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       <title>Today daughter News | Latest daughter News | Breaking daughter News in English | Latest daughter News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का daughter समाचार:Today daughter News ,Latest daughter News,Aaj Ka Samachar ,daughter समाचार ,Breaking daughter News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Sex Ratio: बिहार में तेजी से कम हो रही लड़कियों की संख्या, वैशाली में लिंगानुपात चिंता का विषय</title><link>https://bihar.inkhabar.com/desh-pradesh/sex-ratio-number-of-girls-is-decreasing-rapidly-in-bihar-sex-ratio-in-vaishali-is-a-matter-of-concern/</link><pubDate>December 10, 2024, 8:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/68.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>पटना। बिहार में बेटियों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई रिपोर्ट जारी कर इसकी जानकारी दी है। घटते लिंगानुपात से बिहार सरकार काफी चिंता में है। स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली 2023-24 की रिपोर्ट के मुताबिक बिह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में बेटियों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई रिपोर्ट जारी कर इसकी जानकारी दी है। घटते लिंगानुपात से बिहार सरकार काफी चिंता में है। स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली 2023-24 की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में जन्म के समय लिंगानुपात (प्रति 1,000 पुरुषों पर 882 महिलाएं रही। जो सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन राज्यों में महिलाओं की संख्या कम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली की रिपोर्ट में बिहार को सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों की सूची में शामिल किया गया है। स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली रिपोर्ट के मुताबिक बिहार का वैशाली जिला सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला जिला है, जहां लिंगानुपात 800 से नीचे पाया गया। वैशाली जिले में बाकी जिलों के मुकाबले महिलाओं की संख्या सबसे कम है। रिपोर्ट में बताया गया कि वैशाली के बाद सारण (805), गोपालगंज (837), भोजपुर (801), जमुई (845),नवादा (858), अरवल (844), शिवहर (862 प्रत्येक), पश्चिमी चंपारण (864) और जहानाबाद (852) आदि जिले शामिल है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रसव निदान तकनीक अधिनियम 1994&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार का लिंगानुपात 2022-23 में 894 रहा। वहीं 2021-22 में लिंगानुपात 914 था। इस मुद्दे को लकेर बिहार के मुख्य सचिव (सीएस) अमृत लाल मीणा ने संबंधित विभागों के साथ बैठक की। इस दौरान राज्यभर के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि गर्भधारण के पहले और प्रसव पहले निदान तकनीक अधिनियम 1994 को सख्ती से लागू करें। इस अधिनियम को प्रत्येक जिले और क्षेत्र में लागू करने को कहा गया। साथ ही कहा गया इसका सख्ती से पालन किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Pyre: बेटी बनकर बेटे का फर्ज निभाया, पिता की चिता को दी मुखाग्नि</title><link>https://bihar.inkhabar.com/ajab-gajab/pyre-fulfilled-the-duty-of-a-son-by-becoming-a-daughter-lit-the-funeral-pyre-of-her-father/</link><pubDate>November 22, 2024, 2:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/fur-300x169.webp</image><category>अजब-गजब</category><excerpt>पटना। बिहार के सिवान और भागलपुर में बेटियों ने अपने पिता को मुखाग्नि दी और उन्हें अंतिम विदाई दी। सिवान में अपने पिता की अंतिम इच्छा को उनकी बेटियों ने पूरा किया। अपने पिता की अर्थी को कंधा भी दिया और उन्हें मुखाग्नि भी दी। पिता की मौत के बाद उ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के सिवान और भागलपुर में बेटियों ने अपने पिता को मुखाग्नि दी और उन्हें अंतिम विदाई दी। सिवान में अपने पिता की अंतिम इच्छा को उनकी बेटियों ने पूरा किया। अपने पिता की अर्थी को कंधा भी दिया और उन्हें मुखाग्नि भी दी। पिता की मौत के बाद उनकी आत्मा को यह मलाल ना रहे कि उनकी अर्थी को मुखाग्नि देने के लिए कोई बेटा नहीं है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विधि-विधान से पिता को विदाई दी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके लिए बेटियों ने ही बेटे की भूमिका निभाई और विधि-विधान के साथ अपने पिता को विदाई दी। सीवान में अपने पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए बेटियों ने पिता की अर्थी को अपने कंधे पर उठाया। शमशान घाट तक ले गई और उनकी अर्थी को मुखाग्नि दी। यह सब देखकर पूरा मुहल्ला रो पड़ा। हिंदू धर्म में मान्यता है कि बाप की चिता को मुखाग्नि बेटा ही देता है, पर जिनके बेटे नहीं होते उनकी चिता को भतीजा या फिर कोई व्यक्ति मुखाग्नि देता है, लेकिन, प्रखंड के मेरही की तीन बेटियों ने पिता की मौत के बाद अपने पिता की चिता को मुखाग्रनि दी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नौकरी करके परिवार को पाला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ताकि उन्हें इस बात का मलाल न हो उनके पास कोई बेटा नहीं है। तीनों बेटियों बंटी कुमारी, बबली कुमारी, और तीसरी बेटी छोटी कुमारी ने अपने पिता को आखिरी विदाई दी। बता दें कि मेरही के निवासी रामाज्ञा यादव की अचानक से मौत हो गई। वह दिल्ली रहकर किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते है। बीते 10 नवंबर को गांव में पट्टीदारी में शादी समारोह होने के कारण दिल्ली से घर आये थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसी बीच बुधवार की रात उनकी मौत हो गई। इसके बाद बेटियों ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया, बल्कि मुखाग्नि देकर बेटे होने का फर्ज निभाया। इस मौके पर गांव वालों की आंखे नम हो गई और आंसू छलक पड़े।&lt;/p&gt;
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