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       <title>Today Chhath Puja 2023 Date News | Latest Chhath Puja 2023 Date News | Breaking Chhath Puja 2023 Date News in English | Latest Chhath Puja 2023 Date News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Chhath Puja 2023 Date समाचार:Today Chhath Puja 2023 Date News ,Latest Chhath Puja 2023 Date News,Aaj Ka Samachar ,Chhath Puja 2023 Date समाचार ,Breaking Chhath Puja 2023 Date News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Chhath Festival: छठ महापर्व की शुरूआत, नहाय खाए में भूलकर भी ना करें ये काम, सूर्य देवता हो जाएंगे नाराज</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chhath-festival-beginning-of-chhath-festival-do-not-do-these-things-even-by-mistake-while-taking-bath-sun-god-will-get-angry/</link><pubDate>November 5, 2024, 7:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/cwe5.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। छठ पूजा की शुरूआत 5 नवंबर 2024 यानी आज से हो गई है। छठ महापर्व चार दिवसीय उत्सव होता है। छठ महापर्व की शुरूआत नहाय-खाय के साथ होती है। इस छठ महापर्व में भक्त 36 घंटे का कठिन ‘निर्जला’ व्रत रखते हैं। दीवाली के छठे दिन से छठ महापर्व की शुरू...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; छठ पूजा की शुरूआत 5 नवंबर 2024 यानी आज से हो गई है। छठ महापर्व चार दिवसीय उत्सव होता है। छठ महापर्व की शुरूआत नहाय-खाय के साथ होती है। इस छठ महापर्व में भक्त 36 घंटे का कठिन ‘निर्जला’ व्रत रखते हैं। दीवाली के छठे दिन से छठ महापर्व की शुरूआत हो जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुछ खास नियम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;यह पर्व सूर्य देव और उनकी बहन छठी मैया को समर्पित होता है। आज छठ महापर्व का पहला दिन है, जिसे नहाय-खाय के रुप में जाना जाता है। जिसके कुछ खास नियम है, जिसे भूलकर भी तोड़ना नहीं चाहिए, आइए जानते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन कार्यों को करने से बचें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;नहाय खाय के दिन झूठ बोलने या किसी को अपशब्द बोलने से बचना चाहिए। ऐसा करने से व्रत के पुण्य की प्राप्ति नहीं होती।&lt;br&gt;इस दिन तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। साबुत अनाज या तले हुए खाद्य पदार्थों को भी नहीं खाना चाहिए। ऐसा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति नहीं होती।&lt;br&gt;नहाय खाय के दिन व्रती महिलाओं को काले रंग की साड़ी नहीं पहननी चाहिए, शुभ और मांगलिक कार्यों में काले रंग के कपड़े अशुभ माने जाते हैं।&lt;br&gt;नहाय खाय के दिन मांस भी नहीं खाना चाहिए, वरना व्रत करना व्यर्थ माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन राज्यों में मनाया जाता है छठ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;हिन्दू धर्म में, छठ का खास महत्व होता है। इसे दीवाली के छठे दिन से मनाया जाता है। यह एक 4 दिवसीय उत्सव है। इस पर्व को खास तौर पर यूपी, बिहार, झारखंड, और उत्तराखंड में मनाया जाता है। यह पर्व महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इसके अलावा यह देश के अन्य राज्यों में भी बड़े श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। साथ ही इस व्रत को विदेशों में कई महिलाएं करती है। जानकारी के मुताबित छठ महापर्व की धूम अन्य देशों में भी देखी जा सकती है, जिनमें फिजी, गुयाना और मॉरीशस आदि शामिल है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja 2023: मौसम विभाग ने बताया छठ पूजा पर अर्घ्य देने का समय</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chhath-puja-2023-meteorological-department-told-the-time-of-offering-arghya-on-chhath-puja/</link><pubDate>November 17, 2023, 10:50 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/11-2-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। देशभर में चार दिनों तक चलने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत हो गई है। बता दें कि आज छठ का पहला दिन नहाय खाय है। आज के दिन छठ व्रती, गंगा स्नान और भगवान भास्कर की पूजा करते हुए नहाय खाय के साथ छठ की शुरुआत करते हैं। आज नहाय खाय [&amp;he...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; देशभर में चार दिनों तक चलने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत हो गई है। बता दें कि आज छठ का पहला दिन नहाय खाय है। आज के दिन छठ व्रती, गंगा स्नान और भगवान भास्कर की पूजा करते हुए नहाय खाय के साथ छठ की शुरुआत करते हैं। आज नहाय खाय के बाद शनिवार यानी 18 नवंबर को खरना है। इसके बाद 19 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा। वहीं 20 नवंबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसे लेकर पटना मौसम विभाग ने बिहार के किस जिले में कितने बजे अर्घ्य का समय है यह जारी कर दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;19 नवंबर को इतने बजे अर्घ्य का समय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बताया जा रहा है कि 19 नवंबर को पटना में अर्घ्य देने के लिए सूर्यास्त का समय 5.00 बजे है। वहीं गया में 5:02, भागलपुर में 4:53, नवादा में 4:59, नालंदा में 4:59, पूर्णिया में 4:50, जहानाबाद में 5:01, मुजफ्फरपुर में 4:58, सारण में 5:01, रोहतास में 5:05, मधुबनी में 4:55, पूर्वी चंपारण में 4:59, शेखपुरा में 4:58, गोपालगंज में 5:01, प. चंपारण में 5.00, जमुई में 4:57, बक्सर में 5:05, शिवहर में 4:58, भोजपुर में 5:02, वैशाली में 4:59, दरभंगा में 4:55, सुपौल में 4:53, अरवल में 5:02, सीतामढ़ी में 4:57, औरंगाबाद में 5:05, बेगूसराय में 4:56, सीवान में 5:2 और भभुआ में शाम के 5:07 सूर्यास्त के समय अर्घ्य दिया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें 20 नवंबर को अर्घ्य का समय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;छठ के समय पटना में 20 नवंबर को अर्घ्य देने के लिए सूर्योदय का समय 6.10 बजे है। वहीं गया में 6:09, भागलपुर में 6:02, पूर्णिया में 6:01, दरभंगा में 6:08, सुपौल में 6:05, अरवल में 6:11, रोहतास में 6:14, मधुबनी में 6:08, पूर्वी चंपारण में 6:13, शेखपुरा में 6:06, जहानाबाद में 6:10, मुजफ्फरपुर में 6:10, सारण में 6:12, गोपालगंज में 6:14, प. चंपारण में 6.15, भोजपुर में 6:12, वैशाली में 6:09, सीतामढ़ी में 6:10, औरंगाबाद में 6:12, बेगूसराय में 6:06, नवादा में 6:07, नालंदा में 6:08, जमुई में 6:05, बक्सर में 6:15, शिवहर में 6:11, सीवान में 6:14 और भभुआ में शाम के 6:15 सूर्योदय के समय अर्घ्य दिया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन क्षेत्रों में छाए रहेंगे बादल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इसके अलावा मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 19 और 20 नवंबर को छठ के दिन पटना समेत 9 जिलों में आंशिक रूप से बादल भी छाए रहेंगे। जिसमें पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, बांका, कटिहार, अररिया, किशनगंज और मधेपुरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja 2023: व्रती क्यों लगाती है छठ पर्व में नाक तक सिंदूर, जानिए इसका महत्व</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chhath-puja-2023-why-does-a-fasting-woman-apply-vermilion-till-her-nose-during-chhath-festival-know-its-importance/</link><pubDate>November 12, 2023, 6:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-8-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। देश भर में त्योहार की धूम मची है। ऐसे में आज (रविवार) को पूरा देश दिवाली मना रहा है। बता दें कि पूरे उत्तर भारत में छठ पूजा को महापर्व माना जाता है। इस कारण यह पर्व अब देश के साथ विदेशों में भी प्रचलित हो रही है। माना जाता है कि इस पर्व [...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;देश भर में त्योहार की धूम मची है। ऐसे में आज (रविवार) को पूरा देश दिवाली मना रहा है। बता दें कि पूरे उत्तर भारत में छठ पूजा को महापर्व माना जाता है। इस कारण यह पर्व अब देश के साथ विदेशों में भी प्रचलित हो रही है। माना जाता है कि इस पर्व का पालन करने से मन की हर मनोकामना पूरी होती है और परिवार में सुख-समृद्धि का बौछाड़ होता है. छठ पर्व को लेकर हिंदू धर्म में अनेक मान्यताएं भी हैं, जिसे हम समृद्धि और पूर्णता की प्रतीक बताते है. इस बार इस महापर्व को 18 और 19 नवंबर को मनाया जाएगा. सबसे कठिन पर्व छठ पूजा को माना जाता है और इस व्रत का नियम भी बहुत आयामी होता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डूबते और उगते सूर्य को देते है&lt;/strong&gt; &lt;strong&gt;अर्घ्य &lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;प्रकृति पूजन को यह पर्व विशेष रूप से परिलक्षित करता है. डूबते और उगते सूर्य को छठ पूजा में अर्घ्य दिया जाता है. इस पूजा के दौरान आपने देखा होगा महिलाएं नाक तक सिंदूर लगाती हैं. छठ पर्व के दौरान वहीं मिथिला क्षेत्र में पहले डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के समय सिंदूर चमकते और दिखते रहना चाहिए. इसके लिए महिलाएं अपने मांग से नाक तक रातभर सिंदूर पहनी रहती हैं. इसलिए कहा जाता है कि इसका अपना एक श्रेष्ठ महत्व है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सिंदूर का है छठ पर्व में विशेष महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पंडित रिपुसूदन ठाकुर ने बताया कि सिंदूर के महत्व को लेकर एक दिन पूर्व शाम और अगले दिन सुबह में छठ पर्व के दौरान डाल्यारोहन होता है. खस्ठी देवी भक्त वत्सला सुहागन संध्या काल में हैं. रात भर इनके सुहागन के प्रतीक होने की वजह से सिंदूर पहन कर इन्हें प्रसन्न करने की पौराणिक परंपरा है. इसके साथ महिलाएं नाक तक लंबा सिंदूर छठ पर्व के दौरान लगाती हैं. जो महिला बालों में सिंदूर को छिपा लेती है मान्यता के अनुसार उनका पति समाज में छिप जाता है और इसके साथ ही वह तरक्की भी नहीं कर पाता है और साथ ही उसकी आयु अल्पायु होता है. छठ के दौरान इस वजह से महिलाएं लंबा सिंदूर लगाती हैं क्योंकि पति की आयु के साथ-साथ उसकी सम्मान भी समाज में बढ़ता रहे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मटिया सिंदूर बिहार में लगाने की है विशेष परंपरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मटिया सिंदूर का प्रयोग हिंदू धर्म के मान्यताओं के अनुसार विशेष रूप से बिहार में किया जाता है। इस सिंदूर को सबसे शुद्ध माना जाता है. एकदम मिट्टी की क्वालिटी का यह सिंदूर होता है. जिस कारण इस सिंदूर को मटिया सिंदूर कहा जाता है. पूजा में चढ़ाने के लिए खासतौर पर छठ पूजा के दौरान इस सिंदूर का प्रयोग किया जाता है.&lt;/p&gt;
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