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       <title>Today CJI News | Latest CJI News | Breaking CJI News in English | Latest CJI News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का CJI समाचार:Today CJI News ,Latest CJI News,Aaj Ka Samachar ,CJI समाचार ,Breaking CJI News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>CJI: जजों के वेतन रोकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/cji-supreme-court-reprimands-bihar-government-for-stopping-salaries-of-judges/</link><pubDate>October 1, 2024, 9:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/zxcvb.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। हाईकोर्ट के जजों के बकाया वेतन जारी करने और न्यायिक अधिकारियों के लिए पेंशन निर्धारित करने के मुद्दे से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को कड़े निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘बिहार सरकार के वर्तमान ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; हाईकोर्ट के जजों के बकाया वेतन जारी करने और न्यायिक अधिकारियों के लिए पेंशन निर्धारित करने के मुद्दे से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को कड़े निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘बिहार सरकार के वर्तमान जज न्यायाधीश आर.पी. मिश्रा का वेतन तुरंत उन्हें दिया जाए, जिनका हाईकोर्ट में प्रमोशन के बाद से सैलरी बाकी है।’&lt;br&gt;बिना वेतन के काम की उम्मीद कैसे?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुनवाई चीफ जस्टिस ने की &lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि ‘किसी भी जज से वेतन के बिना काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है।’इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डी.वाई चंद्रचूड़, न्यायाधीश जे.बी पारदीवाला और न्यायाधीश मनोज मिश्रा की पीठ कर रही थी। इस दौरान गंभीरता से विचार करते हुए सीजेआई ने पटना हाईकोर्ट को फटकार लगाई। उन्होंने कहा, ‘जस्टिस आरपी मिश्रा का वेतन अभी तक उन्हें क्यों नहीं दिया गया? वे उन्हें वेतन देने से मना क्यों कर रहे हैं?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अन्य जजों की तरह सेवाएं प्राप्त करेंगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि उनके जैसे लोग हाईकोर्ट में नियुक्त होने पर अन्य सभी हाईकोर्ट जजों की तरह सेवाएं प्राप्त करेंगे। सुनवाई के दौरान पीठ ने यह भी कहा, ‘अगर जस्टिस मिश्रा जिला न्यायपालिका में कार्यरत रहते हुए नई पेंशन योजना के तहत शासित थे, लेकिन हाईकोर्ट में प्रमोशन होने पर वे दूसरे हाईकोर्ट न्यायाधीशों के बराबर सेवा शर्तों के अधीन शासित होंगे। जज को सेवा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को जस्टिस मिश्रा का वेतन बकाया राशि के साथ जारी करने का निर्देश दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;7 जजों का वेतन जारी करने के निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुनवाई के दौरान न्यायालय को याद दिलाया गया कि जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा को नवंबर 2023 में उच्च न्यायिक सेवाओं से हाईकोर्ट में प्रमोशन के बाद से अभी तक जीपीएफ नहीं दिया गया। हालांकि उन्होंने सभी औपचारिकताओं को पूर्ण कर लिया है। जज को प्रमोशन के बाद से अब तक वेतन नहीं मिला है। साल 2023 के मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने इसी तरह के अंतरिम उपाय में पटना हाईकोर्ट के 7 जजों के वेतन को जारी करने का निर्देश दिया था, जो उनके जीपीएफ अकाउंट बंद करने के बाद से रोके गए थे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar News: शिक्षा विभाग के नए फरमान से शिक्षक संघ नाराज, राष्ट्रपति और CJI से करेंगे शिकायत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-news-teachers-union-angry-with-the-new-order-of-the-education-department-will-complain-to-the-president-and-cji/</link><pubDate>November 30, 2023, 7:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/7-5-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार शिक्षा विभाग के द्वारा लगातार नए-नए फरमान जारी किए जाने से बिहार के शिक्षकों में नाराजगी देखी जा रही है। वहीं अब केके पाठक के एक और नए फरमान को शिक्षक संघ ने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना है। इस मामले को लेकर संघ, भारत के राष्ट्रपत...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार शिक्षा विभाग के द्वारा लगातार नए-नए फरमान जारी किए जाने से बिहार के शिक्षकों में नाराजगी देखी जा रही है। वहीं अब केके पाठक के एक और नए फरमान को शिक्षक संघ ने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना है। इस मामले को लेकर संघ, भारत के राष्ट्रपति और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को पत्र लिखने की तैयारी में है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा विभाग कर रहा उल्लंघन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार का मानना है कि यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और ऐसे में वह अपने मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी सरकार से कई पत्राचार संघ और संगठन के होते रहे हैं। ऐसे में केके पाठक कैसे कह रहे हैं कि संघ बनाने का अधिकार नहीं है जो बनाएगा उसे पर कार्रवाई होगी। जबकि साल 1949 से हमारा संगठन रजिस्टर्ड है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छुट्टियों में कटौती को लेकर दिया बयान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं स्कूलों में छुट्टियों का कैलेंडर जारी होने और स्कूल की अवधि का समय बढ़ाए जाने पर मनोज कुमार ने कहा कि यह कैसे संभव है। इसमें पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों को जितना समय पढ़ाया जाएगा, उतना समय 10वीं और 12वीं के छात्रों को। वहीं मनोज कुमार ने यह भी कहा कि इससे पहले प्राथमिक विद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों के लिए अलग-अलग अवकाश तालिका बनाई जाती थी। बच्चों को 8 घंटे तक स्कूल में रोक पाना काफी मुश्किल है। ऐसे में सरकार को प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के लिए अलग-अलग अवकाश तालिका जारी करनी चाहिए। कक्षा एक का बच्चा और 12वीं का बच्चा बराबर पढ़ेगा क्या यह व्यावहारिक है?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है शिक्षा विभाग का नया निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इन दिनों काफी एक्शन में नजर आ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने पत्र जारी करते हुए निर्देश दिया है कि सरकार ने किसी शिक्षक संघ को मान्यता नहीं दी है। वहीं पत्र के अनुसार, ऐसे में कोई भी शिक्षक संघ का निर्माण नहीं करेंगे, न ही किसी संघ से जुड़ेंगे। अगर कोई शिक्षक ऐसा करता है तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।&lt;/p&gt;
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