<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Ekadashi News | Latest Ekadashi News | Breaking Ekadashi News in English | Latest Ekadashi News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Ekadashi समाचार:Today Ekadashi News ,Latest Ekadashi News,Aaj Ka Samachar ,Ekadashi समाचार ,Breaking Ekadashi News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/ekadashi</link>
        <lastBuildDate>June 10, 2026, 10:58 pm</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>आज है पुत्रदा एकादशी, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/today-is-putrada-ekadashi-know-the-auspicious-time-and-method-of-worship/</link><pubDate>January 10, 2025, 3:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/ीबग.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। हिंदू धर्म में साल भर में 24 एकादशी के व्रत आते है, जो हर महीने में 2 बार पड़ती हैं। महीने में पहला एकादशी व्रत कृष्ण पक्ष और दूसरा शुक्ल पक्ष में पड़ता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की खास पूजा...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; हिंदू धर्म में साल भर में 24 एकादशी के व्रत आते है, जो हर महीने में 2 बार पड़ती हैं। महीने में पहला एकादशी व्रत कृष्ण पक्ष और दूसरा शुक्ल पक्ष में पड़ता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की खास पूजा करने से दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन व्रत करने वाली महिलाओं की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एकादशी का शुभ&lt;/strong&gt; मुहूर्त&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं आज यानी शुक्रवार, 10 जनवरी को साल की पहली एकादशी है, जिसे पुत्रदा और वैकुंठ एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से संतान की प्राप्ति होती है। जिन महिलाओं की संतान नहीं है अगर वह यह व्रत करेंगी तो उन्हें संतान की प्राप्ति होगी। वैदिक पंचांग के मुताबिक साल की पहली एकादशी यानी पुत्रदा एकादशी तिथि की शुरुआत पौष माह में 9 जनवरी दोपहर 1 बजकर 12 मिनट से आरंभ होगा। जिसकी समाप्ति अगले दिन यानी 10 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 43 मिनट पर होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पारण का सही समय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;ऐसे में उदया तिथि के मुताबिक पुत्रदा एकादशी का व्रत 10 जनवरी को ही रखा जा रहा है। आज पुत्रदा एकादशी पूरे दिन मनाई जाने वाली है। पुत्रदा एकादशी के व्रत का पारण 11 जनवरी को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से 8 बजकर 21 मिनट के बीच किया जाएगा। यह समय सबसे शुभ है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। पुत्रदा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर नहा लेना चाहिए। इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए। मंदिर की साफ-सफाई करनी चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एकादशी की पूजा विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए। दोनों की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। मां लक्ष्मी को 16 श्रृंगार अर्पित करना चाहिए। प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाना चाहिए। दोनों की आरती उतारें और मंत्रों का उच्चारण करें। अब एकादशी की कथा को सुने। इसके बाद दोनों को मीठे का भोग लगाना चाहिए। आखिर में दोनों का आशीर्वाद ले और क्षमा प्रार्थना करें। सभी में प्रसाद बांट दें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Saphala Ekadashi: साल की आखिरी एकादशी 25 या 26 दिसंबर को, जानें सबकुछ यहां</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/saphala-ekadashi-last-ekadashi-of-the-year-on-25th-or-26th-december-know-everything-here/</link><pubDate>December 19, 2024, 7:32 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-100-300x168.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: सफला एकादशी का व्रत हर साल पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। लेकिन इस बार लोगों में 25 या 26 दिसंबर को लेकर संसय बना हुआ है। इसको लेकर भक्तों के मन में कई सवाल है. वहीं इस व्रत का महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि इसे करने से जीवन...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: सफला एकादशी का व्रत हर साल पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। लेकिन इस बार लोगों में 25 या 26 दिसंबर को लेकर संसय बना हुआ है। इसको लेकर भक्तों के मन में कई सवाल है. वहीं इस व्रत का महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि इसे करने से जीवन में समृद्धि और सफलता मिलती है। अगर आप भी इस व्रत के सही दिन और समय को लेकर असमंजस में हैं तो यहां जानें इसकी सही तारीख और पूजा का समय।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हिंदू धर्म में सफला एकादशी खास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सफला एकादशी हिंदू धर्म में एक विशेष दिन माना जाता है, जो पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से समृद्धि, शुभता आती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस वर्ष सफला एकादशी का व्रत 25 दिसंबर 2024 को रात 10:29 बजे शुरू होगा और 27 दिसंबर 2024 को सुबह 12:43 बजे समाप्त होगा। इसलिए व्रती 27 दिसंबर को पारण करेंगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;व्रत रखने से वैकुंठ की प्राप्ति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सफला एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत न केवल व्यक्तिगत सफलता पाने के लिए है बल्कि जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने का भी उपाय है। जो भक्त इस दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करते हैं, उन्हें भगवान विष्णु के दिव्य निवास वैकुंठ की प्राप्ति होती है, जिसे मोक्ष का प्रवेश द्वार माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है पूजा मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;शुभ समय: सुबह 7:11 से 8:29 तक&lt;br&gt;लाभ मुहूर्त: दोपहर 12:21 से 1:39 बजे तक&lt;br&gt;अमृत ​​मुहूर्त: दोपहर 1:39 बजे से 2:56 बजे तक&lt;br&gt;शुभ समय: शाम 4:13 बजे से शाम 5:31 बजे तक&lt;br&gt;अमृत ​​मुहूर्त: शाम 5:31 बजे से शाम 7:13 बजे तक&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>