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       <title>Today वन विभाग News | Latest वन विभाग News | Breaking वन विभाग News in English | Latest वन विभाग News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का वन विभाग समाचार:Today वन विभाग News ,Latest वन विभाग News,Aaj Ka Samachar ,वन विभाग समाचार ,Breaking वन विभाग News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Leopard: तेंदुआ देख लोगों की रूकी सांस, वन विभाग से की जल्द पकड़ने को कहा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/leopard-people-stopped-breathing-after-seeing-the-leopard-asked-the-forest-department-to-catch-it-soon/</link><pubDate>September 12, 2024, 6:06 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/leo.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार के एक गांव में तेंदुए बालकनी पर बैठा पाया गया। जिससे पूरे गांव में डर का माहौल है। पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर प्रखंड के इस गांव में लोगों में खौफ का माहौल बना हुआ है। संग्रामपुर प्रखंड की उत्तरी मधुबनी पंचायत वार्ड तीन के दरियापुर ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के एक गांव में तेंदुए बालकनी पर बैठा पाया गया। जिससे पूरे गांव में डर का माहौल है। पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर प्रखंड के इस गांव में लोगों में खौफ का माहौल बना हुआ है। संग्रामपुर प्रखंड की उत्तरी मधुबनी पंचायत वार्ड तीन के दरियापुर गांव में एक घर के बालकनी में घंटेभर तक तेंदुआ बैठा रहा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गांव की बांसवारी में छिपा तेंदुआ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जबतक तेंदुआ बालकनी में बैठा रहा, तब तक घर के लोग कमरे से बाहर नहीं आए। गांव वालों ने इस बात की सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम गांव पहुंची और पगमार्क से तेंदुए की तलाश करने लगी। ग्रामीणों के मुताबिक मंगलवार देर शाम से ही गांव के मोनाफ खान नाम के व्यक्ति के बरामदे पर तेंदुए को बैठा देखा। जिसके बाद परिवार के लोगों ने खुद को घर में कैद कर लिया। संभावना है कि गांव की बांसवारी में ही तेंदुआ छिपा हुआ है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वन विभाग से की अपील &lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस संबंध में गांव की पानकली देवी ने बताया कि लगभग 11 बजे नीरज दुबे के घर के पास स्थित बांसवारी की झाड़ी में तेंदुए को देखा गया। किसी तरह की अनहोनी से ग्रामीणों में डर बना हुआ है। उतरी मधुबनी पंचायत पंसस नुसरत फातमा का कहना है कि रात में गांव वालों ने इकट्ठा होकर तेंदुए को भगाने की कोशिश की थी, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। सुबह के समय वह काबलकनी से उठकर चला गया। मुखिया संघ प्रखण्ड अध्यक्ष रवि सिंह ने वन विभाग से जानवर को जल्द पकड़ने की अपील की है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वन विभाग ने घर से न निकलने की दी सलाह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वन विभाग के उप परिसर पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि घास पर पैरों के निशान होने से कुछ स्पष्ट नहीं हो रहा है। फिलहाल वन विभाग ने जानवर को नहीं पकड़ा है। डीएफओ राजकुमार शर्मा ने कहा कि मौके पर टीम पहुंची। ग्रामीणों ने उन्हें तेंदुआ का फोटो दिखाया, लेकिन फोटो धुंधली थी। पगमार्क से जानवर की पहचान की जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता तब तक लोग घर से बाहर न निकले। नहीं तो तेंदुआ अकेले में भी हमला कर सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Python in Village: पहले अजगर, तो अब भालू का दिखा कहर, गांव में जंगली जानवरों से दहशत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/python-in-village-first-python-now-bear-wreaked-havoc-panic-due-to-wild-animals-in-the-village/</link><pubDate>July 10, 2024, 10:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/ोपिु-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार का बगहा एक ऐसा इलाका है जो पूरी तरह से जंगलों से घिरा है। जिस वजह से मॉनसून के मौसम में आए दिन जंगलों से जंगली जानवर गांव की ओर चले आते है। यहां के स्थानीय निवासियों को भालू, लिजार्ड, सांप और तेंदुआ देखने को मिलता है। वन विभाग के लो...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार का बगहा एक ऐसा इलाका है जो पूरी तरह से जंगलों से घिरा है। जिस वजह से मॉनसून के मौसम में आए दिन जंगलों से जंगली जानवर गांव की ओर चले आते है। यहां के स्थानीय निवासियों को भालू, लिजार्ड, सांप और तेंदुआ देखने को मिलता है। वन विभाग के लोग जैसे ही सूचना मिलती वह जानवरों को रेसक्यू कर लेते है, तो वहीं इससे गांव के आम लोग हमेशा डरे हुए रहते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लिजार्ड को देख अफरा-तफरी मच गई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वन विभाग के मुताबिक बगहा में बाढ़ के कारण जंगली जानवर गांव की ओर रुख कर रहे है। बुधवार को गांव में एक विशालकाय अजगर लोगों को देखने को मिला। यह घटना थाना क्षेत्र अंतर्गत एक पेट्रोल पंप के पास की है। बुधवार की सुबह गांव के लोगों ने जब विशालकाय अजगर निकलने से लोगों के बीच हड़कंप मच गया। भालू की सूचना नगर थाना की पुलिस और वन विभाग की टीम को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम ने अजगर को रेस्क्यू कर वापस वन-विभाग छोड़ दिया। अजगर को वापस वन में छोड़ने के बाद स्थानीय लोगों ने चैन की सांस ली। दो दिन पहले ही इंडो- नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर के लव- कुश घाट कॉलोनी में लिजार्ड के कारण अफरा-तफरी मच गई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आम की खूशबू से प्रभावित होकर 2 भालू गांव पहुंचे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;लिजार्ड की सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलने के बाद लिजार्ड को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया। इस बीच लिजार्ड को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। एक दिन पहले मंगलवार को वाल्मीकीनगर के ई टाइप मोहल्ले में दो भालू चलते-चलते गांव पहुंच गए। लोगों का कहना है कि आम का मौसम भालुओं को गांव की ओर आकर्षित करता है। लोग आम या उसका छिलका और गुठली घरों के बाहर फेंक देते हैं। इसकी खुशबू से आकर्षित होकर भालुओं का झुंड लोगों के घरों के नजदीक पहुंच जाता है। जिससे लोगों को भी खतरा हो सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar : प्रदेश में जातीय जनगणना के बाद, अब जारी हुई पक्षियों की गणना रिपोर्ट</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-after-the-caste-census-in-the-state-now-the-bird-census-report-has-been-released/</link><pubDate>October 19, 2023, 9:27 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/3-15-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में एशियाई जलपक्षी जनगणना का पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा रिपोर्ट जारी की गई है। बताया जाता है कि प्रतिवर्ष यहां एशियाई जलपक्षी जनगणना की जाती है। एशियाई पक्षियों की गणना बिहार में एशियाई जलपक्षी जनगणना का पर्यावरण, ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में एशियाई जलपक्षी जनगणना का पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा रिपोर्ट जारी की गई है। बताया जाता है कि प्रतिवर्ष यहां एशियाई जलपक्षी जनगणना की जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एशियाई पक्षियों की गणना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार में एशियाई जलपक्षी जनगणना का पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने अपनी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में सारण जिला अंतर्गत अवस्थित अटानगर चंवर, बहियारा चंवर, हल्दिया चंवर और फुरवारिया चंवर स्थित हैं। जहां जनवरी-फरवरी माह में सारण वन प्रमंडल द्वारा पक्षियों की गणना की गई थी। वहीं जारी की गई वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार सारण जिले के अंतर्गत कुल 98 प्रजातियों के पक्षियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। बता दें कि प्रतिवर्ष यहां एशियाई जलपक्षी जनगणना की जाती है। जिसमें पूरे एशिया के आद्रभूमि में जलपक्षी की गणना होती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बहियरा चौर 8वें नंबर पर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस जनगणना में सभी जलपक्षियों की आद्रभूमि की गुणवत्ता का भी पता चलता है। इस दौरान वन प्रमंडल पदाधिकारी रामसुंदर ने बताया है कि यहां 1246 जल पक्षी हैं। वहीं सारण में 68 जल में रहने वाले पक्षी मिले हैं जबकि 190 पक्षी भूमि पर वास करते है। इन प्रवासी पक्षियों की संख्या 37 बताई जा रही है। यहीं नहीं कॉमन पोचर्ड और फेरुजिनस बत्तख मध्य एशिया और फ्लाईवे प्रवासी पक्षी है, उन्हें भी सारण जिला में हुए गणना में शामिल किया गया। बता दें कि बिहार में सर्वाधिक पक्षियों की प्रजाति आद्रभूमि में ही मिली है। इसके अलावा बताया जा रहा है कि 10 प्रमुख स्थलों में बहियरा चौर 8वें नंबर पर है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दुर्लभ पक्षी भी हैं महत्वपूर्ण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वन प्रमंडल पदाधिकारी रामसुंदर ने आगे बताया कि पक्षी गणना रिपोर्ट के अनुसार हमारे यहां कई दुर्लभ पक्षी है, जिन्हें बचाना बेहद आवश्यक है। यही नहीं इन पक्षियों के रहने से किसान और आम जनता को भी फायदा मिलता है। उन्होंने बताया कि कई सारे प्रवासी पक्षी भी सारण में रहते हैं। सारण जैसे जिले में जहां वन क्षेत्र काफी कम है, वहां पक्षियों की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहीं नहीं पक्षी परागण में मदद करते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों की आबादी को भी नियंत्रण में रखते हैं। पक्षी जैव विविधता को संतुलित रखने के साथ-साथ स्वास्थ्य पर्यावरण में संकेतक के रूप में भी कार्य करते हैं।&lt;br&gt;इसके अलावा महत्वपूर्ण बात यह भी है कि इस बार सर्दी के मौसम में सारण वन प्रमंडल प्रवासी पक्षियों के महत्व के बारे में स्कूल और कॉलेज के छात्रों को भी बताया जाएगा।&lt;/p&gt;
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