<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Chhath 2023 News | Latest Chhath 2023 News | Breaking Chhath 2023 News in English | Latest Chhath 2023 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Chhath 2023 समाचार:Today Chhath 2023 News ,Latest Chhath 2023 News,Aaj Ka Samachar ,Chhath 2023 समाचार ,Breaking Chhath 2023 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/chhath-2023</link>
        <lastBuildDate>May 10, 2026, 11:02 am</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Chhath Puja 2023: आज से लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत , जानें महत्व</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/chhath-puja-2023-the-great-festival-of-folk-faith-chhath-starts-from-today-know-its-importance/</link><pubDate>November 17, 2023, 10:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/10-3.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। देशभर में चार दिनों तक चलने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत हो गई है। बता दें कि आज छठ का पहला दिन नहाय खाय है। आज के दिन छठ व्रती, गंगा स्नान और भगवान भास्कर की पूजा करते हुए नहाय खाय के साथ छठ की शुरुआत करते हैं। वहीं छठ के [&amp;hel...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; देशभर में चार दिनों तक चलने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत हो गई है। बता दें कि आज छठ का पहला दिन नहाय खाय है। आज के दिन छठ व्रती, गंगा स्नान और भगवान भास्कर की पूजा करते हुए नहाय खाय के साथ छठ की शुरुआत करते हैं। वहीं छठ के पहले दिन नहाय खाय का भी एक विशेष महत्व है। बता दें कि आज के दिन को कद्दू भात भी कहा जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नहाय खाय पर बनता है विशेष प्रसाद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, छठ के पहले दिन नहाय खाय पर कद्दू की विशेष परंपरा होती है। आज के दिन छठ व्रती प्रसाद के रुप में कद्दू का प्रयोग करते हैं। इसके साथ ही अरवा चावल का भात, चना दाल, अगस्त का फूल, नया आलू और फूल गोभी से बनी सब्जी से नहाए खाय के दिन बने प्रसाद को ग्रहण किया जाता है। इस पूरे प्रसाद को बनाने के लिए सेंधा नमक का ही इस्तेमाल किया जाता है। इसमें लाल मिर्च की जगह हरी मिर्च का उपयोग होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छठ के दौरान रखा जाता है स्वच्छता का ध्यान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि नहाए खाय के दिन से ही छठ व्रती शुद्धता का पूरा ध्यान रखते हैं। इस बीच प्रसाद बनाने की बात हो या फिर पूजा से जुड़े किसी भी काम की, साफ-सफाई और शुद्धता में कोई कोताही नहीं दिखाई जाती। सभी प्रकार के नियमों का पालन किया जाता है। इस दौरान छठ व्रती या उनके अन्य परिवार के सदस्य गंगा स्नान करने के बाद ही प्रसाद बनाना शुरू करते हैं। यही नहीं गंगा जल घर पर लाकर उसे भी प्रसाद में मिलाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;20 नवंबर को देंगे उदयगामी सूर्य को अर्घ्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं नहाय खाय के दिन पटना के गंगा घाटों पर सुबह से ही छठ व्रतियों की भीड़ लगी हुई है। बता दें कि आज नहाय खाय के बाद कल शनिवार को खरना होगा। इसमें छठ व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर शाम को गुड़ से बनी खीर और रोटी से खरना करेंगे। जिसके बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास रखकर रविवार की शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद 20 नवंबर यानी सोमवार की सुबह को उदयगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja 2023: महापर्व छठ को लेकर पटना रूट में बदलाव, जारी हुई ट्रैफिक एडवाइजरी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/chhath-puja-2023-patna-route-changed-traffic-advisory-issued/</link><pubDate>November 15, 2023, 8:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/6-4-300x203.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। लोकआस्था का महापर्व छठ नजदीक है। ऐसे में छठ पूजा को देखते हुए राजधानी पटना के ट्रैफिक रूट में काफी बदलाव किया जा रहा है। बता दें कि 19 और 20 नवंबर को प्रदेश का रूट बदला रहेगा। यह नियम 19 नवंबर की दोपहर 12 बजे से लेकर शाम के 7 बजे तक लागू ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; लोकआस्था का महापर्व छठ नजदीक है। ऐसे में छठ पूजा को देखते हुए राजधानी पटना के ट्रैफिक रूट में काफी बदलाव किया जा रहा है। बता दें कि 19 और 20 नवंबर को प्रदेश का रूट बदला रहेगा। यह नियम 19 नवंबर की दोपहर 12 बजे से लेकर शाम के 7 बजे तक लागू रहेगा। वहीं सुबह के अर्घ्य को लेकर रविवार देर रात से 20 नवंबर की सुबह 8 बजे तक कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। दरअसल इस संबंध में मंगलवार को ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई। हालांकि अग्निशामक, एंबुलेंस, शव वाहन और छठ व्रतियों के वाहनों के लिए कोई प्रतिबंध नहीं होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अशोक राजपथ पर ऐसी होगी यातायात व्यवस्था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यहां कारगिल चौक से पूरब दीदारगंज तक वाहनों के परिचालन पर रोक होगी।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा अशोक राजपथ के सभी एंट्री प्वाइंट को बंद कर दिया जाएगा। सिर्फ खजांची रोड से पटना कॉलेज या साइंस कॉलेज परिसर में वाहनों की पार्किंग के लिए मात्र छठ व्रतियों के वाहनों का परिचालन हो सकेगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;कारगिल चौक से पश्चिम शाहपुर तक सभी छठ व्रतियों के वाहनों का परिचालन होगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं 19 नवंबर को 02:00 बजे अपराहन से शाम 05:30 बजे तक और 20 नवंबर को 03:00 बजे पूर्वाहन से 06:00 बजे पूर्वाहन तक दीघा मोड़ से आशियाना दीघा रोड में उत्तर से दक्षिण की ओर वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी। इसके अलावा उक्त अवधि में ये सभी वाहन रामजीचक मोड़ से नहर रोड होते हुए बेली रोड की तरफ जा सकेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गाय घाट की ओर जाने के लिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छठ के दौरान गाय घाट की ओर जाने के लिए गाड़ियां पुरानी बाइपास या न्यू बाइपास से सीधे धनुकी मोड़, शीतला माता मंदिर या बिस्कोमान गोलंबर से गाय घाट की ओर जा सकती हैं। वहीं नजदीकी निर्धारित पार्किंग स्थल में वाहनों को पार्क किया जा सकेगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा बाइपास थाना मोड़ से चौक शिकारपुर आरओबी होकर छठ व्रतियों के वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के व्यवसायिक वाहनों का प्रवेश वर्जित होगा। इस दौरान कंगन घाट/चौक मोड़ जाने वाले सिर्फ छठ व्रतियों के वाहनों को सिटी स्कूल के पास रोक कर सिटी स्कूल परिसर, चौक एवं मंगल तालाब परिसर में पार्क कराया जाएगा और वहां से छठ व्रती पैदल घाट तक जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं चौक शिकारपुर आरओबी से पूरब मोर्चा रोड/पूरब दरवाजा की ओर जाने वाले छठ व्रतियों के वाहन को गुरु गोविंद सिंह आरओबी के नीचे एवं पटना साहिब स्टेशन के पास पार्क कराया जाएगा। जहां से छठ व्रतियों एवं श्रद्धालुओं को घाट तक पैदल जाना होगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान न्यू बाइपास करमलीचक मोड़ से पटना सिटी आने वाले सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दीदारगंज से अशोक राजपथ में सभी प्रकार के व्यवसायिक वाहन का प्रवेश वर्जित रहेगा। इस दौरान सिर्फ छठ व्रती के वाहन ही यहां से प्रवेश करेंगे और कटरा बाजार समिति के प्रांगण में उनके वाहन पार्क कराए जाएंगे। छठ व्रती एवं श्रद्धालु लोग यहां से पैदल घाट तक जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जेपी सेतु की तरफ का रूट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि जेपी सेतु पर 19 नवंबर को दोपहर 2 बजे से शाम के 6.30 बजे तक सोनपुर/छपरा से पटना और 5 बजे शाम से 7 बजे तक पटना से सोनपुर/छपरा की ओर यातायात का नहीं परिचालन हो सकेगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं 20 नवंबर को दोपहर 03:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक सोनपुर/छपरा से पटना और सुबह 06:00 बजे से रात 08:00 बजे तक पटना से सोनपुर/छपरा की तरफ के यातायात परिचालन पर रोक है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान जेपी सेतु से पटना की ओर आने वाले वाहनों को गंगा पथ पर नीचे आने की अनुमति नहीं है। ये सभी वाहन सीधे जेपी सेतु के एप्रोच पथ से अशोक राजपथ पर जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस बीच आमजनों से अनुरोध किया गया है कि जेपी सेतु होकर सोनपुर/छपरा/हाजीपुर जाने के लिए उक्त अवधि में महात्मा गांधी सेतु का प्रयोग करें। वहीं आकस्मिक वाहनों के लिए रूपसपुर नहर रोड का प्रयोग कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;न्यू बाइपास एवं अन्य मार्ग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छठ के दौरान 19 नवंबर को 10:00 बजे पूर्वाहन से 20 नवंबर को 10:00 बजे पूर्वाह्न तक की पूरब बाढ़/मोकामा से पटना आने वाले भारी वाहनों (ट्रकों) का परिचालन फतुहा ओवरब्रिज से 2 किमी पश्चिम से यू-टर्न लेकर एनएच-30 होते हुए बिहटा सरमेरा पथ से किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं बिहटा से पूरब आने वाले भारी वाहन कन्हौली मोड़ से बिहटा-सरमेरा पथ होते हुए न्यू बाइपास में फतुहा ओवरब्रिज के पास आएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नगर बस सेवा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बीच नगर बस सेव के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार पटना जंक्शन, जीपीओ होते हुए बेली रोड से दानापुर या खगौल जाने वाली बस कारगिल चौक पर न आकर गांधी मैदान के गेट नं-10 के अंदर पार्क की जाएंगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Politics: जीतन राम मांझी को नहीं मिली धरना करने की अनुमति, अब छठ के बाद जाएंगे दिल्ली</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-politics-jitan-ram-manjhi-denied-permission-to-hold-sit-in-protest/</link><pubDate>November 14, 2023, 11:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/8-1-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी लगातार सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोलते दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि आज मंगलवार को करीब 11.30 बजे से जीतन राम मांझी का धरना कार्यक्रम होना तय हुआ था। जीतन राम मांझी, सीएम नीतीश कुमार की ओर से सदन मे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी लगातार सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोलते दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि आज मंगलवार को करीब 11.30 बजे से जीतन राम मांझी का धरना कार्यक्रम होना तय हुआ था। जीतन राम मांझी, सीएम नीतीश कुमार की ओर से सदन में की गई असंयत टिप्पणी के खिलाफ मौन धरना देने के लिए पटना हाई कोर्ट स्थित आंबेडकर स्मारक के पास पहुंचे थे लेकिन प्रशासन ने उनके अंदर प्रवेश करने पर रोक लगा दिया। इस कारण उन्हें अपना धरना कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम नीतीश पर निकाली भड़ास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रशासन के रोक लगाने के बाद जीतन राम मांझी और उनके समर्थकों ने गेट के बाहर ही प्रदर्शन करना शुरु कर दिया। इस दौरान जीतन राम मांझी ने सीएम नीतीश कुमार पर अपना भड़कते हुए कहा कि विधानसभा में मेरा अपमान हुआ है। इन्हें (नीतीश कुमार) संविधान और जनतंत्र से कोई मतलब नहीं है। हमारे जैसे एससी समाज के वरीय नेता को, जो उनसे भी बड़े हैं, उनके लिए तू-तड़ाक की भाषा का प्रयोग करना उनके घमंडी व्यवहार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ये जीतन राम मांझी का अपमान नहीं है ये बिहार और देश के दलितों का अपमान है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छठ के बाद जाएंगे राजघाट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए आगे कहा कि हम कहते हैं कि आपको बीजेपी ने मुख्यमंत्री बनाया है। आप बीजेपी को धोखा देकर RJD में चले गए हैं। अब RJD ने आपको मुख्यमंत्री बनाया है। आप कहां खुद मुख्यमंत्री बने हैं? आप भी तो इसी तरीके से गुलमुल करके, पलटू राम बनकर सत्ता में हैं। मांझी ने कहा कि आज हम लोग बाबा भीमराव आंबेडकर के चरणों में माला अर्पित कर यह मांग कर रहे थे कि नीतीश कुमार को सद्बुद्धि दें। यहां आज गेट का ताला नहीं खोला गया। विधानसभा में भी बोलने का मौका नहीं दिया। जीतन राम मांझी ने कहा कि अब छठ पूजा के बाद दिल्ली जाकर राजघाट पर महात्मा गांधी की मूर्ति के पास प्रार्थना करेंगे कि नीतीश कुमार को सद्बुद्धि दें। उनके दिमाग में कंगाली आ गई है। ऐसे लोगों को सीएम पद पर रहने का कोई हक नहीं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja 2023: व्रती क्यों लगाती है छठ पर्व में नाक तक सिंदूर, जानिए इसका महत्व</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/chhath-puja-2023-why-does-a-fasting-woman-apply-vermilion-till-her-nose-during-chhath-festival-know-its-importance/</link><pubDate>November 12, 2023, 6:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-8-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। देश भर में त्योहार की धूम मची है। ऐसे में आज (रविवार) को पूरा देश दिवाली मना रहा है। बता दें कि पूरे उत्तर भारत में छठ पूजा को महापर्व माना जाता है। इस कारण यह पर्व अब देश के साथ विदेशों में भी प्रचलित हो रही है। माना जाता है कि इस पर्व [...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;देश भर में त्योहार की धूम मची है। ऐसे में आज (रविवार) को पूरा देश दिवाली मना रहा है। बता दें कि पूरे उत्तर भारत में छठ पूजा को महापर्व माना जाता है। इस कारण यह पर्व अब देश के साथ विदेशों में भी प्रचलित हो रही है। माना जाता है कि इस पर्व का पालन करने से मन की हर मनोकामना पूरी होती है और परिवार में सुख-समृद्धि का बौछाड़ होता है. छठ पर्व को लेकर हिंदू धर्म में अनेक मान्यताएं भी हैं, जिसे हम समृद्धि और पूर्णता की प्रतीक बताते है. इस बार इस महापर्व को 18 और 19 नवंबर को मनाया जाएगा. सबसे कठिन पर्व छठ पूजा को माना जाता है और इस व्रत का नियम भी बहुत आयामी होता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डूबते और उगते सूर्य को देते है&lt;/strong&gt; &lt;strong&gt;अर्घ्य &lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रकृति पूजन को यह पर्व विशेष रूप से परिलक्षित करता है. डूबते और उगते सूर्य को छठ पूजा में अर्घ्य दिया जाता है. इस पूजा के दौरान आपने देखा होगा महिलाएं नाक तक सिंदूर लगाती हैं. छठ पर्व के दौरान वहीं मिथिला क्षेत्र में पहले डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के समय सिंदूर चमकते और दिखते रहना चाहिए. इसके लिए महिलाएं अपने मांग से नाक तक रातभर सिंदूर पहनी रहती हैं. इसलिए कहा जाता है कि इसका अपना एक श्रेष्ठ महत्व है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सिंदूर का है छठ पर्व में विशेष महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पंडित रिपुसूदन ठाकुर ने बताया कि सिंदूर के महत्व को लेकर एक दिन पूर्व शाम और अगले दिन सुबह में छठ पर्व के दौरान डाल्यारोहन होता है. खस्ठी देवी भक्त वत्सला सुहागन संध्या काल में हैं. रात भर इनके सुहागन के प्रतीक होने की वजह से सिंदूर पहन कर इन्हें प्रसन्न करने की पौराणिक परंपरा है. इसके साथ महिलाएं नाक तक लंबा सिंदूर छठ पर्व के दौरान लगाती हैं. जो महिला बालों में सिंदूर को छिपा लेती है मान्यता के अनुसार उनका पति समाज में छिप जाता है और इसके साथ ही वह तरक्की भी नहीं कर पाता है और साथ ही उसकी आयु अल्पायु होता है. छठ के दौरान इस वजह से महिलाएं लंबा सिंदूर लगाती हैं क्योंकि पति की आयु के साथ-साथ उसकी सम्मान भी समाज में बढ़ता रहे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मटिया सिंदूर बिहार में लगाने की है विशेष परंपरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मटिया सिंदूर का प्रयोग हिंदू धर्म के मान्यताओं के अनुसार विशेष रूप से बिहार में किया जाता है। इस सिंदूर को सबसे शुद्ध माना जाता है. एकदम मिट्टी की क्वालिटी का यह सिंदूर होता है. जिस कारण इस सिंदूर को मटिया सिंदूर कहा जाता है. पूजा में चढ़ाने के लिए खासतौर पर छठ पूजा के दौरान इस सिंदूर का प्रयोग किया जाता है.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>