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       <title>Today Basant Panchami News | Latest Basant Panchami News | Breaking Basant Panchami News in English | Latest Basant Panchami News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Basant Panchami समाचार:Today Basant Panchami News ,Latest Basant Panchami News,Aaj Ka Samachar ,Basant Panchami समाचार ,Breaking Basant Panchami News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/basant-panchami</link>
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        </image><item><title>आज है बसंत पंचमी, इस मुहूर्त में करें दान पुण्य का काम</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/today-is-basant-panchami-do-charity-work-in-this-auspicious-time/</link><pubDate>February 3, 2025, 4:46 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/02/sar.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना। आज पूरे देश में भक्ति-भाव के साथ बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। आज के शुभ अवसर पर सोमवार को मां शारदे की विधि-विधान से पूजी की जाती है। रविवार को माघ शुक्ल पंचमी शुरू हो गई है, लेकिन उदयातिथि के कारण पटना में सरस्वती पूजा सोमवाीर ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; आज पूरे देश में भक्ति-भाव के साथ बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। आज के शुभ अवसर पर सोमवार को मां शारदे की विधि-विधान से पूजी की जाती है। रविवार को माघ शुक्ल पंचमी शुरू हो गई है, लेकिन उदयातिथि के कारण पटना में सरस्वती पूजा सोमवाीर के दिन मनाई जा रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सोमवार को श्रद्धालु रेवती नक्षत्र में सिद्धि एवं साध्य योगी के मेल के बीच ज्योतिषाचार्य पीके युग बताते है कि पंचमी तिथि सोमवार को सुबह 9.36 बजे तक ही रहेगी। इसके पहले पूजा करना श्रेयस्कर होगा। वैसे उदयातिथि के कारण पूरे दिन मां सरस्वती की पूजा की जाएगी। उन्होंने बताया कि ब्रह्मवैवर्त पुराण में इस तिथि को अक्षारमभ ,विद्यारम्भ आदि के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन छोटे बच्चों को खल्ली छूने की परंपरा से उसके पढ़ाई-लिखाई की शुरूआत कराने का विधान होता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस दिन करने चाहिए शुभ कार्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस दिन से खल्ली छूने की परंपरा से पैरेंट्स की ओर से अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की शुरूआत किया जाता है। ज्योतिषाचार्य पीके युग ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन अबूझ मुहूर्त होता है। इसका मतलब है कि इस दिन मुंडन, गृह प्रवेश, संस्कार, भवन निर्माण की नींव डालना, जमीन और वाहन आदि की खरीदारी की जा सकती है। इस दिन पीले या सफेद कपड़े पहनने चाहिए। इसके बाद पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके पूजा की शुरूआत की जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मीठी खीर का भोग लगाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सूर्योदय या सूर्यास्त के बाद के ढाई घंटे बाद पूजा की शुरूआत करनी चाहिए। मां सरस्वती को चंदन और पीले या सफेद फूल अर्पित करने चाहिए। प्रसाद में मिश्री, दही और लावा का भोग लगाकर बांटना चाहिए। केसर से बनी खीर भी मां सरस्वती को अर्पित कर सकते है। इसके बाद मां सरस्वी के मूल मंत्र का जाप करना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Basant Panchami 2025: बसंत पंचमी पर अपने किताब में रख लें ये एक चीज, मिलेगी सफलता ही सफलता</title><link>https://bihar.inkhabar.com/festival/basant-panchami-2025-keep-this-one-thing-in-your-book-on-basant-panchami-you-will-get-success-only/</link><pubDate>January 29, 2025, 11:16 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/download-49-2-300x197.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>पटना: सरस्वती पूजा या बसंत पंचमी माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। इस साल यह त्योहार 3 फरवरी, सोमवार को पड़ रहा है। इस दिन शाही या अमृत स्नान करने का भी योग है। ऐसे में इस त्योहार का महत्व और भी बढ़ जाता है. जहां एक ओर बसंत [...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;पटना: &lt;/strong&gt;सरस्वती पूजा या बसंत पंचमी माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। इस साल यह त्योहार 3 फरवरी, सोमवार को पड़ रहा है। इस दिन शाही या अमृत स्नान करने का भी योग है। ऐसे में इस त्योहार का महत्व और भी बढ़ जाता है. जहां एक ओर बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से ज्ञान बढ़ता है और जीवन में सफलता के रास्ते खुलते हैं, वहीं दूसरी ओर अगर इस दिन मां सरस्वती का ध्यान करते हुए किताब में एक चीज रखी जाए तो इससे जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो सकती हैं। तो चलिए जानते है इसके बारे में।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मोर पंख&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;ऐसा माना जाता है कि सरस्वती पूजा के दिन किसी किताब में मोर पंख रखना ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक है। इससे पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है और छात्र का ध्यान और समझ बेहतर होती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सकारात्मक ऊर्जा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सरस्वती पूजा के दिन मोर पंख को किताब में रखने से सकारात्मक ऊर्जा आती है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वातावरण शुद्ध होता है जिससे मन विचलित नहीं होता और एकाग्रता बढ़ती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;देवी लक्ष्मी की कृपा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;कहा जाता हैं कि बिना ज्ञान के लक्ष्मी कहां, ऐसे में अगर सरस्वती पूजा के दिन किताब में मोर का पंख हो तो इससे देवी लक्ष्मी की कृपा मिलती है। शिक्षा से धन का मार्ग खुलता है और घर की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। मोर पंख का एक और फायदा यह है कि यह मानसिक शांति प्रदान करता है। ऐसे में सरस्वती पूजा के दिन किसी किताब में मोर पंख रखने से तनाव दूर होता है और व्यक्ति को मानसिक शक्ति और मजबूत होती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;किताब अपने पास ही रखें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि सरस्वती पूजा के दिन न केवल छात्र अपनी किताबों में मोर पंख रख सकते हैं, बल्कि नौकरीपेशा लोग या बिजनेस करने वाले लोग या फिर अच्छा करियर चाहने वाले लोग किसी भी किताब में मोर पंख रख सकते हैं। इस नियम को ध्यान में रखना होगा कि फिर आपको वह किताब अपने पास रखनी होगी। किसी भी किताब में मोर पंख न रखें और फिर उस किताब को कहीं भी पड़ा हुआ न छोड़ें। आप धार्मिक पुस्तकों में भी मोर पंख रख सकते हैं।&lt;/p&gt;
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