<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today doctors News | Latest doctors News | Breaking doctors News in English | Latest doctors News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का doctors समाचार:Today doctors News ,Latest doctors News,Aaj Ka Samachar ,doctors समाचार ,Breaking doctors News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/doctors</link>
        <lastBuildDate>April 19, 2026, 8:01 am</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>New Disease: बिहार में एक नई बीमारी ने दी दस्तक, प्रदेश के कई इलाके प्रभावित</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/new-disease-a-new-disease-has-struck-bihar-many-areas-of-the-state-are-affected/</link><pubDate>October 15, 2024, 4:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/lug.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में लंगड़ा बुखार के संक्रमण में वृद्धि हो रही है। अकेले पटना में ही आनेवाले 20 से 25 प्रतिशत बुखार के मरीजों में लंगड़ा बुखार के लक्षण पाए गए हैं। अचानक से आए इस बुखार ने डॉक्टरों को भी चौंका दिया है। मरीजों के जोड़ों और एड़ियों में...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में लंगड़ा बुखार के संक्रमण में वृद्धि हो रही है। अकेले पटना में ही आनेवाले 20 से 25 प्रतिशत बुखार के मरीजों में लंगड़ा बुखार के लक्षण पाए गए हैं। अचानक से आए इस बुखार ने डॉक्टरों को भी चौंका दिया है। मरीजों के जोड़ों और एड़ियों में सूजन, पैरों में तेज दर्द के कारण पीड़ित को सीधे चलने में मुश्किल आ रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन इलाकों में पीड़ित अधिक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बड़ी हैरानी की बात है कि जांच में ना डेंगू पाया गया और ना ही चिकनगुनिया। डॉक्टरों ने इसे लगड़ा बुखार का नाम दिया है। पटना में पिछले एक सप्ताह के भीतर मिले बुखार पीड़ित मरीजों में लंगड़ा बुखार के लक्षण दिखाई दें रहे हैं। ये बुखार शहर के उन्हीं इलाके में ज्यादा फैला है, जहां डेंगू के मरीज की संख्या ज्यादा है। इनमें कदमकुआं, दीघा, सिपारा, ,जयप्रकाशनगर, भूतनाथ रोड, लोहानीपुर, चित्रगुप्गुतनगर, अशोकनगर, कांटी फैट्री रोड, न्यूपाटलिपुत्र कॉलोनी और पीसी कॉलोनी आदि इलाके शामिल हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीमारी के अलग लक्षण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसे मोहल्ले से दर्जनों मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों के लिए यह नया संक्रमण स्वास्थ्य विभाग के लिए सर दर्द बन गया है। डॉक्टरों के मुताबिक जिस तेजी से यह संक्रमण फैल रहा है, ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि आगामी दिनों में यह संक्रमण का प्रभाव किन इलाकों तक रहेगा। शहर के वरीय फिजिशियन डॉ. संतोष एस ठाकुर का कहना है कि पीड़ितों में इस बार बुखार के अलग तरह के लक्षण नजर आ रहे हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>kolkata Rape Case:  पटना के अस्पतालों में डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी, चिकित्सा सेवाएं बाधित</title><link>https://bihar.inkhabar.com/crime/kolkata-rape-case-protest-of-doctors-continues-in-patna-hospitals-medical-services-disrupted/</link><pubDate>August 17, 2024, 3:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/qwet-300x169.webp</image><category>क्राइम</category><excerpt>पटना। कोलकाता में रेप के बाद मेडिकल छात्रा की हत्या के बाद पूरे देश में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। पटना एम्स के अतिरिक्त न्यू गार्डिनर रोड, एलएनजेपी हड्डी अस्पताल व गर्दनीबाग अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था बंद रही। डॉक्टरों की हड़ताल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; कोलकाता में रेप के बाद मेडिकल छात्रा की हत्या के बाद पूरे देश में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। पटना एम्स के अतिरिक्त न्यू गार्डिनर रोड, एलएनजेपी हड्डी अस्पताल व गर्दनीबाग अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था बंद रही। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण ओपीडी सेवाएं बंद रही। इमरजेंसी सेवा बाधित रही और साथ ही मरीजों का ऑपरेशन भी नही किया गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; ओपीडी सेवाएं बाधित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हड़ताल के दिन ओपीडी में लगभग 11 हजार मरीज बिना इलाज के वापस लौट गए। 154 से ज्यादा मरीजों के ऑपरेशन टाल दिये गए। बाद में आइजीआइएम और पीएमसीएच में डॉक्टर काम पर वापस लौट आए, लेकिन शनिवार को भी इमरजेंसी छोड़ कर ओपीडी व अन्य विभागों में जूनियर डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। आइजीआइएमएस और पीएमसीएच में रेजिटेंड और इंटर्न डॉक्टर इंसाफ की मांग करने के लिए धरने पर बैठे रहें। आइजीआइएमएस में सुबह लगभग साढ़े आठ बजे आम जनता के लिए ओपीडी खोली गई। मरीजों से पहले रजिडेंट डॉक्टर इलाज के लिए आए। मरीज पर्चा जांच और शुल्क जमा करने के लिए अलग-अलग लाइनों में खड़े रहें। काउंटर पर बैठे कर्मचारियों ने पर्चा बनाने का काम शुरू किया। तो वहीं रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शन बढ़ने के बाद ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई। इतना ही नहीं, जैसे ही उन्हें मेन गेट से मरीजों के आने की सूचनी मिली। सभी डॉक्टर्स मेन गेट पर इकट्ठा हो गए और मुख्य द्वार को बंद करना पड़ा। इससे ओपीडी व इमरजेंसी मरीजों का अस्पताल में आना बंद कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बिना इलाज लौटे मरीज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अस्पताल वाले रोड पर जाम लग गया। बढ़ते जाम को देखते हुए शास्त्रीनगर और ट्रैफिक थाने की पुलिस को इस बात की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पहुंची मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद जाम हटाया गया। आइजीआइएमएस में इंटर्न डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाओं को बंद कर दिया। डॉक्टरों ने मेन गेट को बंद किया और धरने पर बैठ गए। छात्र-छात्राओं ने एप्रेन को लाल रंग में रंग पेड़ पर लटका दिया और विरोध प्रदर्शन किया। 12 घंटे तक इमरजेंसी पूरी तरह से बंद रही। इस दौरान 65 से अधिक मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। इमरजेंसी वार्ड से कैंटीन तक आधा दर्जन एंबुलेंस में गंभीर मरीज थे, लेकिन इंटर्न डॉक्टरों ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। सभी परिजन अपने गंभीर मरीजों को लेकर निजी अस्पतालों में चले गए।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>