<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today मेडिकल कॉलेज News | Latest मेडिकल कॉलेज News | Breaking मेडिकल कॉलेज News in English | Latest मेडिकल कॉलेज News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का मेडिकल कॉलेज समाचार:Today मेडिकल कॉलेज News ,Latest मेडिकल कॉलेज News,Aaj Ka Samachar ,मेडिकल कॉलेज समाचार ,Breaking मेडिकल कॉलेज News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c</link>
        <lastBuildDate>April 22, 2026, 3:38 pm</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Graduation Ceremony: ग्रेजुएशन सेरेमनी में ब्लैक गाउन और कैप को अलविदा, अब पहने जाएंगे भारतीय वस्त्र</title><link>https://bihar.inkhabar.com/national/graduation-ceremony-goodbye-to-black-gown-and-cap-in-graduation-ceremony-now-indian-clothes-will-be-worn/</link><pubDate>August 24, 2024, 6:07 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/wet-1.webp</image><category>देश</category><excerpt>पटना। दीक्षांत समारोह जिसे ग्रेजुएशन सेरेमनी के नाम से भी जाना जाता है। उसमें अभी तक काले कलर का गाउन और कैप पहना जाता है, लेकिन अब मेडिकल कॉलेजों में ड्रेस कोड को बदलने की ऐलान किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मेडिकल कॉलेजों से कहा ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; दीक्षांत समारोह जिसे ग्रेजुएशन सेरेमनी के नाम से भी जाना जाता है। उसमें अभी तक काले कलर का गाउन और कैप पहना जाता है, लेकिन अब मेडिकल कॉलेजों में ड्रेस कोड को बदलने की ऐलान किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मेडिकल कॉलेजों से कहा है कि अब से ग्रेजुएशन सेरेमनी में भारतीय परंपरा के हिसाब से कपड़े पहने जाएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पुरानी ड्रेस कोड बिट्रिश काल की देन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अभी तक हम सभी यूरोप के काले रंग के गाउन और टोपी पहनने की परंपरा निभा रहे थे। जो ब्रिटिश शासन से चली आ रही थी, लेकिन अब इसे बदलने का वक्त आ गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, एम्स और दूसरे मेडिकल संस्थानों को अपने-अपने राज्य की परंपरा के मुताबिक नए ड्रेस कोड का प्रस्ताव भेजना होगा। मंत्रालय ने आगे कहा है कि ग्रेजुएशन सेरेमनी में ब्लैक ड्रेस और टोपी पहनने की परंपरा ब्रिटिश काल की देन है, इसे बदलने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी मेडिकल संस्थानों को निर्देश दिए गए है कि वे अपने यहां के स्थानीय रीति-रिवाजों के मुताबिक नए ड्रेस कोड का प्रस्ताव तैयार करें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रस्ताव पर सचिव की सहमति होगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय भेजा जाएगा। मंत्रालय के सचिव (स्वास्थ्य) इस पर अपनी सहमति देंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय के इस फैसले का प्रभाव एम्स जैसे बड़े संस्थानों समेत सभी मेडिकल कॉलेजों पर पड़ेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज सभी मेडिकल कॉलेजों को ग्रेजुएशन सेरेमनी में ब्लैक गाउन और कैप वाले ड्रेस कोड को हटाने का निर्देश दिया है। हालांकि IIT हैदराबाद ने साल 2011 में ही ब्रिटिश काल से चली आ रही इस परंपरा को खत्म कर दिया था। साल 2011 से वहां दीक्षांत समारोह में पारंपरिक वेशभूषा पहनी जाती है, इसलिए जब भी वहां पर दीक्षांत समारोह होता है तो उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल होती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Medical College: राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की 75 हाजिरी जरुरी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/medical-college-75-attendance-of-teachers-is-mandatory-in-all-medical-colleges-of-the-state/</link><pubDate>May 30, 2024, 5:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/medical-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। राज्य के सभी चिकित्सका महाविद्यालय एवं अस्पतालों(मेडिकल कॉलेज) में चिकित्सक शिक्षकों, सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर को 75 फीसदी बायोमेंट्रिक हाजिरी दर्ज कराना जरुरी कर दिया गया है। अब बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही उनकों वेतन का भुगतान कि...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; राज्य के सभी चिकित्सका महाविद्यालय एवं अस्पतालों(मेडिकल कॉलेज) में चिकित्सक शिक्षकों, सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर को 75 फीसदी बायोमेंट्रिक हाजिरी दर्ज कराना जरुरी कर दिया गया है। अब बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही उनकों वेतन का भुगतान किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाजिरी सुनश्चित कराना है जरुरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में स्वास्थय विभाग के विशेष सचिव शशांक शेखर सिन्हा ने सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्राचार्य एवं अधीरक्षक को पत्र भेजा है। पत्र में लिखा है कि नेशनल मेडिकल काउंसिल(एनएमसी) की ओर से चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों में डॉक्टरों की एईबीएएस प्रणाली के मुताबिक बायोमेट्रिक हाजिरी 75 प्रतिशत दर्ज करना जरुरी है। स्वास्थय विभाग ने समीक्षा में पाया है कि चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों के डॉक्टरों की ओर से एईबीएएस प्रणाली में दर्ज बायोमेट्रिक हाजिरी की वेबसाइट पर बहुत ही खराब हालत में पाई गई है। कुछ मेडिकल कॉलेजों ने एनएमसी की ओर से इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। मेडिकल कॉलेजों में लगे बायोमेट्रिक उपकरण की सहायता से सभी को अपनी हाजिरी सुनिश्चित कराना जरुरी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाजिरी के आधार पर ही डॉक्टरों का वेतन सुनिश्चित किया जाएगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महीने के अंत में अपने संस्थान के एनएमसी बायोमेट्रिक उपकरण पर दर्ज की गयी हाजिरी के विवरणी के आधार पर कॉलेजों के डॉक्टर शिक्षको, सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर का वेतन का भुगतान करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में एनएमसी यानि बायोमेट्रिक उपकरण की जांच करने पर हाजिरी दर्ज न होने एवं असंतोषजनक स्थिति पाए जाने पर प्राचार्य और अधीरक्षक को जवाब देना होगा। एनएमसी की ओर से ईबीएएस प्रणाली के तहत बायोमेट्रिक उपकरण मेडिकल कॉलेजों में लगाए गए है। सभी चिकित्सों को बायोमेट्रिक उपकरण पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इस हाजिरी के आधार पर ही डॉक्टरों का वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>