 2024 News,Aaj Ka Samachar ,Ganesh Chaturthi 2024 समाचार ,Breaking Ganesh Chaturthi 2024 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/ganesh-chaturthi-2024</link>
        <lastBuildDate>April 22, 2026, 8:30 am</lastBuildDate>
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            <title>Inkhabar</title>
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            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Ganpati Visarjan 2024: जयकारों के साथ करा जाएगा बप्पा को अलविदा, जाने विसर्जन के नियम</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/ganpati-visarjan-2024-bappa-will-be-bid-farewell-with-cheers-know-the-rules-of-immersion/</link><pubDate>September 17, 2024, 2:04 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/GAN.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। 17 सितंबर यानी आज को बप्पा को धूमधाम से विदाई दी जाएगी। यह दिन भगवान गणपति बप्पा के के भक्तों के लिए बेहद खास दिन है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन बप्पा की पूजा अर्चना कर बने से बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही व्यक्ति का जीवन में ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; 17 सितंबर यानी आज को बप्पा को धूमधाम से विदाई दी जाएगी। यह दिन भगवान गणपति बप्पा के के भक्तों के लिए बेहद खास दिन है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन बप्पा की पूजा अर्चना कर बने से बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही व्यक्ति का जीवन में सुख रहता है। गणेश विसर्जन से न भादप्रद शुक्ल पक्ष के 14वें दिन मनाई जाती है। जो गणेश उत्सव के समापन का भी प्रतीक है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूजा का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिंदू पंचाग के मुताबिक इस साल गणेश विसर्जन 17 सितंबर 2024 को मंगलवार के दिन के किया जाएगा। इसी दिन ही अनंत चतुर्दशी का त्योहार भी मनाया जाएगा। भाद्रपद माह के शुक्ल की चतुर्दशी की तारीख 16 सितंबर दोपहर 03 बजकर 10 मिनट पर शुरू होगी, जो 17 अगस्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट तक रहेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विसर्जन के नियम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बप्पा के विसर्जन से पूर्व इनकी विधि-विधान से पूजा करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पूजा करने के बाद बप्पा को मोदक और फलों का भोग लगाएं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वैदिक मंत्रों के जाप के साथ उनकी आरती करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;यदि आप किसी कारवश नदी में जाने में असमर्थ है तो घर पर ही विसर्जन करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;घर पर विसर्जन करने के लिए एक साफ बर्तन में शुद्ध पानी भरे। उसमें इत्र और फूल डाले।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गणेश के मंत्रों के साथ ही बप्पा का विसर्जन करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;विसर्जन के दौरान बप्पा के अगले साल आने की कामना करें और आशीर्वाद लेकर अपनी इच्छा बोले।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बप्पा के जयकारों के साथ बप्पा को अलविदा करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बप्पा के साथ पूजा सामग्री को भी जरूर विसर्जित करें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Anant Chaturdashi 2024: अनंत चतुर्दशी पर अनंत सूत्र बांधने का क्या रहस्य है, जानें</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/anant-chaturdashi-2024-know-the-secret-of-tying-anant-sutra-on-anant-chaturdashi/</link><pubDate>September 16, 2024, 5:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-18-300x225.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर बेहद सुख देने वाला पर्व अनंत चतुर्दशी का व्रत मनाया जाता है. हिंदू धर्म के अनुसार, अनंत के दिन श्रीहरि यानी भगवान विष्णु की पूजा कर ली जाए तो आपको 14 वर्ष तक अनंत फल मिलता है. इस साल यह पर्व 1...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर बेहद सुख देने वाला पर्व अनंत चतुर्दशी का व्रत मनाया जाता है. हिंदू धर्म के अनुसार, अनंत के दिन श्रीहरि यानी भगवान विष्णु की पूजा कर ली जाए तो आपको 14 वर्ष तक अनंत फल मिलता है. इस साल यह पर्व 17 सितंबर मंगलवार को मनाया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पांडवों से जुड़ा है नाता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महाभारत में पांडवों को भी इस त्योहार के आशीर्वाद से खोया राजपाठ प्राप्त हुआ था. इस वर्ष अनंत चतुर्दशी 17 सितंबर 2024 को है. ऐसे में चलिए जानते है अनंत चतुर्दशी मनाते क्यों है, इस दिन का क्या है विशेष महत्व और इससे जुड़ी कथा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अनंत व्रत की कथा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पौराणिक कथा के मुताबिक, बहुत साल पहले सुमंत नाम का एक ब्राह्मण अपनी बेटी दीक्षा और सुशीला के साथ रहता था. बेटी सुशीला जब शादी योग्य हुई तो उसकी मां की मृत्यु हो गई. ब्राह्मण सुमंत ने बेटी सुशीला का शादी कौंडिन्य ऋषि से करवा दी. वहीं कौंडिन्य ऋषि पत्नी सुशीला को लेकर अपने आश्रम की तरफ जा रहे थे, लेकिन बीच रास्ते में रात हो गई तो एक स्थान पर वे दोनों रुक गए. उस जगह कुछ महिलाएं अनंत चतुर्दशी व्रत की पूजा पाठ कर रही थीं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ब्राह्मण को भुगतना पड़ा ये गलती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ब्राह्मण की पत्नी सुशीला ने भी स्त्रियां से उस व्रत की जानकारी ली और उसने भी 14 गांठों वाला अनंत धागा अपने हाथ में बांध लिया और कौंडिन्य ऋषि के पास पहुंची , लेकिन कौंडिन्य ऋषि ने सुसीला के हाथ से धागे को निकालकर तोड़ दिया और आग में डाल दिया, इससे भगवान अनंत सूत्र की बेइज्जती हुई. भगवान विष्णु के अनंत रूप के अपमान के बाद कौंडिन्य ऋषि की सारी संपत्ति खत्म हो गई और वे उस समय से परेशान रहने लगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस तरह हुआ जीवन सुखमय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;तब ऋषि कौंडिन्य उस अनंत धागे को ढूंढने के लिए जंगल में भटकने लगे। एक दिन वह भूख-प्यास के कारण भूमि पर गिर पड़े, तभी भगवान अनंत प्रकट हुए। उन्होंने कहा, कौंडिन्य, तुम्हें अपनी गलती पर पश्चाताप हुआ है। अब घर जाकर अनंत चतुर्दशी का व्रत करो और इस व्रत को 14 वर्ष तक करो। इसके प्रभाव से आपका जीवन सुखमय हो जाएगा और आपकी संपत्ति भी वापस मिल जाएगी। ऋषि कौंडिन्य ने वैसा ही किया, जिसके बाद उनका धन वापस आ गया और जीवन सुखी हो गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Ganesh Chaturthi 2024: गणेश चतुर्थी आज, इस शुभ मुहूर्त में करें गौरी नंदन की स्थापना</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/ganesh-chaturthi-2024-ganesh-chaturthi-today-establish-gauri-nandan-in-this-auspicious-time/</link><pubDate>September 7, 2024, 2:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/ganesh-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। आज यानी 7 सितंबर शनिवार से देशभर में गणेश उत्सव की शुरुआत हो रही है। गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह भगवान गणपति को समर्पित है। गणेश जी को विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है और ऐसा माना जाता है कि उनकी पूजा करने से...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; आज यानी 7 सितंबर शनिवार से देशभर में गणेश उत्सव की शुरुआत हो रही है। गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह भगवान गणपति को समर्पित है। गणेश जी को विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है और ऐसा माना जाता है कि उनकी पूजा करने से सभी तरह के दुख और कष्ट हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं। गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर आइए जानते हैं शुभ तिथि, मूर्ति स्थापना, पूजा विधि से लेकर विसर्जन तक ।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गणपति के जन्मदिन के रूप में मनाते है पर्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी के त्योहार का विशेष महत्व माना गया है। यह त्योहार भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार भगवान गणेश सभी तरह की बाधाओं को दूर करते हैं और नए काम की शुरुआत में शुभ फल देते हैं। इस दिन भगवान गणेश की मूर्ति की विधिवत स्थापना की जाती है और दस दिनों तक उनकी पूजा की जाती है। यह त्योहार हर साल भाद्रपद माह की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज गणेश चौठ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 6 सितंबर को दोपहर 3:01 बजे से शुरू होकर अगले दिन यानी 7 सितंबर को शाम 5:37 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार इस वर्ष गणेश चतुर्थी आज 7 सितंबर, शनिवार से शुरू हो रही है। इस दिन गणेश जी की मूर्ति स्थापित की जाएगी और व्रत रखा जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मूर्ति स्थापना के शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज 7 सितंबर को गणेश चतुर्थी पूजा और मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:15 बजे से दोपहर 1:43 बजे तक रहेगा। इस प्रकार&amp;nbsp; गणेश चतुर्थी पूजा और मूर्ति स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 2 घंटे 31 मिनट का रहेगा, इस दौरान भक्त गणपति बप्पा की पूजा कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गणेश चतुर्थी विसर्जन डेट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गणेश चतुर्थी का त्योहार 10 दिनों तक चलता है और अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश जी की मूर्ति के विसर्जन के साथ समाप्त होता है। त्योहार के आखिरी दिन को गणेश विसर्जन के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भक्त गणपति बप्पा को बड़ी धूमधाम से विदाई देते हैं और उनसे अगले साल फिर आने की प्रार्थना करते हैं। इस साल गणेश विसर्जन 17 सितंबर 2024, मंगलवार को किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है पूजा विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गणपति पूजा में साफ और शांत जगह पर आसन बिछाकर गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। मूर्ति को गंगाजल से शुद्ध करें। उसके बाद गणेश जी को रोली, चंदन और फूलों से सजाएं। उनकी सूंड पर सिंदूर लगाएं और दूर्वा चढ़ाएं। फिर घी का दीपक और धूप जलाएं। गणेश जी को मोदक और फल चढ़ाएं। पूजा के अंत में गणेश जी की आरती और ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें और गणेश जी से अपनी मनोकामना मांगें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;व्रत के दौरान क्या खाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गणेश चतुर्थी व्रत के दिन साबूदाना खीर आदि मिठाई खानी चाहिए। दिन में एक बार फल खाना चाहिए। इस दिन दही और उबले आलू, खीरा भी खा सकते हैं। इस दिन सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करें। इस दिन कुट्टू के पराठे या रोटी भी खा सकते हैं। इस दिन व्रत खोलने के लिए सिंघाड़े के आटे से बना हलवा खा सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;व्रत में इन चीजों को खाने से बचें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गणेश चतुर्थी व्रत के दिन लहसुन, प्याज, मूली, चुकंदर आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। व्रत के दौरान केवल सेंधा नमक का ही प्रयोग करें, इस दिन सादा नमक या काला नमक का प्रयोग न करें। इस दिन किसी भी प्रकार का तामसिक भोजन, शराब और किसी भी प्रकार का नशा करने से बचना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;त्योहार पर करें ये काम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;घर या पूजा स्थल पर गणेश जी की सुंदर मूर्ति स्थापित करें, उसे अच्छे से सजाएं और फिर पूरे विधि-विधान से उसकी पूजा करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गणेश चतुर्थी के दिन गणपति को अपने घर के उत्तर-पूर्व कोने में विधि-विधान से स्थापित करें, इस दिशा में उनकी पूजा करना शुभ माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;भगवान गणेश को लाल रंग बहुत प्रिय है इसलिए उनकी पूजा में लाल रंग के वस्त्रों का प्रयोग करें, जैसे गणपति बप्पा को लाल रंग के कपड़े के आसन पर बिठाएं और उन्हें लाल रंग के वस्त्र पहनाएं। गणपति जी की पूजा में लाल रंग के फूल, फल और लाल चंदन का प्रयोग अवश्य करें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गणेश चतुर्थी पर इन कामों को करने से बचें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गणेश चतुर्थी के दिन भूलकर भी अपने घर में गणपति की अधूरी या खंडित मूर्ति स्थापित या पूजन न करें। ऐसा करना अशुभ माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गणपति जी की पूजा में भूलकर भी तुलसी के पत्ते या केतकी के फूल का प्रयोग न करें। मान्यता के अनुसार ऐसा करने से पूजा का फल नहीं मिलता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गणेश चतुर्थी के दिन व्रत रखने वाले और पूजा करने वाले व्यक्ति को तन और मन से पवित्र रहते हुए ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Festive Season: छठ दिवाली में अब रेल टिकट की नो टेंशन, इन रुट पर चलेंगी कई स्पेशल ट्रेन</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/festive-season-now-no-tension-about-rail-tickets-in-chhath-diwali-many-special-trains-will-run-on-these-routes/</link><pubDate>August 31, 2024, 8:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/download-4-12-300x168.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: भारत में आगामी कुछ दिनों में फेस्टिव सीजन शुरू हो जाएगा. त्योहारों के दौरान लोग काफी संख्या में अपने घर जाते हैं. इस वजह से ट्रेनों में रिजर्वेशन मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. रेल विभाग ने इसे देखते हुए गणेश चतुर्थी, दुर्गा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: भारत में आगामी कुछ दिनों में फेस्टिव सीजन शुरू हो जाएगा. त्योहारों के दौरान लोग काफी संख्या में अपने घर जाते हैं. इस वजह से ट्रेनों में रिजर्वेशन मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. रेल विभाग ने इसे देखते हुए गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, दीवाली, छठ पूजा के लिए कई विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दक्षिण रेलवे ने किया ऐलान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बारे में शुक्रवार को दक्षिण रेलवे ने ऐलान किया. उसने कहा कि दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे महापर्व को देखते हुए कई विशेष ट्रेन चलाई जाएगी । इससे लोगों को कंफर्म टिकट मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी. दक्षिण रेलवे ने आगे बताया कि फेस्टिवल को देखते हुए सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के माह में 2 साप्ताहिक विशेष ट्रेनों को चलाया जाएगा. इसको देखते हुए यात्री रिजर्वेशन भी करा सकते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन विशेष ट्रेनों को चलाया जाएगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ol class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;MGR चेन्नई सेंट्रल-संतरागाछी के बीच वीकली विशेष ट्रेन&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;



&lt;p&gt;ट्रेन संख्या 06089 चेन्नई से चलकर संतरागाछी जाएगी। हफ्ते में एक बार इस ट्रेन का संचालन होगा. सितंबर से नवंबर के बीच कुल 13 बार ट्रेन चलेगी. वहीं डाउन ट्रेन संख्या 06090 की 7 दिन में एक बार दोनों स्टेशनों के बीच संचालन होगी।&lt;/p&gt;



&lt;ol start=&quot;2&quot; class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;तांबरम-संतरागाछी-तांबरम के बीच भी विशेष ट्रेन सितंबर से लेकर नवंबर के बीच हफ्ते में एक बार ट्रेन 06095/06096 संचालित की जाएगी. अप ट्रेन गुरुवार और डाउन ट्रेन शुक्रवार को चलेगी।&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दुर्गा पूजा के लिए ये विशेष ट्रेन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राजधानी पटना से पुरी के बीच रेलवे ने विशेष ट्रेन संचालन करने का फैसला किया है. पुरी से पटना के बीच ट्रेन संख्या 08439 ट्रेन को चलाया जाएगा. 5 अक्टूबर से 23 नवंबर के बीच यह गाड़ी संचालित होगी. वहीं हर रविवार को पटना से पुरी ट्रेन संख्या 08440 का संचालन किया जाएगा. यह ट्रेन 6 अक्टूबर से 1 नवंबर तक दोनों स्टेशनों के बीच संचालन होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गणेश पूजा के लिए 342 रेल का संचालन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि गणेश पूजा के पर्व को देखते हुए रेल विभाग ने खास इंतजाम किए हैं. हर वर्ष लाखों लोग मुंबई से कोकण के बीच गणेश पूजा के दौरान यात्रा करते हैं. ऐसे में इन लोगों को कंफर्म टिकट देने के लिए रेल विभाग ने 342 पूजा विशेष ट्रेनों को चलाने का ऐलान किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन सभी विशेष ट्रेनों को 7 सितंबर से चलाया जाएगा. इनमें से कोंकण रेलवे द्वारा 7 विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Ganesh Chaturthi : गजब की भक्ति, मुंबई से बिहार तक के लिए बप्पा का कटवाया ट्रेन टिकट</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/ganesh-chaturthi-amazing-devotion-bappa-got-a-train-ticket-from-mumbai-to-bihar/</link><pubDate>August 30, 2024, 9:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/download-5-8-260x300.png</image><category>संस्कृति</category><excerpt>पटना : भारत में तरह-तरह के सोच वाले लोग रहते हैं। किसी को ईश्वर के प्रति इतनी आस्था होती है कि वो यथासंभव कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं. ठीक ऐसा ही एक मामला सामने आया है। देश में गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। इस दौरान लोग मूर्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना &lt;/strong&gt;: भारत में तरह-तरह के सोच वाले लोग रहते हैं। किसी को ईश्वर के प्रति इतनी आस्था होती है कि वो यथासंभव कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं. ठीक ऐसा ही एक मामला सामने आया है। देश में गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। इस दौरान लोग मूर्ति खरीदने में लगे है तो कहीं पूजा पंडाल बनाने की तैयारी की जा रही है। बिहार के गया में बप्पा की मूर्ति मुंबई से लाइ गई है। ख़ास बात है कि मुंबई से मूर्ति लाने के लिए भगवान गणेश के लिए ट्रेन में रिजर्वेशन भी करवाया गया है। जिससे बप्पा को एक सिंगल पर्सनल सीट पर लाया गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्लीपर क्लास, बोगी S-1, सीट नंबर-46 पर बैठकर आए बप्पा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गणेश चतुर्थी के अवसर पर 7 सितंबर को बप्पा की स्थापना की जायेगी। बता दें कि हावड़ा-मुंबई मेल एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास के बोगी S-1 में और सीट नंबर-46 पर बैठकर गणपति बप्पा बिहार के गया पहुंचे हैं. स्थापना होने के बाद धूमधाम से इनकी पूजा की जायेगी। ऐसे में भारी संख्या में लोग बप्पा के दर्शन करने पूजा पंडाल में पहुंचेंगे। 12 सितंबर तक गणपति पूजा उत्सव मनाया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;756 प्रकार के व्यंजनों का लगाया जाएगा भोग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि देवोत्तम कुमार बप्पा की मूर्ति को मुंबई से लेकर गया पहुंचे है। शुक्रवार (30 अगस्त) को उन्होंने बताया कि वह पिछले 7 सालों से पावरगंज मोहल्ले में गणपति पूजा का आयोजन करते आ रहे हैं. उनके अंदर गणपति बप्पा के लिए इतनी श्रद्धा और आस्था है कि उन्होंने मुंबई पहुंचकर आकर्षक और मनमोहक प्रतिमा खरीद कर बिहार लेकर आ गए . 3 फीट की प्रतिमा को लाने के लिए उन्होंने अपने साथ गणपति बप्पा की भी ट्रेन टिकट लिया। रोचक बात यह है कि उन्होंने प्रतिमा की उम्र 8 साल लिखा और नाम में उन्होंने गणपति जी महाराज मेंशन किया था. देवोत्तम कुमार ने मौके पर कहा कि 8 सितंबर को 756 प्रकार के व्यंजनों का भोग बप्पा को लगाया जाएगा.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>