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       <title>Today बिहार सरकार News | Latest बिहार सरकार News | Breaking बिहार सरकार News in English | Latest बिहार सरकार News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का बिहार सरकार समाचार:Today बिहार सरकार News ,Latest बिहार सरकार News,Aaj Ka Samachar ,बिहार सरकार समाचार ,Breaking बिहार सरकार News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Meeting: सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, कैबिनेट में मिली 38 प्रस्तावों को मंजूरी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/meeting-big-gift-to-government-employees-38-proposals-approved-in-the-cabinet/</link><pubDate>November 14, 2024, 8:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/नीतीश.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार (14 नवंबर) को कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में 38 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक में कई बड़े फैसलों पर निर्णय लिए गए हैं। बिहार सरकार के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा दिय...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार (14 नवंबर) को कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में 38 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक में कई बड़े फैसलों पर निर्णय लिए गए हैं। बिहार सरकार के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। महंगाई भत्ता में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अंचलो के लिए कई पदों पर होगी भर्ती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी मंजूरी दी है। पहले यह 50 फीसद था जो, अब बढ़कर 53 फीसद हो गया है। इसका लाभ पेंशन भोगियों को भी मिलेगा। राजस्व भूमि सुधार विभाग की तरफ से पटना सदर अंचल का विभाजन किया गया है। इसे पटना सदर अंचल, पटना सिटी अंचल, दीदारगंज अंचल और पाटलिपुत्र अंचल के रूप में बांटा गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने इन कार्यालय में कई श्रेणी के नए पदों पर भर्ती को अपनी स्वीकृति दी है। इन चारों अंचलों के लिए कुल 60 नए पदों पर भर्ती को मंजूरी मिली है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कर्मचारियों को मिलेगी बकाया राशि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके लिए सरकार को हर साल 1 करोड़ 82 लाख 7 हजार 600 का अतिरिक्त भार पड़ेगा, जिसकी मंजूरी आज कैबिनेट में मिली है। राज्य औद्योगिक विकास निगम के तहत बंद हुए भागलपुर में &amp;#8216;बिहार स्पन सिल्क मिल&amp;#8217; और फतुहा में &amp;#8216;बिहार स्कूटर्स लिमिटेड&amp;#8217; की फैक्ट्रियों के कर्मचारियों को &amp;#8216;बिहार आकस्मिक निधि&amp;#8217; से बकाए वेतन के भुगतान के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसमें जो-जो कर्मचारी मृत हो चुके हैं, उनके परिवार को यह राशि मिलेगी। इसके लिए कैबिनेट में 28 करोड़ 25 लाख 97 हजार रुपये के प्रस्ताव पर मोहर लगी है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Govt Jobs: सीएम नीतीश का ऐलान, 2025 से पहले मिलेगी लाखों में नौकरी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/govt-jobs-cm-nitishs-announcement-lakhs-of-jobs-will-be-available-before-2025/</link><pubDate>November 11, 2024, 6:18 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/RGHJH-300x169.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले 34 लाख लोगों को नौकरी और रोजगार देने का वादा किया है। साल 2020 में 10 लाख नौकरी और इतनी संख्या में रोजगार देने की बात हमने कही थी। इनमें 7 लाख 17 हजार को नौकरी मिली है। 2025...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले 34 लाख लोगों को नौकरी और रोजगार देने का वादा किया है। साल 2020 में 10 लाख नौकरी और इतनी संख्या में रोजगार देने की बात हमने कही थी। इनमें 7 लाख 17 हजार को नौकरी मिली है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2025 तक मिलेगी 12 लाख नौकरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;साल 2025 चुनाव से पहले 12 लाख और लोगों को सरकारी नौकरी भी मिल जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि 24 लाख को अब तक रोजनगार दे चुके है। सीएम बीते दिन गया के बेलांगज में जेडीयू प्रत्याशी मनोरमा देवी और इमामगंज से हम की प्रत्याशी दीपा मांझी के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। बेलागंज और इमामंगज दोनों की सभाओं में उन्होंने साल 2005 से किए गए काम गिनाए। बताया कि साल 2005 से किए गए सभी काम गिनाए। बताया कि साल 2005 से पहले किस तरह शाम के बाद लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;महिला पुलिस की संख्या अधिक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हिन्दू मुस्लिम के नाम पर लड़ाई होती थी। बिजली, सड़क, स्थास्थ्य व शिक्षा की स्थिति कितनी खराब थी। इसे भूला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि अब हिंदू-मुस्लिम की लड़ाई नहीं होती। 8 हजार से ज्यादा कब्रिस्तान की घेराबंदी कराई। वहीं 60 साल से ज्यादा पुराने मंदिरों की घेराबंदी का काम भी शुरू हो गया है। मदरसों को सरकारी मान्यता दी गई। सीएम नीतीश कुमारन ने आगे कहा कि पुलिस में महिलाओ के 35 फीदसी आरक्षण से देश के किसी राज्य से बिहार में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या अधिक है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Pashupati Kumar Paras: उलझन में पशुपति कुमार पारस! 1 सप्ताह का मिला अल्टीमेटम, जानें पूरा मामला</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/pashupati-kumar-paras-pashupati-kumar-paras-in-confusion-received-ultimatum-of-1-week-know-the-whole-matter/</link><pubDate>October 25, 2024, 3:46 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-16-2-300x168.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>लखनऊ: इन दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति कुमार मुश्किल में हैं। भवन निर्माण विभाग ने उन्हें कार्यालय खाली करने के लिए सात दिन का समय दिया है. साथ ही निर्देश दिया गया है कि अगर सात दिन के अंदर इसे खा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; इन दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति कुमार मुश्किल में हैं। भवन निर्माण विभाग ने उन्हें कार्यालय खाली करने के लिए सात दिन का समय दिया है. साथ ही निर्देश दिया गया है कि अगर सात दिन के अंदर इसे खाली नहीं किया गया तो उनके ऊपर कार्रवाई की जायेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव ने लिखा था पत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह पत्र भवन निर्माण विभाग (बिहार सरकार) के संयुक्त सचिव सह सक्षम प्राधिकार संजय कुमार सिंह द्वारा 22 अक्टूबर 2024 को जारी किया गया है. विभाग की तरफ से लिखा गया है कि कार्यालय 30 जून 2006 को लोक जनशक्ति पार्टी को दिया गया था. 13 जून 2024 को इसका आवंटन कैंसल कर दिया गया. इसे खाली करने के संबंध में 28 सितंबर 2024 को उप सचिव सह भू-संपदा पदाधिकारी ने भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव को पत्र के माध्यम से अनुरोध किया था.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;4 अक्टूबर को दिया गया था नोटिस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;संयुक्त सचिव ने 4 अक्टूबर 2024 को कार्यालय खाली करने का नोटिस दिया था. 15 दिनों का समय दिया गया, लेकिन कार्यालय प्रभारी ने कहा कि इस संबंध में एक मामला उच्च न्यायालय में लंबित है. हालांकि, भवन निर्माण विभाग का कहना है कि कोर्ट से कोई स्थगन आदेश नहीं है. इसके बाद भी 21 अक्टूबर तक कार्यालय खाली नहीं की गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विभाग के पत्र में क्या लिखा है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;विभाग ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि &amp;#8216;राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी&amp;#8217; से एक पत्र प्राप्त हुआ है जबकि वह कार्यालय &amp;#8216;राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी&amp;#8217; को आवंटित नहीं है. यह आवास &amp;#8216;लोक जनशक्ति पार्टी&amp;#8217; के नाम पर आवंटित है. इस कारण &amp;#8216;राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी&amp;#8217; का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है. ऐसे में उनका आवेदन खारिज कर दिया गया है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Flood: बिहार की कोसी नदी बनी बर्बादी का कारण, कई लोगों को छोड़ना पड़ा आशियाना</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/flood-kosi-river-of-bihar-became-the-cause-of-destruction-many-people-had-to-leave-their-homes/</link><pubDate>October 1, 2024, 4:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/yop-300x169.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के कोसी के जल स्तर के कारण लगातार हालात बिगड़ते जा रहे है। कई नए इलाके में पानी भर गया है। जिसके बाद लोगों को अपना आसरा छोड़कर जाना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति और बदत्तर होती जा रही है। ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के कोसी के जल स्तर के कारण लगातार हालात बिगड़ते जा रहे है। कई नए इलाके में पानी भर गया है। जिसके बाद लोगों को अपना आसरा छोड़कर जाना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति और बदत्तर होती जा रही है। दरभंगा जिले में कोसी नदी और सीतामढ़ी में बागमती नदी के बांध टूट गए है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोसी नदी उफान पर है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने बताया कि कोसी नदी उफान पर है और करतारपुर ब्लॉक के पास उसका बांध टूट गया है। जिससे दरभंगा में किरतरपुर और घनश्यामपुर गांव पानी में डूब गया है। वहीं सीतामढ़ी जिले के रुन्नी सैदपुर ब्लॉक में बागमती नदी के बांध टूटने से रिसाव होने लगा। एक अधिकारी के मुताबिक बांध टूटने से बाढ़ की स्थिति खराब हो गई है, गरीमत है कि कोई घबराने वाली बात नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य जल संसाधन और आपदा प्रंबधन विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अब तक 7 बांध टूटें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अब तक 7 बांध टूटने की घटनाएं सामने आई है। उनमें से कुछ की मरम्म पहले की जा चुकी है। बाकियों का काम जारी है। एक अन्य अधिकारी का कहना है कि पानी के ज्यादा दबाव के कारण सीतामढ़ी के मधकौल गांव में बागमती नदी का बांध और पश्चिम चंपारण में गंडक नदी का बांध बेकार हो गया है। जिसके कारण वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में बाढ़ आ गई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Sarkari Job: सरकारी विभागों के 748 पदों में होंगी भर्तियां, नीतीश कैबिनेट में मिली मंजूरी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/sarkari-job-there-will-be-recruitment-in-748-posts-in-government-departments-approval-received-in-nitish-cabinet/</link><pubDate>July 13, 2024, 3:06 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/CXVC-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। नीतीश कैबिनेट में बिहार के विभिन्न विभागों में 748 नए पदों पर भर्तियां की जाएंगी। इसके लिए बिहार सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त सभी 534 प्रखंडों में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर भी बहाली की जाएगी। राज्य मंत्रिपरिषद् ने शुक्रव...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; नीतीश कैबिनेट में बिहार के विभिन्न विभागों में 748 नए पदों पर भर्तियां की जाएंगी। इसके लिए बिहार सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त सभी 534 प्रखंडों में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर भी बहाली की जाएगी। राज्य मंत्रिपरिषद् ने शुक्रवार को इन पदों को अपनी स्वीकृति दी थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रिक्त पदों पर भर्तियां जल्द शुरू होगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीक शिक्षा विभाग के भीतर संचालित 34 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के लिए 338 शैक्षणिक पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है। जिसमे प्राध्यापक के 28, सह-प्राध्यापक के 71 और सहायक प्राध्यापक के 239 पदों पर भर्तियां होनी है। 31 राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों में असैनिक अभियंत्रण पाठ्यक्रम के लिए 203 शैक्षणिक पद सृजित किए गए है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन नए पदों पर होगी बहाली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्य के नए आईटीआई की स्थापना व नए महिला के लिए प्रधान लिपिक के 31 और निम्नवर्गीय लिपिक के 31 अर्थात कुल 62 रिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। वहीं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में पहले से शुरू हुए व्यवसायों में व्यवसाय अनुदेशकों और गणित के अनुदेशकों, ड्राइंग अनुदेशकों के 130 और ग्रुप अनुदेशकों के कुल 137 रिक्त पदों को सृजित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। जिससे बिहार सरकार ने अपनी सहमति दे दी है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Highways: बिहार में 9 स्टेट हाईवे का रास्ता साफ, 2 साल के भीतर पूरा किया जाएगा काम</title><link>https://bihar.inkhabar.com/desh-pradesh/highways-the-way-is-cleared-for-9-state-highways-in-bihar-work-will-be-completed-within-2-years/</link><pubDate>July 11, 2024, 7:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/tyjhjk-300x169.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>पटना। बिहार में 9 सड़को और एक पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इन सड़क परियोजना की डीपीआर तैयार हो गई है। अब पथ निर्माण विभाग ने परियोजनाओं को प्रशासन ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है। इसके बाद बिहार सरकार की ओर से एशियन विकास बैंक को डीपीआ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में 9 सड़को और एक पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इन सड़क परियोजना की डीपीआर तैयार हो गई है। अब पथ निर्माण विभाग ने परियोजनाओं को प्रशासन ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है। इसके बाद बिहार सरकार की ओर से एशियन विकास बैंक को डीपीआर सौंपी जाएगी। डीपीआर के बाद ही बिहार सरकार को एडीबी से 5100 करोड़ की राशि का कर्ज मिल पाएगा। इन सड़कों के निर्माण एडीबी से मिलने वाली राशि से किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2 लेन की सड़क तैयार की जाएगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;एडीबी की टीम ने अपनी ओर से कर्ज की सैंद्धांतिक मंजूरी पहले ही दे दी थी। बनने वाली सड़कों को राजकीय उच्च पथ और एमडीआर प्रकार की बनाई जाएगी। इन सड़कों को दो लेन बनाया जाएगा। बीते दिनों एडीबी का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल बिहार के दौरे पर आए थे। कार्यकारी निदेशक समीर कुमार खरे के नेतृत्व में आए इस शिष्टमंडल ने मुख्य सचिव के साथ बैठक की थी। उसी बैठक में राज्य की इन सभई 10 सड़कों निर्माण परियोजना पर काम करने को लेकर सहमति बनी थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2 सालों तक निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;482 कि.मी सड़क परियोजनाओं के लिए 5153 करोड़ की जरूरत है। जिसके लिए बिहार राज्य पथ विकास निगम के प्रस्ताव पर एडीबी के अधिकारियों ने कर्ज लेने के लिए ऑफिशियल प्रक्रिया शुरू करने को लेकर दिशा-निर्देश भी दिए थे। विभाग इस पर जल्द से जल्द काम शुरू करेगी। अगस्त-सितंबर तक कर्ज मिलने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सितंबर- अक्तूबर तक पथ विकास निगम और एडीबी में कर्ज की राशि को लेकर समझौता किया जाएगा। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया की शुरूआत की जाएगी। सरकार ने यह तय किया है कि आने वाले 2 सालों के भीतर निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar News: बिहार पुलिस की नियमावली में बड़ा बदलाव, सिटी एसपी को मिला अहम अधिकार</title><link>https://bihar.inkhabar.com/desh-pradesh/bihar-news-big-change-in-bihar-police-rules-city-sp-gets-important-powers/</link><pubDate>May 23, 2024, 10:41 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/5-5-300x171.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>पटना। बिहार (Bihar News) में कानून व्यवस्था को बेहतर करने और पदाधिकारियों की कार्यशैली में सुधार लाने के लिए बिहार पुलिस की नियमावली मे महत्वपूर्ण बदलाव किया गया। बता दें कि अब दारोगा रैंक के थानेदार या अफसर को सिटी या ग्रामीण एसपी भी निलंबित क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार (Bihar News) में कानून व्यवस्था को बेहतर करने और पदाधिकारियों की कार्यशैली में सुधार लाने के लिए बिहार पुलिस की नियमावली मे महत्वपूर्ण बदलाव किया गया। बता दें कि अब दारोगा रैंक के थानेदार या अफसर को सिटी या ग्रामीण एसपी भी निलंबित कर सकते हैं। यह अधिकार पटना जिले में ग्रामीण व सिटी एसपी रैंक के अफसरों को दिया गया है। इससे पहले यह अधिकार आईपीएस होने के बावजूद सीनियर एसपी से नीचे रैंक के अधिकारियों को नहीं मिला था। सिटी या ग्रामीण एसपी कार्रवाई के लिए अनुशंसा कर सकते थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एसएसपी को मिला ये अधिकार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं अब दारोगा रैंक के पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने के लिये उन्हें ऊपर के अधिकारियों को अनुशंसा नहीं करनी पड़ेगी। जहां कुछ महीने पहले तक पटना में एसएसपी दारोगा रैंक के थानेदार या अफसर को निलंबित करते थे। इसके बाद उनके ऊपर विभागीय कार्रवाई चलाई जाती थी। सिटी व ग्रामीण एसपी रैंक के अधिकारियों को इस अधिकार के मिलने के बाद सुस्त पुलिसकर्मियों से वह तेजी से काम ले सकेंगे। सुधार न होने की स्थिति में उन पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा इंस्पेक्टर स्तर के थानेदार या इस रैंक के पुलिसकर्मियों पर एसएसपी भी निलंबन की कार्रवाई नहीं कर सकते। एसएसपी की अनुशंसा के बाद आईजी निलंबन की कार्रवाई करेंगे। हालांकि, इस वक्त पटना (Bihar News) में डीआईजी सह एसएसपी का पद है। डीएसपी रैंक के अधिकारी भी सिटी एसपी या उनसे ऊपर के अफसरों को किसी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की अनुशंसा कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डीआईजी के पास रख सकेंगे पक्ष &lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इस नए नियम के तहत अगर किसी दारोगा रैंक के पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की गई तो वह डीआईजी के सामने अपना पक्ष रख सकता है। ऐसे में पक्ष समझने व सत्यता की जांच करने के बाद वहां से उन्हें राहत मिल सकती है। जबकि आईजी की अपील में दारोगा पर लगाए गए आरोप सत्य पाए पर सिटी या ग्रामीण एसपी का फैसला बरकरार रहेगा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Political Crisis Live: इस्तीफे के बाद, तेज प्रताप यादव ने इशारों-इशारों में किया नीतीश पर प्रहार, लिखा- बस…</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-political-crisis-live-after-resignation-tej-pratap-yadav-attacked-nitish-with-gestures-wrote-enough/</link><pubDate>January 28, 2024, 7:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/01/download-8-4-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के राजनीति में एक बार फिर से हलचल देखने को मिली है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में सियासी सरगर्मी आग की तरह झलक रही है. इसको लेकर बयानबाजी का दौर भी तेज है. ऐसे में नीतीश कुमार पूरी तरह से आरजेडी के निशाने पर आ गए हैं. इस्त...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के राजनीति में एक बार फिर से हलचल देखने को मिली है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में सियासी सरगर्मी आग की तरह झलक रही है. इसको लेकर बयानबाजी का दौर भी तेज है. ऐसे में नीतीश कुमार पूरी तरह से आरजेडी के निशाने पर आ गए हैं. इस्तीफे के बाद आरजेडी (RJD) नेता तेज प्रताप यादव ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए सीएम नीतीश पर बड़ा तंज कसा है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा हैं कि &amp;#8216;बस सत्ता का ख़्याल है तेरी भावों में, अपनों के भावों का क्या हुआ&amp;#8217;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानते हैं, तेज प्रताप यादव ने क्या लिखा ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट करते हुए राजद नेता तेज प्रताप यादव ने लिखा कि &amp;#8216;जब भाव न जागा भावों में, उस भावों का कोई भाव नहीं, ऐसी भावों का कोई स्थान नहीं, जिनका भाव नहीं अपनों की भावों में, कहां रखी है भाव तेरी, जिनका ख़्याल तेरी भावों में, बस सत्ता का ख़्याल है तेरी भावों में, अपनों के भावों का क्या हुआ. तेरा अंत होगा और अंत होगा तेरी भावों का, कोई स्थान नहीं होगा तेरा, जब बात होगी तेरी भावों का&amp;#8217;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज हो गया अंत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार की राजनीति की किस्सा बहुत तेजी से बदल रही है. कई दिनों से जारी कयासों का आज अन्तः अंत हो गया है. आज मुख्यमंत्री पद नीतीश कुमार ने इस्तीफा सौंप दिया है. उन्होंने इस संदर्भ में कहा कि इस गठंबधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था. इससे हमें तकलीफ हो रही थी. हालांकि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब बिहार में NDA की सरकार बनने जा रही है. एनडीए की बैठक सीएम आवास पर जारी है. सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के नाम पर बीजेपी ने डिप्टी सीएम के लिए मुहर भी लगा दी है. आरजेडी इन सबके बीच नीतीश कुमार पर कई तरह के आरोप लगा रही है&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Sushil Kumar Modi: नीतीश सरकार पर बरसे सुशील मोदी, बोले प्रधानमंत्री आवास योजना में हुआ है भ्रष्टाचार</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/sushil-modi-lashed-out-at-nitish-government-said-there-is-corruption-in-pradhan-mantri-awas-yojana/</link><pubDate>December 11, 2023, 10:00 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/6-5-300x161.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री व राज्य सभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना पर बड़ा बयान जारी किया है। दरअसल सुशील मोदी ने रविवार को कहा कि बिहार के 10 जिलों के प्रधानमंत्री आवास योजना के अंकेक्षण में महालेखाकार बिहार को बड...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री व राज्य सभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना पर बड़ा बयान जारी किया है। दरअसल सुशील मोदी ने रविवार को कहा कि बिहार के 10 जिलों के प्रधानमंत्री आवास योजना के अंकेक्षण में महालेखाकार बिहार को बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, अनियमितता, धांधली मिली है। उन्होंने कहा कि योजना के लिए जो अयोग्य हैं उन्हें भी भुगतान कर दिया गया है जबकि जो लाभार्थी अस्तित्व में भी नहीं है उन्हें भी पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। ऐसे में महालेखाकार की अंकेक्षण टीम ने यह भी पाया कि मकानों का पता अव्यवहारिक जीरो टैगिंग, गलत खाते में किस्तों का भुगतान जैसी गलतियां देखी गई हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बिहार सरकार ने भी स्वीकारा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार सरकार ने भी इन अनियमितताओं पर सहमति जताई है। ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव ने सभी उप-विकास आयुक्तों को पत्र लिखकर, मृत लोगों के नाम पर भुगतान, अयोग्य लोगों को किस्तों का भुगतान, गलत खातों में भुगतान के मामलों की जांच का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यही नहीं बीजेपी सांसद ने कहा कि बीजेपी ने सरकार से मांग की है कि बिहार के सभी जिलों में इस योजना के अंतर्गत, भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई कराई जाए। बता दें कि उत्तर प्रदेश के बाद सर्वाधिक प्रधानमंत्री आवास योजना बिहार को आवंटित किया गया है। जिसमें प्रत्येक आवास के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए दिए जाते हैं जिसमें 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार देती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Prashant Kishor: नीतीश सरकार में सरकारी नौकरी की सियासत पर प्रशांत किशोर की एंट्री</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/prashant-kishors-entry-on-politics-of-government-job-in-nitish-government/</link><pubDate>December 2, 2023, 12:54 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/12-2-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। देश भर में अगले साल लोकसभा का चुनाव होना है। ऐसे में सभी दल अपनी पूरी तैयारी में जमकर लगे हुए हैं। इसके साथ ही नीतीश सरकार भी काफी एक्टिव नजर आ रही है। इस समय नीतीश सरकार शिक्षकों की भर्ती को लेकर अपनी वाहवाही करने में लगी हुई है। वहीं, इ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; देश भर में अगले साल लोकसभा का चुनाव होना है। ऐसे में सभी दल अपनी पूरी तैयारी में जमकर लगे हुए हैं। इसके साथ ही नीतीश सरकार भी काफी एक्टिव नजर आ रही है। इस समय नीतीश सरकार शिक्षकों की भर्ती को लेकर अपनी वाहवाही करने में लगी हुई है। वहीं, इस मुद्दे पर बिहार में पदयात्रा कर रहे जन सुराज के सूत्रधार और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने शनिवार को सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और तेजस्वी यादव पर हमला बोला।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2 प्रतिशत से कम लोग कर रहे सरकारी नौकरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार में शिक्षकों की भर्ती को लेकर नीतीश सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जो सिस्टम है, जिसे आप तंत्र कहते हैं, सरकारी नौकरियों में पूरे बिहार के 1.57 प्रतिशत लोग ही शामिल हैं। जिसमें चपरासी से लेकर चीफ सेक्रेटरी तक को भी अगर आप जोड़ेंगे तो 2 प्रतिशत से भी कम लोग सरकारी नौकरियों में संलग्न हैं। इस समय जो पूरी व्यवस्था है वो सिर्फ 2 प्रतिशत सरकारी नौकरी करने वाले लोगों की वजह से नहीं है। प्रशांत किशोर ने कहा कि दिक्कत ये है कि जो जनप्रतिनिधि हैं, लोकतंत्र में मालिक वो हैं, जो अफसरों को चुनकर बैठाते हैं। अफसर वैसे ही काम करता है, जैसा लोग कराना चाहते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बदल गई नीतीश कुमार की प्राथमिकता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि दरभंगा के जाले प्रखंड के कमतौल गांव में प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि यही नीतीश कुमार हैं, 2005 से 2010 में यही तंत्र था, यही अफसर थे और इन्हीं की वजह से कई क्षेत्रों में सुधार दिखा था। अब वो सुधार नहीं दिख रहा है। बदहाली दिख रही है। अब नीतीश कुमार की प्राथमिकताएं बदल गई है। वो पहले बिहार को सुधारने में लगे थे वहीं अब वो अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं, तो अफसर क्या करेंगे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar: जमुई में दारोगा हत्या मामले पर बोले प्रशांत किशोर, महागठबंधन से बिगड़ा लॉ एंड ऑर्डर</title><link>https://bihar.inkhabar.com/crime/bihar-prashant-kishor-on-daroga-murder-case-law-and-order-has-deteriorated-due-to-mahagathbandhan/</link><pubDate>November 14, 2023, 12:09 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/10-1-300x225.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>पटना। बिहार के जमुई में आज सुबह दारोगा प्रभात रंजन की एक बालू माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला। इस दौरान एक होमगार्ड का एक जवान भी घायल हुआ, जिसका इलाज चल रहा है। प्रदेश में बढ़ते अपराध को लेकर एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने ल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के जमुई में आज सुबह दारोगा प्रभात रंजन की एक बालू माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला। इस दौरान एक होमगार्ड का एक जवान भी घायल हुआ, जिसका इलाज चल रहा है। प्रदेश में बढ़ते अपराध को लेकर एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने लगे हैं। सभी के निशाने पर सीएम नीतीश कुमार और महागठबंधन सरकार है। अब इस पर जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर का बड़ा बयान सामने आया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बिहार में बढ़ रहा अपराध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कानून व्यवस्था पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में पिछले 6 महीने में जो लोगों के अंदर डर था इस महागठबंधन की सरकार को लेकर वो कहीं न कहीं चरितार्थ और बदतर होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि अभी जो दारोगा की हत्या हो गई है ये उसका उदाहरण है। हाल ही में जब हम लोगों ने पता किया तो सामने आया कि इस साल 18 मुखियों की हत्या की गई है। इसके अलावा मारपीट, डकैती, अपहरण जैसी आपराधिक घटनाओं का कोई हिसाब ही नहीं है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहले से ही थी आशंका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि मंगलवार को जन संवाद के दौरान प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार में कुछ और चर्चा हो न हो लॉ एंड ऑर्डर की चर्चा जरूर होती है। उन्होंने कहा कि जब मैंने पदयात्रा शुरू की थी तब महागठबंधन की सरकार बनी थी। बिहार में उस समय लोग दबी जुबान से आशंका जाहिर कर रहे थे कि महागठबंधन की सरकार बनी है, तो शायद लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ जाएगा। लोगों के अंदर भी इसे लेकर डर था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Nitish Kumar Inspection: सुबह-सुबह JDU कार्यालय पहुंचे पहुंचे नीतीश कुमार, मचा हड़कंप</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/nitish-kumar-inspection-nitish-kumar-reached-jdu-office-early-in-the-morning-created-a-stir/</link><pubDate>November 4, 2023, 12:01 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/5-2-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोकसभा चुनाव से पहले काफी सक्रिय नज़र आ रहे हैं। वह कभी सचिवालय तो कभी JDU कार्यालय पहुंच रहे हैं। आज शनिवार को भी वह अपने आवास से निकलकर पार्टी कार्यालय गए लेकिन यहां उन्हें कोई नहीं मिला। जिसके बाद वह अपने करीबी ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोकसभा चुनाव से पहले काफी सक्रिय नज़र आ रहे हैं। वह कभी सचिवालय तो कभी JDU कार्यालय पहुंच रहे हैं। आज शनिवार को भी वह अपने आवास से निकलकर पार्टी कार्यालय गए लेकिन यहां उन्हें कोई नहीं मिला। जिसके बाद वह अपने करीबी और बिहार सरकार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी के आवास पर गए। विजय कुमार के आवास पर कुछ देर रहने के बाद वह अपने सचिव दीपक कुमार के आवास पर चले गए। इसके बाद यहां से वह अपने आवास लौट गए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कार्यलय में नहीं मिला कोई पदाधिकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सीएम नीतीश कुमार शनिवार की सुबह 8 बजे अपने आवास से निकले। बताया जा रहा है कि पहले वह जेडीयू कार्यालय में गए। यहां कार्यालय में उन्हें कोई नहीं मिला। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारी 10 बजे के बाद ही पार्टी कार्यालय में पहुंचते हैं। हालांकि, JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह अभी पटना में नहीं हैं। सीएम नीतीश के अचानक कार्यलय पहुंचने पर वहां का माहौल काफी खाली-खाली मिला।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वित्त मंत्री और सचिव को दिया सरप्राइज़&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जब सीएम नीतीश कुमार JDU कार्यालय में पहुंचे तो यहां कुछ सफाईकर्मी और कार्यालय के कुछ कर्मचारी ही मिले। यहां का माहौल देखकर नीतीश कुमार सीधे वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी के घर पहुंच गए। यहां काफी देर तक विजय कुमार चौधरी से बातचीत करने के बाद सीएम यहां से निकल गए। इसके बाद वह अचानक बिना बताए अपने सचिव दीपक कुमार के आवास पर पहुंच गए। वहीं दीपक कुमार से मिलने के बाद सीएम अपने आवास एक अणे मार्ग पर लौट गए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम कर रहे निरीक्षण कार्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सीएम नीतीश सचिवालय सहित कई जगहों पर अचानक निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं। इस वजह से मंत्रियों, विधायकों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है। सीएम नीतीश सचिवालय के कार्यालय में अधिकारियों से पहले ही पहुंच जाते हैं और निरीक्षण करने के बाद देर से आने वाले अधिकारियों की क्लास भी लगा रहे हैं। यही नहीं सीएम नीतीश कुमार विकास भवन और विश्वेश्वरैया भवन में कई बार बिना सूचना के निरीक्षण करने पहुंच चुके हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Teacher Accommodation : अब शिक्षकों को स्कूल के पास आवास देगी नीतीश सरकर</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-teacher-accommodation-now-nitish-government-will-provide-accommodation-to-teachers-near-the-school/</link><pubDate>October 30, 2023, 6:38 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/2-23-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार लोक सेवा आयोग ने हाल ही में एक लाख 22 हजार शिक्षकों का रिजल्ट जारी किया है। अब जल्दी ही इस परीक्षा में सफल हुए सभी शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने के लिए जाना शुरु करेंगे। इससे जुड़ी हुई एक बड़ी ख़बर सामने आई है। बता दें कि सीएम नीतीश की ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;बिहार लोक सेवा आयोग ने हाल ही में एक लाख 22 हजार शिक्षकों का रिजल्ट जारी किया है। अब जल्दी ही इस परीक्षा में सफल हुए सभी शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने के लिए जाना शुरु करेंगे। इससे जुड़ी हुई एक बड़ी ख़बर सामने आई है। बता दें कि सीएम नीतीश की सरकार ने इन सभी पास हुए शिक्षकों के अलावा पहले से भी कार्यरत करीब चार लाख शिक्षकों को आवास देने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि इस निर्णय के अनुसार इन शिक्षकों के रहने की व्यवस्था स्कूल के पास में ही की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि शिक्षकों को विद्यालय पहुंचने में देरी न हो।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विभागीय वेबसाइट पर प्रस्ताव की मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल विभाग ने रविवार को विज्ञापन जारी कर मकान मालिकों और रियल एस्टेट कंपनियों से 4 नवंबर तक विभागीय वेबसाइट पर प्रस्ताव की मांग की है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षकों के रहने की व्यवस्था करने के लिए बिहार सरकार जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत के गांव तक मकानों को किराए पर लेगी। हालांकि अगर रियल एस्टेट कंपनी मकान बनाकर देती है तो भी सरकार जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत के गांवों तक के मकानों को किराए पर ले सकती है। वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग ने इच्छुक मकान मालिकों एवं रियल एस्टेट कंपनियों से भी पूछा है कि वह कितने फ्लैट और मकान तत्काल उपलब्ध करा सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निजी कंपनियां अपने खर्चे पर करेंगी निर्माण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा मकानों और बहू मंजिला इमारतों के मालिकों से यह प्रस्ताव मांगा गया है कि किस जिले में कितने मकान हैं ? साथ ही वह किस प्रखंड और ग्राम पंचायत में कितने मकान उपलब्ध करा सकते हैं जो पहले से बने हुए हों। शिक्षा विभाग ऐसे मकानों को तुरंत किराए पर ले सकता है। वहीं रियल एस्टेट कंपनियों और अन्य इच्छुक जमीन मालिकों से जिला, अनुमंडल और प्रखंड मुख्यालय में बहुमंजिला इमारत एवं भवन निर्माण करने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। बता दें कि यहां केवल विभाग के शिक्षक ही रहेंगे। ऐसे इमारतों का निर्माण निजी कंपनियां अपने खर्चे पर करेंगी। इस दौरान शिक्षा विभाग उन्हें लंबे समय के लिए लीज पर लेगा और हर महीने किराया का भुगतान किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रतिवर्ष शिक्षकों के वेतन पर करोड़ों खर्च&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि निदेशक प्रशासन ने विज्ञापन जारी किया है। इसके अंतर्गत मकान मालिक और रियल एस्टेट कंपनियों की तरफ से 4 नवंबर तक प्रस्ताव देने की मांग की गई है। जिसके बाद 8 नवंबर को पटना में शिक्षा विभाग इनके साथ बैठक करेगी। शिक्षा विभाग प्रतिवर्ष शिक्षकों के वेतन पर 33 हजार करोड़ खर्च करता है। जिसमें से 8% यानी लगभग 2500 करोड़ रुपये आवास पर खर्च किए जाते हैं। अब आवास भत्ता की कटौती कर यह पैसा लीज पर लिए गए मकान और रियल एस्टेट कंपनियों को दिया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar : दुर्गापूजा और दशहरा मेला को लेकर बिहार सरकार ने जारी किए निर्देश</title><link>https://bihar.inkhabar.com/culture/bihar-bihar-government-issued-instructions-regarding-durga-puja-and-dussehra-fair/</link><pubDate>October 19, 2023, 8:13 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/2-15-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। प्रदेश में दुर्गा पूजा और दशहरा के समय बच्चों, महिलाओं और युवाओं की काफी भीड़ होती है। इसे लेकर सुरक्षा मद्देनज़र रखते हुए बिहार सरकर की तरफ से कुछ निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने जारी किए निर्देश इस समय देशभर में नवरात्रि का त्योहार मन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; प्रदेश में दुर्गा पूजा और दशहरा के समय बच्चों, महिलाओं और युवाओं की काफी भीड़ होती है। इसे लेकर सुरक्षा मद्देनज़र रखते हुए बिहार सरकर की तरफ से कुछ निर्देश जारी किए गए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरकार ने जारी किए निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस समय देशभर में नवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है। इन दिनों सभी लोग सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना में लगे हुए हैं। ऐसे में बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से दुर्गापूजा और दशहरा को लेकर सुरक्षा के लिहाज से कुछ निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि अगर आप भी पूजा पंडाल, दशहरा मेला और रावण वध देखने की तैयारी कर रहे हैं तो इन निर्देशों के बारे में जानकारी रखना आपके लिए सहायक हो सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मेले के दौरान किसी भी प्रकार कि समस्या आने पर आपातकालीन सहायता के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। हेल्पलाइन नंबर &amp;#8211; 0612-2294204/ 205 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा , टोल फ्री नंबर- 1070 और मो. नं.- 7070290170 पर भी कॉल कर करके मदद लिया जा सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन निर्देशों का पालन करें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि दुर्गा पूजा के अवसर पर पूजा पंडालों में या दशहरा मेला के दौरान बच्चों, महिलाओं और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में भीड़ को कंट्रोल करना प्रशासन के लिए काफी चुनौती भरा काम हो जाता है। ऐसे में कई निर्देश जारी किए गए हैं जिससे त्योहार को सही तरीके से संपन्न कराया जा सके। इन निर्देशों में कई बातों पर ध्यान देने के लिए कहा गया है जैसे &amp;#8211;&lt;/p&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;मेले के दौरान किसी भी प्रकार का अफवाह न फैलाएं और न ही उन पर ध्यान दें।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;मेले में अपने साथ लाए बच्चों को अकेला न छोड़ें न और ही उन्हें अपने से ज्यादा दूर जाने दें।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;मेले में किसी भी प्रकार के पटाखे/ज्वलनशील पदार्थ न ले जाएं और इस दौरान वहां धूम्रपान न करें।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;इसके अलावा मेले में किसी भी प्रकार की अराजकता न फैलाएं।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;त्योहार के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान जो लोग तैराकी नहीं जानते हैं वो लोग पानी के भीतर न जाएं।&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सामान्य नागरिक इन बातों का रखे ख्याल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अब अगर बात करें मेले में आने वाले सामान्य नागरिकों कि तो पूजा पंडालों और मेले में चलते-फिरते रहें। इस दौरान बेवजह एक ही जगह पर भीड़ न लगाएं। अगर आप छोटे बच्चों, महिलाओं, या परिवार के बुर्जुगों के साथ मेले में आए हैं तो उनके जेब में घर का पता और फोन नंबर अवश्य रख दें। अगर आप परिवार या समूह के साथ हैं तो किसी अपात स्थिति में मेला क्षेत्र के बाहर मिलने का एक स्थान सुनिश्चित कर लें। यहीं नहीं परिवार के सभी लोग एक दूसरे का फोन नंबर अपने पास रखें। अगर किसी वजह से भगदड़ की स्थिति आ जाए तो ऐसे समय संयम में बनाए रखें और घबराएं नहीं। किसी भी आपात स्थित में तत्काल नियंत्रण कक्ष में संपर्क करें। इसके साथ ही अपने सामान की रक्षा स्वयं करें। मेले के दौरान बिजली के तारों और उपकरणों से दूर रहें। अज्ञात वस्तुओं को न छुएं। प्रशासन की तरफ से की जाने वाली घोषणाओं को ध्यान से सुनते रहें और उसका पालन करें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: नवरात्र के समय शिक्षकों की ट्रेनिंग का मुद्दा गरमाया, शिक्षा विभाग पर बरसे गिरिराज सिंह</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-the-issue-of-teachers-training-heated-up-during-navratri-giriraj-singh-lashed-out-at-the-education-department/</link><pubDate>October 14, 2023, 5:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/1-10-300x225.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। बिहार में शिक्षा विभाग के द्वारा नवरात्र के दौरान सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की आवासीय ट्रेनिंग का आदेश जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि इसे लेकर शिक्षक संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है। शिक्षक संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी बिहार में शिक्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में शिक्षा विभाग के द्वारा नवरात्र के दौरान सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की आवासीय ट्रेनिंग का आदेश जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि इसे लेकर शिक्षक संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षक संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार में शिक्षा विभाग किसी न किसी मुद्दे को लेकर विवाद में रहता ही है। शिक्षा विभाग के एक और आदेश को लेकर बवाल शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि दुर्गा पूजा के दौरान सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की आवासीय ट्रेनिंग के आदेश जारी किए गए हैं जिसे लेकर मुद्दा गरमाया हुआ है। जहां एक तरफ शिक्षक संघ ने इसे लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है तो वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की तरफ से बिहार सरकार पर हिंदुओं के त्योहारों के साथ लगातार प्रताड़ना का आरोप लगाया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्रीय मंत्री ने लगाया शिक्षा विभाग पर आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर लिखा कि &amp;#8211; शारदीय नवरात्र में शिक्षकों को आवासीय प्रशिक्षण के नाम पर शिक्षा विभाग प्रताड़ित कर रहा है। उन्होंने आगे लिखा कि रक्षाबंधन में छात्र विहीन स्कूलों का नजारा देखने के बाद भी बिहार सरकार हिंदुओं के त्योहारों के साथ लगातार प्रताड़ना का प्रयोग कर रही है। बिहार की जनता इसका मुकम्मल जवाब देगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या बोले शिक्षक संघ के संयोजक ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि शिक्षक संघ ने बिहार सरकार के इस फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए इसके खिलाफ विरोध किया है। उन्होंने इस फैसले को वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस बीच टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ के संयोजक राजू सिंह ( शिक्षक नेता ) ने कहा सरकारी विद्यालयों में दुर्गा पूजा का अवकाश पहले से ही घोषित किया गया है। दुर्गा पूजा में हिंदू धर्म के शिक्षक उपवास व फलाहार पर रहकर मां दुर्गा की पूजा करते हैं। ऐसे में दुर्गा पूजा की छुट्टी में आवासीय प्रशिक्षण देने का आदेश कहीं से भी उचित नहीं है। यहीं नहीं राजू सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग के इस फैसले से हिंदू धर्म को मानने वाले शिक्षक आक्रोशित हैं। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार के इस फैसले से हिंदू धर्म को मानने वाले शिक्षकों की भावनाएं आहत हुई हैं वहीं अगर फैसले को वापस नहीं लिया गया तो बड़ा आंदोलन हो सकता है। राजू सिंह ने कहा कि अगर बिहार सरकार को आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम रखना ही है तो दुर्गा पूजा के बाद कराया जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहले भी विवाद में रहा था शिक्षा विभाग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि कुछ समय पहले भी सरकारी स्कूलों की छुट्टियों में कटौती की गई थी। इसमे हिंदू त्योहारों की छुट्टियों में कटौती कर दी गई थी जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ था। जिस के चलते बिहार सरकार को बैकफुट पर जाना पड़ा और इस आदेश को वापस लेना पड़ा था। वहीं अब दुर्गा पूजा के दौरान सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की आवासीय ट्रेनिंग का आदेश जारी किया गया है जबकि दुर्गा पूजा के दौरान सरकारी स्कूलों में अवकाश पहले से ही घोषित की जा चुकी है। दरअसल, 15 अक्टूबर से नवरात्र शुरू हो रहा है। ऐसे में गुरुवार को एससीईआरटी ने पत्र जारी कर के 16 से 21 अक्टूबर के बीच ट्रेनिंग शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके अनुसार आईपीआरडी द्वारा बिहार के गया जिले में शिक्षकों की आवासीय ट्रेनिंग होनी तय की गई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: नियोजित शिक्षकों के लिए खुशखबरी, अब विशिष्ट परीक्षा देकर बनेंगे राज्यकर्मी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-good-news-lottery-for-employed-teachers-now-they-will-become-state-employees-by-giving-special-examination/</link><pubDate>October 12, 2023, 8:04 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/2-8-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग की बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अब नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के रास्ते खोल दिए गए हैं। हालांकि इसके लिए पहले परीक्षा पास करनी होगी। पहले परीक्षा, फिर मिलेगा दर्ज...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग की बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अब नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के रास्ते खोल दिए गए हैं। हालांकि इसके लिए पहले परीक्षा पास करनी होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहले परीक्षा, फिर मिलेगा दर्जा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से खुशखबरी है। बताया जा रहा है कि अब प्रदेश में काम करने वाले लगभग चार लाख नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाएगा। फिलहाल उन्हें इसके लिए पहले परीक्षा पास करनी होगी। दरअसल बीते बुधवार को शिक्षा विभाग ने बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 का प्रारूप जारी किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;परीक्षा पास करने के लिए मिलेंगे तीन मौके&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि जैसे बिहार लोक सेवा आयोग के द्वारा भर्ती होने वाले शिक्षकों को सुविधाएं मिला करती थी , उसी प्रकार नियोजित शिक्षकों को भी सुविधाएं मिला करेंगी। इसमें नियोजित शिक्षक विशिष्ठ शिक्षक कहलाने के साथ-साथ इनकी सैलरी भी बढ़ाई जाएगी। बता दें कि राज्य सरकार द्वारा चयनित एजेंसी से नियोजित शिक्षकों की परीक्षा ली जाएगी। यहीं नहीं परीक्षा पास करने के लिए नियोजित शिक्षकों के पास तीन मौके होंगे। अगर तीनों बार में परीक्षा पास नहीं कर पाते तो शिक्षकों को सेवा से हटा दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि नियमावली प्रकाशित होने की तिथि से एक साल के अंदर ही तीन बार सक्षमता परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वेतन कितना होगा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि कक्षा 1 से 5 तक के विशिष्ट शिक्षकों (मध्य विद्यालय के शारीरिक शिक्षक सहित) का वेतन 25 हजार रुपये होगा। वहीं कक्षा 6 से 8 तक के विशिष्ट शिक्षकों का वेतन 28 हजार रुपये होगा। कक्षा 9 और 10 के विशिष्ट शिक्षकों (माध्यमिक के शारीरिक शिक्षक व पुस्तकालय अध्यक्ष सहित) का वेतन 31 हजार रुपये होगा। इसके अलावा कक्षा 11 से 12 तक के विशिष्ट शिक्षकों का वेतन 32 हजार रुपये किया जाएगा। इसके साथ जरुरी बात ये है कि मूल वेतन के अलावा राज्य सरकार की प्रचलित दरों के अनुसार महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, चिकित्सा भत्ता और शहरी परिवहन भत्ता का लाभ भी मिला करेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दे सकते हैं अपना सुझाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि शिक्षा नियमावली बनकर तैयार हो गई है। इसके साथ ही इस नियमावली का प्रारूप विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इस प्रारूप पर सुझाव देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसका सुझाव माध्यमिक शिक्षा निदेशक के ई-मेल (directorse.edu@gmail.com) पर दिया जा सकता है। इसके साथ ही बता दें कि विशिष्ट शिक्षक जिला शिक्षा पदाधिकारी के जरिए ये नियोजित शिक्षक स्थानांतरित होते रहेंगे। यहीं नहीं विशिष्ट शिक्षकों के अनुरोध पर निर्देशक प्राथमिक या निर्देशक माध्यमिक से अनुरोध कर जिले के बाहर स्थानांतरण लिया जा सकता है। वहीं एक विशिष्ट शिक्षक अपने पूरे सेवा काल में केवल दो ही बार इस तरह के विकल्प का प्रयोग कर सकेगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: जाति आधारित गणना की रिपोर्ट पर ट्रांसजेंडर समुदाय ने जताई नाराज़गी, आंकड़ों को बताया फर्जी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-transgender-community-expressed-displeasure-over-the-report-of-caste-based-census-called-the-figures-fake/</link><pubDate>October 3, 2023, 7:35 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/4-1-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। बिहार में जारी हुए जाति आधारित गणना को लेकर ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता रेशमा प्रसाद ने कहा कि यह गणना रिपोर्ट फ़र्जी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को वास्तविक संख्या जाननी है तो उन्हें पटना जंक्शन, रेलवे स्टेशन और टोल प्लाजा पर जाना चाहिए। ट्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में जारी हुए जाति आधारित गणना को लेकर ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता रेशमा प्रसाद ने कहा कि यह गणना रिपोर्ट फ़र्जी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को वास्तविक संख्या जाननी है तो उन्हें पटना जंक्शन, रेलवे स्टेशन और टोल प्लाजा पर जाना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ट्रांसजेंडर समुदाय ने सर्वे रिपोर्ट पर जताई नाराज़गी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार की नीतीश सरकार ने सोमवार को जाति-आधारित गणना की रिपोर्ट जारी कर दी है। इसके साथ ही बिहार जाति आधारित गणना कराने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। जहां एकतरफ राज्य सरकार इसे खुश नज़र आ रही है वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर राज्य के ट्रांसजेंडर समुदाय ने सर्वे रिपोर्ट पर अपनी नाराजगी ज़ाहिर की है और जारी किए गए आंकड़ों को लेकर सवाल भी उठाए हैं। बता दें कि ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता रेशमा प्रसाद ने बिहार सरकार के द्वारा जारी किए गए गणना रिपोर्ट को फर्ज़ी बताया है। इसके साथ यह दावा भी किया कि गणना प्रक्रिया के दौरान उनसे ब्‍योरा नहीं लिया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जाति गणना रिपोर्ट फर्जी है &amp;#8211; रेशमा प्रसाद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता रेशमा प्रसाद ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार बिहार सरकार का यह दावा है कि ट्रांसजेंडर लोगों की आबादी केवल 825 है, जबकि 2011 की जनगणना में हमारी आबादी 42,000 से अधिक थी। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण अधिकारियों ने बिहार में सभी ट्रांसजेंडरों की पहचान नहीं की है और मेरी तो गिनती भी नहीं हुई, किसी ने मुझसे मेरी जाति के बारे में नहीं पूछा। रेशमा प्रसाद ने बताया कि कॉलम संख्या 22 में तीसरे लिंग का उल्लेख किया गया है, जिसके मुताबिक कुल जनसंख्या सिर्फ 825 है और प्रतिशत 0.0006 है। उन्होंने कहा कि ये बिल्कुल फर्जी है। यदि वे वास्तविक संख्या जानना चाहते हैं, तो उन्हें पटना जंक्शन, रेलवे स्टेशन और टोल प्लाजा पर जाना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;रेशमा प्रसाद ने कहा कि चूंकि उन्होंने मेरा सर्वेक्षण नहीं किया है, इसलिए मैंने पहले ही पटना उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर दी है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि बिहार सरकार ने हमारे साथ अन्याय किया है। रेशमा प्रसाद ने आगे कहा कि ट्रांसजेंडर लोग शुभ अवसरों पर लोगों को आशीर्वाद देते हैं, लेकिन अगर उनके साथ अन्याय होता है, तो वे शाप देते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;उपेंद्र कुशवाहा ने भी उठाए सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इससे पहले राष्ट्रीय लोक जनता दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी दावा किया था कि मतगणना के दौरान उनकी जाति और अन्य विवरण पूछने के लिए कोई भी उनके पास नहीं पहुंचा। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि सरकार ने गांधी जयंती पर जाति सर्वे का डेटा सार्वजनिक किया है। इसको लेकर उन्होंने सरकार को बधाई दी है, लेकिन यह भी कहा है कि इस रिपोर्ट में कई खामियां भी हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन्हें कई नेताओं ने जानकारी दी है कि हमसे और हमारे परिवार से किसी ने जात की जानकारी भी नहीं ली। बीपीएल जैसी सूची में भी कई खामियां पाई गई हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार : आज सीएम नीतीश करेंगे सर्वदलीय बैठक, डेटा में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाएगी बीजेपी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-today-cm-nitish-will-hold-an-all-party-meeting-bjp-will-raise-questions-regarding-data-irregularities/</link><pubDate>October 3, 2023, 7:19 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/3-2-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। बिहार में जाति आधारित गणना को लेकर आज मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक की जाएगी। इस दौरान बीजेपी आंकड़ों को लेकर राज्य सरकार को घेर सकती है। आज होगी सर्वदलीय बैठक बिहार में जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट जारी की ज...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में जाति आधारित गणना को लेकर आज मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक की जाएगी। इस दौरान बीजेपी आंकड़ों को लेकर राज्य सरकार को घेर सकती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज होगी सर्वदलीय बैठक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार में जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट जारी की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि आज मंगलवार (3 अक्टूबर) को जाति आधारित जनगणना में साथ रहे दलों के नेताओं की सर्वदलीय बैठक होनी है। बता दें कि यह बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में होगी। इसमें जाति जनगणना की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सभी दलों से बातचीत करेंगे। बता दें कि जाति आधारित जनगणना में साथ रहे दलों के नेताओं को भी अगड़ी जातियों और बनिया की जनसंख्या घटने पर आश्चर्य हो रहा है। इसमें डेटा के अनुसार अगड़ी जाति और बनिया जाति के जो आंकड़े प्रकाशित किए गए हैं उन्हें लेकर आज भाजपा विरोध भी जताएगी। बता दें कि सर्वदलीय बैठक के दौरान भाजपा उन आंकड़ों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम नीतीश ने क्या कहा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में जाति आधारित जनगणना की सारी बातें सबके सामने रखी जाएगी। इसके साथ ही इस बैठक में सबकी राय लेकर सरकार द्वारा सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। नीतीश कुमार ने आगे यह भी कहा कि बिहार में जो जाति आधारित गणना हुई है वो पूरे देश में भी होनी चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जाति गणना का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, जाति जनगणना की रिपोर्ट जारी होते ही मामला फिर से सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। चूंकि रिपोर्ट को प्रकाशित नहीं करने की बात की गई थी लेकिन इसके बावजूद डाटा को प्रकाशित कर दिया गया है। जाति जनगणना के आंकड़ों को जारी करने पर रोक लगाने के लिए पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बिहार सरकार के पक्ष में इसका फैसला सुनाया था और सरकार के इस कदम को कानूनी रूप से वैध बताया था। वहीं इसके बाद बिहार सरकार ने जाति गणना का कार्य शुरू कर दिया था। बताया जा रहा है कि पटना हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर और रिपोर्ट को फिलहाल जारी नहीं करने का अनुरोध किया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। अब इसको लेकर फिर से कोर्ट में यह मामला कोर्ट में चला गया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस मामले पर 6 अक्टूबर को ही आपकी दलीलें सुनी जाएंगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार : प्रदेश में जाति आधारित गणना की रिपोर्ट जारी, जानिए पूरी जानकारी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-caste-based-census-report-released/</link><pubDate>October 2, 2023, 8:10 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/3-1-300x204.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में गांधी जयंती के मौके पर मुख्य सचिव अमीर सुबहानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जाति आधारित गणना की रिपोर्ट जारी कर दी है। बताया जा रहा है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था। जाति आधारित गणना की रिपोर्ट बिहार में हुई जाति आधारित...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में गांधी जयंती के मौके पर मुख्य सचिव अमीर सुबहानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जाति आधारित गणना की रिपोर्ट जारी कर दी है। बताया जा रहा है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जाति आधारित गणना की रिपोर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार में हुई जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट 2 अक्टूबर को जारी कर दी गई है। बताया जा रहा है कि आज गांधी जयंती के मौके पर बिहार सरकार के मुख्य सचिव अमीर सुबहानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जाति आधारित गणना की रिपोर्ट जारी की है। बिहार में जाति आधारित गणना को लेकर में काफी दिनों से बवाल मचा हुआ था। यहीं नहीं यह मामला हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। सोमवार को मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने रिपोर्ट जारी की है जिसमें, बिहार में सामान्य वर्ग के लोगों की आबादी 15 प्रतिशत है वहीं पिछड़ा वर्ग की आबादी 27 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि अनुसूचित जाति की आबादी करीब 20 प्रतिशत है। बता दें कि नीतीश कुमार सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट में यह डेटा सामने आया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बिहार में हैं कुल 2 करोड़ 83 लाख 44 हजार 107 परिवार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गणना रिपोर्ट के अनुसार पूरे बिहार की जनसंख्या कुल 13 करोड़ 7 लाख 25 हज़ार 310 है। इसमें बिहार में बाहर से आकर रहने वालों की संख्या 53 लाख 72 हजार 22 है और बिहार राज्य में रहने वालों की कुल जनसंख्या 12 करोड़ 53 लाख 53 हजार 288 है। बता दें कि इसमें पुरुषों की कुल संख्या 6 करोड़ 41 लाख 31 हजार 990 है जबकि महिलाओं की संख्या 6 करोड़ 11 लाख 38 हजार 460 है। वहीं अन्य की संख्या 82 हजार 836 दर्ज की गई है। गणना के अनुसार 1000 पुरुषों पर 953 महिलाएं हैं। इसमें पूरे बिहार में कुल 2 करोड़ 83 लाख 44 हजार 107 परिवारों को सर्वेक्षित किया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बिहार में किसकी कितनी जनसंख्या&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जाति आधारित गणना की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में सबसे अधिक हिंदुओं की संख्या पाई गई है। बता दें की इसमें में 81.99 प्रतिशत हिंदू हैं। हिंदुओं की संख्या 10 करोड़ 71 लाख 92 हजार 958 है। वहीं बिहार में मुस्लिम की संख्या 17.7% यानी 2 करोड़ 31 लाख 49 हजार 925 है। इसके अलावा ईसाई की संख्या 75238, सिख की संख्या 14753, बौद्ध की संख्या 111201 और जैन की संख्या 12523 है यानी 1% से भी कम है। बता दें कि जब बिहार में भारतीय जनता पार्टी के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी सरकार में थी, उसी समय बिहार विधानसभा और विधान परिषद ने राज्य में जाति आधारित गणना कराए जाने का प्रस्ताव पारित किया था। वहीं कोरोना की स्थिति संभलने के बाद 1 जून 2022 में सर्वदलीय बैठक में जाति आधारित गणना को सर्वसम्मति से कराने का प्रस्ताव पारित किया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;किस जाति में कितने लोग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार के जातीय गणना के आंकड़े के अनुसार कुल जनसंख्या का 63 प्रतिशत हिस्सा ओबीसी, ईबीसी हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य की कुल जनसंख्या 13.07 करोड़ से कुछ अधिक है। इसमें अगर वर्गों की आबादी के बारे में बात करें तो सामान्य वर्ग &amp;#8211; 15.52%,पिछड़ा वर्ग- 27.12%,अति पिछड़ा वर्ग &amp;#8211; 36.1%,अनूसूचित जाति- 19.65% और अनूसचित जनजाति &amp;#8211; 1.68% है। वहीं अगर बात करें कि किस में कितनी आबादी है तो ब्राह्मण- 3.67%, राजपूत- 3.45%, भूमिहार- 2.89%, कायस्थ &amp;#8211; 0.60%, यादव &amp;#8211; 14.26 %, कुरमी- 2.87%, तेली- 2.81%, मुसहर- 3.08% और सोनार-0.68% में हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों की गई थी गणना?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार सरकार की ओर से राज्य में जातियों की संख्या और उनकी आर्थिक स्थिति का पता लगाने के लिए जाति जनगणना कराई गई थी। फिलहाल सरकार का कहना है कि इससे आरक्षण के लिए प्रावधान करने और विभिन्न योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। बिहार में जाति आधारित गणना का पहला चरण 7 जनवरी से शुरू हुआ था। यह चरण 21 जनवरी 2023 को पूरा कर लिया गया था। वहीं 15 अप्रैल से इसके दूसरे चरण की गणना की शुरुआत हुई। इसे 15 मई को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, मामला कोर्ट में चला गया। इसके बाद पटना हाईकोर्ट ने गणना पर रोक लगा दिया था। बाद में फिर पटना हाईकोर्ट ने ही जाति आधारित गणना को हरी झंडी दी। दूसरे चरण में परिवारों की संख्या, उनके रहन-सहन, आय समेत अन्य जानकारियां जुटाई गईं। इसके बाद मामला सुप्रीमो कोर्ट में भी गया। लेकिन इस बार कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>नीतीश सरकार को NGT की तरफ से बड़ा झटका, 2 महीने में चुकाने पड़ेंगे 4000 करोड़</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/big-blow-to-nitish-government-from-ngt-will-have-to-pay-4000-crores-in-2-months/</link><pubDate>May 6, 2023, 1:43 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/Clipboard-45-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार सरकार पर NGT (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) ने 4000 करोड़ का जुर्माना लगाया है। आपको बता दें की जुर्माना तरल कचरे का वैज्ञानिक रूप से प्रबंधन नहीं करने पर बिहार पर चार हज़ार करोड़ रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया है. राष्ट्रीय हरित अधिकरण...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; बिहार सरकार पर NGT (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) ने 4000 करोड़ का जुर्माना लगाया है। आपको बता दें की जुर्माना तरल कचरे का वैज्ञानिक रूप से प्रबंधन नहीं करने पर बिहार पर चार हज़ार करोड़ रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया है. राष्ट्रीय हरित अधिकरण अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके गोयल की पीठ ने ये निर्देश दिया है। और कहा कि जुर्माने की राशि दो महीने के अंदर ‘रिंग-फेंस खाते’ में जमा कराया जाए और इसके साथ ही मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि इसका उपयोग सिर्फ राज्य में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए किया जाए. बता दें कि रिंग-फेंस खाते में जमा राशि के एक भाग को विशिष्ट उद्देश्य के लिए आरक्षित रखा जाता है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सरकार कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन में नाकाम रही&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;NGT अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके गोयल की पीठ ने कहा कानून के आदेश, खास कर उच्चतम न्यायालय और न्यायाधिकरण के फैसलों के खिलाफ जा कर ठोस और तरल कचरे के वैज्ञानिक रूप से प्रबंधन में नाकाम रहने के वजह से प्रदूषक भुगतान सिद्धांत के तहत राज्य पर चार हज़ार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।उन्होंने कहा कि जुर्माने की राशि का उपयोग ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं की स्थापना,जलमल उपचार संयंत्रों के निर्माण के लिए और पुराने कचरे के उपचार के लिए किया जाएगा। ताकि बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पीठ ने क्या सुझाव दिया&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पीठ ने इस मामले पर सुझाव दिया है कि उपयुक्त जगहों पर खाद बनाने में गीले कचरे का इस्तेमाल करने के लिए बेहतर विकल्पों का पता लगाया जाना चाहिए. वहीं आपको बता दें कि इस पीठ में न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के साथ विशेषज्ञ के रूप में सदस्य अफरोज अहमद तथा ए सेंथिल वेल भी शामिल थे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच ने दिया आदेश, जातिगत जनगणना पर लगी रोक</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/justice-vinod-chandrans-bench-ordered-ban-on-caste-census-prince-singh-inkhabar-bihar/</link><pubDate>May 4, 2023, 9:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-69-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार में चल रहे जातिगत जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है. गुरुवार को जातीय जनगणना पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि . बता दें कि सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही मामल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;पटना: बिहार में चल रहे जातिगत जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है. गुरुवार को जातीय जनगणना पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि . बता दें कि सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही मामले में अपनी दलील दे रहे थे, लेकिन पटना हाईकोर्ट ने जाति जनगणना पर रोक लगा दी है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;हाईकोर्ट ने लगाई रोक&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई 3 जुलाई को होनी है. इसके साथ ही तब तक कोई डेटा सामने नहीं आएगा. इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील ने जानकारी दी कि तीन जुलाई से इस मामले पर डिटेल में सुनवाई की जाएगी. इसके साथ ही कोर्ट के इस फैसले से नीतीश कुमार को बहुत बड़ा झटका लगा है. ऐसे में ये देखना होगा कि जुलाई के बाद इस मामले में क्या कुछ होता है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गुरुवार को कोर्ट ने लगाई रोक&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आज पटना हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने राज्य में जातिगत जनगणना पर रोक लगा दी है। बता दें कि पटना उच्च न्यायलय ने जनगणना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बेटे की शादी से पहले पूर्व सांसद आनंद मोहन को मिली रिहाई, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/former-mp-anand-mohan-released-before-sons-marriage-government-issued-notification/</link><pubDate>April 24, 2023, 5:13 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/WhatsApp-Image-2023-04-24-at-10.37.26-PM-300x169.jpg</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना: बिहार सरकार ने पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन की रिहाई का रास्ता साफ़ कर दिया है। जी हाँ आपको बता दें कि सोमवार की शाम बिहार सरकार के विधि विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर दी है। बता दें कि अब कागजी प्रक्रिया के बाद आनंद मोहन पूरी तरह से...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना: &lt;/strong&gt;बिहार सरकार ने पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन की रिहाई का रास्ता साफ़ कर दिया है। जी हाँ आपको बता दें कि सोमवार की शाम बिहार सरकार के विधि विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर दी है। बता दें कि अब कागजी प्रक्रिया के बाद आनंद मोहन पूरी तरह से जेल से बाहर आ जाएंगे। इसके साथ ही आपको बता दें कि सरकार ने कुल 27 कैदियों की रिहाई का आदेश दिया है। फ़िलहाल आनंद मोहन अपने बेटे चेतन आनद की शादी को लेकर 15 दिनों के पेरोल पर बाहर हैं और इसी दौरान शादी से पहले आनंद मोहन को ये खुशखबरी मिली है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सरकार ने किया कारा हस्तक, 2012 में संशोधन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि बिहार सरकार ने 10 अप्रैल को बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम 481 (I) में संशोधन किया था। जिसके बाद आनंद मोहन की रिहाई का रास्ता साफ़ हो चूका था। हालांकि ये संशोधन केवल एक बार के लिए ही किया गया है. और इस संशोधन के कारण ही आनंद मोहन के अलावा उनके जैसे सजा काट रहे अन्य 21 कैदियों को लाभ पहुंचा है. प्रावधान के कारण पूर्व संसद के अलावा बाकी के 21 कैदी भी जेल से रिहा हो गए हैं. इस मामले को लेकर गृह विभाग से लेकर जेल निदेशालय और विधि विभाग के स्तर पर मंथन किया गया था.&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://www.inkhabarbihar.com/wp-content/uploads/2023/04/WhatsApp-Image-2023-04-24-at-10.36.57-PM.jpg&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-2431&quot; srcset=&quot;https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/WhatsApp-Image-2023-04-24-at-10.36.57-PM.jpg 790w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/WhatsApp-Image-2023-04-24-at-10.36.57-PM-300x169.jpg 300w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/WhatsApp-Image-2023-04-24-at-10.36.57-PM-768x432.jpg 768w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/WhatsApp-Image-2023-04-24-at-10.36.57-PM-150x84.jpg 150w, https://bihar.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/04/WhatsApp-Image-2023-04-24-at-10.36.57-PM-696x391.jpg 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;इस मामले में हुआ था जेल&lt;/strong&gt;&lt;br&gt;गौरतलब हो कि इस समय आनंद मोहन गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णय्या की हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. और इसी मामले में आनंद मोहन को मुजफ्फरपुर कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी. जिसके बाद आनंद मोहन ने इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी। जिसपर सुनवाई कर अदालत ने इस सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। बता दें कि आनंद मोहन पहले ही जेल में 14 साल की सजा काट चुके हैं और उनके अच्छे व्यवहार के कारण अब उन्हें परिहार पर रिहा किया जा सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>सुप्रीम कोर्ट का बिहार सरकार से सवाल, क्या शराबबंदी कानून लागू होने के बाद खपत कम हुई ?</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/supreme-courts-question-to-the-bihar-government-did-the-consumption-decrease-after-the-prohibition-law-was-implemented-prince-singh-inkhabar/</link><pubDate>April 13, 2023, 8:28 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/04/lkd-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए बिहार सरकार से पूछा कि क्या सरकार के पास ऐसा कोई डाटा है, जिससे यह पता लग सके कि शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से राज्य में शराब की खपत में कितनी कमी आई है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम राज्य...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना&lt;/strong&gt;: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए बिहार सरकार से पूछा कि क्या सरकार के पास ऐसा कोई डाटा है, जिससे यह पता लग सके कि शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से राज्य में शराब की खपत में कितनी कमी आई है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम राज्य सरकार की मंशा पर कोई सवाल खड़ा नहीं कर रहे हैं, लेकिन हमें जमानत के लिए जो याचिकाएं मिल रही हैं उनमें से कई सारी शराबबंदी कानून से जुड़ी हैं.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट में आ रही हैं याचिकाएं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बुधवार को जस्टिस केएम जोसेफ, कृष्ण मुरारी और बीवी नागरत्ना की पीठ ने शराबबंदी से जुड़े एक मामले पर सवाल उठाया. बेंच ने अनिल कुमार को अग्रिम जमानत देने पर सवाल खड़ा किया. साल 2015 में मधुबनी जिले के निवासी अनिल कुमार की कार से 25 लीटर से अधिक विदेशी शराब पकड़ा गया था. इस मामले में राज्य के वकील की दलिलों को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनपर सवाल खड़ा किया.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शराबबंदी से क्या खपत कम हुई ?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पीठ ने कहा कि क्या आप जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में बिहार से जमानत के लिए कितनी याचिकाएं आ रही हैं ? इसका बड़ा हिस्सा शराबबंदी कानून से जुड़ा हुआ है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि क्या राज्य सरकार के पास ऐसा कोई डाटा है, जिससे यह साबित हो सके कि शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से बिहार में शराब की खपत में कमी आई है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार में ऐसा क्या हो गया कि लोग मंत्री जी की लेने लगे चुटकी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/ajab-gajab/bihar-mantri-on-shilapat-viral-photo-crime-nitish-kumar-prince-singh/</link><pubDate>March 11, 2023, 1:13 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/bihar-mantri-300x169.png</image><category>अजब-गजब</category><excerpt>पटना: किसी भी विकास कार्य को लेकर देश में नेता अपनी राजनीतिक हित साधने के लिए उसको खूब भूनाते हैं. ऐसी ही एक खबर आ रही है बिहार से जहां बिहार सरकार के एक मंत्री ने कुछ ऐसा किया कि जो लोग भी इस खबर को सुन रहे हैं वो वाह नेता जी वाह कहने [&amp;hellip...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; किसी भी विकास कार्य को लेकर देश में नेता अपनी राजनीतिक हित साधने के लिए उसको खूब भूनाते हैं. ऐसी ही एक खबर आ रही है बिहार से जहां बिहार सरकार के एक मंत्री ने कुछ ऐसा किया कि जो लोग भी इस खबर को सुन रहे हैं वो वाह नेता जी वाह कहने से नहीं चूक रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पूर्णिया का है मामला&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है. वायरल तस्वीर बिहार के पूर्णिया की बताई जा रही है. जहां देखा जा सकता है कि अपने काम को गिनाने के लिए नीतीश सरकार में पशु एवं मत्स्य संसाधन विकास विभाग का मंत्री मोहम्मद अफाक आलम ने एक सड़क निर्माण कार्य के शिलापट्ट पर अपनी तस्वीर लगवा दी. इस तस्वीर के वायरल होने के बाद लोग तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शिलापट्ट पर छपी थी तस्वीर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि शनिवार को मंत्री ने पूर्णिया में एक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास कराया था. सड़क निर्माण का यह कार्य पूर्णिया के श्रीनगर रोड से गढ़िया शाह बाजार तक होना है. इस निर्माण कार्य के दौरान जो शिलापट्ट लगया गया था उस पर मोटे अक्षरों में मंत्री का नाम उकेड़ा गया है. यहां तक तो ठीक है. सारे शिलापट्ट पर नेताओं के नाम होते हैं, लेकिन इसके आलावा लोगों ने जो देखा उससे उनकी हंसी निकल गई. इस शिलापट्ट पर मंत्री की तस्वीर भी बनाई गई थी.&lt;/p&gt;
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