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       <title>Today caste census bihar News | Latest caste census bihar News | Breaking caste census bihar News in English | Latest caste census bihar News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का caste census bihar समाचार:Today caste census bihar News ,Latest caste census bihar News,Aaj Ka Samachar ,caste census bihar समाचार ,Breaking caste census bihar News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/caste-census-bihar</link>
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        </image><item><title>बिहार: जाति आधारित गणना की रिपोर्ट पर ट्रांसजेंडर समुदाय ने जताई नाराज़गी, आंकड़ों को बताया फर्जी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-transgender-community-expressed-displeasure-over-the-report-of-caste-based-census-called-the-figures-fake/</link><pubDate>October 3, 2023, 7:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/4-1.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। बिहार में जारी हुए जाति आधारित गणना को लेकर ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता रेशमा प्रसाद ने कहा कि यह गणना रिपोर्ट फ़र्जी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को वास्तविक संख्या जाननी है तो उन्हें पटना जंक्शन, रेलवे स्टेशन और टोल प्लाजा पर जाना चाहिए। ट्...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में जारी हुए जाति आधारित गणना को लेकर ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता रेशमा प्रसाद ने कहा कि यह गणना रिपोर्ट फ़र्जी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को वास्तविक संख्या जाननी है तो उन्हें पटना जंक्शन, रेलवे स्टेशन और टोल प्लाजा पर जाना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ट्रांसजेंडर समुदाय ने सर्वे रिपोर्ट पर जताई नाराज़गी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बिहार की नीतीश सरकार ने सोमवार को जाति-आधारित गणना की रिपोर्ट जारी कर दी है। इसके साथ ही बिहार जाति आधारित गणना कराने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। जहां एकतरफ राज्य सरकार इसे खुश नज़र आ रही है वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर राज्य के ट्रांसजेंडर समुदाय ने सर्वे रिपोर्ट पर अपनी नाराजगी ज़ाहिर की है और जारी किए गए आंकड़ों को लेकर सवाल भी उठाए हैं। बता दें कि ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता रेशमा प्रसाद ने बिहार सरकार के द्वारा जारी किए गए गणना रिपोर्ट को फर्ज़ी बताया है। इसके साथ यह दावा भी किया कि गणना प्रक्रिया के दौरान उनसे ब्‍योरा नहीं लिया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जाति गणना रिपोर्ट फर्जी है &amp;#8211; रेशमा प्रसाद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता रेशमा प्रसाद ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार बिहार सरकार का यह दावा है कि ट्रांसजेंडर लोगों की आबादी केवल 825 है, जबकि 2011 की जनगणना में हमारी आबादी 42,000 से अधिक थी। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण अधिकारियों ने बिहार में सभी ट्रांसजेंडरों की पहचान नहीं की है और मेरी तो गिनती भी नहीं हुई, किसी ने मुझसे मेरी जाति के बारे में नहीं पूछा। रेशमा प्रसाद ने बताया कि कॉलम संख्या 22 में तीसरे लिंग का उल्लेख किया गया है, जिसके मुताबिक कुल जनसंख्या सिर्फ 825 है और प्रतिशत 0.0006 है। उन्होंने कहा कि ये बिल्कुल फर्जी है। यदि वे वास्तविक संख्या जानना चाहते हैं, तो उन्हें पटना जंक्शन, रेलवे स्टेशन और टोल प्लाजा पर जाना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;रेशमा प्रसाद ने कहा कि चूंकि उन्होंने मेरा सर्वेक्षण नहीं किया है, इसलिए मैंने पहले ही पटना उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर दी है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि बिहार सरकार ने हमारे साथ अन्याय किया है। रेशमा प्रसाद ने आगे कहा कि ट्रांसजेंडर लोग शुभ अवसरों पर लोगों को आशीर्वाद देते हैं, लेकिन अगर उनके साथ अन्याय होता है, तो वे शाप देते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उपेंद्र कुशवाहा ने भी उठाए सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि इससे पहले राष्ट्रीय लोक जनता दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी दावा किया था कि मतगणना के दौरान उनकी जाति और अन्य विवरण पूछने के लिए कोई भी उनके पास नहीं पहुंचा। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि सरकार ने गांधी जयंती पर जाति सर्वे का डेटा सार्वजनिक किया है। इसको लेकर उन्होंने सरकार को बधाई दी है, लेकिन यह भी कहा है कि इस रिपोर्ट में कई खामियां भी हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन्हें कई नेताओं ने जानकारी दी है कि हमसे और हमारे परिवार से किसी ने जात की जानकारी भी नहीं ली। बीपीएल जैसी सूची में भी कई खामियां पाई गई हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>जातिगत जनगणना दोबारा शुरू होगी, पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार को दी बड़ी राहत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/caste-census-will-start-again-patna-high-court-gives-big-relief-to-nitish-government/</link><pubDate>August 1, 2023, 8:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-22T170918.199-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। दरअसल यह महागठबंधन सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में एक है। पटना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। दरअसल यह महागठबंधन सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में एक है। पटना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने इस मामले में दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। बता दें कि बीते 7 जुलाई को ही उच्च न्यायालय ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;रोक की अर्जी खारिज&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;हाई कोर्ट के फैसले के बाद जातिगत जनगणना पर फिर से काम शुरू कर दिया जाएगा। उच्च न्यायालय के फैसले से नीतीश सरकार को बड़ी राहत मिली है। बता दें कि 4 मई को बिहार सरकार को पटना हाई कोर्ट की तरफ से झटका लगा था। उच्च न्यायालय ने जातिगत जनगणना पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके बाद बिहार सरकार की तरफ से हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका डाली गई थी फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया लेकिन कहीं राहत नहीं मिली। हालांकि अब हाईकोर्ट ने इस मामले में नीतीश सरकार को हरी झंडी दे दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;अंतिम फैसला तक सुनवाई नहीं&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पटना हाई कोर्ट ने नीतीश सरकार के जातिगत जनगणना को संविधान विरोधी कहा था। बाद में इसपर पांच दिन लगातार सुनवाई हुई। जिसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया था। एससी का कहना था कि पटना उच्च न्यायालय के फैसले में काफी हद तक स्पष्टता है। जब तक अंतिम फैसला नहीं आ जाता इस मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई नहीं करेगी। वहीं अब हाईकोर्ट ने सभी अर्जियों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि जनगणना कराना केंद्र का काम है ना कि राज्य सरकार का।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार में जाति जनगणना पर रोक के बावजूद, नीतीश सरकार ने किया हाईकोर्ट का रुख, की ये मांग</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/despite-ban-on-caste-census-in-bihar-nitish-government-again-moves-high-court/</link><pubDate>May 6, 2023, 11:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-38-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार में हाई कोर्ट के द्वारा जातिगत जनगणना पर रोक लगाने के बाद नीतीश सरकार ने अब पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। दायर की गई याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि सुनवाई की तारीख 3 जुलाई से पहले रखी जाए याचिका में क्या कहा गया आप...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; बिहार में हाई कोर्ट के द्वारा जातिगत जनगणना पर रोक लगाने के बाद नीतीश सरकार ने अब पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। दायर की गई याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि सुनवाई की तारीख 3 जुलाई से पहले रखी जाए&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;याचिका में क्या कहा गया&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आपको बता दें कि याचिका में ये भी कहा गया है कि हाईकोर्ट के द्वारा दिए गए अंतरिम फैसले को देख कर लगा रहा है कि ये आदेश अंतरिम नहीं, बल्कि अंतिम आदेश लग रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट जल्द से जल्द सुनवाई कर जो फैसला देना है दे दे। राज्य सरकार के याचिका पर अगले सप्ताह में सुनवाई की उम्मीद है।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाईकोर्ट का फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;गौरतलब हो कि पिछले दिनों हाई कोर्ट के मुख्य नयायधीश के विनोद चंद्रन और न्यायाधीश मधुरेश प्रसाद की खंडपीठ ने जातिगत जनगणना पर गुरुवार को अंतरिम रोक लगा दी थी। जातिगत जनगणना को रोकने के लिए दायर की गई सभी याचिकों पर कोर्ट ने एक साथ सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रखा था। जिसके बाद गुरुवार को अंतरिम आदेश दिया गया कि सरकार के द्वारा कराये जा रहे जातीय सर्वे को तुरंत बंद किया जाए और जब तक इस पर अंतिम फैसला न आ जाये तब तक अभी तक एकत्रित किये गए डाटा को किसी के साथ साझा नहीं किया जाए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी नीतीश सरकार</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/nitish-government-will-go-to-supreme-court-against-high-courts-decision-prince-singh-inkhabar/</link><pubDate>May 4, 2023, 10:36 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-38-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: पटना हाईकोर्ट द्वारा बिहार में चल रही जातीय जनगणना पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही ने कहा कि हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी. बता दें कि जातीय जनग...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: पटना हाईकोर्ट द्वारा बिहार में चल रही जातीय जनगणना पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही ने कहा कि हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी. बता दें कि जातीय जनगणना पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट जनगणना पर रोक लगा दी है.&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जनगणना पर लगी रोक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बिहार में चल रहे जातिगत जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है. गुरुवार को जातीय जनगणना पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि . बता दें कि सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही मामले में अपनी दलील दे रहे थे, लेकिन पटना हाईकोर्ट ने जाति जनगणना पर रोक लगा दी है.&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाईकोर्ट ने लगाई रोक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई 3 जुलाई को होनी है. इसके साथ ही तब तक कोई डेटा सामने नहीं आएगा. इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील ने जानकारी दी कि तीन जुलाई से इस मामले पर डिटेल में सुनवाई की जाएगी. इसके साथ ही कोर्ट के इस फैसले से नीतीश कुमार को बहुत बड़ा झटका लगा है. ऐसे में ये देखना होगा कि जुलाई के बाद इस मामले में क्या कुछ होता है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार में जातीय जनगणना पर लगेगी रोक! याचिका पर 28 अप्रैल को SC करेगा सुनवाई</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/caste-census-will-be-banned-in-bihar-sc-will-hear-the-petition-on-april-28/</link><pubDate>April 21, 2023, 8:21 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/Clipboard-27-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार में हो रहे जातीय जनगणना को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर याचिका दाखिल की गयी है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट हामी भरते हुए सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। मिल रही जानकारी के मुताबिक इसी महीने 28 अप्रैल को जातीय जनगणना पर सुप्रीम...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; बिहार में हो रहे जातीय जनगणना को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर याचिका दाखिल की गयी है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट हामी भरते हुए सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। मिल रही जानकारी के मुताबिक इसी महीने 28 अप्रैल को जातीय जनगणना पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। आपको बता दें कि याचिकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में बिहार में कराये जा रहे जाति आधारित गणना को चुनौती देते हुए अपने याचिका में कहा है कि जातीय गणना कराने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार को है। राज्य सरकार का नहीं।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जातीय गणना का दूसरा फेज शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आपको बता दें कि बिहार में जातीय जनगणना का दूसरा फेज शुरू हो चूका है। पहला फेज पूरा होने के बाद दूसरे फेज में सभी जातियों के कोड को निर्धारित कर दिया गया है। इसके साथ ही लगभग 17 सवालों के जवाब लोगों से मांगे जा रहे हैं। गौरतलब हो इससे पहले भी एक बार बिहार में हो रहे जातीय जनगणना को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली जा चुकी है लेकिन उस वक़्त सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इंकार कर दिया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए हामी भर दी है। ऐसे में अब अगर कोर्ट से किसी प्रकार का एक्शन लिया जाता है तो नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट को झटका लग सकता है।&lt;/p&gt;
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