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       <title>Today chhath puja kab hai News | Latest chhath puja kab hai News | Breaking chhath puja kab hai News in English | Latest chhath puja kab hai News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का chhath puja kab hai समाचार:Today chhath puja kab hai News ,Latest chhath puja kab hai News,Aaj Ka Samachar ,chhath puja kab hai समाचार ,Breaking chhath puja kab hai News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/chhath-puja-kab-hai</link>
        <lastBuildDate>June 10, 2026, 2:26 am</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>Chhath Puja: जो लोग पहली बार कर रहे हैं छठ? इन खास बातों का रखें ख्याल</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chhath-puja-people-who-are-doing-chhath-for-the-first-time-take-care-of-these-special-things/</link><pubDate>November 3, 2024, 9:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/download-8.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: छठ पूजा बिहार, यूपी, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए एक विशेष त्योहार है। अगर हम कहे बिहार की पहचान महापर्व छठ से होती है तो इसमें कोई दो राय नहीं है। इस त्यौहार का अपना एक अलग और विशेष महत्व भी है. हर साल दिवाली के छह दिन ब...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; छठ पूजा बिहार, यूपी, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए एक विशेष त्योहार है। अगर हम कहे बिहार की पहचान महापर्व छठ से होती है तो इसमें कोई दो राय नहीं है। इस त्यौहार का अपना एक अलग और विशेष महत्व भी है. हर साल दिवाली के छह दिन बाद इन राज्यों सहित देश के कोने-कोने में भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित छठ पूजा का चार दिवसीय महापर्व मनाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कब मनाया जाता है छठ पूजा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;यह महापर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को शुरू होता है और सप्तमी तिथि को समाप्त होता है। आपको बता दें, छठ पूजा बहुत ही कठिन व्रत है, क्योंकि इसमें श्रद्धालु 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखते हैं। ऐसे में अगर आप पहली बार छठ मना रहे हैं तो आपको इससे जुड़े इन खास नियमों का ध्यान जरूर रखना चाहिए. अन्यथा आपको व्रत का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। आइए अब जानते हैं छठ से जुड़े उन खास नियमों के बारे में।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने का नियम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस चार दिवसीय छठ पूजा में सूर्यदेव और छठी मैया की पूजा की जाती है। 36 घंटे के व्रत के दौरान डूबते सूर्य और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद व्रत खोला जाता है और यह महापर्व समाप्त होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छठ व्रत खासतौर पर महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए रखती हैं। मान्यता है कि अगर माताएं सच्चे मन से यह व्रत रखती हैं तो छठी मैया उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये है छठ पूजा की तिथियां&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है. और 4 दिन बाद उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इसका समापन होता है।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;नहाय-खाय: 5 नवंबर 2024&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;खरना: 6 नवंबर 2024&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;संध्या सूर्य अर्घ्य: 7 नवंबर 2024&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;प्रातः सूर्य अर्घ्य: 8 नवंबर 2024&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;व्रत का पारण: 8 नवंबर 2024&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें छठ पूजा से जुड़े नियम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;नहाय-खाय के दिन घर की साफ-सफाई की जाती है. उस दिन परिवार के सभी सदस्यों को सात्विक भोजन करना चाहिए और साफ धुले हुए कपड़े पहनने चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस महापर्व में इस्तेमाल होने वाले प्रसाद को मिट्टी के चूल्हे पर ही बनाना शुभ माना जाता है. यह भी माना जाता है कि छठ का प्रसाद केवल उन्हीं को बनाना चाहिए जिन्होंने व्रत रखा हो। प्रसाद बनाते समय पवित्रता का विशेष ध्यान रखें।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;छठ व्रत करने वाली महिलाओं को इन चार दिनों में जमीन पर सोना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>36 घंटे का निर्जला व्रत छठ महापर्व को लेकर लोगों में कंफ्यूजन, आखिर कब है?</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/confusion-among-people-regarding-the-36-hour-waterless-fast-of-chhath-festival-when-is-it/</link><pubDate>October 23, 2024, 5:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/Chhath-festival-300x172.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, छठ पूजा का त्योहार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह महापर्व नहाय खाय से शुरू होकर चार दिनों तक चलता है. छठ पूजा का व्रत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; हिंदू कैलेंडर के अनुसार, छठ पूजा का त्योहार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह महापर्व नहाय खाय से शुरू होकर चार दिनों तक चलता है. छठ पूजा का व्रत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बहुत कठिन हैं छठ महापर्व का व्रत रखना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करती हैं। इस महापर्व के दौरान महिलाएं 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखती हैं। इसी वजह से छठ व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दीपावाली को लेकर लोग कन्फ्यूज्ड&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस साल दिवाली की तारीख को लेकर काफी असमंजस की स्थिति है. कुछ लोगों का मानना है कि दिवाली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी, वहीं कुछ लोग 1 नवंबर को दिवाली मनाने की बात कर रहे हैं. हालांकि, हर साल छठ पर्व दिवाली के 6 दिन बाद शुरू होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छठ पूजा की तारीखों पर कन्फ्यूजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;लेकिन इस बार छठ पूजा की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. आपकी उलझन दूर करने के लिए आइए हम आपको बताते हैं कि इस बार छठ पूजा कब होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कार्तिक छठ पूजा कब?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पंचांग के अनुसार छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होती है. वहीं, षष्ठी तिथि के दिन शाम के समय सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 7 नवंबर को रात्रि 12.41 बजे प्रारंभ हो रही है, जो 8 नवंबर को रात्रि 12.34 बजे समाप्त होगी। इस वजह से उदया तिथि के मुताबिक, छठ पूजा 7 नवंबर को हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दीपावाली पर निर्भर है इस बार का छठ पर्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं बिहार में अगर दिवाली 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा, तो इस हिसाब से छठ पूजा 6 नवंबर को मनाई जाएगी. अगर बिहार में दिवाली 1 नवंबर को मनाया जाएगा तो इस अनुसार से छठ पूजा 7 नवंबर को मनाई जाएगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2024 छठ पूजा कैलेंडर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;छठ पूजा का पहला दिन, 5 नवंबर 2024- नहाय खाय&lt;br&gt;छठ पूजा का दूसरा दिन, 6 नवंबर 2024- खरना&lt;br&gt;छठ पूजा का तीसरा दिन, 7 नवंबर 2024- संध्या अर्घ्य&lt;br&gt;छठ पूजा का चौथा दिन, 8 नवंबर 2024- उषा अर्घ्य (भोरवा अर्घ्य)&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नहाय खाय से छठ महापर्व की शुरुआत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;छठ पूजा का महापर्व पहले दिन नहाय-खाय के साथ शुरू होता है. दूसरे दिन लोहंडा और खरना होता है. वहीं, तीसरे दिन शाम का अर्घ्य और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद निर्जला व्रत खोला जाता है। व्रत पूरा होने के साथ ही यह त्योहार समाप्त हो जाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों मनाई जाती है छठ पूजा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दरअसल, हिंदू धर्म के लोग छठ पर्व को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। लेकिन बिहार में छठ पूजा का अलग ही जश्न है. महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए छठ व्रत रखती हैं। इस व्रत के दौरान साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है। माना जाता है कि इस महापर्व पर व्रत रखने से नि:संतान को संतान का सुख मिलता है.&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: यूपी-बिहार के लोगों के लिए बड़ी ख़बर, त्योहारी सीज़न में रेलवे ने शुरू की आठ स्पेशल ट्रेनें</title><link>https://bihar.inkhabar.com/tourism/bihar-big-news-for-the-people-of-up-bihar-railways-started-eight-special-trains-in-the-festive-season/</link><pubDate>October 9, 2023, 7:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/4-5-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। इस त्योहार दिवाली और छठ पूजा के लिए दिल्ली, यूपी और बिहार के लोगों के लिए रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है, इस दौरान रेलवे ने 8 स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का फैसला किया है। 8 स्पेशल ट्रेनों की शुरूआत अक्टूबर ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। इस त्योहार दिवाली और छठ पूजा के लिए दिल्ली, यूपी और बिहार के लोगों के लिए रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है, इस दौरान रेलवे ने 8 स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का फैसला किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;8 स्पेशल ट्रेनों की शुरूआत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;अक्टूबर आने के साथ ही त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने तैयारी कर रहे दिल्ली, यूपी और बिहार के लोगों के लिए रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि रेलवे ने 8 स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का फैसला किया है। रेलवे ने दिल्ली से यूपी और बिहार के लिए आठ स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। यहीं नहीं आईआरसीटीसी ने इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;त्योहारी सीजन में बुक कराएं टिकट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगा। ये स्पेशल ट्रेनें अक्टूबर में शुरू हुए त्योहारी सीजन में नवरात्री से लेकर नंबवर के मध्य छठ पूजा तक चलेंगी। दरअसल इस दौरान रामनवमीं, विजयदशमी, दिवाली, भैयादूज और करवाचौथ के त्योहार भी मनाए जाएंगे। ऐसे में अगर आपने टिकट बुक नहीं कराई है तो अभी देर नहीं हुई है, आप इन ट्रेनों में भी टिकट बुक करवा सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन 8 स्पेशल ट्रेनों की हुई है शुरूआत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;04060 आनंद विहार-जयनगर एक्सप्रेस 7 नवंबर &amp;#8211; 28 नवंबर तक प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को चलाई जाएगी।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;04059 जयनगर-आनंद विहार एक्सप्रेस 4 नवंबर &amp;#8211; 29 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार और शनिवार को चलाई जाएगी।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;04080 नई दिल्ली-वाराणसी एक्सप्रेस 6 नवंबर &amp;#8211; 11 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को चलाई जाएगी।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;04079 वाराणसी-नई दिल्ली एक्सप्रेस 7 नवंबर -1 दिसंबर प्रत्येक मंगलवार, शुक्रवार और रविवार को चलाई जाएगी।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;04488 आनंद विहार-गोरखपुर एक्सप्रेस 4 नवंबर &amp;#8211; 25 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार चलाई जाएगी।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;04487 गोरखपुर-आनंदविहार एक्सप्रेस 5 नवंबर &amp;#8211; 26 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को चलाई जाएगी।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;05557 जयनगर-आनंद विहार एक्सप्रेस 21 नवंबर &amp;#8211; 5 दिसंबर तक प्रत्येक मंगलवार को चलाई जाएगी।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;05558 आनंद विहार-जयनगर एक्सप्रेस 22 नवंबर &amp;#8211; 6 दिसंबर तक प्रत्येक बुधवार को चलाई जाएगी।&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आप इन ट्रेनों की टिकट बुक करने के लिए आईआरसीटीसी की अधिकारिक साइट पर भी जा कर जानकारी ले सकते हैं।&lt;/p&gt;
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