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       <title>Today bihar flood News | Latest bihar flood News | Breaking bihar flood News in English | Latest bihar flood News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का bihar flood समाचार:Today bihar flood News ,Latest bihar flood News,Aaj Ka Samachar ,bihar flood समाचार ,Breaking bihar flood News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Bihar Flood: नीतीश सरकार ने किसान को लेकर किया बड़ा ऐलान, बाढ़ में बर्बाद फसलों के लिए मिलेगा मुआवजा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-flood-nitish-government-made-a-big-announcement-regarding-farmers-they-will-get-compensation-for-the-crops-destroyed-in-the-flood/</link><pubDate>October 1, 2024, 11:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-19.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार में भारी बारिश और नेपाल से नदियों के तेज प्रवाह के कारण उत्तर बिहार बाढ़ की विभीषिका झेल रहा है. बाढ़ के कारण 19 जिलों के खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं. जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.ऐसे में राज्य की नीतीश सरकार किसानो...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: बिहार में भारी बारिश और नेपाल से नदियों के तेज प्रवाह के कारण उत्तर बिहार बाढ़ की विभीषिका झेल रहा है. बाढ़ के कारण 19 जिलों के खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं. जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.ऐसे में राज्य की नीतीश सरकार किसानों की मदद के लिए आगे आई है और घोषणा की है कि बाढ़ से नष्ट हुई फसलों के नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करेगी. इसके साथ ही राज्य सरकार जल्द ही फसलों के नुकसान का आकलन करेगी.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कृषि मंत्री ने की बैठक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्य के कृषि मंत्री मंगल पांडे ने आज मंगलवार को बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों को लेकर कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल और अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. इसके बाद मीडिया से बात करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में बिहार सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है. किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बाढ़ के कारन 19 जिलों के 92 प्रखंड प्रभावित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान मंगल पांडे ने कहा कि प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक अत्यधिक बारिश और पड़ोसी देश नेपाल से आई बाढ़ के कारण बिहार के 19 जिलों के 92 प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. इसमें 673 पंचायतों की करीब 2,24,597 हेक्टेयर जमीन प्रभावित होने की खबर है. प्रभावित इलाकों में 91,817 हेक्टेयर में लगी फसल को 33 फीसदी से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई दिनों से बाढ़ की स्थिति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि पिछले चार-पांच दिनों में गंडक, कोसी, बागमती समेत उत्तर बिहार की कई नदियों में भारी उफान आया है. इससे इन नदियों से सटे आबादी वाले इलाकों में बाढ़ आ गई. लोगों के घर, खेत, सड़कें सब पानी में डूब गए. इस बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Flood: बिहार की कोसी नदी बनी बर्बादी का कारण, कई लोगों को छोड़ना पड़ा आशियाना</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/flood-kosi-river-of-bihar-became-the-cause-of-destruction-many-people-had-to-leave-their-homes/</link><pubDate>October 1, 2024, 4:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/yop-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के कोसी के जल स्तर के कारण लगातार हालात बिगड़ते जा रहे है। कई नए इलाके में पानी भर गया है। जिसके बाद लोगों को अपना आसरा छोड़कर जाना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति और बदत्तर होती जा रही है। ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के कोसी के जल स्तर के कारण लगातार हालात बिगड़ते जा रहे है। कई नए इलाके में पानी भर गया है। जिसके बाद लोगों को अपना आसरा छोड़कर जाना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति और बदत्तर होती जा रही है। दरभंगा जिले में कोसी नदी और सीतामढ़ी में बागमती नदी के बांध टूट गए है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोसी नदी उफान पर है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने बताया कि कोसी नदी उफान पर है और करतारपुर ब्लॉक के पास उसका बांध टूट गया है। जिससे दरभंगा में किरतरपुर और घनश्यामपुर गांव पानी में डूब गया है। वहीं सीतामढ़ी जिले के रुन्नी सैदपुर ब्लॉक में बागमती नदी के बांध टूटने से रिसाव होने लगा। एक अधिकारी के मुताबिक बांध टूटने से बाढ़ की स्थिति खराब हो गई है, गरीमत है कि कोई घबराने वाली बात नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य जल संसाधन और आपदा प्रंबधन विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अब तक 7 बांध टूटें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अब तक 7 बांध टूटने की घटनाएं सामने आई है। उनमें से कुछ की मरम्म पहले की जा चुकी है। बाकियों का काम जारी है। एक अन्य अधिकारी का कहना है कि पानी के ज्यादा दबाव के कारण सीतामढ़ी के मधकौल गांव में बागमती नदी का बांध और पश्चिम चंपारण में गंडक नदी का बांध बेकार हो गया है। जिसके कारण वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में बाढ़ आ गई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>River Dam: कोसी नदीं के बांध टूटने से मचा कोहराम, लाखों लोग प्रभावित</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/river-dam-chaos-due-to-breaking-of-kosi-river-dam-lakhs-of-people-affected/</link><pubDate>September 30, 2024, 4:26 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/uio-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में 6 से ज्यादा जगहों पर बांध क्षतिग्रस्त हुए हैं। 56 साल बाद फिर से बौरायी कोसी नदी भी अपने उफान पर है। कोसी बराज से भले ही पानी कम है, लेकिन तटबंधों पर खतरा मंडराने लगा है। रविवार की आधी रात को दरभंगा का बांध टूट गया। जिससे दो प्र...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में 6 से ज्यादा जगहों पर बांध क्षतिग्रस्त हुए हैं। 56 साल बाद फिर से बौरायी कोसी नदी भी अपने उफान पर है। कोसी बराज से भले ही पानी कम है, लेकिन तटबंधों पर खतरा मंडराने लगा है। रविवार की आधी रात को दरभंगा का बांध टूट गया। जिससे दो प्रखंडों में बसे लोगों का जीवन प्रभावित हो गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लाखों की आबादी प्रभावित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने लगे। कोसी बराज से पानी छोड़ने के बाद कोशी नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। जिले के किरतपुर प्रखंड के भूभौल गांव के नजदीक रात करीब 1 बजे बांध ध्वस्त हो गया। बांध के ध्वस्त होने से किरतपुर प्रखंड और घन्यश्यामपुर प्रखंड के कई गांव में बाढ़ का पानी घुस गया। जिससे लाखों की आबादी प्रभावित हो गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लोगों से सावधान रहने की अपील की&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रशासन ने देर रात तक बांध को ध्वस्त होने से बचाने के लिए प्रयास किया, लेकिन देर रात कोशी नदी की तेज धारा के सामने बांध टिक नहीं पाया। किरतपुर प्रखंड के जमालपुर थाना क्षेत्र के नरकटिया गांव और भूभौल गांव के समीप दोपहर से ही बांध पर बने सड़क के ऊपर से पानी बहने लगा। जिसे प्रशासन के द्वारा लगातार सैंड बैग डालकर बचाने की कोशिश की। साथ ही लोगो से सतर्क और सावधान रहने की अपील भी की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बाढ़ पीडितों की सहायता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरभंगा के जिलाधिकारी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को काबू करने में लग गए, लेकिन बांध को बचाने में असफल रहे। कोशी नदी के तांडव से फिलहाल किरतपुर प्रखंड और घन्यश्यामपुर प्रखंड के लोगो के बीच कोहराम मचा हुआ है। लोग अपने मवेशी और परिवार के साथ ऊंचे स्थानों और तटबंध पर शरण ले रहे हैं। वहीं प्रशासन की तरफ से बाढ़ पीड़ित लोगों को मदद पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए हैं। साथ ही लोगों से अपील कि है कि हड़बड़ाने की जरुरत नहीं है। हर संभव मदद की जाएगी, जिला प्रशासन आपके साथ है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Flood: भागलपुर में बाढ़ के बीच 25 लोगों से भरी नाव पलटी, मासूम बच्चा लापता</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/bihar-flood-boat-filled-with-25-people-capsized-amid-flood-in-bhagalpur-innocent-child-missing/</link><pubDate>September 20, 2024, 12:25 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-12-5-300x188.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना: बिहार के भागलपुर जिले में आज शुक्रवार को बाढ़ के बीच बड़ा हादसा हो गया। जिले के नाथनगर में एक बड़ा नाव हादसे का शिकार हो गया. यहां अचानक आई बाढ़ के बाद लोग आनन- फानन में अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों की तरफ नाव से जाने लगे. इसी बीच अजमे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; बिहार के भागलपुर जिले में आज शुक्रवार को बाढ़ के बीच बड़ा हादसा हो गया। जिले के नाथनगर में एक बड़ा नाव हादसे का शिकार हो गया. यहां अचानक आई बाढ़ के बाद लोग आनन- फानन में अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों की तरफ नाव से जाने लगे. इसी बीच अजमेरीपुर बैरिया में पांच लोगों और बकरियों से भरी एक छोटी नाव जमुनिया नदी की तेज धारा में बह गई. नाव पर सवार लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचा ली, लेकिन नाव पर सवार चार बकरियों की मौत हो गई.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मौके पर पहुंचे पदाधिकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हादसे की सूचना मिलने के बाद अंचल कार्यालय के कर्मी, स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि नाव से मौके का जायजा लेने पहुंचे. तभी, 25 लोगों से भरी एक और नाव उसी जगह पर तेज धार में डूब गई. बता दें कि नाव पलटते ही घटनास्थल पर अफरातफरी शुरू हो गई और लोगों ने तेज आवाज में चिल्लाना शुरू कर दिया। घटना के दौरान पानी के अंदर से ही लोग अपनी जान बचाने की गुहार लगाने लगे. हालांकि डूब रहे युवकों किसी तरह पास के बबूल के पेड़ की टहनी पकड़कर नदी से बाहर निकले।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मासूम बच्चा हुआ लापता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बीच बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नाव लेकर मौके पर पहुंचे और डूब रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. इस हादसे में बैरिया के अनिल साह का सात वर्षीय बच्चा लापता हो गया, जिसे खोजने के लिए ग्रामीण घंटों प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल सका है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्रमीणों ने लोगों को बचाया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद रस्सी और नाव की मदद से डूब रहे लोगों को बचाया. ग्रामीणों ने डूबी नावों को भी बाहर निकाल लिया है. हादसे में लापता बच्चे का परिवार परेशान है और जोर-जोर से उसे ढूंढने की गुहार लगा रहा है. स्थानीय लोग लगातार बच्चे को ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>पटना के दियारा इलाके के सभी स्कूल आज से 4 दिनों के लिए बंद, गंगा का जलस्तर देखकर डीएम ने लिया फैसला</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/all-schools-of-diara-area-of-patna-closed-for-4-days-from-today-dm-took-the-decision-after-seeing-the-water-level-of-ganga/</link><pubDate>September 18, 2024, 5:01 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/download-20-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. आज (बुधवार) सुबह भी पटना में मनेर से लेकर मोकामा तक गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है. पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. इसे देखते हुए पटना के डीएम चन्द्रशेखर सिंह ने निर्देश जारी किया है कि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना: &lt;/strong&gt;बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. आज (बुधवार) सुबह भी पटना में मनेर से लेकर मोकामा तक गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है. पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. इसे देखते हुए पटना के डीएम चन्द्रशेखर सिंह ने निर्देश जारी किया है कि दियारा इलाके के सभी ब्लॉकों के 76 स्कूलों को आज (बुधवार) से 21 सितंबर तक बंद रखा जाए.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डूबने से शिक्षक की मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं, पटना से सटे वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड के दियारा इलाके के 52 स्कूल भी बंद कर दिये गये हैं. आपको बता दें कि पिछले महीने (अगस्त) में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा था. उस दौरान दियारा इलाके के स्कूलों में शिक्षक नाव से स्कूल जा रहे थे. 24 अगस्त को डूबने से एक शिक्षक की मौत हो गयी. अब एक बार फिर पिछले दो दिनों से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. इसे देखते हुए पटना के डीएम ने निर्देश जारी किया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;76 सरकारी स्कूल बंद करने का आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पटना के मनेर से लेकर मोकामा तक दियारा इलाके में करीब 76 सरकारी स्कूल हैं. डीएम ने निर्देश जारी कर इन्हें तत्काल प्रभाव से बंद करने को कहा है. इनमें मनेर प्रखंड की दो पंचायत गगहरा और पतालपुर के सभी विद्यालय शामिल हैं. दानापुर में सबसे ज्यादा 9 पंचायतों (अकिलपुर, गघरा, हेतनपुर, माधवपुर, कासिमचक, मानस, पानापुर, पतालपुर और हवासपुर) के सभी स्कूलों को बंद करने को कहा गया है. वहीं, पटना सदर के नकटा टोला दियारा पंचायत, फतुहा के मोमिनपुर पंचायत और बख्तियारपुर के चार पंचायत (चिरैया रूपस, हरदासपुर दियारा, काला दियारा और रूपस महाजी पंचायत) के स्कूलों को बंद करने का निर्देश जारी किया गया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गंगा का पानी खतरे के निशान पर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बुधवार सुबह 6 बजे बाढ़ नियंत्रण कार्यालय द्वारा जारी रिकॉर्ड के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर गंगा का पानी खतरे के निशान से एक मीटर 22 सेमी ऊपर बह रहा है. दीघा घाट पर पानी खतरे के निशान से एक मीटर छह सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Flood: नालंदा में लोकायन नदी के बांध टूटने से आधा दर्जन गांव प्रभावित</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-flood-half-a-dozen-villages-affected-due-to-breaking-of-dam-of-lokayan-river-in-nalanda/</link><pubDate>August 4, 2024, 8:33 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/download-4-1-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना : बिहार के नालंदा जिले के हिलसा के पश्चिमी क्षेत्र से गुजरने वाली लोकायन नदी का बांध टूट गया है। इसके आसपास के 6 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला जा रहा है। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना &lt;/strong&gt;: बिहार के नालंदा जिले के हिलसा के पश्चिमी क्षेत्र से गुजरने वाली लोकायन नदी का बांध टूट गया है। इसके आसपास के 6 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला जा रहा है। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। बता दें कि शनिवार की रात करीब तीन बजे बांध टूटने की जानकारी सामने आई है। अनुमंडल पदाधिकारी प्रवीण कुमार पुलिस अधिकारियों के साथ निरक्षण कर रहे हैं। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। जिला कलेक्टर शशांक शुभंकर भी जर्जर बांध का निरीक्षण कर रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शनिवार देर रात टूटा बांध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नदी के उद्गम क्षेत्र झारखंड में भारी वर्षा के कारण हिलसा एवं एकंगरसराय ब्लॉक क्षेत्र में नदी के कटाव पर कई स्थानों पर बड़ी दरार आ गई है। जहां नदी का पानी नदी के पश्चिमी क्षेत्र में आ रहा है। नदी में तेज बहाव के कारण हिलसा प्रखंड के धुरी बिगहा के उत्तर पश्चिम में लोकायन नदी के तट पर करीब 30 फीट कटाव हो गया है। कटाव की वजह से धुरी बिगहा, मुरलीगढ़, फुलवरिया, सोहरापुर, कुसेता, छियासठ बिगहा गांव एवं खेत जलमग्न हो गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्रमीणों को घर से सुरक्षित निकाला जा रहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;घाना बीघा गांव के बांध टूटने की वजह से बेलदारी बिगहा, घाना बीघा के गांव एवं खेत जलमग्न हो गए हैं। अनुमंडल अधिकारियों के अनुसार दो स्थानों पर पानी के तेज बहाव के कारण तटबंध क्षतिग्रस्त हो गई हैं। लोगों को घरों से निकालकर राहत शिविरों में भेजा जा रहा है। प्रभावित लोगों के बीच खाद्य सामग्री, चूड़ा और गुड़ बांटा जा रहा है। गांववालों के मुताबिक, 2016 के बाद नदी में इतना पानी देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Flood: नेपाल में बारिश के कारण बिहार के कई गांव आए बाढ़ की चपेट में</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/bihar-flood-due-to-rain-in-nepal-many-villages-in-bihar-are-hit-by-floods/</link><pubDate>July 12, 2024, 5:38 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/TYYU-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। नेपाल में हो रही जबरदस्त बारिश के बीच गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। गोपालगंज की नदी डेंजर लेवल से 85सेमी से ऊपर बह रही है। गुरुवार की सुबह 7 बजे वाल्मीकिनगर बराज से 1.80 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज रहा। जो शाम के 6 बजे 2....</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; नेपाल में हो रही जबरदस्त बारिश के बीच गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। गोपालगंज की नदी डेंजर लेवल से 85सेमी से ऊपर बह रही है। गुरुवार की सुबह 7 बजे वाल्मीकिनगर बराज से 1.80 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज रहा। जो शाम के 6 बजे 2.51 क्यूसेक पहुंच गया। गंडक नदी के जल स्तर में तेजी से हुई वृद्धि के कारण तटबंधों पर जहां दबाव बढ़ने लगा है। शुक्रवार को गांवों में पानी के और ज्यादा बढ़ने की आशंका है। तराई वाले क्षेत्रो में 43 गांवों के 65 लाख की आबादी से बाढ़ की त्रासदी की आशंका जताई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बढ़ते जलस्तर को लेकर जारी की चेतावनी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बीते 6 दिनों में नदी में आई बाढ़ से गांव पहले से ही घिरे है। जिले के 6 प्रखंडों में के 43 गांवों बाढ़ से प्रभावित है। अभी सड़के पानी से पूरी तरह से लबालब है। अभी पानी के स्तर में कमी भी नहीं आई थी कि शुक्रवार को जल स्तर में और वृद्धि हो गई। गांवों का शहर से संपर्क टूट गया है। जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख ने नेपाल के पोखरा में 174 मिली बारिश होने की वजह से गंडक नदी में जल स्तर के बढ़ने को लेकर अलर्ट जारी किया है। इससे तटबंधों पर नजर बनाई बनी हुई है। डीएम मो मकसूद के इंजीनियरों को हाइअलर्ट मोड में संवेदकों के साथ कटिबद्धता रहने का आदेश दिया है। मुख्य अभियंता संजय कुमार बाढं संघर्षात्मक बल के अध्यक्ष नवल किशोर सिंह, कार्यपालक अभियंता प्रमोद विभाग की चुनौती दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लोगों को हुई परेशानी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बाढ़ के कारण घरों में राशन व सब्जियों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल जान जोखिम में डाल कर जाना पड़ रहा है। खेती में पानी भरे होने के कारण पशुओं को चारा लाने भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सदर प्रखंज के कटघरवां, मेंहदियां, हीरापाकड़, बरइपट्टी और रामपुर टेंगराही जैसे जिलों के 43 गांव बाढ़ की चपेट में है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Nitish Kumar: बिहार की बाढ से आई आफत, बिहार के सीएम करेंगे जिलों का दौरा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/nitish-kumar-floods-in-bihar-cause-trouble-bihar-cm-will-visit-districts/</link><pubDate>July 8, 2024, 6:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/FLOOD-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। नेपाल और उत्तर बिहार के बाद गंडक नदी में भारी उफान है। जिससे प्रेदश में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इससे सरकार और प्रदेश की जनता दोनों की मुश्किलें बढ़ गई है। सीएम नीतीश कुमार सोमवार यानी आज पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण जैसे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; नेपाल और उत्तर बिहार के बाद गंडक नदी में भारी उफान है। जिससे प्रेदश में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इससे सरकार और प्रदेश की जनता दोनों की मुश्किलें बढ़ गई है। सीएम नीतीश कुमार सोमवार यानी आज पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों में नदियों के बढ़ते जलस्तर का हेलीकॉप्टर द्वारा हवाई सर्वेक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेपाल बॉर्डर स्थित गंडक बराज का भी निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वह नदियों के बढ़ते जलस्तर का जायजा भी लेंगे। निरीक्षण के बाद वे अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश देंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अपने आवास पर पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल होंगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सीएम नीतीश कुमार का सोमवार को अपने आवास पर पर्यावारण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित किए कार्यक्रम में पौधारोपण करेंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे नीतीश कुमार पटना एयरपोर्ट जाएंगे और वहां से हेलिकॉप्टर के जरिए विभिन्न जिलों का हवाई सर्वेक्षण करने के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री नीतीश गंडक समेत कई नदियों के बढ़ते जलस्तर के साथ ही कटाव और अन्य हालातों का भी जायजा लेंगे। पश्चिम चंपारण के डीएम दिनेश कुमार राय का कहना है कि जिले में फिलहाल बाढ़ जैसे हालात नहीं है। मुख्यमंत्री वाल्मीकि नगर में गंडक बराज, बगहा में कैलाश नगर समेत कटाव क्षेत्रों का जायजा लेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुछ नदियां डेंजर लेवल की ऊपर बह रही है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जल संसाधन विभाग के मुताबिक उत्तर बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। गंडक, बागमती, कोसी, कमला बलान और महानंदा नदी कुछ जगहों पर डेंजर लेवल के ऊपर बह रही है। गंडक बराज से 4.40 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। जिससे पश्चिम चंपारण जिले के दियारा क्षेत्र के गांव पानी में डूब गए है। बगहा शहर के कुछ क्षेत्रों में नदी का पानी पहुंच चुका है। यहीं हालात सुपौपल जिले के कोसी तटबंध पर बसे गांवों का भी है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>FLOOD:कोसी और सीमांचल में नदियों का उफान जारी, डेंजर लेवल के पार पहुंचा पानी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/flood-rivers-continue-to-swell-in-kosi-and-seemanchal-water-reaches-beyond-danger-level/</link><pubDate>July 4, 2024, 6:52 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/BADH-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में मॉनसून के शुरू होते ही बाढ़ जैसे हालात बन गए है। जून में बारिश की शुरुआत नहीं हुई लेकिन जुलाई में मॉनसून के आगमन से महीने की शुरूआत में ही बारिश होने लगी। बारिश के कारण कोसी और सीमांचल के कई इलाकों में नदियों का पानी उफान पर है।...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में मॉनसून के शुरू होते ही बाढ़ जैसे हालात बन गए है। जून में बारिश की शुरुआत नहीं हुई लेकिन जुलाई में मॉनसून के आगमन से महीने की शुरूआत में ही बारिश होने लगी। बारिश के कारण कोसी और सीमांचल के कई इलाकों में नदियों का पानी उफान पर है। इसके कारण कई गांवों में पानी फैल गया है। जिससे वहां रह रहे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तटबंध इलाके में दाखिल हुआ पानी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोसी नदी के जलस्तर में उतार- चढ़ाव से सुपौल,सहरसा और खगडि़या में कटाव तेज होने लगा है। जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने से तटबंध के भीतर निचले इलाके में पानी दाखिल होने लगा है। खगड़िया में कोसी व बागमती नदी के जलस्तर में लगातार 5वें दिन उफान जारी रहा। चौथम के शिशवा गांव के पास तेज कटाव रोकने में विभाग जुटा है। कटिरहार में गंगा नदी का जलस्तर बरारी और मनिहारी में बढ़ रहा है। पूर्णिया के बायसी में परमान नदी का जलस्तर लाल निशान के पार पहुंच चुका है। कनकई नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पानी के स्तर में लगातार बढ़ोत्तरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बायसी अनुंडल क्षेत्र में बुधवार को भी परमान नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर रहा। वहीं बुधवार को कनकई नदी के जलस्तर में तेज से बढ़ोत्तरी हो रही है। जिले के डेंगराह में महानंदा नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है। सीडब्लूसी के अधिकारी लक्ष्मी उंराव का कहना है कि अररिया जिले में परमान नदी का डेंजर लेवल47000 मीटर से एक बार फिर ऊपर आ गया है। बुधवार को पानी का स्तर 47.390 मीटर पर पहुंच गया जो खतरे के निशान के करीब है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>कोसी नदी उफान पर, मुसीबत में पड़ा बिहार</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/kosi-river-floods-bihar-in-trouble/</link><pubDate>August 27, 2023, 9:02 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-50-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। उत्तर बिहार में बीते कई दिनों हो रही रही लगातार बारिश के कारण कोसी इलाके में मुश्किलें बढ़ गई हैं. कोसी बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं. आज का मौसम कोसी बैराज में पानी छोड़े जाने के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव हो ग...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; उत्तर बिहार में बीते कई दिनों हो रही रही लगातार बारिश के कारण कोसी इलाके में मुश्किलें बढ़ गई हैं. कोसी बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज का मौसम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोसी बैराज में पानी छोड़े जाने के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया है. जिसकी वजह से लोगों को खाने-पीने की भी परेशानी हो रही है. ग्रामीण सरकारी मदद नहीं मिलने से नाराज हैं और अपने घरों में कैद हो गए हैं. उत्तर बिहार में पिछले एक हफ्ते से लगातार बारिश हो रही है और नेपाल के कोसी बैराज से छोड़े गए पानी के कारण एक बार फिर कोसी नदी उफान पर है. नेपाल के तराई क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण बराज से छोड़े गए 4 लाख क्यूसेक से भी ज्यादा पानी की वजह से सहरसा जिले के दर्जनों गांव पूरी तरीके से जलमग्न हो चुके हैं. इसी कड़ी में लोगों को बाढ़ के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रशासन से मदद नहीं मिलने पर लोग नाराज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बाढ़ को लेकर प्रशासन की उदासीनता के कारण भी लोगों के अंदर काफी नाराजगी देखने को मिली है. जानकारी के अनुसार गांव के लोगों को आवागमन के लिए सरकारी नव की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई ही जिसके कारण उन लोगों को निजी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. जिसको लेकर भी लोगों ने अपनी मुश्किलें बताई। वहीं प्रशासन की ओर से भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है. इस गांव के बीचों -बीच स्थित बजरंगबली का मंदिर चारों तरफ से पानी से भर चुका है और मंदिर तक जाने वाली सड़क पर भी 5 से 6 फुट पानी भर गया है.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>