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       <title>Today Chhath Puja 2024 News | Latest Chhath Puja 2024 News | Breaking Chhath Puja 2024 News in English | Latest Chhath Puja 2024 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Chhath Puja 2024 समाचार:Today Chhath Puja 2024 News ,Latest Chhath Puja 2024 News,Aaj Ka Samachar ,Chhath Puja 2024 समाचार ,Breaking Chhath Puja 2024 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/chhath-puja-2024</link>
        <lastBuildDate>June 11, 2026, 12:31 am</lastBuildDate>
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            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Chhath puja: आज है छठ का तीसरा दिन, डूबते सूर्य को देंगे अर्घ्य</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chhath-puja-today-is-evening-prayer-we-will-offer-prayer-to-the-setting-sun/</link><pubDate>November 7, 2024, 7:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/546.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। लोक आस्था का महान पर्व छठ धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर सूर्य देव और छठी मैया की विधि-विधान से पूजा की जाती है। यह व्रत संतान की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र के लिए किया जाता है। व्रती महिलाएं 36 घंटे तक निर्जला उपवास रख...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; लोक आस्था का महान पर्व छठ धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर सूर्य देव और छठी मैया की विधि-विधान से पूजा की जाती है। यह व्रत संतान की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र के लिए किया जाता है। व्रती महिलाएं 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखते हैं। शाम होते ही घाट पर जाती है और डूबते व उगते सूर्य को अर्घ्य देती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;छठ महापर्व के तीसरे दिन 07 नवंबर को, डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। 08 नवंबर को छठ के चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। छठ पूजा के तीसरे दिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि होती है। इस दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। इस दिन यानी संध्य अर्घ्य को भक्तगण शाम के समय किसी घाट के किनारे खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सभी ग्रहों का राजा सूर्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इसके पीछे की मान्यता यह है कि सूर्य देव अपनी दूसरी पत्नी प्रत्यूषा के साथ होते हैं, और इस समय अर्घ्य अर्पित करने से जीवन की सभी परेशानी दूर हो जाती हैं। वहीं व्रती महिलाओं की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। ऐसा करने से जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन होता है। भगवान सूर्य को देवताओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। ज्योतिष शास्त्र में भी सूर्य को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य की पूजा करने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है और उसे विभिन्न रोगों से बचाव मिलता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नेत्र रोगों से राहत मिलती है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सूर्य देव के आशीर्वाद से व्यक्ति के घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य भरा रहता है। इसके साथ ही, जीवन की सभी कठिनाइयां भी दूर होती है। सूर्य की उपासना और अर्घ्य अर्पित करने से इच्छाएं पूर्ण होती हैं और नेत्र रोगों से भी राहत मिलती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja: आज है खरना, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा का महत्व</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chhath-puja-today-is-kharna-know-the-auspicious-time-and-importance-of-puja/</link><pubDate>November 6, 2024, 4:48 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/khar-300x169.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। छठ महापर्व 2024 की शुरूआत कल नहाय-खाय से हो चुकी है। आज पर्व का दूसरा दिन है, जिसे खरना के नाम से जाना जाता है। यह छठ पूजा का दूसरा दिन होता है। खरना के दिन महिलाएं निर्जला उपवास करती हैं और छठी मैया की आराधना में लगी रहती है। इसके बाद शा...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; छठ महापर्व 2024 की शुरूआत कल नहाय-खाय से हो चुकी है। आज पर्व का दूसरा दिन है, जिसे खरना के नाम से जाना जाता है। यह छठ पूजा का दूसरा दिन होता है। खरना के दिन महिलाएं निर्जला उपवास करती हैं और छठी मैया की आराधना में लगी रहती है। इसके बाद शाम को प्रसाद बनाने और ग्रहण करने की परंपरा को किया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खरना की तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;छठ पूजा के दूसरे दिन 6 नवंबर को खरना होता है। आज खरना की तैयारी की जाती है। इस दिन सूर्यास्त के बाद गुड़, दूध से बनी खीर और रोटी का प्रसाद बनाया जाता है। खरना के मौके पर महिलाएं सूर्य देव को भोग लगाती है। उसके बाद प्रसाद को ग्रहण करती हैं, जिसके बाद उनका 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खरना का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;नहाय खाय का शुभ मुहूर्त सुबह 6.39 मिनट पर आरंभ होगा। जो सूर्यास्त शाम 5.41पर होगी। खरना का शुभ मुहूर्त 6 नवंबर को 6.37 मिनट पर शुरू होगा, जिसकी समाप्ति 5.32 मिनट पर होगी। इस दिन महिलाएं पूरे दिन उपवास करती है। रात के समय खीर का महा प्रसाद ग्रहण करती है। छठ व्रत का पारण उगते सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात ही किया जाता है। इस दिन गुड़, चावल और दूध से महाप्रसाद तैयार किया जाता है। व्रती महिलाएं और पुरुष को इस दिन नमक से बने खाने का सेवन नहीं करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छठ पूजा का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव और छठी मईया की पूजा करने से निसंतान महिलाओं की संतान की प्राप्ति होती है। साथ ही संतान की सुख, समृद्धि और लंबी आयु का आशीर्वाद भी मिलता है। सनातन धर्म में छठ पूजा का बहुत महत्व होता है। खास तौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में यह पर्व धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक इस पूजा की शुरुआत सूर्य पुत्र और महान योद्धा कर्ण ने की थी। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव और छठी मईया की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Festival: छठ महापर्व की शुरूआत, नहाय खाए में भूलकर भी ना करें ये काम, सूर्य देवता हो जाएंगे नाराज</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chhath-festival-beginning-of-chhath-festival-do-not-do-these-things-even-by-mistake-while-taking-bath-sun-god-will-get-angry/</link><pubDate>November 5, 2024, 7:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/cwe5-300x169.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। छठ पूजा की शुरूआत 5 नवंबर 2024 यानी आज से हो गई है। छठ महापर्व चार दिवसीय उत्सव होता है। छठ महापर्व की शुरूआत नहाय-खाय के साथ होती है। इस छठ महापर्व में भक्त 36 घंटे का कठिन ‘निर्जला’ व्रत रखते हैं। दीवाली के छठे दिन से छठ महापर्व की शुरू...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; छठ पूजा की शुरूआत 5 नवंबर 2024 यानी आज से हो गई है। छठ महापर्व चार दिवसीय उत्सव होता है। छठ महापर्व की शुरूआत नहाय-खाय के साथ होती है। इस छठ महापर्व में भक्त 36 घंटे का कठिन ‘निर्जला’ व्रत रखते हैं। दीवाली के छठे दिन से छठ महापर्व की शुरूआत हो जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुछ खास नियम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;यह पर्व सूर्य देव और उनकी बहन छठी मैया को समर्पित होता है। आज छठ महापर्व का पहला दिन है, जिसे नहाय-खाय के रुप में जाना जाता है। जिसके कुछ खास नियम है, जिसे भूलकर भी तोड़ना नहीं चाहिए, आइए जानते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन कार्यों को करने से बचें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;नहाय खाय के दिन झूठ बोलने या किसी को अपशब्द बोलने से बचना चाहिए। ऐसा करने से व्रत के पुण्य की प्राप्ति नहीं होती।&lt;br&gt;इस दिन तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। साबुत अनाज या तले हुए खाद्य पदार्थों को भी नहीं खाना चाहिए। ऐसा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति नहीं होती।&lt;br&gt;नहाय खाय के दिन व्रती महिलाओं को काले रंग की साड़ी नहीं पहननी चाहिए, शुभ और मांगलिक कार्यों में काले रंग के कपड़े अशुभ माने जाते हैं।&lt;br&gt;नहाय खाय के दिन मांस भी नहीं खाना चाहिए, वरना व्रत करना व्यर्थ माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन राज्यों में मनाया जाता है छठ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;हिन्दू धर्म में, छठ का खास महत्व होता है। इसे दीवाली के छठे दिन से मनाया जाता है। यह एक 4 दिवसीय उत्सव है। इस पर्व को खास तौर पर यूपी, बिहार, झारखंड, और उत्तराखंड में मनाया जाता है। यह पर्व महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इसके अलावा यह देश के अन्य राज्यों में भी बड़े श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। साथ ही इस व्रत को विदेशों में कई महिलाएं करती है। जानकारी के मुताबित छठ महापर्व की धूम अन्य देशों में भी देखी जा सकती है, जिनमें फिजी, गुयाना और मॉरीशस आदि शामिल है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>36 घंटे का निर्जला व्रत छठ महापर्व को लेकर लोगों में कंफ्यूजन, आखिर कब है?</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/confusion-among-people-regarding-the-36-hour-waterless-fast-of-chhath-festival-when-is-it/</link><pubDate>October 23, 2024, 5:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/Chhath-festival-300x172.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, छठ पूजा का त्योहार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह महापर्व नहाय खाय से शुरू होकर चार दिनों तक चलता है. छठ पूजा का व्रत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; हिंदू कैलेंडर के अनुसार, छठ पूजा का त्योहार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यह महापर्व नहाय खाय से शुरू होकर चार दिनों तक चलता है. छठ पूजा का व्रत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बहुत कठिन हैं छठ महापर्व का व्रत रखना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करती हैं। इस महापर्व के दौरान महिलाएं 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखती हैं। इसी वजह से छठ व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दीपावाली को लेकर लोग कन्फ्यूज्ड&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस साल दिवाली की तारीख को लेकर काफी असमंजस की स्थिति है. कुछ लोगों का मानना है कि दिवाली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी, वहीं कुछ लोग 1 नवंबर को दिवाली मनाने की बात कर रहे हैं. हालांकि, हर साल छठ पर्व दिवाली के 6 दिन बाद शुरू होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छठ पूजा की तारीखों पर कन्फ्यूजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;लेकिन इस बार छठ पूजा की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. आपकी उलझन दूर करने के लिए आइए हम आपको बताते हैं कि इस बार छठ पूजा कब होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कार्तिक छठ पूजा कब?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पंचांग के अनुसार छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होती है. वहीं, षष्ठी तिथि के दिन शाम के समय सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 7 नवंबर को रात्रि 12.41 बजे प्रारंभ हो रही है, जो 8 नवंबर को रात्रि 12.34 बजे समाप्त होगी। इस वजह से उदया तिथि के मुताबिक, छठ पूजा 7 नवंबर को हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दीपावाली पर निर्भर है इस बार का छठ पर्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं बिहार में अगर दिवाली 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा, तो इस हिसाब से छठ पूजा 6 नवंबर को मनाई जाएगी. अगर बिहार में दिवाली 1 नवंबर को मनाया जाएगा तो इस अनुसार से छठ पूजा 7 नवंबर को मनाई जाएगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2024 छठ पूजा कैलेंडर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;छठ पूजा का पहला दिन, 5 नवंबर 2024- नहाय खाय&lt;br&gt;छठ पूजा का दूसरा दिन, 6 नवंबर 2024- खरना&lt;br&gt;छठ पूजा का तीसरा दिन, 7 नवंबर 2024- संध्या अर्घ्य&lt;br&gt;छठ पूजा का चौथा दिन, 8 नवंबर 2024- उषा अर्घ्य (भोरवा अर्घ्य)&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नहाय खाय से छठ महापर्व की शुरुआत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;छठ पूजा का महापर्व पहले दिन नहाय-खाय के साथ शुरू होता है. दूसरे दिन लोहंडा और खरना होता है. वहीं, तीसरे दिन शाम का अर्घ्य और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद निर्जला व्रत खोला जाता है। व्रत पूरा होने के साथ ही यह त्योहार समाप्त हो जाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों मनाई जाती है छठ पूजा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दरअसल, हिंदू धर्म के लोग छठ पर्व को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। लेकिन बिहार में छठ पूजा का अलग ही जश्न है. महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए छठ व्रत रखती हैं। इस व्रत के दौरान साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है। माना जाता है कि इस महापर्व पर व्रत रखने से नि:संतान को संतान का सुख मिलता है.&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Festive Season: छठ दिवाली में अब रेल टिकट की नो टेंशन, इन रुट पर चलेंगी कई स्पेशल ट्रेन</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/festive-season-now-no-tension-about-rail-tickets-in-chhath-diwali-many-special-trains-will-run-on-these-routes/</link><pubDate>August 31, 2024, 8:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/download-4-12-300x168.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: भारत में आगामी कुछ दिनों में फेस्टिव सीजन शुरू हो जाएगा. त्योहारों के दौरान लोग काफी संख्या में अपने घर जाते हैं. इस वजह से ट्रेनों में रिजर्वेशन मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. रेल विभाग ने इसे देखते हुए गणेश चतुर्थी, दुर्गा...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: भारत में आगामी कुछ दिनों में फेस्टिव सीजन शुरू हो जाएगा. त्योहारों के दौरान लोग काफी संख्या में अपने घर जाते हैं. इस वजह से ट्रेनों में रिजर्वेशन मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. रेल विभाग ने इसे देखते हुए गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, दीवाली, छठ पूजा के लिए कई विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दक्षिण रेलवे ने किया ऐलान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस बारे में शुक्रवार को दक्षिण रेलवे ने ऐलान किया. उसने कहा कि दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे महापर्व को देखते हुए कई विशेष ट्रेन चलाई जाएगी । इससे लोगों को कंफर्म टिकट मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी. दक्षिण रेलवे ने आगे बताया कि फेस्टिवल को देखते हुए सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के माह में 2 साप्ताहिक विशेष ट्रेनों को चलाया जाएगा. इसको देखते हुए यात्री रिजर्वेशन भी करा सकते हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन विशेष ट्रेनों को चलाया जाएगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ol class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;MGR चेन्नई सेंट्रल-संतरागाछी के बीच वीकली विशेष ट्रेन&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;ट्रेन संख्या 06089 चेन्नई से चलकर संतरागाछी जाएगी। हफ्ते में एक बार इस ट्रेन का संचालन होगा. सितंबर से नवंबर के बीच कुल 13 बार ट्रेन चलेगी. वहीं डाउन ट्रेन संख्या 06090 की 7 दिन में एक बार दोनों स्टेशनों के बीच संचालन होगी।&lt;/p&gt;



&lt;ol start=&quot;2&quot; class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;तांबरम-संतरागाछी-तांबरम के बीच भी विशेष ट्रेन सितंबर से लेकर नवंबर के बीच हफ्ते में एक बार ट्रेन 06095/06096 संचालित की जाएगी. अप ट्रेन गुरुवार और डाउन ट्रेन शुक्रवार को चलेगी।&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दुर्गा पूजा के लिए ये विशेष ट्रेन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;राजधानी पटना से पुरी के बीच रेलवे ने विशेष ट्रेन संचालन करने का फैसला किया है. पुरी से पटना के बीच ट्रेन संख्या 08439 ट्रेन को चलाया जाएगा. 5 अक्टूबर से 23 नवंबर के बीच यह गाड़ी संचालित होगी. वहीं हर रविवार को पटना से पुरी ट्रेन संख्या 08440 का संचालन किया जाएगा. यह ट्रेन 6 अक्टूबर से 1 नवंबर तक दोनों स्टेशनों के बीच संचालन होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गणेश पूजा के लिए 342 रेल का संचालन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि गणेश पूजा के पर्व को देखते हुए रेल विभाग ने खास इंतजाम किए हैं. हर वर्ष लाखों लोग मुंबई से कोकण के बीच गणेश पूजा के दौरान यात्रा करते हैं. ऐसे में इन लोगों को कंफर्म टिकट देने के लिए रेल विभाग ने 342 पूजा विशेष ट्रेनों को चलाने का ऐलान किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन सभी विशेष ट्रेनों को 7 सितंबर से चलाया जाएगा. इनमें से कोंकण रेलवे द्वारा 7 विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>