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       <title>Today diabetes News | Latest diabetes News | Breaking diabetes News in English | Latest diabetes News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का diabetes समाचार:Today diabetes News ,Latest diabetes News,Aaj Ka Samachar ,diabetes समाचार ,Breaking diabetes News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <lastBuildDate>April 20, 2026, 2:18 am</lastBuildDate>
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        </image><item><title>Diabetes: डायबिटीज रहेगा कंट्रोल, रोटी बनाने वाले आटा में मिला लें ये पाउडर, कुछ ही दिनों में दिखने लगेगा फायदा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/desh-pradesh/diabetes-diabetes-will-be-under-control-mix-this-powder-in-the-flour-for-making-roti-benefits-will-be-visible-in-a-few-days/</link><pubDate>December 25, 2024, 4:55 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/dia.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>पटना। देशभर में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन आप अपने आहार में बदलाव और जीवनशैली में सुधार करके मधुमेह को नियंत्रित कर सकते हैं। एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में कहा गया है कि रोटी बनाने के...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; देशभर में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन आप अपने आहार में बदलाव और जीवनशैली में सुधार करके मधुमेह को नियंत्रित कर सकते हैं। एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में कहा गया है कि रोटी बनाने के लिए गेहूं का आटा गूंधते समय थोड़ा सा अलसी पाउडर मिलाने से शुगर कंट्रोल में मदद मिल सकती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अलसी के बीज का पाउडर मिलाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शुगर को नियंत्रित करने के लिए गेहूं के आटे में अलसी के बीज का पाउडर मिलाकर रोटी बनाएं। अलसी पाउडर फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। रोटी को आटे के साथ मिलाकर खाने से पोषण बढ़ता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अलसी को कई चीजों में मिलाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अलसी का उपयोग सदियों से इसके पोषण संबंधी लाभों के लिए किया जाता रहा है। फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, अलसी के बीज अक्सर साबुत गेहूं के आटे, दूध, स्मूदी और डेसर्ट में मिलाए जाते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रोटी में मिलाकर खाने के फायदे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पाचन में सुधार :&lt;/strong&gt; गेहूं के आटे में अलसी के बीज मिलाने से पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। अलसी में मौजूद फाइबर, विशेष रूप से घुलनशील फाइबर, पाचन में सहायता करता है और रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड भी होता है जो हृदय स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। इस प्रकार, जब आप गेहूं के आटे में अलसी का पाउडर मिलाते हैं, तो आपको कई लाभ मिल सकते हैं और शरीर में पोषण बढ़ सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रोटी को मुलायम बनाता है&lt;/strong&gt;: अलसी के पाउडर में नमी सोखने की प्राकृतिक क्षमता होती है। जब अलसी को गेहूं के आटे में मिलाया जाता है, तो यह आटे को नरम कर देता है और नमी बरकरार रखता है। यह पके हुए खाद्य पदार्थों को जल्दी सूखने से बचाता है और उन्हें लंबे समय तक फूला हुआ रखता है। ऐसे में सलाह दी जाती है कि केक, परांठे और रोटी बनाते समय थोड़ा सा अलसी पाउडर मिला लें.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मधुमेह को नियंत्रित करता है:&lt;/strong&gt; अलसी के बीज रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। इसमें मौजूद फाइबर की मात्रा ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोकती है। मधुमेह के रोगियों के लिए रोटी बनाते समय इस पाउडर को जोड़ने से उनके समग्र ग्लाइसेमिक नियंत्रण में सुधार करने में मदद मिल सकती है। एनसीबीआई द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि अलसी के बीज मधुमेह को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अन्य फायदे:&lt;/strong&gt; इसके अलावा अलसी पीरियड्स, कब्ज और मानसिक थकान से जुड़े लक्षणों की गंभीरता को कम करने में काफी मदद करती है और त्वचा की देखभाल में भी मदद करती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Aak Leaves: बवासीर और डायबिटीज जैसी बीमारियों में फायदेमंद होते है आक के पत्तें</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/aak-leaves-aak-leaves-are-beneficial-in-diseases-like-piles-and-diabetes/</link><pubDate>June 5, 2024, 10:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/aak-leaves-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। आयुर्वेद में ऐसे कई सारें पेड़-पौधे(Aak Leaves) है जो एक औषधि के तौर पर काम करते है, लेकिन हमे पता नहीं होता है कि वह कौन से पेड़-पौधे है। आक के पत्ते किसी वरदान से कम नहीं है। इन औषधि पौधों में आक के पत्ते भी शामिल है। आक को &amp;#8216;मदार&amp;...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; आयुर्वेद में ऐसे कई सारें पेड़-पौधे(Aak Leaves) है जो एक औषधि के तौर पर काम करते है, लेकिन हमे पता नहीं होता है कि वह कौन से पेड़-पौधे है। आक के पत्ते किसी वरदान से कम नहीं है। इन औषधि पौधों में आक के पत्ते भी शामिल है। आक को &amp;#8216;मदार&amp;#8217; के नाम से भी जाना जाता है। इसका औषधिक नाम जायंट कैलोट्रोप है। आक के पत्तों में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते है। आक के पत्ते कब्ज, दस्त, जोड़ो के दर्द, दांतो की समस्या जैसे कई रोगों में काम आते है।इस पौधे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंटऔर एंटी इंफ्लेमेटरी के गुण चोट को ठीक करने में मदद करते है। आइए बताते है आपको कि आक के पत्ते कितनी सारी बीमारियों में कारगर साबित होते है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सिर दर्द से राहत&lt;/strong&gt;&amp;#8211;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आक के पत्तों में कुछ खास तरह के गुण होते है। जो सिर दर्द से संबंधित समस्याओं को दूर करने में काम करते है। सिर दर्द से जुड़ी समस्याओं के लिए आक के पत्तों को पीसकर उसका लेप माथे पर लगाने से कुछ ही देर मे आराम मिलता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;स्किन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में-&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आक के रस में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट और एंटी सेप्टिक गुण होते है जो त्वचा की सूजन, लालिमा और जलन को कम करने में सहायक होते है। इतना ही नहीं आक में एंटी बैक्टीरियल गुण भी होते है जो कई तरह के स्किन प्रॉब्लम को जल्दी ठीक करने का काम करते है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बवासीर मे राहत-&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बवासीर से परेशान लोगों के लिए भी आक के पत्ते लाभकारी सिद्ध होते है। बवासीर से राहत पाने के लिए आक के पत्तों को पीसकर बवासीर के घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है। इससे घाव वाली जगह पर लगाने से दर्द में भी आराम मिलता है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डायबिटीज में लाभकारी-&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आयुर्वेद में आक के पौधे को डायबिटीज की बीमारी में शक्तिशाली जड़ी-बूटी के रुप में देखा जाता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन से आई एक रिपोर्ट के मुताबिक आक के पत्तों में एंटीडायबिटिक गुण पाए जाते है। जो डायबिटीज की बीमारी मे लाभकारी सिद्ध होते है। चूहों पर किए गए रिसर्च के मुताबिक आक के पत्तों में मौजूद अर्क सीरम ग्लूकोज के स्तर को कम करने का काम करते है।&lt;/p&gt;
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