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       <title>Today bihar school News | Latest bihar school News | Breaking bihar school News in English | Latest bihar school News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का bihar school समाचार:Today bihar school News ,Latest bihar school News,Aaj Ka Samachar ,bihar school समाचार ,Breaking bihar school News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>बिहार के सरकारी स्कूल को बेहतर बनाने के लिए नया फरमान, बच्चों को देनें होंगे रीडिंग टेस्ट</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/new-order-to-improve-bihars-government-schools-children-will-have-to-give-reading-tests/</link><pubDate>April 14, 2025, 5:45 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-33.jpg</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए हर दिन कोई न कोई नई पहल की जाती है। शिक्षा विभाग के एसीएस एस सिद्धार्थ ने अब एक और नया फरमान जारी किया है। इस नए फरमान के तहत कक्षा 2 से 8 तक के छात्रों की रीडिंग दक्षता की जांच के ...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए हर दिन कोई न कोई नई पहल की जाती है। शिक्षा विभाग के एसीएस एस सिद्धार्थ ने अब एक और नया फरमान जारी किया है। इस नए फरमान के तहत कक्षा 2 से 8 तक के छात्रों की रीडिंग दक्षता की जांच के लिए परीक्षा ली जाएगी। इसके जरिए छात्रों की रीडिंग और पठन दक्षता को जांचा जाएगा। इस खास परीक्षा का आयोजन 28 से 30 अप्रैल के बीच में होगा।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;परीक्षा का समय&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;इस परीक्षा का मकसद छात्रों की विषयों में बुनियादी समझ को मजबूत करना है, ताकि आगामी कक्षाओं में बच्चों के लिए पढ़ाई आसान हो जाए। इस परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, उर्दू और पर्यावरण अध्ययन जैसे विषयों की परीक्षा ली जाएगी। यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली का आयोजन सुबह 7 से 9 बजे तक के लिए होगा। वहीं दूसरी पाली का आयोजन 10 से 12 बजे तक आयोजित की जाएगी। सभी छात्रों की परीक्षा उनके वर्तमान कक्षा हॉल में ली जाएगी। परीक्षा में पूर्व कक्षाओं में पढ़ाए गए पाठ्यक्रम से ही सवाल पूछे जाएंगे। अप्रैल महीने में स्कूलों में पुराने पाठों की रिवीजन कराई जाएगी, ताकि छात्र तैयारी के साथ परीक्षा में भी हिस्सा ले सकें।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जानकारी ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर मौजूद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;शेड्यूल के मुताबिक पहली परीक्षा 28 अप्रैल को सुबह (7-9 बजे), कक्षा 2 से 8 तक के बच्चों के लिए गणित विषय में ली जाएगी। उसी दिन 10 से 12 बजे, कक्षा 4 से 8 तक के छात्रों का पर्यावरण अध्ययन और विज्ञान का एग्जाम लिया जाएगा। 29 अप्रैल को सुबह (7-9 बजे) हिंदी और उर्दू की परीक्षाएं आयोजित कराई जाएंगी।तो वहीं 10 से 12 बजे, कक्षा 2 से 8 तक संस्कृत और हिंदी भाषाओं की परीक्षा दीजाएगी। 30 अप्रैल को सुबह (7-9 बजे) कक्षा 2 से 8 तक अंग्रेजी की परीक्षा ली जाएगी।&lt;br /&gt;
परीक्षा के प्रश्नपत्र परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटा पहले ‘ई-शिक्षा कोष पोर्टल’ पर उपलब्ध कराएजाएंगे।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आधारभूत ज्ञान को सुदृढ़ करना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;अधिकतर विषयों की 20% सामग्री पूर्व कक्षाओं से संबंधित होती है। ऐसे में यह रीडिंग टेस्ट छात्रों के लिए आधारभूत ज्ञान को पुनः सुदृढ़ करने का मौका देगा। परीक्षा परिणामों के आधार पर छात्रों का विभाजनकिया जाएगा। उसी अनुसार उन्हें आगामी कक्षाओं में पढ़ाया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>100 से अधिक सरकारी स्कूलों में एक भी बच्चे नहीं, बिहार शिक्षा विभाग ने दिये जांच के आदेश</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/not-a-single-child-in-more-than-100-government-schools-bihar-education-department-orders-investigation/</link><pubDate>December 23, 2024, 8:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/download-14-3-300x134.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना: बिहार के 100 सरकारी स्कूलों में एक भी बच्चा नहीं है. सत्र 2024-25 के लिए मुजफ्फरपुर जिले के इन स्कूलों से एक भी बच्चे का नाम विभागीय पोर्टल पर अपलोड नहीं होने पर इसकी जांच शुरू कर दी गयी है. जांच के दायरे में आए इन स्कूलों को लेकर अधिकारि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; बिहार के 100 सरकारी स्कूलों में एक भी बच्चा नहीं है. सत्र 2024-25 के लिए मुजफ्फरपुर जिले के इन स्कूलों से एक भी बच्चे का नाम विभागीय पोर्टल पर अपलोड नहीं होने पर इसकी जांच शुरू कर दी गयी है. जांच के दायरे में आए इन स्कूलों को लेकर अधिकारियों से जवाब भी मांगा गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन स्कूलों में अधिक मामले&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसे स्कूल जिले के सकरा और मुशहरी प्रखंड में सबसे ज्यादा हैं. जिले के इन स्कूलों में 2023-24 में 100 से 200 बच्चों के नामांकन का आंकड़ा दिया गया था. जब 2024-25 के लिए प्रमोशन रिकॉर्ड मांगा गया तो इन स्कूलों से एक भी बच्चे का नाम नहीं आया। अब यह स्कूल की लापरवाही है या इन स्कूलों में बच्चे ही नहीं थे, इसकी जांच की जा रही है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस वर्ष बच्चों की संख्या शून्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सरकारी ही नहीं प्राइवेट स्कूलों में भी पिछले साल के बच्चों की तलाश की जा रही है। जिन निजी स्कूलों में पिछले साल 500 बच्चे थे, वहां से इस बार एक भी बच्चे को प्रमोशन रिकार्ड नहीं दिया गया है. 100 से अधिक निजी स्कूल ऐसे हैं जिनमें इस वर्ष बच्चों की संख्या शून्य है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा विभाग ने दिए जांच के आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बार यू-डायस में सभी स्कूलों को अपने प्रमोशन रिकॉर्ड में नए नामांकित बच्चों के अलावा सिर्फ पिछले साल के बच्चों को ही शामिल करना था। इसी रिकॉर्ड को लेकर इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है. शिक्षा विभाग ने अब जांच के आदेश दिए हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुजफ्फरपुर में भी ऐसे स्कूलों की संख्या अधिक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुजफ्फरपुर जिले के सकरा, मुशहरी में शून्य छात्र संख्या वाले स्कूलों की संख्या सबसे अधिक है. औराई में पांच स्कूल ऐसे हैं, जहां पिछले साल 59 से 788 बच्चे थे, लेकिन इस बार यह संख्या शून्य है. यहां एक भी बच्चे के प्रमोशन का आंकड़ा नहीं है. सकरा के 15 स्कूलों में यही स्थिति है. मुशहरी में ऐसे 18 स्कूल हैं. इसे शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है. डीईओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि इन सभी स्कूलों की भौतिक जांच करायी जा रही है कि मामला क्या है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Deteriorated: ठंड लगने से बिगड़ी 12 छात्राओं की तबीयत, स्कूल में मची अफरा-तफरी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/deteriorated-12-students-health-deteriorated-due-to-cold-chaos-ensued-in-school/</link><pubDate>December 21, 2024, 3:55 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/789-2-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार के पटना जिले के एक सरकारी स्कूल में ठंड होने की वजह से 12 छात्राओं की तबीयत खराब होने की खबर सामने आई है। मसौढ़ी के भदौरा इस्लामपुर स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 9 की दर्जनभर छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ी। जिससे स्कूल में अफ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के पटना जिले के एक सरकारी स्कूल में ठंड होने की वजह से 12 छात्राओं की तबीयत खराब होने की खबर सामने आई है। मसौढ़ी के भदौरा इस्लामपुर स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 9 की दर्जनभर छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ी। जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षकों के हाथ पैर फूल गए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छात्राओं को इलाज के लिए ले जाया गया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;स्कूल प्रशासन ने बीमार छात्राओं का इलाज कराने के लिए ले जाया गया। जिसके बाद सभी बच्चों को छुट्टी दे दी गई। सभी घायल छात्रों के पेरेंट्स को इस घटना की सूचना दी गई। पेरेंट्स ने विद्यालय के प्रति नाराजगी जताई है। स्कूलों में छात्राओं के तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर मसौढ़ी से एक मेडिकल टीम एंबुलेंस के साथ इलाज के लिए पहुंची। तब तक स्कूल में छुट्टी कर दी गई थी। आंशका है कि ठंड लगने की वजह से छात्राएं बेहोश हो गई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2 छात्राओं की तबीयत ज्यादा बिगड़ी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रिंसिपल श्वेता शिखा ने बताया कि बीमार छात्राओं को उनके पेरेंट्स ने खुद ग्रामीण डॉक्टरों से उनका इलाज करवाया। 2 छात्राओं की तबीयत ज्यादा बिगड़ने से अभिभावक उन्हें मसौढ़ी के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। स्थानीय पीएचसी के प्रभारी डॉ. रामानुजम सिंह ने बताया कि मेडिकल टीम इस्लामपुर विद्यालय भेजी गई,लेकिन जब टीम स्कूल पहुंची। तब तक बच्चों को घर भेज दिया गया। फिर टीम ने निजी क्लिनिक में जार बीमार छात्राओं को देखा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>investigation: स्कूलों की हुई गुप्त जांच, रिपोर्ट में हैरान करने वाले खुलासे</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/investigation-secret-investigation-of-schools-shocking-revelations-in-the-report/</link><pubDate>December 16, 2024, 1:35 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/Clipboard-4-300x169.jpg</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए प्रयास कर रही है। शिक्षा विभाग की विशेष टीम ने 38 जिलों के स्कूल की गुप्त रूप से जांच की है। जांच कर ACS एस सिद्धार्थ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सौंपी गई रिपोर्ट में कई हैराने करने वाले...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए प्रयास कर रही है। शिक्षा विभाग की विशेष टीम ने 38 जिलों के स्कूल की गुप्त रूप से जांच की है। जांच कर ACS एस सिद्धार्थ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सौंपी गई रिपोर्ट में कई हैराने करने वाले खुलासे हुए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई व्यवस्था खराब हालत में मिली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रिपोर्ट में बताया गया है कि निरीक्षण के दौरान बिहार के लगभग 60 फीसदी स्कूलों की स्थिति पढ़ने पढ़ाने लायक नहीं है। एसआईटी की टीम नवंबर माह से 38 जिलों में स्कूलों का दौरा कर रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक 60 फीसदी स्कूलों की स्थिति दयनीय थी। शिक्षकों की पढ़ाने में रुचि ना होना, स्कूलों में गंदगी और कई अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी पाई गई है। अधिकतर स्कूलों में साफ-सफाई, बेंच, कॉपी-किताब समेत कई अन्य व्यवस्था खराब हालत में मिली।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;ड्रेस, उपस्थिति का जायजा लिया&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक स्थानीय स्तर पर अधिकारी और कर्मचारी की इस जांच टीमों ने स्कूलों की स्थानीय स्तर पर जांच की हैं। अपर मुख्य सचिव के फोन आने से पहले ही स्कूलों की व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट विभाग को सौंप दी गई थी। एसीएस सिद्धार्थ प्रतिदिन 10 स्कूलों के शिक्षकों से वीडियो कॉल पर बात करके जानकारी ले रहे हैं। इस प्रक्रिया से स्कूलों की असलियत का पता चलता है। इस स्थिति का जिम्मेदार शिक्षकों को बनाया गया है। एसीएस स्कूल परिसर की सफाई, छात्र और शिक्षरों की मौजूदगी, ड्रेस आदि का भी निरीक्षण किया गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;असलियत ना पता चल पाए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पिछले दिनों वीडियो कॉल के दौरान एसीएस ने खुद रिपोर्ट की जांच की। साथ ही स्कूलों की जमीनी हकीकत से रू ब रू हुए। विभागीय जानकारी के मुताबिक एसीएस ने अक्टूबर में स्कूलों के निरीक्षण के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की थी, लेकिन तब स्कूलों की स्थिति सही से सामने नहीं आ पाई थी। बताया जाता है कि अधिकतर निरीक्षकों ने मेज पर बैठकर रिपोर्ट तैयार की, जिससे स्कूलों की असलियत का पता ना चल पाए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar School: शिक्षा विभाग का नया फरमान, सभी सरकारी स्कूलों में चालू हो ICT लैब</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-school-new-order-of-education-department-ict-lab-should-be-operational-in-all-government-schools/</link><pubDate>July 9, 2024, 8:03 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/download-3-5-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में स्थापित आईसीटी (सूचना संचार प्रौद्योगिकी) लैब में अब हर दिन स्टूडेंट्स की पढ़ाई होगी। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने सभी जिलों को आदेश दिया है। सभी आईसीटी लैब को संचालित करने के ल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;। बिहार के सरकारी स्कूलों में स्थापित आईसीटी (सूचना संचार प्रौद्योगिकी) लैब में अब हर दिन स्टूडेंट्स की पढ़ाई होगी। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने सभी जिलों को आदेश दिया है। सभी आईसीटी लैब को संचालित करने के लिए विज्ञान टीचरों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। आदेश के मुताबिक, प्राथमिक स्तर की आईसीटी लैब की क्लास में हर दिन कम से कम 50 छात्र शामिल होंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्टूडेंट्स की प्रगति का होगा मूल्यांकन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं माध्यमिक और उच्च माध्यमिक आईसीटी लैब में चलने वाली क्लास में हर दिन कम से कम 100 छात्र बैठेंगे। छात्रों की प्रगति का साप्ताहिक मूल्यांकन किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव के निर्देश के मुताबिक आईसीटी लैब में पढ़ने वाले छात्रों की प्रगति का साप्ताहिक मूल्यांकन हर मंगलवार को किया जाएगा। आईसीटी लैब वाले सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को छात्रों को लैब में पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है। विभाग के निरीक्षण के दौरान पाया गया है कि सरकारी देखरेख में स्थापित अधिकांश आइसीटी लैब का उपयोग नहीं हो रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लैब को जल्द शुरू करने का निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;निरीक्षण पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसमें जिला शिक्षा पदाधिकारियों से पूछा गया है कि आइसीटी लैब में विद्यार्थियों की गतिविधियों को रूटीन में क्यों नहीं शामिल किया गया है? साथ ही निर्देश दिया गया है कि साप्ताहिक मूल्यांकन का कार्य हर हाल में इसी सप्ताह से शुरू किया जाए और इसकी रिपोर्ट संबंधित पदाधिकारी को भेजी जाए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>&amp;#8220;माट साब गोड़ दर्द कर रहल हौ, स्कूल ना अएबो&amp;#8221;, बिहार बनने के 111 साल बाद भी मुख्यमंत्री के जिले में 14 किलोमीटर दूर स्कूल जाने को मजबूर विद्यार्थी !</title><link>https://bihar.inkhabar.com/viral/bihar-divash-cm-nitish-kumar-students-prince-singh/</link><pubDate>March 22, 2023, 12:13 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/bihar-students-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: आज बिहार दिवस है. बिहार को बने आज 111 साल हो चुके हैं. इस मौके पर एक ओर जहां बिहार के इतिहास, बिहार की संस्कृति और इसकी विरासत की झांकियां निकल रही हैं, वहीं दूसरी ओर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में आज भी स्कूल आने...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: आज बिहार दिवस है. बिहार को बने आज 111 साल हो चुके हैं. इस मौके पर एक ओर जहां बिहार के इतिहास, बिहार की संस्कृति और इसकी विरासत की झांकियां निकल रही हैं, वहीं दूसरी ओर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में आज भी स्कूल आने- जाने के लिए बच्चों को 14 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दूरी की वजह से पढ़ना छोड़ रहे छात्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुख्यमंत्री के गृह जिले के बेलछी गांव में स्कूल जाने के लिए छात्र-छात्राओं को 7 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है. यानी जाने और आने के दौरान पूरे 14 किलोमीटर की दूरी. बेलछी गांव नालंदा के हरनौत प्रखंड और चंडी प्रखंड के बीच स्थित है. यहां सर गणेश दत्त स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को आठवीं कक्षा के बाद पढ़ने के लिए उच्च शिक्षा विद्यालय में जाना पड़ता है, जिस कारण से बच्चों को कुल 14 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हर साल 100 से 150 छात्र पासआउट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस गांव की एक छात्रा बताती हैं &amp;#8221; इस स्कूल से हर साल करीब 100 से 150 छात्र-छात्राएं पास होते हैं. पासआउट होने के बाद से बच्चों की सबसे बड़ी समस्या होती है कि अब पढ़ा जाए या नहीं, क्योंकि बेलछी से हरनौत की दूरी करीब 7 किलोमीटर होने के कारण उन्हें स्कूल आने और जाने में थकान होने के साथ-साथ उनका काफी वक्त भी बर्बाद होता है&amp;#8221;. इस मामले में गांव के एक शख्स बताते हैं&amp;#8221; जब मुख्यमंत्री पूरे बिहार में समाधान यात्रा कर रहे थे, तब उन्होंने यह मुद्दा उनके सामने रखा था, लेकिन उसका कोई असर देखने को नहीं मिला.&amp;#8221;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा से वंचित रह जाते हैं विद्यार्थी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार राज्य बनने के 111 साल होने के बावजूद आज भी मुख्यमंत्री के गृह जिले के एक गांव में सौकड़ों बच्चे बस इस वजह से शिक्षा से वंचित रह जाते हैं क्योंकि उनके गांव में उच्च विद्यालय को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है. पढ़ने की लालसा होने के बावजूद भी अत्यधिक दूरी के कारण बच्चे उस स्कूल में नहीं पहुंच पाते हैं, जिस स्कूल पर लिखा है &amp;#8221; सर्व शिक्षा अभियान.&amp;#8221; &amp;#8221; सब पढ़ें, सब बढ़ें&amp;#8221;.&lt;/p&gt;
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