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       <title>Today Chhath Puja 2023 News | Latest Chhath Puja 2023 News | Breaking Chhath Puja 2023 News in English | Latest Chhath Puja 2023 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Chhath Puja 2023 समाचार:Today Chhath Puja 2023 News ,Latest Chhath Puja 2023 News,Aaj Ka Samachar ,Chhath Puja 2023 समाचार ,Breaking Chhath Puja 2023 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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            <title>Inkhabar</title>
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            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Chhath Festival: छठ महापर्व की शुरूआत, नहाय खाए में भूलकर भी ना करें ये काम, सूर्य देवता हो जाएंगे नाराज</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chhath-festival-beginning-of-chhath-festival-do-not-do-these-things-even-by-mistake-while-taking-bath-sun-god-will-get-angry/</link><pubDate>November 5, 2024, 7:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/cwe5.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। छठ पूजा की शुरूआत 5 नवंबर 2024 यानी आज से हो गई है। छठ महापर्व चार दिवसीय उत्सव होता है। छठ महापर्व की शुरूआत नहाय-खाय के साथ होती है। इस छठ महापर्व में भक्त 36 घंटे का कठिन ‘निर्जला’ व्रत रखते हैं। दीवाली के छठे दिन से छठ महापर्व की शुरू...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; छठ पूजा की शुरूआत 5 नवंबर 2024 यानी आज से हो गई है। छठ महापर्व चार दिवसीय उत्सव होता है। छठ महापर्व की शुरूआत नहाय-खाय के साथ होती है। इस छठ महापर्व में भक्त 36 घंटे का कठिन ‘निर्जला’ व्रत रखते हैं। दीवाली के छठे दिन से छठ महापर्व की शुरूआत हो जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुछ खास नियम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह पर्व सूर्य देव और उनकी बहन छठी मैया को समर्पित होता है। आज छठ महापर्व का पहला दिन है, जिसे नहाय-खाय के रुप में जाना जाता है। जिसके कुछ खास नियम है, जिसे भूलकर भी तोड़ना नहीं चाहिए, आइए जानते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन कार्यों को करने से बचें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नहाय खाय के दिन झूठ बोलने या किसी को अपशब्द बोलने से बचना चाहिए। ऐसा करने से व्रत के पुण्य की प्राप्ति नहीं होती।&lt;br&gt;इस दिन तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। साबुत अनाज या तले हुए खाद्य पदार्थों को भी नहीं खाना चाहिए। ऐसा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति नहीं होती।&lt;br&gt;नहाय खाय के दिन व्रती महिलाओं को काले रंग की साड़ी नहीं पहननी चाहिए, शुभ और मांगलिक कार्यों में काले रंग के कपड़े अशुभ माने जाते हैं।&lt;br&gt;नहाय खाय के दिन मांस भी नहीं खाना चाहिए, वरना व्रत करना व्यर्थ माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन राज्यों में मनाया जाता है छठ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिन्दू धर्म में, छठ का खास महत्व होता है। इसे दीवाली के छठे दिन से मनाया जाता है। यह एक 4 दिवसीय उत्सव है। इस पर्व को खास तौर पर यूपी, बिहार, झारखंड, और उत्तराखंड में मनाया जाता है। यह पर्व महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इसके अलावा यह देश के अन्य राज्यों में भी बड़े श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। साथ ही इस व्रत को विदेशों में कई महिलाएं करती है। जानकारी के मुताबित छठ महापर्व की धूम अन्य देशों में भी देखी जा सकती है, जिनमें फिजी, गुयाना और मॉरीशस आदि शामिल है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja: उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देकर संपन्न हुआ महापर्व छठ, 36 घंटे के निर्जला व्रत का पारण</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/chhath-puja-the-great-festival-chhath-concluded-by-offering-arghya-to-the-rising-sun-ending-the-36-hour-waterless-fast/</link><pubDate>November 20, 2023, 10:24 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/8-4-300x135.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। पूरे देश में इस समय लोकआस्था का महापर्व छठ धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 17 नवंबर से नहाय खाय के साथ हुई थी। छठ पर्व आज (20 नवंबर) को सुबह उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ संपन्न हुआ।इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में छठ पूज...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;। पूरे देश में इस समय लोकआस्था का महापर्व छठ धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 17 नवंबर से नहाय खाय के साथ हुई थी। छठ पर्व आज (20 नवंबर) को सुबह उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ संपन्न हुआ।इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में छठ पूजा के लिए नदियों और तालाबों के किनारे बनाए गए घाटो पर व्रती महिलाओं और उनके परिवार के सदस्यों ने उदयगामी सूर्य की पूजा करके चार दिन तक चले इस महापर्व का पारण किया। छठ व्रती सुबह से ही घाटों पर भगवान भास्कर के दर्शन देने का इंतजार कर रहे थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें क्या हैं मान्यताएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान सूर्य उदय के साथ ही व्रतियों ने घुटने भर पानी में उतरकर उन्हें अर्घ्य समर्पित किया और 36 घंटे के निर्जला व्रत का समापन किया। यही नहीं इस दौरान व्रतियों ने नाक से लेकर माथे तक सिंदूर लगाया और भगवान भास्कर से अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना की। बता दें कि छठ को लेकर यह मान्यता है कि छठी मइया की पूजा करने से नि:संतान महिलाओं को संतान सुख की प्राप्ति होती है और जीवन भी सुखमय होता है। इस बार छठ में देश के कई बड़े राजनेताओं ने भी छठ घाटों पर पूजा-अर्चना किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कैदियों ने भी मनाया छठ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही बताया जा रहा है कि बेउर की जेल में भी छठ का पर्व काफी धूम-धाम से मनाया गया। यहां कैदियों ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हुए छठ के महापर्व का समापन किया। पुलिसकर्मियों ने कैदी व्रतियों के पांव भी छुए। छठ को लेकर बेऊर जेल प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी करते हुए चार दिवसीय छठ पूजा को संपन्न कराया। बता दें कि छठ का व्रत महिलाएं और पुरुष व्रती अपने परिवार के कल्याण हेतु रखते हैं और उनके लिए छठी मइया से पार्थना भी करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें छठ के मायनें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि छठ का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाया जाता है। यह महापर्व चार दिन तक चलता है। हमेशा कि तरह इस बार भी छठ की शुरुआत नहाय खाय के साथ हुई थी। इसके दूसरे दिन खरना होता है, जिसमें पूजा के लिए प्रसाद तैयार करते हैं। वहीं तीसरे दिन ढलते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता देकर, चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ये व्रत संपन्न हो जाता है। इसके साथ ही यह माना जाता है कि छठ पूजा में भगवान सूर्य की अराधना की जाती है। मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से संतान से संबंधित सारी परेशानियां समाप्त होती हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar News: लखीसराय में छठ पूजा के दौरान सनकी आशिक ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, दो की मौत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-news-during-chhath-puja-in-lakhisarai-an-eccentric-lover-opened-fire-two-died/</link><pubDate>November 20, 2023, 6:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/2-4-300x225.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>पटना। बिहार के लखीसराय से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। जहां सोमवार की सुबह छह लोगों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इस घटना में दो व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि यह सभी एक ही परिवार के सदस्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के लखीसराय से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। जहां सोमवार की सुबह छह लोगों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इस घटना में दो व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि यह सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं। घटना में मरने वाले दोनों युवक भाई थे। बाकी सभी घायल लोगों को इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। इस दौरान पीड़ित परिवार के घर से थोड़ी दूर पर इस घटना को अंजाम दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार यह सभी लोग छठ घाट पर अर्घ्य देकर वापस लौट रहे थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रेम-प्रसंग का है मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, यह घटना कबैया थाना क्षेत्र के पंजाबी मोहल्ला, वार्ड नंबर 15 बताई जा रही है। यह घटना प्रेम प्रसंग से जुड़ी हुई बताई जा रही है। इस दौरान मृतक चंदन और राजनंदन की मां ने यह बताया कि वह दुर्गा मंदिर में पूजा कर रही थी। इसी बीच उन्हें यह सूचना मिली कि पंजाबी मोहल्ला में किसी ने गोली मार दी है। जब वह भागते हुए घर की ओर गई तो घायलों को रिक्शे पर बिठा कर अस्पताल लाया जा रहा था। मृतक की मां का कहना है कि आशीष ने ही गोली मारी है। उन्होंने बताया कि वह चाहता था कि हम अपनी बेटी की शादी उससे कर दें। जब हम लोगों ने मना कर दिया तो उसने इस घटना को अंजाम दे दिया। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में थाना-पुलिस सब कुछ हो चुका है। वहीं घायल हुए लोगों में दोनों मृतकों की पत्नी, बहन और पिता शामिल हैं। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी मच गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं दूसरी तरफ घटना को लेकर पुलिस ने कहा कि पंजाबी मोहल्ले के वार्ड नंबर 15 निवासी आशीष चौधरी ने फायरिंग की। जिससे चंदन झा (31 साल) और राजनंदन झा (31 साल) की मौत हो गई। इसमे दुर्गा झा, कुंदन झा की पत्नी प्रीति देवी, राजनंदन झा की पत्नी लवली देवी और शशिभूषण झा घायल हुए। इसके अलावा पुलिस ने बताया कि घटना के बाद सभी को इलाज के लिए लखीसराय सदर अस्पताल भेजा गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए सभी को पटना भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपित आशीष चौधरी को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar News: एसपी ने 27 प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक को किया सस्पेंड, पुलिस डिपार्टमेंट में हंगामा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-news-sp-suspended-27-trainee-police-sub-inspectors-ruckus-in-the-police-department/</link><pubDate>November 18, 2023, 11:22 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/11-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। देश में लोकआस्था का महापर्व छठ धूम-धाम के साथ मनाया जा रहा है। इसी बीच बिहार में एसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने शुक्रवार को बड़ी कारवाई करते हुए 27 प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। ऐसे में बताया जा रहा है एसपी द्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; देश में लोकआस्था का महापर्व छठ धूम-धाम के साथ मनाया जा रहा है। इसी बीच बिहार में एसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने शुक्रवार को बड़ी कारवाई करते हुए 27 प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। ऐसे में बताया जा रहा है एसपी द्वारा इतनी बड़ी कार्रवाई करने के बाद पुलिस डिपार्टमेंट में हंगामा मच गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एसपी ने बताया कारण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में जानकारी देते हुए एसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने बताया कि बिहार पुलिस मुख्यालय पटना के पत्र संख्या- 451/ बल, 14 नवंबर को बिहार पुलिस अकादमी राजगीर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कुल 39 प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों की छठ के मौके पर विधि प्रणाली को लेकर व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए मुंगेर जिले में प्रतिनियुक्ति किया गया था। जिसमें 27 प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों ने अपना योगदान नहीं दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छठ के दौरान योगदान नहीं देने पर किए निलंबित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इस मामले में जानकारी देते हुए एसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने आगे बताया कि उक्त निर्देश के आलोक में 16 नवंबर को सभी ने प्रशिक्षण पुलिस केंद्र मुंगेर में योगदान किया था। इस दौरान योगदान करने वाले सभी प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक को रक्षित कार्यालय से आदेश पत्र निर्गत करते हुए छठ पर्व के अवसर पर विधि व्यवस्था को लेकर विभिन्न थाने में प्रतिनियुक्त किया गया था। जबकि निर्गत आदेश के आलोक में कुल 27 प्रशिक्षु पुलिस और निरीक्षक के द्वारा थाना में योगदान देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह वहां पर नहीं पहुंचे, जिस कारण छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्व के अवसर पर विधि व्यवस्था संधारण ड्यूटी में ससमय अपने कर्तव्य पर योगदान नहीं करने के आरोप में कुल 27 प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहले भी हुए थे बिना बताए फरार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यही नहीं एसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने यह भी कहा कि यह लोग एकेडमी में योगदान देने के बाद भी बिना बताए फरार हो गए। इससे पहले भी वह सभी दुर्गा पूजा शुरू होने से पहले बिना बताए फरार हो गए थे। इन्हें शुक्रवार से छठ पर्व पर ड्यूटी करनी थी, लेकिन ये 27 पुलिस निरीक्षक बिना जानकारी दिए फिर से चले गए। इसी कारण सभी को निलंबित कर दिया गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja: सर्वप्रथम माता सीता ने मुंगेर में की थी छठ पूजा, जानिए क्या हैं मान्यताएं</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/chhath-puja-mother-sita-first-performed-chhath-puja-in-munger-know-what-are-the-beliefs/</link><pubDate>November 18, 2023, 10:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/9-1-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। देश भर में लोकआस्था के महापर्व छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत हो चुकी है। जहां एक तरफ इस पर्व का पौराणिक महत्व है वहीं, यह पर्व स्वच्छता, सादगी और पवित्रता का भी सूचक है। बताया जाता है कि धार्मिक मान्यता के अनुसार माता सीता ने सर्वप्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;देश भर में लोकआस्था के महापर्व छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत हो चुकी है। जहां एक तरफ इस पर्व का पौराणिक महत्व है वहीं, यह पर्व स्वच्छता, सादगी और पवित्रता का भी सूचक है। बताया जाता है कि धार्मिक मान्यता के अनुसार माता सीता ने सर्वप्रथम पहली छठ पूजा बिहार के मुंगेर में गंगा के तट पर की थी, जिसके बाद महापर्व छठ की शुरुआत हुई थी। बता दें कि छठ को बिहार का महापर्व माना जाता है। यही नहीं बिहार के साथ-साथ यह पर्व देश के अन्य राज्यों में भी बड़ी धूम-धाम के साथ मनाते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यहां मौजूद हैं माता सीता के पद चिन्ह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बिहार के मुंगेर में छठ पर्व का बड़ा ही विशेष महत्व है। यह माना जाता है कि माता सीता राम जी के साथ वनवास के लिए गई थी, उस समय उन्होंने बिहार के मुंगेर में गंगा तट पर सर्वप्रथम छठ पूजा की थी। यहीं से इस लोक आस्था के महापर्व की शुरुआत हो गई थी। बताया जाता है कि आज भी प्रमाण स्वरूप माता सीता के चरण चिन्ह यहां पर मौजूद है। यह चिन्ह एक विशाल पत्थर पर अंकित है। आज इस स्थान पर एक विशाल मंदिर का निर्माण कर दिया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए छठ से जुड़ी पौराणिक कथा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छठ से जुड़ी एक विशेष कथा भी है। कहा जाता है कि वाल्मीकि और आनंद रामायण के अनुसार ऐतिहासिक नगरी मुंगेर के सीता चरण में कभी मां सीता ने छह दिन तक रहकर छठ पूजा पाठ किया था। कहते हैं कि जब भगवान श्री राम 14 वर्ष वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे तो रावण वध से पाप मुक्त होने के लिए उन्होंने ऋषि-मुनियों के आदेश पर राजसूय यज्ञ करने का फैसला लिया। जिसके लिए मुद्गल ऋषि को आमंत्रित किया गया था, लेकिन मुद्गल ऋषि ने भगवान राम एवं सीता को अपने ही आश्रम में आने का आदेश दिया। इसके बाद मुद्गल ऋषि ने माता सीता को सूर्य की उपासना करने की सलाह दी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीताचरण मंदिर के नाम से विख्यात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यहां मुद्गल ऋषि की सलाह पर माता सीता ने व्रत रखा। मुद्गल ऋषि के आदेश पर भगवान राम और माता सीता पहली बार मुंगेर आए थे। यहां आने पर ऋषि के आदेश पर माता सीता ने कार्तिक की षष्ठी तिथि पर भगवान सूर्य देव की उपासना करते हुए मुंगेर के बबुआ गंगा घाट के पश्चमी तट पर छठ का व्रत किया। जिस स्थान पर माता ने व्रत किया था उसी स्थान पर उनका का एक विशाल चरण चिन्ह आज भी मौजूद है। इसके अलावा शिलापट्ट पर सूप, डाला और लोटा के भी निशान मिलते हैं। यह माना जाता है कि मंदिर का गर्भ गृह साल में छह महीने तक गंगा के गर्भ में समाया रहता है। वहीं जलस्तर घटने पर छह महीने यह ऊपर रहता है। यह मंदिर सीताचरण मंदिर के नाम से विख्यात है। माता सीता के पद चिन्ह के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु इस मंदिर में आते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गंगा के बीचों-बीच स्थित है सीताचरण मंदिर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस स्थान पर पूजा-पाठ करने वाली महिलाओं व ग्रामीणों ने का कहना है कि यहां माता सीता के पद चिन्ह के साथ-साथ सूप, नारियल, कलश आदि की आकृतियां भी पत्थरों पर मौजूद हैं। गांव वालों का कहना है कि यहां माता सीता ने पहली बार छठ व्रत किया था जिसके बाद से इस महापर्व को हर जगह मनाया जाने लगा। यही नहीं ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण इस मंदिर के अंदर बने चिन्ह छह महीने तक पानी में डूबे रहते हैं, जबकि पानी घटने के बाद इसकी साफ-सफाई की जाती है जिसके बाद ही चिन्ह के दर्शन हो पाते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विकास कार्य में कमी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गांव वालों ने यह भी बताया कि इतनी बड़ी धरोहर होने के बावजूद इस मंदिर से संबंधित कोई विकास का कार्य नहीं किया जा रहा, जबकि सरकार और जिला प्रशासन को इसे पर्यटन स्थल के रूप में घोषित कर देना चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यह मंदिर गंगा के बीचों-बीच स्थित है। इस कारण यहां आना थोड़ा कठिन है, लेकिन जब छठ पर्व शुरु होता है तब हमलोग यहां आते हैं और यहां माता सीता के चरण की पूजा-अर्चना करने के उपरांत महापर्व छठ की शुरुआत की जाती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja 2023 : कई मुस्लिम परिवार भी मनाते हैं लोकआस्था का महापर्व छठ</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/chhath-puja-2023-the-great-festival-chhath-is-beyond-religion-many-muslim-families-also-celebrate-this-festival-of-folk-faith/</link><pubDate>November 18, 2023, 7:02 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/3-6-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। देश भर में लोकआस्था के महापर्व छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत हो चुकी है। जहां एक तरफ इस पर्व का पौराणिक महत्व है वहीं, यह पर्व स्वच्छता, सादगी और पवित्रता का भी सूचक है। इन सब से बढ़ कर जो बात सामने आती है वो ये कि इस अनुष्ठान या पर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; देश भर में लोकआस्था के महापर्व छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत हो चुकी है। जहां एक तरफ इस पर्व का पौराणिक महत्व है वहीं, यह पर्व स्वच्छता, सादगी और पवित्रता का भी सूचक है। इन सब से बढ़ कर जो बात सामने आती है वो ये कि इस अनुष्ठान या पर्व में कोई मजहब आड़े नहीं आता। शायद इसी लिए कहा जाता है कि यह पर्व साम्प्रदायिक सौहार्द की पाठ भी पढ़ाता है। बता दें कि बिहार में कई ऐसे भी क्षेत्र हैं जहां मुस्लिम महिलाएं और पुरुष इस छठ पर्व को पूरे सनातन पद्धति और रीति-रिवाज से मनाते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुस्लिम परिवार भी मना रहा छठ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, बात हो रही है गोपालगंज और वैशाली जिले के कई गांवों के मुस्लिम घरों में छठ के गीत गूंजने की। यही नहीं यहां छठ पर्व में उपयोग होने वाले मिट्टी के चूल्हे, धागा और अरता पात भी अधिकांश इलाकों में मुस्लिम परिवार की महिलाएं ही बनाती हैं। बता दें कि गोपालगंज जिले के संग्रामपुर गांव में मुस्लिम समुदायक की 8 महिलाएं 20 वर्षों से छठी मैया का व्रत कर रही हैं। इस साल भी यह सूर्योपासना के इस महापर्व छठ व्रत की शुरुआत नहाय खाय के साथ कर चुकी है। अब आज यह खरना कि भी तैयारी कर रही हैं। रविवार (19 नवंबर) को अस्ताचलगामी और सोमवार (20 नवंबर) को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। यहां गौर करने वाली बात यह है कि इन महिलाओं कि न केवल छठ व्रत को लेकर आस्था है बल्कि इन्हें इसपर पूरा विश्वास भी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;घर के पुरुष भी देते हैं सरयोग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं संग्रामपुर गांव की रहने वाली शबनम खातून, संतरा खातून, नूरजहां खातून का यह मानना है कि उनके घर छठी मईया की कृपा हुई उसके बाद ही घर में बच्चों की किलकारियां सुनाई दी। यही नहीं आज भी उनका विश्वास छठी मईया पर बना है। उनका मानना है कि वे पूरी शुद्धता और रीति रिवाज और नियमों के साथ इस छठ पर्व को मनाती हैं। इतना ही नहीं उनके घर के पुरुष सदस्य भी इसमें अपना पूरा सहयोग देते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हिन्दुओं के साथ ही करते हैं पूजा की तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दूसरी तरफ वैशाली जिले के लालगंज और सराय थाना क्षेत्रों में भी कई मुस्लिम महिलाएं और पुरुष हर साल छठ की पूजा करते हैं। इन मुस्लिम परिवारोंं के लोगों का कहना है कि इस पर्व के बीच मजहब कभी आड़े नहीं आता। इस बीच ये लोग अन्य हिन्दू लोगों के साथ ही पर्व की तैयारी करती हैं और एक ही घाट पर भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja 2023: मौसम विभाग ने बताया छठ पूजा पर अर्घ्य देने का समय</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chhath-puja-2023-meteorological-department-told-the-time-of-offering-arghya-on-chhath-puja/</link><pubDate>November 17, 2023, 10:50 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/11-2-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। देशभर में चार दिनों तक चलने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत हो गई है। बता दें कि आज छठ का पहला दिन नहाय खाय है। आज के दिन छठ व्रती, गंगा स्नान और भगवान भास्कर की पूजा करते हुए नहाय खाय के साथ छठ की शुरुआत करते हैं। आज नहाय खाय [&amp;he...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; देशभर में चार दिनों तक चलने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत हो गई है। बता दें कि आज छठ का पहला दिन नहाय खाय है। आज के दिन छठ व्रती, गंगा स्नान और भगवान भास्कर की पूजा करते हुए नहाय खाय के साथ छठ की शुरुआत करते हैं। आज नहाय खाय के बाद शनिवार यानी 18 नवंबर को खरना है। इसके बाद 19 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा। वहीं 20 नवंबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसे लेकर पटना मौसम विभाग ने बिहार के किस जिले में कितने बजे अर्घ्य का समय है यह जारी कर दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;19 नवंबर को इतने बजे अर्घ्य का समय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि 19 नवंबर को पटना में अर्घ्य देने के लिए सूर्यास्त का समय 5.00 बजे है। वहीं गया में 5:02, भागलपुर में 4:53, नवादा में 4:59, नालंदा में 4:59, पूर्णिया में 4:50, जहानाबाद में 5:01, मुजफ्फरपुर में 4:58, सारण में 5:01, रोहतास में 5:05, मधुबनी में 4:55, पूर्वी चंपारण में 4:59, शेखपुरा में 4:58, गोपालगंज में 5:01, प. चंपारण में 5.00, जमुई में 4:57, बक्सर में 5:05, शिवहर में 4:58, भोजपुर में 5:02, वैशाली में 4:59, दरभंगा में 4:55, सुपौल में 4:53, अरवल में 5:02, सीतामढ़ी में 4:57, औरंगाबाद में 5:05, बेगूसराय में 4:56, सीवान में 5:2 और भभुआ में शाम के 5:07 सूर्यास्त के समय अर्घ्य दिया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें 20 नवंबर को अर्घ्य का समय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छठ के समय पटना में 20 नवंबर को अर्घ्य देने के लिए सूर्योदय का समय 6.10 बजे है। वहीं गया में 6:09, भागलपुर में 6:02, पूर्णिया में 6:01, दरभंगा में 6:08, सुपौल में 6:05, अरवल में 6:11, रोहतास में 6:14, मधुबनी में 6:08, पूर्वी चंपारण में 6:13, शेखपुरा में 6:06, जहानाबाद में 6:10, मुजफ्फरपुर में 6:10, सारण में 6:12, गोपालगंज में 6:14, प. चंपारण में 6.15, भोजपुर में 6:12, वैशाली में 6:09, सीतामढ़ी में 6:10, औरंगाबाद में 6:12, बेगूसराय में 6:06, नवादा में 6:07, नालंदा में 6:08, जमुई में 6:05, बक्सर में 6:15, शिवहर में 6:11, सीवान में 6:14 और भभुआ में शाम के 6:15 सूर्योदय के समय अर्घ्य दिया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन क्षेत्रों में छाए रहेंगे बादल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 19 और 20 नवंबर को छठ के दिन पटना समेत 9 जिलों में आंशिक रूप से बादल भी छाए रहेंगे। जिसमें पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, बांका, कटिहार, अररिया, किशनगंज और मधेपुरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja 2023: आज से लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत , जानें महत्व</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/chhath-puja-2023-the-great-festival-of-folk-faith-chhath-starts-from-today-know-its-importance/</link><pubDate>November 17, 2023, 10:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/10-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। देशभर में चार दिनों तक चलने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत हो गई है। बता दें कि आज छठ का पहला दिन नहाय खाय है। आज के दिन छठ व्रती, गंगा स्नान और भगवान भास्कर की पूजा करते हुए नहाय खाय के साथ छठ की शुरुआत करते हैं। वहीं छठ के [&amp;hel...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; देशभर में चार दिनों तक चलने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत हो गई है। बता दें कि आज छठ का पहला दिन नहाय खाय है। आज के दिन छठ व्रती, गंगा स्नान और भगवान भास्कर की पूजा करते हुए नहाय खाय के साथ छठ की शुरुआत करते हैं। वहीं छठ के पहले दिन नहाय खाय का भी एक विशेष महत्व है। बता दें कि आज के दिन को कद्दू भात भी कहा जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नहाय खाय पर बनता है विशेष प्रसाद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, छठ के पहले दिन नहाय खाय पर कद्दू की विशेष परंपरा होती है। आज के दिन छठ व्रती प्रसाद के रुप में कद्दू का प्रयोग करते हैं। इसके साथ ही अरवा चावल का भात, चना दाल, अगस्त का फूल, नया आलू और फूल गोभी से बनी सब्जी से नहाए खाय के दिन बने प्रसाद को ग्रहण किया जाता है। इस पूरे प्रसाद को बनाने के लिए सेंधा नमक का ही इस्तेमाल किया जाता है। इसमें लाल मिर्च की जगह हरी मिर्च का उपयोग होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छठ के दौरान रखा जाता है स्वच्छता का ध्यान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि नहाए खाय के दिन से ही छठ व्रती शुद्धता का पूरा ध्यान रखते हैं। इस बीच प्रसाद बनाने की बात हो या फिर पूजा से जुड़े किसी भी काम की, साफ-सफाई और शुद्धता में कोई कोताही नहीं दिखाई जाती। सभी प्रकार के नियमों का पालन किया जाता है। इस दौरान छठ व्रती या उनके अन्य परिवार के सदस्य गंगा स्नान करने के बाद ही प्रसाद बनाना शुरू करते हैं। यही नहीं गंगा जल घर पर लाकर उसे भी प्रसाद में मिलाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;20 नवंबर को देंगे उदयगामी सूर्य को अर्घ्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं नहाय खाय के दिन पटना के गंगा घाटों पर सुबह से ही छठ व्रतियों की भीड़ लगी हुई है। बता दें कि आज नहाय खाय के बाद कल शनिवार को खरना होगा। इसमें छठ व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर शाम को गुड़ से बनी खीर और रोटी से खरना करेंगे। जिसके बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास रखकर रविवार की शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद 20 नवंबर यानी सोमवार की सुबह को उदयगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja 2023: महापर्व छठ को लेकर पटना रूट में बदलाव, जारी हुई ट्रैफिक एडवाइजरी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/chhath-puja-2023-patna-route-changed-traffic-advisory-issued/</link><pubDate>November 15, 2023, 8:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/6-4-300x203.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। लोकआस्था का महापर्व छठ नजदीक है। ऐसे में छठ पूजा को देखते हुए राजधानी पटना के ट्रैफिक रूट में काफी बदलाव किया जा रहा है। बता दें कि 19 और 20 नवंबर को प्रदेश का रूट बदला रहेगा। यह नियम 19 नवंबर की दोपहर 12 बजे से लेकर शाम के 7 बजे तक लागू ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; लोकआस्था का महापर्व छठ नजदीक है। ऐसे में छठ पूजा को देखते हुए राजधानी पटना के ट्रैफिक रूट में काफी बदलाव किया जा रहा है। बता दें कि 19 और 20 नवंबर को प्रदेश का रूट बदला रहेगा। यह नियम 19 नवंबर की दोपहर 12 बजे से लेकर शाम के 7 बजे तक लागू रहेगा। वहीं सुबह के अर्घ्य को लेकर रविवार देर रात से 20 नवंबर की सुबह 8 बजे तक कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। दरअसल इस संबंध में मंगलवार को ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई। हालांकि अग्निशामक, एंबुलेंस, शव वाहन और छठ व्रतियों के वाहनों के लिए कोई प्रतिबंध नहीं होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अशोक राजपथ पर ऐसी होगी यातायात व्यवस्था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यहां कारगिल चौक से पूरब दीदारगंज तक वाहनों के परिचालन पर रोक होगी।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा अशोक राजपथ के सभी एंट्री प्वाइंट को बंद कर दिया जाएगा। सिर्फ खजांची रोड से पटना कॉलेज या साइंस कॉलेज परिसर में वाहनों की पार्किंग के लिए मात्र छठ व्रतियों के वाहनों का परिचालन हो सकेगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;कारगिल चौक से पश्चिम शाहपुर तक सभी छठ व्रतियों के वाहनों का परिचालन होगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं 19 नवंबर को 02:00 बजे अपराहन से शाम 05:30 बजे तक और 20 नवंबर को 03:00 बजे पूर्वाहन से 06:00 बजे पूर्वाहन तक दीघा मोड़ से आशियाना दीघा रोड में उत्तर से दक्षिण की ओर वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी। इसके अलावा उक्त अवधि में ये सभी वाहन रामजीचक मोड़ से नहर रोड होते हुए बेली रोड की तरफ जा सकेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गाय घाट की ओर जाने के लिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छठ के दौरान गाय घाट की ओर जाने के लिए गाड़ियां पुरानी बाइपास या न्यू बाइपास से सीधे धनुकी मोड़, शीतला माता मंदिर या बिस्कोमान गोलंबर से गाय घाट की ओर जा सकती हैं। वहीं नजदीकी निर्धारित पार्किंग स्थल में वाहनों को पार्क किया जा सकेगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा बाइपास थाना मोड़ से चौक शिकारपुर आरओबी होकर छठ व्रतियों के वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के व्यवसायिक वाहनों का प्रवेश वर्जित होगा। इस दौरान कंगन घाट/चौक मोड़ जाने वाले सिर्फ छठ व्रतियों के वाहनों को सिटी स्कूल के पास रोक कर सिटी स्कूल परिसर, चौक एवं मंगल तालाब परिसर में पार्क कराया जाएगा और वहां से छठ व्रती पैदल घाट तक जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं चौक शिकारपुर आरओबी से पूरब मोर्चा रोड/पूरब दरवाजा की ओर जाने वाले छठ व्रतियों के वाहन को गुरु गोविंद सिंह आरओबी के नीचे एवं पटना साहिब स्टेशन के पास पार्क कराया जाएगा। जहां से छठ व्रतियों एवं श्रद्धालुओं को घाट तक पैदल जाना होगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान न्यू बाइपास करमलीचक मोड़ से पटना सिटी आने वाले सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दीदारगंज से अशोक राजपथ में सभी प्रकार के व्यवसायिक वाहन का प्रवेश वर्जित रहेगा। इस दौरान सिर्फ छठ व्रती के वाहन ही यहां से प्रवेश करेंगे और कटरा बाजार समिति के प्रांगण में उनके वाहन पार्क कराए जाएंगे। छठ व्रती एवं श्रद्धालु लोग यहां से पैदल घाट तक जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जेपी सेतु की तरफ का रूट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि जेपी सेतु पर 19 नवंबर को दोपहर 2 बजे से शाम के 6.30 बजे तक सोनपुर/छपरा से पटना और 5 बजे शाम से 7 बजे तक पटना से सोनपुर/छपरा की ओर यातायात का नहीं परिचालन हो सकेगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं 20 नवंबर को दोपहर 03:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक सोनपुर/छपरा से पटना और सुबह 06:00 बजे से रात 08:00 बजे तक पटना से सोनपुर/छपरा की तरफ के यातायात परिचालन पर रोक है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान जेपी सेतु से पटना की ओर आने वाले वाहनों को गंगा पथ पर नीचे आने की अनुमति नहीं है। ये सभी वाहन सीधे जेपी सेतु के एप्रोच पथ से अशोक राजपथ पर जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस बीच आमजनों से अनुरोध किया गया है कि जेपी सेतु होकर सोनपुर/छपरा/हाजीपुर जाने के लिए उक्त अवधि में महात्मा गांधी सेतु का प्रयोग करें। वहीं आकस्मिक वाहनों के लिए रूपसपुर नहर रोड का प्रयोग कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;न्यू बाइपास एवं अन्य मार्ग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छठ के दौरान 19 नवंबर को 10:00 बजे पूर्वाहन से 20 नवंबर को 10:00 बजे पूर्वाह्न तक की पूरब बाढ़/मोकामा से पटना आने वाले भारी वाहनों (ट्रकों) का परिचालन फतुहा ओवरब्रिज से 2 किमी पश्चिम से यू-टर्न लेकर एनएच-30 होते हुए बिहटा सरमेरा पथ से किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं बिहटा से पूरब आने वाले भारी वाहन कन्हौली मोड़ से बिहटा-सरमेरा पथ होते हुए न्यू बाइपास में फतुहा ओवरब्रिज के पास आएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नगर बस सेवा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बीच नगर बस सेव के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार पटना जंक्शन, जीपीओ होते हुए बेली रोड से दानापुर या खगौल जाने वाली बस कारगिल चौक पर न आकर गांधी मैदान के गेट नं-10 के अंदर पार्क की जाएंगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja 2023: छठ पूजा को लेकर प्रशासन एक्टिव, जानिए कैसी रहेंगी चिकित्सकीय सुविधा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/chhath-puja-2023-administration-active-about-chhath-puja-know-how-medical-facilities-will-be-available/</link><pubDate>November 15, 2023, 5:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/1-6-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। इस समय देश भर में त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में लोकआस्था का महापर्व छठ नजदीक है। इस दौरान बिहार में किसी चिकित्सकीय आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने घाटों पर पुख्ता इंतज़ाम किया हुआ है। इस बीच अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले पाटी...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; इस समय देश भर में त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में लोकआस्था का महापर्व छठ नजदीक है। इस दौरान बिहार में किसी चिकित्सकीय आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने घाटों पर पुख्ता इंतज़ाम किया हुआ है। इस बीच अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले पाटीपुल, 93 नंबर, कलेक्ट्रिएट, लॉ काॉलेज और गायघाट पर दो-दो बेड के अस्थायी अस्पताल बनाया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मिलेगी चिकित्सकीय सुविधा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि चिकित्सकीय आपात की स्थिति में प्राथमिक उपचार के बाद रोगियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजने के लिए अलग से इन अस्पतालों व नियंत्रण कक्ष में एंबुलेंस तैयार रहेगी। वहीं अन्य 91 घाटों में से हर तीन-चार घाट के बीच एक एंबुलेंस, दवा व डाक्टर के साथ तैनाती की गई है। सिविल सर्जन डा. श्रवण कुमार और चिकित्सा व्यवस्था के नोडल पदाधिकारी महामारी पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;घाटों पर मौजूद रहेंगे डॉक्टर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा पांच अस्थायी अस्पतालों समेत कई चिकित्सकीय सुविधाओं की तैयारियां भी शनिवार शाम तक पूरी कर ली जाएंगी। वहीं 19 नवंबर को शाम के अर्घ्य के पूर्व दोपहर 12 बजे से देर शाम तक और 20 नवंबर को रात 2 बजे से अर्घ्य की समाप्ति तक सभी मेडिकल टीमें निर्धारित स्थल पर मुस्तैद रहेंगी। इस दौरान डॉक्टरों को उनके नाम वाले एप्रन और बीपी इंस्ट्रूमेंट व स्टेथोस्कोप के साथ घाटों पर बने नियंत्रण कक्ष में रहने के लिए कहा गया है। यही नहीं हर एंबुलेंस पर स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सिलेंडर और जीवनरक्षक दवाएं रहेंगी। इस दौरान मेडिकल टीम को 17 नवंबर की दोपहर तक सिविल सर्जन कार्यालय में योगदान देने के लिए कहा गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन अस्पतालों को मिला निर्देष&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस विषय में सिविल सर्जन ने बताया कि आपात स्थिति की दशा होने पर दानापुर से अशोक राजपथ व कंकड़बाग स्थित घाट के नजदीकी अस्पतालों को सम्बद्ध किया गया है। वहीं पारस एचएमआरआइ, राजेश्वर अस्पताल, एसपी रोड स्थित रूबन इमरजेंसी, श्री साई हास्पिटल, सहयोग हास्पिटल, कुर्जी हास्पिटल, महावीर वात्सल्य, तारा नर्सिंग होम, जगदीश मेमोरियल और अरविंद हास्पिटल आदि को निर्देश दिया गया है कि वे घाट से भेजे गए मरीजों का निशुल्क उपचार करेंगे और अर्घ्य के दौरान ऑपरेशन थिएटर, आइसीयू व इमरजेंसी में भी बेड रिजर्व रखें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अटल पथ का एक लेन होगा खाली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;इस दौरान कलेक्ट्रेट, महेंद्रू घाट के रोग ग्रसितों को पीएमसीएच, अरविंद हास्पिटल व तारा हास्पिटल&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;पहलवान व बांसघाट, उदयन हास्पिटल व उदय नारायण हास्पिटल&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;कुर्जी घाट- कुर्जी हास्पिटल&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;शिवाघाट, पाटीपुल, दीघा पोस्ट आफिस, मिनार घाट, बिंद टोली, गेट नंबर 92, 93, 88, 83 व जेपी सेतु घाट के लिए बीएम मंडल हॉस्पिटल रूपसपुर व एम्स पटना ले जाया जाएगा।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;अस्पताल जाते समय जाम आदि की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए अटल पथ व जेपी गंगा पथ का एक लेन खाली रखा जाएगा।&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja 2023: व्रती क्यों लगाती है छठ पर्व में नाक तक सिंदूर, जानिए इसका महत्व</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chhath-puja-2023-why-does-a-fasting-woman-apply-vermilion-till-her-nose-during-chhath-festival-know-its-importance/</link><pubDate>November 12, 2023, 6:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-8-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। देश भर में त्योहार की धूम मची है। ऐसे में आज (रविवार) को पूरा देश दिवाली मना रहा है। बता दें कि पूरे उत्तर भारत में छठ पूजा को महापर्व माना जाता है। इस कारण यह पर्व अब देश के साथ विदेशों में भी प्रचलित हो रही है। माना जाता है कि इस पर्व [...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;देश भर में त्योहार की धूम मची है। ऐसे में आज (रविवार) को पूरा देश दिवाली मना रहा है। बता दें कि पूरे उत्तर भारत में छठ पूजा को महापर्व माना जाता है। इस कारण यह पर्व अब देश के साथ विदेशों में भी प्रचलित हो रही है। माना जाता है कि इस पर्व का पालन करने से मन की हर मनोकामना पूरी होती है और परिवार में सुख-समृद्धि का बौछाड़ होता है. छठ पर्व को लेकर हिंदू धर्म में अनेक मान्यताएं भी हैं, जिसे हम समृद्धि और पूर्णता की प्रतीक बताते है. इस बार इस महापर्व को 18 और 19 नवंबर को मनाया जाएगा. सबसे कठिन पर्व छठ पूजा को माना जाता है और इस व्रत का नियम भी बहुत आयामी होता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डूबते और उगते सूर्य को देते है&lt;/strong&gt; &lt;strong&gt;अर्घ्य &lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रकृति पूजन को यह पर्व विशेष रूप से परिलक्षित करता है. डूबते और उगते सूर्य को छठ पूजा में अर्घ्य दिया जाता है. इस पूजा के दौरान आपने देखा होगा महिलाएं नाक तक सिंदूर लगाती हैं. छठ पर्व के दौरान वहीं मिथिला क्षेत्र में पहले डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के समय सिंदूर चमकते और दिखते रहना चाहिए. इसके लिए महिलाएं अपने मांग से नाक तक रातभर सिंदूर पहनी रहती हैं. इसलिए कहा जाता है कि इसका अपना एक श्रेष्ठ महत्व है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सिंदूर का है छठ पर्व में विशेष महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पंडित रिपुसूदन ठाकुर ने बताया कि सिंदूर के महत्व को लेकर एक दिन पूर्व शाम और अगले दिन सुबह में छठ पर्व के दौरान डाल्यारोहन होता है. खस्ठी देवी भक्त वत्सला सुहागन संध्या काल में हैं. रात भर इनके सुहागन के प्रतीक होने की वजह से सिंदूर पहन कर इन्हें प्रसन्न करने की पौराणिक परंपरा है. इसके साथ महिलाएं नाक तक लंबा सिंदूर छठ पर्व के दौरान लगाती हैं. जो महिला बालों में सिंदूर को छिपा लेती है मान्यता के अनुसार उनका पति समाज में छिप जाता है और इसके साथ ही वह तरक्की भी नहीं कर पाता है और साथ ही उसकी आयु अल्पायु होता है. छठ के दौरान इस वजह से महिलाएं लंबा सिंदूर लगाती हैं क्योंकि पति की आयु के साथ-साथ उसकी सम्मान भी समाज में बढ़ता रहे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मटिया सिंदूर बिहार में लगाने की है विशेष परंपरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मटिया सिंदूर का प्रयोग हिंदू धर्म के मान्यताओं के अनुसार विशेष रूप से बिहार में किया जाता है। इस सिंदूर को सबसे शुद्ध माना जाता है. एकदम मिट्टी की क्वालिटी का यह सिंदूर होता है. जिस कारण इस सिंदूर को मटिया सिंदूर कहा जाता है. पूजा में चढ़ाने के लिए खासतौर पर छठ पूजा के दौरान इस सिंदूर का प्रयोग किया जाता है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar News :त्योहारी सीजन में बिहार के लिए चलेंगी ये स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और टाइम</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/bihar-news-these-special-trains-will-run-for-bihar-in-the-festive-season-know-the-route-and-time/</link><pubDate>November 3, 2023, 1:50 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/10-300x188.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। देश में इस समय त्योहारों का सीजन चल रहा है। इस दौरान बिहार में दीपावली और छठ त्योहार पर यात्रियों की भीड़ को मद्देनजर रखते हुए और उनकी सुविधा के लिए कई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। त्योहारों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए पटना और ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; देश में इस समय त्योहारों का सीजन चल रहा है। इस दौरान बिहार में दीपावली और छठ त्योहार पर यात्रियों की भीड़ को मद्देनजर रखते हुए और उनकी सुविधा के लिए कई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। त्योहारों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए पटना और नई दिल्ली के बीच नई दिल्ली-पटना-नई दिल्ली गति शक्ति फेस्टिवल सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस समय पर होगा परिचालन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं रेलवे सूत्रों के अनुसार गाड़ी संख्या 02246 नई दिल्ली-पटना गति शक्ति फेस्टिवल सुपरफास्ट स्पेशल एक्सप्रेस, नई दिल्ली से 10, 11, 14, 15, 16 एवं 17 नवंबर को 23.45 बजे चलकर अगले दिन 06.45 बजे कानपुर सेंट्रल, 09.45 बजे प्रयागराज, 12.50 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, 14.00 बजे बक्सर एवं 14.48 बजे आरा होते हुए 15.50 बजे पटना जंक्शन पहुंच जाएगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 02245 पटना-नई दिल्ली गति शक्ति फेस्टिवल सुपरफास्ट स्पेशल एक्सप्रेस 11, 12, 15, 16, 17 एवं 18 नवंबर को पटना से 19.00 बजे चलकर 19.45 बजे आरा, 20.38 बजे बक्सर, 21.40 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, अगले दिन 00.45 बजे प्रयागराज एवं 03.35 बजे कानपुर सेंट्रल होते हुए 10.30 बजे नई दिल्ली पहंच जाएगी। बता दें कि इस स्पेशल ट्रेन में 3ई के 20 कोच होंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बिहार के लिए चलेंगी ये भी ट्रेनें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा दानापुर-पुणे के बीच 01039/01040 एवं 01415/01416, दानापुर-वलसाड के बीच 09025/09026, दानापुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच 01409/01410 और समस्तीपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच 01043/01044 ट्रेनें चलाई जाएंगी। वहीं रेलवे सूत्रों के मुताबिक समस्तीपुर से मुजफ्फरपुर-हाजीपुर-पाटलिपुत्र-पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज छिवकी के रास्ते लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच गत 19 अक्टूबर से गाड़ी संख्या 01043 सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 30 नवंबर तक सप्ताह के प्रत्येक गुरुवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 12.15 बजे खुलकर शुक्रवार को 21.15 बजे समस्तीपुर पहुंचेगी। इसके साथ ही वापसी में गाड़ी संख्या 01044 समस्तीपुर से प्रत्येक शुक्रवार को 23.30 बजे चलकर रविवार को 07.40 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनल पहुंचेगी। बता दें कि यह स्पेशल ट्रेन समस्तीपुर और लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, पाटलिपुत्र, दानापुर, आरा, बक्सर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, मनिकपुर, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, पिपरिया, इटारसी, खंडवा, भुसावल, नासिक रोड, इगतपुरी एवं कल्याण स्टेशनों पर रुकते हुए आगे बढ़ती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath 2023: छठ पूजा को लेकर तैयारी में जुटे अधिकारी, लगातार किया जा रहा घाटों का निरीक्षण</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/chhath-2023-officials-busy-in-preparations-for-chhath-puja-ghats-are-being-inspected-continuously/</link><pubDate>October 31, 2023, 1:01 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/5-17-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में छठ के महापर्व पर व्रतियों को कोई परेशानी न हो इसके लिए अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी गई है। आज यानी मंगलवार को पटना आयुक्त कुमार रवि के साथ जिलाधिकारी चंद्रशेखर और एसपी के नेतृत्व में टीम ने दीघा घाट से लेकर कलेक्ट्रेट तक पैदल ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में छठ के महापर्व पर व्रतियों को कोई परेशानी न हो इसके लिए अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी गई है। आज यानी मंगलवार को पटना आयुक्त कुमार रवि के साथ जिलाधिकारी चंद्रशेखर और एसपी के नेतृत्व में टीम ने दीघा घाट से लेकर कलेक्ट्रेट तक पैदल ही इसका निरीक्षण किया है। वहीं इससे पहले सोमवार को भी वरीय अधिकारियों एवं नगर निगम की टीम द्वारा घाटों का निरीक्षण किया था। बता दें कि सोमवार को स्टीमर से दीघा घाट से गाय घाट तक निरीक्षण किया गया था। इसके अलावा भद्र घाट और ज्यूडिशियल घाट पर भी अधिकारियों ने पैदल निरीक्षण किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बेहतर घाट बनाने का प्रबंध किया जा रहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, चार दिनों तक चलने वाला यह लोक आस्था का महापर्व 17 से 20 नवंबर तक मनाया जाएगा। हालांकि इसमें अभी दो सप्ताह से ज्यादा दिन बचे हुए हैं, लेकिन छठ की तैयारियां अभी से ही शुरू हो चुकी है। यही नहीं छठ पर्व मनाने के लिए घाटों पर और रास्तों में सुदृढ़ व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन की टीम पूरी तरह तैयार है। वहीं इसे लेकर पटना के आयुक्त कुमार रवि ने बताया कि हमारी टीम सभी घाटों का निरीक्षण कर रही है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार गंगा नदी का जलस्तर कम है और छठ के समय तक और ज्यादा कम होने का अनुमान लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ज्यादा से ज्यादा बेहतर घाट बनाने का प्रबंध करेगा। पटना आयुक्त कुमार रवि ने आगे कहा कि हम लोग इसका जायजा ले रहे हैं। सभी घाटों पर चेंजिंग रूम, पार्किंग, वॉच टावर, रोशनी, मेडिकल और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खतरनाक घाटों की संख्या होगी कम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा पटना आयुक्त कुमार रवि ने बताया कि इस बार गंगा नदी में पानी कम रहेगा। इससे खतरनाक घाटों की संख्या कम होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जहां खतरनाक घाट होंगे उस पर हम लोग विचार करेंगे। सभी घाटों पर क्षेत्रफल के हिसाब से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम तैनात की जाएगी। बता दें कि पटना में दीघा घाट से लेकर दीदारगंज घाट तक लगभग 25 किलोमीटर का रेंज है। यहां इतनी ही दूरी में 108 गंगा घाट हैं, जहां छठ मनाया जाता है। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा अभी तक खतरनाक घाटों की सूची तैयार नहीं की गई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chaiti Chhath 2023: बिहार के कई हिस्सों में दिया गया अस्तगामी सूर्य को अर्घ्य</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chaiti-chhath-2023-bihar-is-seeing-lakhs-of-devoties-on-the-ocasion-of-chath-prince-singh-inkhabar-bihar/</link><pubDate>March 27, 2023, 2:35 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/chath-2023-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: लोक आस्था का महपर्व के चैती छठ के के तीसरे दिन अस्तगामी सूर्य यानी शाम के समय सूर्य को अर्घ्य दिया गया. बिहार के कई शहरों में श्रद्धालुओं ने आज शाम सूर्य देव को पहला अर्घ्य दिया है. छठ के मौके के लिए आज शाम को पटना के गर्दनीबाग के कच्ची त...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: लोक आस्था का महपर्व के चैती छठ के के तीसरे दिन अस्तगामी सूर्य यानी शाम के समय सूर्य को अर्घ्य दिया गया. बिहार के कई शहरों में श्रद्धालुओं ने आज शाम सूर्य देव को पहला अर्घ्य दिया है. छठ के मौके के लिए आज शाम को पटना के गर्दनीबाग के कच्ची तालाब घाट पर काफी संख्या में वर्ती और श्रद्धालु पहुंचे थे. बता दें कि सूर्य को अर्घ्य देने के लिए काफी बड़ी संख्या में व्रती अलग-अलग घाटों पर पहुंची थीं.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बिहार के कई हिस्सों में मनाया जा रहा महापर्व&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि पटना के छठ घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. ताकि कोई असमाजिक तत्व पूजा की विधि में विघ्न ना डाल पाए. इसके साथ ही पटना के घाटों पर इस मौके पर गोताखोरों को भी तैनात किया गया था. ताकि किसी भी अपातकाल की स्थिति में उनकी सहायता ली जाए. राजधानी पटना ही नहीं इसके साथ ही दक्षिण बिहार, सारण, आरा, बक्सर, जहानाबाद, गया, चंपारण, मिथिलांचल, सहित बिहार के सभी क्षेत्रों में छठ पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुरक्षा का रखा गया पल-पल ध्यान&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान लोगों में काफी आस्था देखने को मिली. कई व्रतियों ने परंपरागत तरीके से दंडवत होते हुए छठ घाटों पर गईं. शाम के समय अर्घ्य को ध्यान में रखकर भाड़ी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. इसके साथ ही सीसीटीवी और ड्रोन से भी मामले का पल-पल का जायजा लिया जा रहा था. इस दौरान कई समाजिक संगठनों द्वारा सड़क मार्ग से जा रहे लोगों को फल और सुप का वितरण किया जा रहा था.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;चार दिन का होता है यह महापर्व&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आज डूबते सूर्य को अर्घ देने के बाद वर्ती कल सुबह के वक्त सूर्य को अर्घ्य देंगी. बता दें कि छठ को बिहार में महापर्व कहा जाता है. यह पर्व पूरे चार दिनों का होता है. पहला दिन नहाय खाय के साथ शुरू होता है. इसके बाद खरना होता है इस दिन वर्ती दिनभर भूखे प्यासे रहते हैं और शाम में रोटी और खीर का भोग लगाती हैं. तीसरे दिन अस्तगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और अगले दिन सुबह के समय सूर्य देवता की उपासना के साथ उनको अर्घ्य दी जाती है. मुख्यत: बिहार का यह पर्व अब भारत के साथ-साथ दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी मनाया जाने लगा है.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>