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       <title>Today bhagalpur-general News | Latest bhagalpur-general News | Breaking bhagalpur-general News in English | Latest bhagalpur-general News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का bhagalpur-general समाचार:Today bhagalpur-general News ,Latest bhagalpur-general News,Aaj Ka Samachar ,bhagalpur-general समाचार ,Breaking bhagalpur-general News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/bhagalpur-general-2</link>
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        </image><item><title>भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के 400 छात्रों पर FIR, रैगिंग से जुड़े हैं तार</title><link>https://bihar.inkhabar.com/crime/fir-against-400-students-of-bhagalpur-engineering-college-linked-to-ragging/</link><pubDate>November 28, 2024, 10:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/download-11-4.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>पटना: भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से बड़ी ख़बर सामने आई है। कॉलेज के 400 अज्ञात छात्रों पर मामला दर्ज किया गया है. रैगिंग की शिकायत के बाद कॉलेज हॉस्टल में पहुंची पुलिस और छात्रों के बीच झड़प के मामले में यह कार्रवाई की गई है. यह मामला तीन पुलिसकर्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से बड़ी ख़बर सामने आई है। कॉलेज के 400 अज्ञात छात्रों पर मामला दर्ज किया गया है. रैगिंग की शिकायत के बाद कॉलेज हॉस्टल में पहुंची पुलिस और छात्रों के बीच झड़प के मामले में यह कार्रवाई की गई है. यह मामला तीन पुलिसकर्मियों के अलग-अलग बयान पर दर्ज की गई हैं. झड़प के बाद अब यह मामला नए चरम पर पहुंच गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केस दर्ज होने के बाद उठ रहे कई सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि हॉस्टल कैंपस में पुलिस और स्टूडेंट्स के बीच हाथापाई का मामला तूल पकड़ लिया है। जिसमें चार सौं बच्चों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं इस कार्रवाई से अब सवाल उठ रहा है कि जब घटना एक ही है और घटनास्थल भी एक ही है तो पुलिस को तीन अलग-अलग बयानों पर मामला दर्ज करने की जरूरत क्यों पड़ी. सभी मामलों की जांच अलग-अलग पुलिस विभाग के अधिकारियों को सौंपी गयी है.&lt;/p&gt;



&lt;h3 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;25 नवंबर की रात की घटना&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;



&lt;p&gt;मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 25 नवंबर की रात भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. पुलिस की गाड़ी पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने हॉस्टल में घुसकर लाठीचार्ज किया. छात्रों के अलावा शिक्षकों, प्रिंसिपल और सुरक्षा पर्यवेक्षक पर भी लाठीचार्ज किया गया। SSP के आदेश पर छात्रों को हॉस्टल खाली कराकर उन्हें अपने-अपने घर भेज दिया गया था. हालांकि आज गुरुवार से अब स्टूडेंट्स हॉस्टल में वापस लौट रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h4 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुलिस को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा&lt;/strong&gt;&lt;/h4&gt;



&lt;p&gt;भागलपुर पुलिस द्वारा दर्ज किये गये तीन मामलों में 400 अज्ञात छात्रों को आरोपी बनाया गया है. मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब कॉलेज प्रबंधन ने भी कहा है कि वह इस मामले में कोर्ट और कानून की मदद लेगा. बता दें कि एक ही घटना को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर मामले में भागलपुर पुलिस को कोर्ट के सामने शर्मिंदगी का सामना करना पड़ चुका है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>BPSSC: देश की पहली ट्रांसजेंडर दरोगा बनीं मानवी मधु, सीएम नीतीश कुमार को किया धन्यवाद</title><link>https://bihar.inkhabar.com/national/bpssc-manvi-madhu-became-the-countrys-first-transgender-sub-inspector-thanked-cm-nitish-kumar/</link><pubDate>July 10, 2024, 6:12 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/download-6-5-300x169.png</image><category>देश</category><excerpt>पटना : बिहार के भागलपुर जिला की रहने वाली मानवी मधु कश्यप ने इतिहास रच दिया है। वह देश की पहली ट्रांसजेंडर सब इंस्पेक्टर बन गई हैं। सब इंस्पेक्टर भर्ती का रिजल्ट घोषित होने के बाद मानवी मधु कश्यप ने कहा कि मुझे यह बताते हुए काफी खुशी हो रही है ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना &lt;/strong&gt;: बिहार के भागलपुर जिला की रहने वाली मानवी मधु कश्यप ने इतिहास रच दिया है। वह देश की पहली ट्रांसजेंडर सब इंस्पेक्टर बन गई हैं। सब इंस्पेक्टर भर्ती का रिजल्ट घोषित होने के बाद मानवी मधु कश्यप ने कहा कि मुझे यह बताते हुए काफी खुशी हो रही है कि मेरा चयन बिहार SI में हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अपने गुरु रहमान सर को धन्यवाद देती हूं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मंगलवार को जारी हुआ परिणाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) ने मंगलवार, 9 जुलाई को बिहार पुलिस में पुलिस अवर निरीक्षक प्रतियोगिता परीक्षा का अंतिम रिजल्ट जारी कर दिया। शारीरिक दक्षता, उम्र और आरक्षण जैसी पात्रता के आधार पर तीन हजार 727 लोगों का चयन किया गया। इनमें से 1,275 अभ्यर्थी को अंतिम मेरिट सूची में शामिल किया गया है। इस परिणाम में तीन ट्रांसजेंडर सफल हुए हैं। बिहार के भागलपुर की रहने वाली मानवी मधु कश्यप देश की पहली ट्रांसजेंडर सब इंस्पेक्टर बन गई हैं। बता दें कि 3 ट्रांसजेंडर में मानवी मधु अकेली ट्रांसवुमन हैं बाकी 2 ट्रांसमेन हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;&amp;#8216;मैं सीएम नीतीश कुमार को धन्यवाद देती हूं…&amp;#8217;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;परिणाम जारी होने के बाद मानवी मधु कश्यप ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मेरा चयन बिहार एसआई में हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं इसके लिए माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मेरे गुरु रहमान सर और माता-पिता को धन्यवाद देती हूं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मानवी ने कहा- यहां तक ​​पहुंचना आसान नहीं था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मानवी मधु कश्यप ने अपने संघर्ष के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि यहां तक ​​पहुंचने के लिए उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मानवी ने कहा कि मेरे लिए यह सफर काफी कठिन रहा है। हालांकि, मेरे माता-पिता और गुरु ने हमेशा मेरा साथ दिया। इसकी बदौलत मैं यहां तक ​​पहुंच पाई हूं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>MadhuShravani: मिथिलांचल की अनोखी परंपरा, पहले सावन में नई दुल्हन को करना होगा मधुश्रावणी का उपवास</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/madhushravani-a-unique-tradition-of-mithila-the-new-bride-has-to-fast-on-madhushravani-in-the-first-sawan/</link><pubDate>July 6, 2024, 7:58 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/MADU-300x169.png</image><category>संस्कृति</category><excerpt>पटना। मिथिलांचल के लोकापर्व में सुहागिन महिलाओं द्वारा एक अनोखा पर्व मनाया जाता है जिसे मधुश्रावणी व्रत कहा जाता है। मधुश्रावणी पर्व श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि सोमवार से शुरू हो रहा है। यह पर्व 18 से 31 जुलाई तक चलेगा। मधुश्रावणी के...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; मिथिलांचल के लोकापर्व में सुहागिन महिलाओं द्वारा एक अनोखा पर्व मनाया जाता है जिसे मधुश्रावणी व्रत कहा जाता है। मधुश्रावणी पर्व श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि सोमवार से शुरू हो रहा है। यह पर्व 18 से 31 जुलाई तक चलेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मधुश्रावणी के व्रत के साथ अग्निपरीक्षा भी देनी होती है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस पर्व में मिथिला की नई दुल्हनों को अपने पति की लंबी उम्र के लिए उपवास करना होता है। यह उपवास माता गौरी और भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। इस दिन भगवान शंकर और माता गौरी की पूजा- अर्चना की जाती है। पूरे 14 दिन चलने वाले इस व्रत में बिना नमक का भोजन खाया जाता है। इस पूजा में पंडितों की भूमिका भी महिलाएं ही अदा करती हैं। इस अनुष्ठान के पहले और अंतिम चरण में बड़े विधि-विधान से साथ पूजा की जाती है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान माता पार्वती की पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है। इसके साथ ही इस पर्व की अनोखी परंपरा भी मिथिला में देखने को मिलती है। नई दुल्हन जो पहले सावन में पति के लिए उपवास करती है वे उनकी अग्निपरीक्षा भी लेती हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अग्निपरीक्षा में दुल्हन का जलाया जाता है घुटना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार के मिथिलांचल में प्यार का पता लगाने के लिए एक अनोखी परंपरा का पालन किया जाता है जिसमें महिला को अग्निपरीक्षा देनी होती हैं। जिसमे महिला का घुटना जलाया जाता है। पति अपनी पत्नी के घुटने पर पूजा घर में रखे गए दीपक की बाती से प्यार के साथ उसका घुटना जलाता है। इससे दोनों का करुण सार देखने को मिलता है।जब महिला को जलाया जात है। वह उफ्फ तक नहीं करती। ऐसा माना जाता है कि इस परीक्षा में विवाहिता के घुटने में जितना बड़ा फफोला पड़ता है। पति-पत्नी का प्यार उतना ही गहरा होता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maize New Vaierty: बिहार विश्वविद्यालय द्वारा जारी की गई मक्के की नई किस्म, खरीफ में होगी भरपूर पैदावार</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/maize-new-variety-new-variety-of-maize-released-by-bihar-university-there-will-be-abundant-yield-in-kharif/</link><pubDate>June 21, 2024, 12:36 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/मक्का-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में सबसे ज्यादा मक्का का उत्पादन होता है लेकिन खरीफ सीजन में मक्का उत्पादन में बिहार में कम हो जाता है। इसकी मुख्य वजह यह होती है कि खरीफ सीजन के लिए मक्का के बीज का कोई बेहतर किस्म ही नहीं है। जो बाहरी बीज बाजार में उपलब्ध हैं उससे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में सबसे ज्यादा मक्का का उत्पादन होता है लेकिन खरीफ सीजन में मक्का उत्पादन में बिहार में कम हो जाता है। इसकी मुख्य वजह यह होती है कि खरीफ सीजन के लिए मक्का के बीज का कोई बेहतर किस्म ही नहीं है। जो बाहरी बीज बाजार में उपलब्ध हैं उससे खेती करने पर वर्षा के मौसम में कई तरह की बीमारी लग जाती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब खरीफ के सीजन में मक्का का उत्पादन किया जा सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खरीफ के लिए मक्के कि नई किस्म विकसित की गई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर भागलपुर में दो दिवसीय 27वीं खरीफ अनुसंधान परिषद की बैठक वीरवार को पूरी हो गई। बैठक के दौरान खरीफ मक्का की नई किस्म को रिलीज किया गया।वहीं, किसानों के लिए उपयोगी दो नई तकनीक भी जारी की गई है। धान की नई किस्म को फिलहाल अनुसंधान परिषद की स्वीकृति नहीं मिली। बैठक की अध्यक्षता कुलपति डॉ. डीआर सिंह द्वारा की गई। बिहार में सबसे ज्यादा मक्का का उत्पादन होता है। लेकिन खरीफ के सीजन में मक्का के उत्पादन में कमी आती है, क्योंकि इस मौसम में फसलों को कई बीमारियां लग जाती है। यही कारण है कि किसान चाह कर भी इस मौसम में मक्का की खेती नहीं कर पाते हैं। इसको ध्यान में रखकर विश्वविद्यालय के विज्ञानियों ने बीते कई वर्षों के प्रयास से खरीफ सीजन के लिए उपयुक्त मक्का की एक नयी किस्म सबौर मक्का -1 विकसित किया है। जो बिहार के किसानों के लिए लाभकारी होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नई किस्म मक्के की खासियत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;विज्ञानी एसएस मंडल ने विशेषज्ञों के सामने बताया कि नयी किस्म का सबौर मक्का-1 मध्यम अवधि (92 दिन) में तैयारी होने वाला पहला प्रभेद है। अधिक उपज देने वाली संकर प्रभेद की उपज प्रति क्विंटल 72.4 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। जो कि खरीफ सीजन के लिए उपयुक्त है। इसके बीज का रंग पीला, बोल्ड और चमकीला होता है। भुट्टे का आकार 22 सेंटीमीटर लंबा होता है। इसका पौधा गिरता नहीं है। अच्छी स्टैंड क्षमता है। पकने पर भुट्टा का कैप भूरा रंग का हो जाता है। पौधा हरा रहता है, जो बेहतर चारे की गुणवत्ता देता है। इसमें जल्दी से रोग और कीड़े नहीं लगते है। ज्यादा गर्मी में भी इसका उत्पादन किया जा सकता है।&lt;/p&gt;
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