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       <title>Today bihar education News | Latest bihar education News | Breaking bihar education News in English | Latest bihar education News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का bihar education समाचार:Today bihar education News ,Latest bihar education News,Aaj Ka Samachar ,bihar education समाचार ,Breaking bihar education News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/bihar-education</link>
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        </image><item><title>Bihar Teacher: भारत माता की जय बोलने पर टोकता था मुस्लिम टीचर, अब गिरी गाज</title><link>https://bihar.inkhabar.com/crime/bihar-teacher-muslim-teacher-used-to-scold-for-saying-jai-bharat-mata-now-he-is-angry/</link><pubDate>January 5, 2025, 9:47 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-45.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>पटना: बांका जिले के विश्वासपुर स्थित संजय गांधी उच्च विद्यालय के शिक्षक हसन रजा को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है. रजा पर स्कूल की गतिविधियों में रुचि नहीं लेने, भारत माता की जय के नारे का विरोध करने समेत कई अन्य आरोप हैं. अब इस मामले में व...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना: &lt;/strong&gt;बांका जिले के विश्वासपुर स्थित संजय गांधी उच्च विद्यालय के शिक्षक हसन रजा को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है. रजा पर स्कूल की गतिविधियों में रुचि नहीं लेने, भारत माता की जय के नारे का विरोध करने समेत कई अन्य आरोप हैं. अब इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू हो गयी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रधानाध्यापक से मांगा गया जवाब&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इसके अलावा विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजीव कुमार से भी सबूत मांगा गया है. स्कूल में समय पर कक्षा नहीं लेने और आधार कार्ड बनाने के लिए पैसे लेने जैसी कई अनियमितताएं पाई गई हैं. जिलाधिकारी ने शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की और हाफ सीएल पर सवाल उठाए। समय से पहले स्कूल छोड़ने वाले शिक्षकों को डीपीओ कार्यालय में उपस्थित होना होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शनिवार को हुई कार्रवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि पहले से विवादों में रहे चर्चित शिक्षक हसन रजा को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई शनिवार, 4 जनवरी 2025 को हुई. उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गयी है, जो विशेष शिक्षक नियमावली के तहत करायी जायेगी. डीपीओ स्थापना संजय कुमार यादव ने यह आदेश जारी किया है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Missing: प्राइवेट स्कूलों से लापता हुए लाखों बच्चे, फर्जीवाड़े की भी खुली पोल</title><link>https://bihar.inkhabar.com/desh-pradesh/missing-lakhs-of-children-missing-from-private-schools-fraud-also-exposed/</link><pubDate>December 11, 2024, 6:05 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/12/3456-300x169.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>पटना। बिहार के प्राइवेट स्कूलों से सात लाख से ज्यादा बच्चे एक साल के अंदर लापता हो गए हैं। ई-शिक्षा कोष पर डाले गए 2 साल के रिकॉर्ड से इसका राज खुला है। एक साल में 31 लाख का आंकड़ा 23 लाख पर आया गया। साल 2023-24 में बिहार के प्राइवेट स्कूलों मे...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के प्राइवेट स्कूलों से सात लाख से ज्यादा बच्चे एक साल के अंदर लापता हो गए हैं। ई-शिक्षा कोष पर डाले गए 2 साल के रिकॉर्ड से इसका राज खुला है। एक साल में 31 लाख का आंकड़ा 23 लाख पर आया गया। साल 2023-24 में बिहार के प्राइवेट स्कूलों में बच्चों का आंकड़ा 31 लाख 15 हजार था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आंकड़ा 23 लाख बच्चों को दिया गया है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं 2024-25 में ई-शिक्षा कोष पर आंकड़ा लगभग 23 लाख बच्चों का दिया गया है। ई-शिक्षा कोष के आधार पर पहली बार निजी स्कूलों के बच्चों का रिकॉर्ड लिया गया है। इससे दोहरे नामांकन के साथ-साथ फर्जीवाड़े नामांकन का खुलासा हुआ है। इसके साथ ही कई तरह की और गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। शिक्षा विभाग की तरफ से दी गयी जानकारी के मुताबिक बिहार के निजी स्कूलों से केवल सात लाख बच्चे लापता ही नहीं हुए हैं, बल्कि जिन बच्चों का नाम दाखिला रजिस्टर पर दर्ज किया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बच्चों के आधार नंबर दर्ज नहीं है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;उनमें कई बच्चों के नाम के साथ उनका आधार नंबर भी दर्ज नहीं है। ऐसे बच्चों की संख्या कुल बच्चों की संख्या का 25 प्रतिशत से अधिक बताया जा रहा है। जिन 23 लाख बच्चों की संख्या बिहार के 38 जिलों से दी गई है, इनमें भी 6 लाख बच्चे बिना आधार के ही नामांकन वालों की सूची में दर्ज हैं। ऐसे में इन बच्चों के दोहरे नामांकन की संभावना भी शिक्षा विभाग को है। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्णिया, नवादा, मुजफ्फरपुर समेत 7 जिलों में 30 से 50 तक बच्चे लापता हो गए है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आकंड़ा पौने दो करोड़ तक पहुंचा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दोहरे नामांकन और नामांकन में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने आधार के साथ ही निजी स्कूलों को भी बच्चों की सूची ई-शिक्षा कोष पर डालने का निर्देश दिया था। प्राइवेट स्कूलों के बच्चों की संख्या एक साल में कम होने पर सवाल यह कि अगर यह दोहरा नामांकन नहीं है तो ये बच्चे गए कहां। सरकारी स्कूलों में भी बच्चों की संख्या बढ़ने की बजाए एक साल में घटी ही है। सरकारी स्कूलों में 2 करोड़ से अधिक बच्चों का आंकड़ा पौने दो करोड़ पर आकर रुक गया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार के 117 स्कूलों पर गिरने वाला है गाज, शिक्षा विभाग ने क्यों दिया ये आदेश</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/punishment-is-going-to-fall-on-117-schools-of-bihar-why-did-the-education-department-give-this-order/</link><pubDate>October 14, 2024, 6:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-99-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना: बिहार में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर छात्रों की जानकारी नहीं देना स्कूलों को महंगा पड़ सकता है. पटना जिले में 117 ऐसे स्कूल हैं जिन्होंने अब तक छात्रों की जानकारी नहीं दी है. उन स्कूलों पर कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने पोर्टल पर पढ़ने वाले बच...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; बिहार में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर छात्रों की जानकारी नहीं देना स्कूलों को महंगा पड़ सकता है. पटना जिले में 117 ऐसे स्कूल हैं जिन्होंने अब तक छात्रों की जानकारी नहीं दी है. उन स्कूलों पर कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने पोर्टल पर पढ़ने वाले बच्चों की जानकारी भी अपलोड करना शुरू नहीं किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर जानकारी अपलोड करें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इन स्कूलों को जल्द से जल्द कक्षावार आधार नंबर के साथ बच्चों की जानकारी ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.मालूम हो कि स्कूलों में दोहरे नामांकन और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर स्कूलों में नामांकित छात्रों की जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;117 स्कूलों ने बच्चों की जानकारी नहीं दी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं, जिन 117 निजी स्कूलों ने आधार नंबर के साथ पढ़ने वाले बच्चों की कुल संख्या की जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की है, उनमें सबसे ज्यादा पटना सदर प्रखंड के स्कूल शामिल हैं. मिली सूचना के मुताबिक, पटना सदर ब्लॉक में 77 स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक बच्चों की जानकारी अपलोड नहीं की है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजधानी पटना सदर ब्लॉक से 77 स्कूल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पालीगंज- 3, पंडारक- 1, पटना सदर- 77, पुनपुन- 1, फुलवाशरीफ- 5, संपतचक- 3,अथमलगोला- 2, बख्तियारपुर- 1, बाढ़- 1, बिहटा- 4, बिक्रम- 2, दानापुर- 3, धनरुआ- 1, दुल्हिन बाजार- 1, मनेर- 2, मसौढ़ी- 3, मोकामा- 2, नौबतपुर- 5 शामिल हैं.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar News:बिहार के 13 कॉलेजों पर फिर मंडराया वित्तीय संकट, केके पाठक ने फिर लगाई वाट</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/bihar-news-financial-crisis-again-looms-over-13-colleges-of-bihar-kk-pathak-again-appealed/</link><pubDate>May 30, 2024, 10:11 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/989-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार के विश्वविद्यालयों के वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट स्वीकार(Bihar News) नहीं होने से संकट बढ़ गया है। शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के(Bihar News) बजट प्रस्ताव की समीक्षा के लिए 15 से 29 मई तक अलग-अलग बैठक बुलायी थी। इसमें संबंधित क...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के विश्वविद्यालयों के वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट स्वीकार(Bihar News) नहीं होने से संकट बढ़ गया है। शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के(Bihar News) बजट प्रस्ताव की समीक्षा के लिए 15 से 29 मई तक अलग-अलग बैठक बुलायी थी। इसमें संबंधित कॉलेजों के कुलपति सहित अन्य पदाधिकारियों को बजट की बैठक में बुलाया गया था। लेकिन इस बैठक में कामेश्वर सिंह संस्कृत विवि, दरभंगा के काई कुलपति सहित कई अन्य पदाधिकारियों को बुलाया गया था। लेकिन, इस बैठक में कामेश्वर सिंह संस्कृत विवि नहीं आए। जिस कारण बैठक नहीं हुई और ना ही बजट को स्वीकृति मिली।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बजट को नहीं मिली स्वीकृति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;केके पाठक के विभाग ने बजट स्वीकृत कराने के मामले में बैठक बुलाई थी। विभागीय पदाधिकारी के मुताबिक बजट स्वीकृत न होने की वजह से वेतन, पेंशन जैसी राशि नहीं भेजी जा रही है। विभाग अब नए सिरे से बैठक बुलाएगा।बैठक के लिए नई तिथि जारी की जाएगी। नई बैठक बुलाने के कारण यह है कि बजट को मंजूरी दी जा सके। वित्तीय सहायता के अभाव में अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बड़ी संख्या में ऐसे भी शिक्षक और कर्मचारी ऐसे है जिन्हें जनवरी से वेतन नहीं मिला है। फरवरी के बाद से वेतन या किसी भी अन्य रूप में कोई राशि नहीं भेजी गई है। इस तरह से देखें तो फरवरी के बाद से लोगों को कोई वेतन-पेंशन नहीं मिली है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विश्वविद्यालयों के खाते पर लगी रोक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;विभाग ने 15 मई को केएसडीएस दरभंगा और अरबी-फारसी विवि की बैठक बुलायी थी। 16 मई को पूर्णिया और मुंगेर विवि, 21 को मगध और मधेपुरा, 22 को वीर कुंवर सिंह, भागलपुर और तिलकामांझी, 24 को बीआरए मुजफ्फरपुर और पटना, 28 को पाटलिपुत्र जयप्रकाश विवि छपरा और 29 को लनाविवि दरभंगा की बैठक होनी थी।विश्वविद्यालयों के कुलपति और अन्य पदाधिकारियों की शिक्षा विभाग की बैठकें बुलाई गई है। लेकिन कुछ एक को छोड़ दें तो किसी बैठक में विश्वविद्यालय के अधिकारी नहीं गए। कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के खाते पर रोक लगा दी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>गोपालगंज में शिक्षकों पर गिरी गाज, जानें क्यों हुआ 63 पर FIR</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-teachers-farziwara-gopalgunj-news-dm-crime-pkdnh/</link><pubDate>February 1, 2023, 4:18 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/02/BIHAR-TEACHERS-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>गोपालगंज: बुधवार(1 फरवरी) को बिहार के शिक्षा विभाग में खलबली मच गई. बिहार में शिक्षा विभाग महकमे से एक ऐसी खबर उठी की सूबे के लोग हैरान रह गए. दरअसल शिक्षा विभाग के 63 शिक्षकों पर FIR होने की ख़बर सामने आ रही है. इन शिक्षकों को लेकर विभाग ने नो...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;गोपालगंज:&lt;/strong&gt; बुधवार(1 फरवरी) को बिहार के शिक्षा विभाग में खलबली मच गई. बिहार में शिक्षा विभाग महकमे से एक ऐसी खबर उठी की सूबे के लोग हैरान रह गए. दरअसल शिक्षा विभाग के 63 शिक्षकों पर FIR होने की ख़बर सामने आ रही है. इन शिक्षकों को लेकर विभाग ने नोटिस जारी कर दिया है. ये सारे ऐसे शिक्षक हैं जिनकी बहाली में फर्जीवाड़ा पाया गया है. शिक्षा विभाग ने फर्जी तरीके से बहाल हुए इन शिक्षकों की एक और सूची जारी की थी.&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;5 फरवरी तक रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश&lt;br&gt;&lt;/strong&gt;मिली जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई लिस्ट में 63 लोगों का नाम है. बताया जा रहा है कि बिहार के गोपालगंज जिले में इन लोगों ने फर्जीवाड़ा करते हुए. पंचायत और प्रखंड शिक्षक नियोजन इकाइयों का दुरुपयोग कर गलत तरीके से बहाली करा ली थी. बिहार शिक्षा विभाग ने ऐसे 63 शिक्षकों की सूची जारी की है, जिनकी बहाली में अनियमितता पाई गई थी.&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;डीएम ने दिया आदेश&lt;br&gt;&lt;/strong&gt;शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में गोपालगंज के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी की ओर से सभी शिक्षकों पर एफआइआर दर्ज कराते हुए कार्रवाई करने का आदेश दिया है. डीएम के आदेश के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आई और सारे नामजद आरोपियों पर कार्रवाई करते हुए इनका नाम जारी की. डीएम के आदेश के बाद शिक्षा विभाग के डीपीओ जमालुद्दिन ने संबंधित नियोजन इकाइयों को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट भेज दी है. साथ ही इन सभी लोगों पर पांच फरवरी तक FIR दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं.&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये लोग हैं शामिल&lt;br&gt;&lt;/strong&gt;जिन शिक्षकों के विरुद्ध डीएम ने प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया है उनमें बैकुंठपुर प्रखंड के खैरा आजम नियोजन इकाई की नीतू कुमारी, बंगरा के नागेंद्र कुमार राम, कतालपुर के उमेश कुमार राम, बंधौली बंधौरा राजीव सुमन, पूजा कुमारी, बैकुंठपुर की कुमारी प्रीति सिंह, अमित कुमार,बरौली प्रखंड की खजुरिया नियोजन इकाई की रानी कुमारी, रिंकू कुमारी, मोबल बिरैचा की कुमारी आभा, इत्यादी शामिल हैं.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>