<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today शिक्षा विभाग News | Latest शिक्षा विभाग News | Breaking शिक्षा विभाग News in English | Latest शिक्षा विभाग News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का शिक्षा विभाग समाचार:Today शिक्षा विभाग News ,Latest शिक्षा विभाग News,Aaj Ka Samachar ,शिक्षा विभाग समाचार ,Breaking शिक्षा विभाग News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97</link>
        <lastBuildDate>May 10, 2026, 10:16 am</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Taught: मुस्लिम शिक्षिका ने बच्चों को पढ़ाया कुछ ऐसा जिसे भड़के पेरेंट्स, विभाग से कर दी शिकायत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/crime/taught-muslim-teacher-taught-children-something-that-angered-parents-they-complained-to-the-department/</link><pubDate>October 23, 2024, 4:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/PAR.webp</image><category>क्राइम</category><excerpt>पटना। बिहार के गोपालगंज जिले से एक खबर सामने आई है। जहां एक स्कूल की मुस्लिम शिक्षिका ने छात्रों को देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बाते पढ़ाने का मामले सामने आया है। मुस्लिम शिक्षिका की पहचान सुल्ताना खातून के रुप में हुई है। शिक्षिका क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के गोपालगंज जिले से एक खबर सामने आई है। जहां एक स्कूल की मुस्लिम शिक्षिका ने छात्रों को देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बाते पढ़ाने का मामले सामने आया है। मुस्लिम शिक्षिका की पहचान सुल्ताना खातून के रुप में हुई है। शिक्षिका की इस हरकत से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; नफरत फैलाने का काम किया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शिक्षिका पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों के मन में नफरत फैलाने का काम किया है। यह घटना बीते दिनों की बताई जा रही है। यह घटना भोरे प्रखंड के डीह जैतपुरा स्थित एक माध्यमिक स्कूल में हुई। सुल्ताना खातून ने बच्चों को एक वाक्यों को ट्रासंलेट करने को कहा, जिसमें लिखा था, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 सालों से लोगों को मूर्ख बना रहे हैं।” जब बच्चे स्कूल से घर लौटे, तो उन्होंने इस बात की जानाकारी अपने पेरेंट्स को दी। जिससे पेरेंट्स के मन में डर पैदा हो गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पेरेंट्स ने शिकायत की&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पेरेंट्स ने मामले की शिकायत स्कूल और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की, और कहा कि शिक्षिका को सजा दी जाए। स्कूल के हेडमास्टर रमेश सिंह का इस मामले में कहना है कि शिक्षिका के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें मिली थीं, कि वह राजनीतिक और विवादित मुद्दों पर छात्रों को प्रभावित करती है। उन्हें पहले भी चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताई और कहा है कि बच्चों को राजनीति से दूर रखना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दोषी पर कार्रवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उन्होंने शिक्षिका को हटाने की मांग की है। यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है, क्योंकि यह विद्यालय बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार ने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खेलना अनुचित है और दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार शिक्षा विभाग में जल्द होगी डेढ़ लाख पदों पर नियुक्ति, शिक्षा मंत्री का आदेश</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-education-department-will-soon-appoint-1-5-lakh-posts-order-of-education-minister/</link><pubDate>August 22, 2024, 8:31 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/download-4-7-300x168.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना : बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने घोषणा की है कि प्रदेश शिक्षा विभाग में जल्द ही डेढ़ लाख से अधिक पदों पर बहाली होने वाली है। एक बार फिर से प्रदेश में नौकरी की बहार आने वाली है। शिक्षा विभाग फिर से बड़े पैमाने पर भर्ती करने का फैसला लि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना &lt;/strong&gt;: बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने घोषणा की है कि प्रदेश शिक्षा विभाग में जल्द ही डेढ़ लाख से अधिक पदों पर बहाली होने वाली है। एक बार फिर से प्रदेश में नौकरी की बहार आने वाली है। शिक्षा विभाग फिर से बड़े पैमाने पर भर्ती करने का फैसला लिया है। इन पदों के अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी गई है। इस भर्ती में विद्यालय के प्रिंसिपल, प्रधान टीचर, कंप्यूटर शिक्षक आदि की नियुक्ति की जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खंडर विद्यालयों की होगी मरम्मत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जेडीयू प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा सभी विधायकों और विधान परिषदों से ऐसे 10-10 सरकारी विद्यालयों की लिस्ट मांगी गई है, जिनकी स्थिति जर्जर है। इन विद्यालयों को प्रदेश सरकार फिर से मरम्मत करवाएगी। साथ ही कहा कि कुछ स्थानों पर यह कार्य शुरू भी हो गए हैं। मौके पर शिक्षा मंत्री ने मदरसों के सिलेबस से जुड़ें सवालों पर कहा कि मामला संज्ञान के बाद संबंधित अधिकारियों को जांच-पड़ताल के आदेश दिए गए हैं। जो भी सच सामने आएंगे उसी आधार पर सुधार किए जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चुनाव में नौकरी और रोजगार अहम मुद्दा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के लिए नौकरी और रोजगार बड़ा मुद्दा बना हुआ है. शिक्षा विभाग में अब तक लगभग 5 लाख से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। 15 अगस्त को झंडा फहराने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान किया. जिसमें उन्होंने 12 लाख नौकरियों के साथ 34 लाख रोजगार की घोषणा की थी.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar School: शिक्षा विभाग का नया फरमान, सभी सरकारी स्कूलों में चालू हो ICT लैब</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-school-new-order-of-education-department-ict-lab-should-be-operational-in-all-government-schools/</link><pubDate>July 9, 2024, 8:03 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/download-3-5-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में स्थापित आईसीटी (सूचना संचार प्रौद्योगिकी) लैब में अब हर दिन स्टूडेंट्स की पढ़ाई होगी। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने सभी जिलों को आदेश दिया है। सभी आईसीटी लैब को संचालित करने के ल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;। बिहार के सरकारी स्कूलों में स्थापित आईसीटी (सूचना संचार प्रौद्योगिकी) लैब में अब हर दिन स्टूडेंट्स की पढ़ाई होगी। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने सभी जिलों को आदेश दिया है। सभी आईसीटी लैब को संचालित करने के लिए विज्ञान टीचरों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। आदेश के मुताबिक, प्राथमिक स्तर की आईसीटी लैब की क्लास में हर दिन कम से कम 50 छात्र शामिल होंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्टूडेंट्स की प्रगति का होगा मूल्यांकन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं माध्यमिक और उच्च माध्यमिक आईसीटी लैब में चलने वाली क्लास में हर दिन कम से कम 100 छात्र बैठेंगे। छात्रों की प्रगति का साप्ताहिक मूल्यांकन किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव के निर्देश के मुताबिक आईसीटी लैब में पढ़ने वाले छात्रों की प्रगति का साप्ताहिक मूल्यांकन हर मंगलवार को किया जाएगा। आईसीटी लैब वाले सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को छात्रों को लैब में पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है। विभाग के निरीक्षण के दौरान पाया गया है कि सरकारी देखरेख में स्थापित अधिकांश आइसीटी लैब का उपयोग नहीं हो रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लैब को जल्द शुरू करने का निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;निरीक्षण पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसमें जिला शिक्षा पदाधिकारियों से पूछा गया है कि आइसीटी लैब में विद्यार्थियों की गतिविधियों को रूटीन में क्यों नहीं शामिल किया गया है? साथ ही निर्देश दिया गया है कि साप्ताहिक मूल्यांकन का कार्य हर हाल में इसी सप्ताह से शुरू किया जाए और इसकी रिपोर्ट संबंधित पदाधिकारी को भेजी जाए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Teacher: केके पाठक के बाद अब एस सिद्धार्थ से भी नाराज दिखे शिक्षक</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/bihar-teacher-after-kk-pathak-now-the-teacher-is-seen-angry-with-s-siddharth-too/</link><pubDate>June 26, 2024, 8:53 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/सिद्धार्थ-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में स्कूल शिक्षकों की नाराजगी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। केके पाठक के बाद अब नए मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ से भी शिक्षक नाराज नजर आ रहे है। इस बार शिक्षकों की नाराजगी ऑनलाइन अंटेंडेंस बनाने का निर्देश दिया गया था। पार्सवर्ड इनवै...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में स्कूल शिक्षकों की नाराजगी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। केके पाठक के बाद अब नए मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ से भी शिक्षक नाराज नजर आ रहे है। इस बार शिक्षकों की नाराजगी ऑनलाइन अंटेंडेंस बनाने का निर्देश दिया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पार्सवर्ड इनवैलिड से नहीं बन पा रही ऑनलाइन अटेंडेंस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार शिक्षा विभाग की तरफ से सभी टीचरों को 25 जून से ऑनलाइन अटेंडेंस बनाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इस ऑनलाइन अटेंडेंस में भी शिक्षकों को कई तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा हैं। सुबह जब शिक्षकों ने ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए पोर्टल को खोला तो किसी का आईडी पार्सवर्ड इनवैलिड बता रहा था तो कहीं किसी के मोबाइल में पोर्टल ही नहीं खुल रहा था। सर्वर स्लो होने की वजह से बड़ी मात्रा में शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं बना पा रहे थे। शिक्षकों का कहना है कि अभी इस पोर्टल में कुछ तकनीकी कमियां है। इस पोर्टल को अनिवार्य करने से पहले कुछ दिनों तक ट्रायल मोड पर रखा जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गलत लोकेशन के कारण ऑनलाइन अटेंडेंस में आई परेशानी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शिक्षकों का कहना है कि मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि ई-शिक्षा कोष एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करें। विभाग द्वारा शिक्षकों को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया गया था। ई-शिक्षा कोष एप में लॉगिन करने के लिए। यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करने के बाद मार्क अटेंडेंस का ऑप्शन आता है। जिसे क्लिक करने पर लोकेशन का ऑप्शन दिखाई दे रहा है और इस लोकेशन पर अपने स्कूल के नाम व पता के साथ स्कूल की फोटों पर क्लिक करना होता है। इसके बाद जब पोर्टल खोला तो उनके विद्यालय का लोकेशन गलत बता रहा था। जिससे ऑनलाइन अटेंडेंस बनाने में परेशानी हो रही है। जिस कारण ज्यादा संख्या में शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं बना पा रहे हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>K.K. Pathak: केके पाठक के नए फरमान से बढ़ सकती है शिक्षकों की टेंशन, जानें क्या है नया आदेश</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/teachers-tension-may-increase-due-to-kk-pathaks-new-order-know-what-is-the-new-order/</link><pubDate>December 16, 2023, 11:12 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/10-4-300x165.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने एक नए फरमान से सरकारी स्कूलों के टीचरों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि केके पाठक एक सरकारी स्कूल की शिक्षिक से कह रहे थे कि अगर बच्चे शाम 5 बजे तक भी पढ़ना चाहते हैं तो आप उ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने एक नए फरमान से सरकारी स्कूलों के टीचरों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि केके पाठक एक सरकारी स्कूल की शिक्षिक से कह रहे थे कि अगर बच्चे शाम 5 बजे तक भी पढ़ना चाहते हैं तो आप उन्हें पढ़ाइए। इसके साथ ही बच्चों से कहा कि आप पढ़ें चाहे नहीं पढ़े लेकिन आपको स्कूल में 3:30 बजे तक रहना है भागना नहीं है। उनका ये बयान कैमरे में कैद हो गया है, जिससे शिक्षक सोच में पड़ गए है कि क्या 5 बजे तक पढ़ाने का फरमान जारी होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निरीक्षण करने पहुंचे केके पाठक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक शुक्रवार को वैशाली जिले सरकारी स्कूलों का जायजा लेने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान केके पाठक हाजीपुर के हंसतारगंज मध्य विद्यालय पहुंचे जहां उन्होंने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने चंद्रलेखा मध्य विद्यालय अस्तीपुर, मध्य विद्यालय मीनापुर व अन्य स्कूलों का निरीक्षण किया। जिसके बाद केके पाठक लालगंज के घटारो मध्य विद्यालय में पहुंचे। यहां उन्होंने एक शिक्षिका को कहा कि आप 3:30 से लेकर 5:00 बजे तक स्कूल में रहें। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों से कहा कि आप पढ़ें चाहे नहीं पढ़ें लेकिन 3:30 बजे तक आपको स्कूल में रहना है भागना नहीं है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहले भी जारी हो चुके हैं कड़े फरमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इससे पहले शिक्षा विभाग की तरफ से कई फरमान जारी किए गए थे। जैसे कि जिस स्कूल में शिक्षक पढ़ाते हैं उन्हें उस स्कूल के 15 किलोमीटर के दायरे में ही रहना होगा चाहे वो ड्यूटी पर हों या छुट्टी पर। इसके अलावा शिक्षकों को तबीयत खराब होने पर भी स्कूल आकर छुट्टी लेनी पड़ेगी। इस दौरान व्हाट्सएप पर छुट्टी का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यही नहीं कोई शिक्षक मीडिया में बयान नहीं दे सकता और न ही शिक्षा विभाग को लेकर सोशल मीडिया पर किसी प्रकार का पोस्ट कर सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार : प्रदेश में आया शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, अब NIC की तर्ज पर गठित करेंगे अपनी एजेंसी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-big-decision-of-education-department-in-the-state-now-we-will-set-up-our-own-agency-on-the-lines-of-nic/</link><pubDate>October 15, 2023, 5:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/1-11-248x300.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में शिक्षा विभाग खुद अपनी एजेंसी का गठन करने जा रहा है। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने हाल में समीक्षा बैठक में इस पर सहमति दी है। शिक्षा विभाग की अपनी एजेंसी राष्ट्रीय सूचना केंद्र की तर्ज पर शिक्षा विभाग खुद अपन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में शिक्षा विभाग खुद अपनी एजेंसी का गठन करने जा रहा है। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने हाल में समीक्षा बैठक में इस पर सहमति दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा विभाग की अपनी एजेंसी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राष्ट्रीय सूचना केंद्र की तर्ज पर शिक्षा विभाग खुद अपनी एजेंसी का गठन करेगा। बताया जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि विभागीय संचिकाओं और उनसे संबंधित कार्य प्रभावित नहीं हों। अब इस संबंध में शिक्षा विभाग के स्तर से सैद्धांतिक सहमति बन गई है। बता दें कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने हाल ही में समीक्षा बैठक के दौरान इस पर मुद्दे पर सहमति दी है। उन्होंने समीक्षा द्वारा पाया कि एनआईसी के पास विभागीय फाइलें काफी लंबित हैं। इससे विभाग में कामकाज की क्षमता प्रभावित हो रही है। इसलिए उन्होंने अपने अधीनस्थ अफसरों से कहा कि इस दिशा में काम किया जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा विभाग का डिजिटल प्लेटफार्म&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, शिक्षा विभाग अपना डेटा और फाइलें सुरक्षित रखने के लिए डिजिटल प्लेटफार्म भी तैयार कर रहा है। यहीं नहीं इसके लिए साफ्टवेयर भी बनाया जा रहा है। इस तरह शिक्षा विभाग एनआइसी से हटकर अपना खुद का पोर्टल गठित करेगा। हालांकि ऐसा करने वाला शिक्षा विभाग बिहार सरकार का पहला महकमा होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार एक्शन मोड में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा राज्य में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को लेकर भी सरकार एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। इस दौरान शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आदेश पर स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सभी जिला और प्रखंड मुख्यालय में शिक्षा कार्यालयों में आए जनशिकायतों पर निगरानी रखी जा रही है। बता दें कि यहां कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के अंतर्गत 38 जिलों के लिए एक-एक कॉल सेंटर भी संचालित है, जहां राज्य के किसी भी जगह से कोई भी शिक्षक, अभिभावक और छात्र कॉल द्वारा अपनी शिकायत बता सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>गोपालगंज में शिक्षकों पर गिरी गाज, जानें क्यों हुआ 63 पर FIR</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-teachers-farziwara-gopalgunj-news-dm-crime-pkdnh/</link><pubDate>February 1, 2023, 4:18 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/02/BIHAR-TEACHERS-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>गोपालगंज: बुधवार(1 फरवरी) को बिहार के शिक्षा विभाग में खलबली मच गई. बिहार में शिक्षा विभाग महकमे से एक ऐसी खबर उठी की सूबे के लोग हैरान रह गए. दरअसल शिक्षा विभाग के 63 शिक्षकों पर FIR होने की ख़बर सामने आ रही है. इन शिक्षकों को लेकर विभाग ने नो...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गोपालगंज:&lt;/strong&gt; बुधवार(1 फरवरी) को बिहार के शिक्षा विभाग में खलबली मच गई. बिहार में शिक्षा विभाग महकमे से एक ऐसी खबर उठी की सूबे के लोग हैरान रह गए. दरअसल शिक्षा विभाग के 63 शिक्षकों पर FIR होने की ख़बर सामने आ रही है. इन शिक्षकों को लेकर विभाग ने नोटिस जारी कर दिया है. ये सारे ऐसे शिक्षक हैं जिनकी बहाली में फर्जीवाड़ा पाया गया है. शिक्षा विभाग ने फर्जी तरीके से बहाल हुए इन शिक्षकों की एक और सूची जारी की थी.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;5 फरवरी तक रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश&lt;br&gt;&lt;/strong&gt;मिली जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई लिस्ट में 63 लोगों का नाम है. बताया जा रहा है कि बिहार के गोपालगंज जिले में इन लोगों ने फर्जीवाड़ा करते हुए. पंचायत और प्रखंड शिक्षक नियोजन इकाइयों का दुरुपयोग कर गलत तरीके से बहाली करा ली थी. बिहार शिक्षा विभाग ने ऐसे 63 शिक्षकों की सूची जारी की है, जिनकी बहाली में अनियमितता पाई गई थी.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डीएम ने दिया आदेश&lt;br&gt;&lt;/strong&gt;शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में गोपालगंज के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी की ओर से सभी शिक्षकों पर एफआइआर दर्ज कराते हुए कार्रवाई करने का आदेश दिया है. डीएम के आदेश के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आई और सारे नामजद आरोपियों पर कार्रवाई करते हुए इनका नाम जारी की. डीएम के आदेश के बाद शिक्षा विभाग के डीपीओ जमालुद्दिन ने संबंधित नियोजन इकाइयों को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट भेज दी है. साथ ही इन सभी लोगों पर पांच फरवरी तक FIR दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये लोग हैं शामिल&lt;br&gt;&lt;/strong&gt;जिन शिक्षकों के विरुद्ध डीएम ने प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया है उनमें बैकुंठपुर प्रखंड के खैरा आजम नियोजन इकाई की नीतू कुमारी, बंगरा के नागेंद्र कुमार राम, कतालपुर के उमेश कुमार राम, बंधौली बंधौरा राजीव सुमन, पूजा कुमारी, बैकुंठपुर की कुमारी प्रीति सिंह, अमित कुमार,बरौली प्रखंड की खजुरिया नियोजन इकाई की रानी कुमारी, रिंकू कुमारी, मोबल बिरैचा की कुमारी आभा, इत्यादी शामिल हैं.&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>