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       <title>Today Court News News | Latest Court News News | Breaking Court News News in English | Latest Court News News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Court News समाचार:Today Court News News ,Latest Court News News,Aaj Ka Samachar ,Court News समाचार ,Breaking Court News News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>B.Ed Row Hearing In SC: सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर की बीएड अभ्यर्थियों की याचिका, अब 3 नवंबर को होगी सुनवाई</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/b-ed-row-hearing-in-sc-supreme-court-approves-the-petition-of-b-ed-candidates-now-hearing-will-be-held-on-november-3/</link><pubDate>October 30, 2023, 8:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/3-22.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। सुप्रीम कोर्ट में आज सोमवार को बिहार बीएड के अभ्यर्थियों की सुनवाई की गई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में रिजल्ट पर स्टे लगाने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। वहीं अब इसकी सुनवाई चीफ जस्टिस वाली बेंच करेगी। बता दें कि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट में आज सोमवार को बिहार बीएड के अभ्यर्थियों की सुनवाई की गई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में रिजल्ट पर स्टे लगाने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। वहीं अब इसकी सुनवाई चीफ जस्टिस वाली बेंच करेगी। बता दें कि इस मामले की सुनवाई की तारीख 3 नवंबर कर दी गई है। याचिकाकर्ता दीपांकर गौरव ने इस बात की जानकारी दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रिट याचिका पेंडिंग होने के बावजूद धोखा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल बिहार प्रारंभिक युवा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपांकर गौरव ने याचिका दायर की है। बता दें कि दीपांकर गौरव ने बीएड अभ्यर्थियों की रिट याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी। दीपांकर गौरव का कहना है कि बीपीएससी ने रिट याचिका पेंडिंग होने के बावजूद बीएड अभ्यर्थियों के साथ धोखा किया है। बीएड और डीएलएड अभ्यर्थियों का रिजल्ट एक साथ जारी होना चाहिए था। अब सुप्रीम कोर्ट बीएड अभ्यर्थियों के साथ न्याय करेगा और इस बहाली में बीएड योग्यताधारियों को मौका दिया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अभ्यार्थियों के साथ सौतेला व्यवहार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार प्रारंभिक युवा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपांकर गौरव ने इससे पहले कहा था कि इस मामले पर अभी सुनवाई लंबित है। उन्होंने कहा था कि मुख्य न्यायाधीश वाली बेंच इस पर सुनवाई करेगी। इसी बीच में बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा प्राथमिक का रिजल्ट जारी कर दिया। इसे लेकर हम लोगों ने आयोग की तरफ से जारी किए गए प्रारंभिक शिक्षक के रिजल्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। दीपांकर गौरव ने आगे बताया कि बीएड अभ्यर्थियों को छांटकर प्रारंभिक के 72 हजार रिजल्ट सिर्फ डीएलएड अभ्यर्थियों के बीच में दे दिया गया है। ऐसा करके आयोग ने बीएड अभ्यर्थियों के साथ सौतेला सा व्यवहार किया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: सुप्रीम कोर्ट से बिहार सरकार को बड़ा झटका, जानिए क्या है कोर्ट का फैसला?</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-big-blow-to-bihar-government-from-supreme-court-know-what-is-the-decision-of-the-court/</link><pubDate>October 9, 2023, 11:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/6-2-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। शिक्षक बहाली के मामले में प्राइमरी टीचर के लिए बीएड की योग्यता पर रोक लगा दिया गया है। बताया जा रहा है कि अब राज्य सरकार नई याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है। सुप्रीम कोर्ट से बीएड अभ्यार्थियों को कोई राहत नहीं प्रदेश में 1 लाख 70 हजार...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;शिक्षक बहाली के मामले में प्राइमरी टीचर के लिए बीएड की योग्यता पर रोक लगा दिया गया है। बताया जा रहा है कि अब राज्य सरकार नई याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट से बीएड अभ्यार्थियों को कोई राहत नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदेश में 1 लाख 70 हजार से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने झटका दे दिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट से बीएड कैंडिडेट्स को कोई भी राहत नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई दूसरे बेंच को ट्रांसफर कर दी है। हालांकि, बिहार सरकार ने कहा है कि वह याचिका में बदलाव करेगी और नए सिरे से दूसरी याचिका दाखिल की जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह है पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राजस्थान में शिक्षक बहाली के मामले में प्राइमरी टीचर के लिए बीएड की योग्यता पर प्रतिबंध लगा दिया है। सिर्फ बीटीसी या डीएलएड डिग्री वाले छात्र ही कक्षा पांचवीं तक पढ़ाने के लिए पात्र माने जाएंगे। अहम बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला तब आया था जब बिहार में भी शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया चल रही थी। बता दें कि बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी ने लगभग दो सप्ताह पहले ये तय किया था कि बीएड पास अभ्यार्थी प्राइमरी टीचर नहीं बन पाएंगे। यहीं नहीं इसके बाद शिक्षक भर्ती में शामिल 3 लाख 90 हजार बीएड अभ्यार्थियों के रिजल्ट रोक दिया गया। वहीं बीपीएससी ने यह तय किया है कि सिर्फ डीएलएड पास उम्मीदवारों का ही रिजल्ट जारी किया जायेगा। बीपीएससी ने ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण लिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाईकोर्ट ने भी खारिज की थी दलील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि यह मामला पटना हाईकोर्ट में भी पहुंचा था। जहां पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार ने दलील दी थी कि बीएड वाले अभ्यार्थियों को प्राइमरी टीचर नहीं बनाने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिहार के संबंध में नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ये साफ नहीं हो रहा है कि बिहार में ये आदेश लागू होगा या नहीं। वहीं 22 सितंबर को पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार की इस दलील को खारिज कर दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिहार में भी लागू होगा। पटना हाईकोर्ट के इसी फैसले को आधार बना कर बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दी है। फिलहाल बिहार सरकार का यह मानना है कि बीएड पास अभ्यर्थियों को प्राइमरी टीचर के पद पर नियुक्ति करने की इजाजत दी जाए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार : सुप्रीम कोर्ट में गया बिहार जातीय सर्वे का मामला ,6 अक्टूबर को होगी इसकी सुनवाई</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%97/</link><pubDate>October 3, 2023, 6:04 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/2-2-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। सोमवार को गांधी जयंती के दिन बिहार सरकार ने जाति आधारित गणना कि रिपोर्ट जारी की थी। बताया जा रहा है कि अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है। 6 अक्टूबर को होगी मामले की सुनवाई बिहार में जाति आधारित सर्वे मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने रख...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सोमवार को गांधी जयंती के दिन बिहार सरकार ने जाति आधारित गणना कि रिपोर्ट जारी की थी। बताया जा रहा है कि अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;6 अक्टूबर को होगी मामले की सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार में जाति आधारित सर्वे मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा गया है। कोर्ट ने 6 अक्टूबर को सुनवाई की बात कही है। यह मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था। बता दें कि कोर्ट ने सर्वे के आंकड़े जारी करने पर कोई रोक नहीं लगाई। कोर्ट का कहना था कि वह रोक का आदेश विस्तृत सुनवाई के बाद ही देगा। दरअसल, इस मामले की सुनवाई आज मंगलवार को होनी थी और याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि बिहार सरकार ने जाति सर्वे के आंकड़े जारी कर दिए हैं। अब कोर्ट शुक्रवार (06 अक्टूबर) को इस मामले की सुनवाई करेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रिपोर्ट के अनुसार बिहार में किसकी कितनी जनसंख्या&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जाति आधारित गणना की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में सबसे अधिक हिंदुओं की संख्या पाई गई है। बता दें की इसमें में 81.99 प्रतिशत हिंदू हैं। हिंदुओं की संख्या 10 करोड़ 71 लाख 92 हजार 958 है। वहीं बिहार में मुस्लिम की संख्या 17.7% यानी 2 करोड़ 31 लाख 49 हजार 925 है। इसके अलावा ईसाई की संख्या 75238, सिख की संख्या 14753, बौद्ध की संख्या 111201 और जैन की संख्या 12523 है यानी 1% से भी कम है। वहीं बिहार के जातीय गणना के आंकड़े के अनुसार कुल जनसंख्या का 63 प्रतिशत हिस्सा ओबीसी, ईबीसी हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य की कुल जनसंख्या 13.07 करोड़ से कुछ अधिक है। इसमें अगर वर्गों की आबादी के बारे में बात करें तो सामान्य वर्ग – 15.52%,पिछड़ा वर्ग- 27.12%,अति पिछड़ा वर्ग – 36.1%,अनूसूचित जाति- 19.65% और अनूसचित जनजाति – 1.68% है। वहीं अगर बात करें कि किस में कितनी आबादी है तो ब्राह्मण- 3.67%, राजपूत- 3.45%, भूमिहार- 2.89%, कायस्थ – 0.60%, यादव – 14.26 %, कुरमी- 2.87%, तेली- 2.81%, मुसहर- 3.08% और सोनार-0.68% में हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए क्या है मामला ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, जाति जनगणना के आंकड़ों को जारी करने पर रोक लगाने के लिए पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बिहार सरकार के पक्ष में इसका फैसला सुनाया था और सरकार के इस कदम को कानूनी रूप से वैध बताया था। वहीं इसके बाद बिहार सरकार ने जाति गणना का कार्य शुरू कर दिया था। बताया जा रहा है कि पटना हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर और रिपोर्ट को फिलहाल जारी नहीं करने का अनुरोध किया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था।&lt;/p&gt;
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