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       <title>Today सोनपुर मेला News | Latest सोनपुर मेला News | Breaking सोनपुर मेला News in English | Latest सोनपुर मेला News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का सोनपुर मेला समाचार:Today सोनपुर मेला News ,Latest सोनपुर मेला News,Aaj Ka Samachar ,सोनपुर मेला समाचार ,Breaking सोनपुर मेला News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%be</link>
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            <title>Inkhabar</title>
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            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Culture Of Bihar: कई विविधताओं से परिपूर्ण है बिहार की संस्कृति, ये हैं प्रमुख पांच महापर्व</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/culture-of-bihar-the-culture-of-bihar-is-full-of-diversity-these-are-the-five-major-festivals/</link><pubDate>May 3, 2024, 9:06 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/3-1.png</image><category>संस्कृति</category><excerpt>पटना। बिहार भारत का एक ऐसा राज्य है जो अपनी विरासत और संस्कृति (Culture Of Bihar) के लिए जाना जाता है। बिहार राज्य भोजपुरी, मैथिली, मगही, तिरहुत तथा अंग संस्कृति का मिश्रण है। यहां महापर्व छठ सहित अन्य क्षेत्रीय पर्वों को काफी विधि-विधान और धूम...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार भारत का एक ऐसा राज्य है जो अपनी विरासत और संस्कृति (Culture Of Bihar) के लिए जाना जाता है। बिहार राज्य भोजपुरी, मैथिली, मगही, तिरहुत तथा अंग संस्कृति का मिश्रण है। यहां महापर्व छठ सहित अन्य क्षेत्रीय पर्वों को काफी विधि-विधान और धूम-धाम से मनाया जाता है। यहां के खान-पान से लेकर शादी विवाह तक सभी में बिहारी संस्कृति की चमक झलकती है। बिहार की संस्कृति (Culture of Bihar) विविधताओं से भरी हुई है। ऐसे में आइए जानते हैं बिहार के पांच महापर्वों के बारे में।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/DFF.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-8242&quot; srcset=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/DFF.png 790w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/DFF-300x169.png 300w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/DFF-768x432.png 768w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/DFF-150x84.png 150w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/DFF-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लोक आस्था का महापर्व छठ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, 4 दिवसीय महापर्व छठ, बिहार का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। सूर्योपासना का यह अनुपम लोकपर्व बिना किसी भेदभाव के मनाया जाता है। इस दिन छठव्रती भगवान सूर्य की पूजा करते हैं। यह पूरे चार दिनों तक चलता है। इस त्योहार में छठव्रतियों को पवित्र स्नान, निर्जला उपवास रखने के साथ-साथ पानी में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देना होता है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;592&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/DFFDFD.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-8244&quot; srcset=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/DFFDFD.png 592w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/DFFDFD-300x225.png 300w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/DFFDFD-150x113.png 150w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 592px) 100vw, 592px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मिथिलांचल में मधुश्रावणी पूजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं बिहार में मिथिलांचल की परंपरा से जुड़ी मधुश्रावणी पूजा का अपना विशेष महत्व होता है। बता दें कि विवाह के बाद पहले सावन में ये पूजा होती है। जो 13 दिनों तक चलती है। पूजा शुरू होने से पहले दिन नाग-नागिन व उनके पांच बच्चे (बिसहारा) को मिट्टी से गढ़ा जाता है। इसके साथ ही हल्दी से गौरी बनाने की परंपरा भी है। इस पूजा के दौरान, 13 दिनों तक नवविवाहिताएं हर सुबह फूल और शाम में पत्ते तोड़ने जाती हैं। इन दिनों में सुहागिनें फूल-पत्ते तोड़ते समय और कथा सुनते वक्त एक ही साड़ी हर दिन पहनती हैं। इस पूजा के लिए नवविवाहिताओं के लिए उनके ससुराल से श्रृंगार पेटी दी जाती है जिसमें साड़ी, लहठी सिन्दूर, धान का लावा और जाही-जूही (फूल-पत्ती) शामिल होता है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/्ि्मिे्म्े.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-8245&quot; srcset=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/्ि्मिे्म्े.png 790w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/्ि्मिे्म्े-300x169.png 300w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/्ि्मिे्म्े-768x432.png 768w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/्ि्मिे्म्े-150x84.png 150w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/्ि्मिे्म्े-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बिहुला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पूर्वी बिहार मे बिहुला एक प्रमुख त्योहार माना जाता है। विशेषकर भागलपुर जिले में इसे बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान लोग अपने परिवार के कल्याण के लिए देवी मनसा से प्रार्थना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि सती बिहुला ने अपने मृत पति के लिए कड़ी तपस्या की थी, जिसके बाद मां मनसा देवी द्रवित हो गईं और उन्होंने बिहुला के पति को जिंदा कर दिया। उसी वक्त से बिहुला का नाम अमर हो गया।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;744&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/्ि्नमनि.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-8246&quot; srcset=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/्ि्नमनि.png 744w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/्ि्नमनि-300x179.png 300w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/्ि्नमनि-150x90.png 150w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/्ि्नमनि-696x415.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 744px) 100vw, 744px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सोनपुर मेला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा में बिहार के सोनपुर में सोनपुर मेला आयोजित किया जाता है। सोनपुर मेला में एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला लगता है। साथ ही इसे &amp;#8216;हरिहर क्षेत्र मेला&amp;#8217; के नाम से भी जानते हैं। जबकि स्थानीय लोग इसे छत्तर मेला कहते हैं। सोनपुर मेला कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के बाद शुरू हो जाता है। लोग गंगा स्नान के बाद हरिहर नाथ मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करते हैं और फिर मेला का आनंद लेते हैं। इस मेले की खासियत यह है कि इसमें कई प्रकार की चीजें मिलती हैं। यहां लोगों के मनोरंजन की पूरी व्यवस्था की जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-large&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;1024&quot; height=&quot;576&quot; src=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/image-1-1024x576.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-8247&quot; srcset=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/image-1-1024x576.png 1024w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/image-1-300x169.png 300w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/image-1-768x432.png 768w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/image-1-150x84.png 150w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/image-1-696x392.png 696w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/image-1-1068x601.png 1068w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2024/05/image-1.png 1200w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;धान रोपाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आप सोच रहे होंगे की धान रोपाई त्योहार कैसे हो सकता है। बता दें कि बिहार में धान की रोपाई भी एक पर्व के तरह मनाई जाती है। बिहार में लोग अपने खेतों में गीत गाते हुए धान की रोपाई करते हैं। ये समय अद्रा कहलाता है। इस दिन सभी घरों में खीर-पूड़ी और कई अन्य तरह के पकवान बनाए जाते हैं। इस दौरान घर की औरतें, पुरूषों के साथ मिलकर पूरे विधि-विधान के साथ धान की रोपाई करती हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Sonpur Mela 2023: बिहार के ऐतिहासिक सोनपुर मेले की शुरुआत, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने किया उद्घाटन</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/sonpur-mela-2023-bihars-historic-sonpur-fair-begins-deputy-cm-tejashwi-yadav-inaugurated-it/</link><pubDate>November 26, 2023, 11:11 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/8-6-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले की शुरुआत हो चुकी है। दरअसल, शनिवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के द्वारा इस मेले का उद्घाटन किया गया। बता दें कि यह मेला 26 दिसंबर 2023 तक चलेगा। इस मेले के उद्घाटन ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले की शुरुआत हो चुकी है। दरअसल, शनिवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के द्वारा इस मेले का उद्घाटन किया गया। बता दें कि यह मेला 26 दिसंबर 2023 तक चलेगा। इस मेले के उद्घाटन के समय &amp;#8216;ससुराल गेंदा फूल&amp;#8217; फेम बॉलीवुड गायिका श्रद्धा पंडित की टीम द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुत दी गई। यही नहीं संपूर्ण मेला अवधि के दौरान सांस्कृतिक पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;26 दिसंबर तक चलेगा मेला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने शनिवार को विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेले का उद्घाटन किया। सोनपुर मेले की शुरुआत शनिवार से हुई। जिसे लेकर लोगों में काफी उत्साह देखाई दिया। इस दौरान मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। बता दें कि सोनपुर मेला 25 नवंबर से लगातार 26 दिसम्बर 2023 तक चलेगा। सोनपुर मेले के उद्घाटन के मौके पर बिहार के विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह की अध्यक्षता में कार्यक्रम की शुरुआत हुई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कार्यक्रम में शामिल हुए कई नेता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सोनपुर मेले के शुभारंभ के अवसर पर उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री तेजस्वी यादव, राजस्व और भूमि सुधार मंत्री आलोक मेहता, कला संस्कृति विभाग के मंत्री जितेंद्र कुमार राय, सुनील कुमार सिंह सदस्य, बिहार विधान परिषद् (उप मुख्य सचेतक, सत्तारूढ़ दल), श्रीकांत यादव सदस्य, श्रम संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र राम, बिहार विधान सभा, छोटेलाल राय सदस्य बिहार विधानसभा, डॉ. रामानुज प्रसाद, डॉ. सत्येन्द्र यादव सदस्य बिहार विधानसभा, सदस्यबिहार विधानसभा और बिरेन्द्र नारायण यादव सदस्य बिहार विधान परिषद मौजूद रहे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सोनपुर मेले की खास बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि सोनपुर मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग मेला देखने पहुंचते हैं। यहां मेले में पर्यटन विभाग द्वारा सांस्कृतिक पंडाल समेत आर्ट एंड क्राफ्ट विलेज का भी निर्माण किया गया। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा पर्यटन ग्राम में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त कॉटेज का निर्माण कार्य भी किया गया। दरअसल, सोनपुर मेला विभिन्न तरह के पशुओं का आकर्षण का केंद्र बनता है। सोनपुर मेले को एशिया का सबसे बड़ा मेला माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तेजस्वी यादव ने विपक्ष पर बोला हमला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि हम लोग कलम बांटने का काम कर रहे हैं, तो वो लोग तलवार बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मेरे ऊपर जातिवाद का आरोप लगाते हैं। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, मेरी बीवी ईसाई धर्म से हैं। अगर हम जातिवादी होते तो ईसाई धर्म मे शादी क्यों करते?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लालू यादव की तरफ से भी दी शुभकामनाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा तेजस्वी यादव ने कहा कि सोनपुर मेले की शुरुआत की जा रही है। सोनपुर कितना पुराना स्थल है, ये बताने की जरूरत नहीं है। यह मेरे पिता की कर्मभूमि भी है। उन्होंने बताया कि यहां आने से पहले हम मुंगेर गए हुए थे, मुख्यमंत्री भी साथ में थे। हम लोगों ने मुंगेर में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन किया। तेजस्वी यादव ने बताया कि मेले के उद्घाटन में आने से पहले पापा से बात भी हुई तो उन्होंने पूछा कहां जा रहे हो तो हमने बोला सोनपुर जा रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि मेरी तरफ से भी शुभकामनाएं दे देना।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उपमुख्यमंत्री ने किया मेले का बखान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा, मेला लंबा चलने वाला है। आप लोग बढ़िया से मेले का लुफ्त उठाइए। जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और अन्य विभागों के सहयोग से इस मेले की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों ने इसमें मेहनत की है, ताकि यह मेला सफलतापूर्वक हो सके। इस मेले का अपना इतिहास रहा है। यहां मुगलों के समय से ही पशु मेला लगता आ रहा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Sonpur Mela: बिहार में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला की शुरुआत, तेजस्वी यादव करेंगे उद्घाटन</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/sonpur-mela-world-famous-sonpur-fair-to-be-held-in-bihar-begins-tejashwi-yadav-will-inaugurate/</link><pubDate>November 25, 2023, 10:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/9-4-300x200.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले की शुरुआत हो चुकी है। दरअसल, शनिवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के द्वारा इस मेले का उद्घाटन किया गया। बता दें कि यह मेला 26 दिसंबर 2023 तक चलेगा। इस मेले के उद्घाटन ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले की शुरुआत हो चुकी है। दरअसल, शनिवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के द्वारा इस मेले का उद्घाटन किया गया। बता दें कि यह मेला 26 दिसंबर 2023 तक चलेगा। इस मेले के उद्घाटन के समय &amp;#8216;ससुराल गेंदा फूल&amp;#8217; फेम बॉलीवुड गायिका श्रद्धा पंडित की टीम द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुत दी जाएगी। यही नहीं संपूर्ण मेला अवधि के दौरान सांस्कृतिक पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूरी हो चुकी है मेले की तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस संबंध में जानकारी देते हुए पर्यटन विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि सोनपुर मेले को भव्य बनाने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा सारी तैयारियां कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में सांस्कृतिक पंडाल और आर्ट एंड क्राफ्ट विलेज का निर्माण कराया गया। इसके साथ ही मेला क्षेत्र के सांस्कृतिक पंडाल में अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र बनाया गया है, यहां पर भी पर्यटक गाइडों की भी प्रतिनियुक्ति है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुविधाओं का रखा जाएगा पूरा ख्याल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने पर्यटन ग्राम में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 10 स्विस कॉटेज का निर्माण किया है। इसके अलावा पटना से सोनपुर जाने के लिए स्पेशल टूर पैकेज भी उपलब्ध कराया गया है। जिसके अंतर्गत पूरे एक माह तक कॉटेज का चार्ज 2,500 रुपये रखा गया। सभी कॉटेज में फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यही नहीं पर्यटकों के लिए कपल टूर पैकेज (एक रात व दो दिन) तैयार किया गया है। इसके लिए 6,000 रुपये (दो व्यक्ति) देने होंगे, इसके तहत इटियोस एसी वाहन उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही टूरिस्ट गाइड की व्यवस्था, ठहरने की व्यवस्था, ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर की व्यवस्था, स्नैक्स और पानी के साथ पर्यटक ग्राम में रात्रि विश्राम की व्यवस्था की जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हरिहर नाथ मंदिर में करें दर्शन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही पैकेज के अंतर्गत वाहन आर ब्लॉक स्थित होटल कौटिल्य विहार से दोपहर 12 बजे वाहन सोनपुर के लिए प्रस्थान करेगा। जिसमें पहले दिन हरिहर नाथ मंदिर में दर्शन व पर्यटक ग्राम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया जा सकेगा, जबकि अगले दिन मेला भ्रमण करते हुए दोपहर बाद 3.30 बजे तक वाहन पटना वापस लौट आएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एकदिवसीय स्पेशल टूर पैकेज का भी व्यवस्था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि आम पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एकदिवसीय स्पेशल टूर पैकेज भी बनाया गया है। इस पैकेज के अंतर्गत दोपहर 12 बजे से शाम के 7 बजे का समय निर्धारित है। जिसके लिए एसी बस, विंगर, डेकर बस के लिए प्रति पर्यटक 900 रुपये, ट्रेवलर एसी से प्रति पर्यटक 950 रुपये, इनोवा (1100 रुपये प्रति व्यक्ति) और इटियोस (1300 रुपये प्रति व्यक्ति) का पेमेंट करना है। वहीं इस पैकेज के अनुसार पर्यटकों को वाहन, टूरिस्ट गाइड, स्नैक्स और पानी मिलेगा। वहीं पर्यटक ग्राम से हरिहर क्षेत्र मेला व हरिहर नाथ मंदिर दर्शन की सुविधा भी प्रशिक्षित गाइडों के साथ दी जाएगी।&lt;/p&gt;
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