<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today बिहार शिक्षा विभाग News | Latest बिहार शिक्षा विभाग News | Breaking बिहार शिक्षा विभाग News in English | Latest बिहार शिक्षा विभाग News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का बिहार शिक्षा विभाग समाचार:Today बिहार शिक्षा विभाग News ,Latest बिहार शिक्षा विभाग News,Aaj Ka Samachar ,बिहार शिक्षा विभाग समाचार ,Breaking बिहार शिक्षा विभाग News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://www.inkhabar.com/tag/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97</link>
        <lastBuildDate>May 10, 2026, 3:09 am</lastBuildDate>
        <copyright>Inkhabar</copyright>
        <generator>Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://www.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Inkhabar</title>
            <link>https://www.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Bihar Teacher Salary: नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षकों को एक साथ मिलेगी तीन माह की सैलरी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-teacher-salary-big-decision-of-nitish-government-teachers-will-get-three-months-salary-together/</link><pubDate>October 7, 2024, 11:57 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/10/download-37.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: त्योहारी सीजन में बिहार शिक्षा विभाग ने पे रोल मैनेजमेंट पोर्टल से जुड़ी बड़ी राहत दी है. शिक्षकों और कर्मचारियों को जुलाई से सितंबर तक का वेतन पाने के लिए अब पोर्टल से पर्ची की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिहार शिक्षा विभाग ने वेतन भुगतान की प्रक...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना:&lt;/strong&gt; त्योहारी सीजन में बिहार शिक्षा विभाग ने पे रोल मैनेजमेंट पोर्टल से जुड़ी बड़ी राहत दी है. शिक्षकों और कर्मचारियों को जुलाई से सितंबर तक का वेतन पाने के लिए अब पोर्टल से पर्ची की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिहार शिक्षा विभाग ने वेतन भुगतान की प्रक्रिया को आसान बना दिया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा विभाग के फैसले से मिलेगा फायदा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि शिक्षा विभाग के इस अहम फैसले से पटना यूनिवर्सिटी, मगध यूनिवर्सिटी, बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी, जयप्रकाश यूनिवर्सिटी, वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी समेत कई विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को फायदा होगा.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पेरोल मैनेजमेंट पोर्टल की प्रक्रिया होगी आसान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार शिक्षा विभाग के इस फैसले के बाद अब पेरोल मैनेजमेंट पोर्टल से बिना पर्ची निकाले भी शिक्षकों को वेतन भुगतान की प्रक्रिया सरल हो जायेगी. शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन भुगतान में आ रही दिक्कतों को कम करने के लिए शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है.त्योहारी सीजन में हर किसी को पैसों की जरूरत होती है. इसे ध्यान में रखते हुए, शिक्षा विभाग बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों को जुलाई से सितंबर तक वेतन का भुगतान करेगा, भले ही उनके पास पेरोल प्रबंधन पोर्टल पर वेतन पर्ची न हो।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;13 विश्वविद्यालयों के हजारों शिक्षकों को फायदा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कर्मचारियों की परेशानी कम करने के लिए शिक्षा विभाग ने तीन महीने के लिए पोर्टल से सैलरी स्लिप की अनिवार्यता हटा दी है. विभाग के इस फैसले से राज्य के 13 विश्वविद्यालयों के हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को फायदा होगा. दुर्गा पूजा से पहले बिहार सरकार ने वेतन भुगतान के लिए पैसा जारी कर दिया है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन कर्मचारियों को मिलेगा इसका फायदा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सरकार के इस फैसले से कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत यूनिवर्सिटी, मौलाना मजहरुल हक वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी, बीएन मंडल यूनिवर्सिटी, तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी, अरबी-फारसी यूनिवर्सिटी, पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी, पटना यूनिवर्सिटी, मगध यूनिवर्सिटी, बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी, जयप्रकाशयूनिवर्सिटी, पूर्णिया यूनिवर्सिटी, मुंगेर यूनिवर्सिटी, ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी के हजारों शिक्षक और कर्मचारी अच्छे से त्योहार मना सकते हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Education Department: शिक्षा विभाग के रडार पर आए निजी स्कूल, करना होगा रजिस्ट्रेशन</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/education-department-private-schools-are-on-the-radar-of-the-education-department-registration-will-be-required/</link><pubDate>August 5, 2024, 3:02 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/tfuij-300x169.webp</image><category>जॉब एंड एजुकेशन</category><excerpt>पटना। बिहार की नीतीश सरकार ने मौलिक अधिकार के शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सभी निजी स्कूलों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। फिलहाल 20000 निजी स्कूलों ने आवेदन किया है, लेकिन 8000 स्कूलों ने अब तक आवे...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार की नीतीश सरकार ने मौलिक अधिकार के शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सभी निजी स्कूलों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। फिलहाल 20000 निजी स्कूलों ने आवेदन किया है, लेकिन 8000 स्कूलों ने अब तक आवेदन नहीं किया है। यह संख्या राज्य में मौजूद 40 हजार निजी स्कूलों से काफी कम है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt; अधिकारियों को कार्रवाई के आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस लापरवाही को देखते हुए प्राथमिक शिक्षा निदेशक मिथिलेश मिश्र ने सभी जिलों के अधिकारियों को कार्रवाई करने का आदेश दिया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक मिथिलेश मिश्र का कहना है कि शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सभी प्राइवेट स्कूलों का पंजीकरण अनिवार्य है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मुताबिक निजी विद्यालयों की पंजीकरण लेना अनिवार्य है। इस अधिनियम में यह प्रविधान है कि कोई भी विद्यालय जो निर्धारित मानक धारित करता हो, सक्षम प्राधिकार से पंजीकरण का प्रमाण पत्र लिए बिना निजी स्कूलों को स्थापित या संचालित नहीं करेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आवेदन न करने पर लगेगा जुर्माना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस नियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, नियम तोड़ने वाले स्कूल अगर निर्धारित तिथि के बाद भी जारी रहे, तो उन्हें हर दिन के हिसाब से 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल 11,192 निजी स्कूलों को मान्यता मिल चुकी है। जिन स्कूलों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, उनकी सूची सभी जिलों से मांगी गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ऐसे स्कूलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>KK Pathak: सुपौल के इन 9 विद्यालयों के हेडमास्टर की नौकरी पर गिर सकती है गाज</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/headmaster-of-these-9-schools-of-supaul-may-lose-his-job/</link><pubDate>December 25, 2023, 6:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/2-10-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में शिक्षा विभाग की तरफ से व्यवस्था में सुधार लाने के लिए लगातार कुछ न कुछ निर्देश जारी होते रहते हैं। यही नहीं खुद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इसके लिए अलर्ट कर रहे हैं। वो आए दिन निरीक्षण कार्य भी करते रहते हैं। वहीं ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में शिक्षा विभाग की तरफ से व्यवस्था में सुधार लाने के लिए लगातार कुछ न कुछ निर्देश जारी होते रहते हैं। यही नहीं खुद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक इसके लिए अलर्ट कर रहे हैं। वो आए दिन निरीक्षण कार्य भी करते रहते हैं। वहीं इतनी सख्ती के बाद भी व्यवस्था में कमियां दिखने को मिल रही हैं। इस बार जो मामला सामने आया है वो सुपौल जिले का बताया जा रहा है जहां एक गलती पर 9 हेडमास्टरों की नौकरी पर गाज गिर सकती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में जारी हुआ पत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, इस संबंध में सुपौल जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में 21 दिसंबर को एक पत्र जारी हुआ था। जो कि अब सामने आया है। इस पत्र के जरिए प्राथमिक शिक्षा एवं शिक्षा अभियान के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने डीपीओ स्थापना राहुल चंद्र चौधरी को कहा है कि हर स्कूल में कम से कम दो शौचालय का निर्माण किया जाए लेकिन जिले के 9 स्कूलों में इसकी कोई व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में उन्होंने कार्रवाई की अनुसंशा की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये 9 विद्यालय लिस्ट में शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;मध्य विद्यालय कहरवाना&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;प्रावि कनचीरा छातापुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;यूएमएस मोतीपुर कन्या राघोपुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;प्रावि लक्ष्मीनिया सुपौल&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;प्रावि घोरे राघोपुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;प्रावि अमहा चौघरा&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;कन्या प्रावि ब्रह्मपुर&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;यूएमएस सिमराहा मरौना&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;उर्दू मध्य विद्यालय बौराहा राघोपुर&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विद्यालय प्रधान के विरुद्ध पत्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इस मामले के संबंध में डीपीओ एसएसए प्रवीण कुमार बताया कि शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिले के 9 स्कूलों में शौचालय के निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई। इसीलिए डीपीओ स्थापना को पत्र जारी किया गया। बता दें कि विद्यालय प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। वहीं डीपीओ स्थापना राहुल चंद्र चौधरी ने पूछने पर बताया कि उन्हें अभी कोई पत्र नहीं मिला है। यदि कोई पत्र प्राप्त होगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>K.K. Pathak: केके पाठक के नए फरमान से बढ़ सकती है शिक्षकों की टेंशन, जानें क्या है नया आदेश</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/teachers-tension-may-increase-due-to-kk-pathaks-new-order-know-what-is-the-new-order/</link><pubDate>December 16, 2023, 11:12 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/10-4-300x165.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने एक नए फरमान से सरकारी स्कूलों के टीचरों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि केके पाठक एक सरकारी स्कूल की शिक्षिक से कह रहे थे कि अगर बच्चे शाम 5 बजे तक भी पढ़ना चाहते हैं तो आप उ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने एक नए फरमान से सरकारी स्कूलों के टीचरों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि केके पाठक एक सरकारी स्कूल की शिक्षिक से कह रहे थे कि अगर बच्चे शाम 5 बजे तक भी पढ़ना चाहते हैं तो आप उन्हें पढ़ाइए। इसके साथ ही बच्चों से कहा कि आप पढ़ें चाहे नहीं पढ़े लेकिन आपको स्कूल में 3:30 बजे तक रहना है भागना नहीं है। उनका ये बयान कैमरे में कैद हो गया है, जिससे शिक्षक सोच में पड़ गए है कि क्या 5 बजे तक पढ़ाने का फरमान जारी होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निरीक्षण करने पहुंचे केके पाठक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक शुक्रवार को वैशाली जिले सरकारी स्कूलों का जायजा लेने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान केके पाठक हाजीपुर के हंसतारगंज मध्य विद्यालय पहुंचे जहां उन्होंने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने चंद्रलेखा मध्य विद्यालय अस्तीपुर, मध्य विद्यालय मीनापुर व अन्य स्कूलों का निरीक्षण किया। जिसके बाद केके पाठक लालगंज के घटारो मध्य विद्यालय में पहुंचे। यहां उन्होंने एक शिक्षिका को कहा कि आप 3:30 से लेकर 5:00 बजे तक स्कूल में रहें। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों से कहा कि आप पढ़ें चाहे नहीं पढ़ें लेकिन 3:30 बजे तक आपको स्कूल में रहना है भागना नहीं है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहले भी जारी हो चुके हैं कड़े फरमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इससे पहले शिक्षा विभाग की तरफ से कई फरमान जारी किए गए थे। जैसे कि जिस स्कूल में शिक्षक पढ़ाते हैं उन्हें उस स्कूल के 15 किलोमीटर के दायरे में ही रहना होगा चाहे वो ड्यूटी पर हों या छुट्टी पर। इसके अलावा शिक्षकों को तबीयत खराब होने पर भी स्कूल आकर छुट्टी लेनी पड़ेगी। इस दौरान व्हाट्सएप पर छुट्टी का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यही नहीं कोई शिक्षक मीडिया में बयान नहीं दे सकता और न ही शिक्षा विभाग को लेकर सोशल मीडिया पर किसी प्रकार का पोस्ट कर सकता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>KK Pathak: बिहार के सरकारी स्कूलों में शुरू हो रहा केके पाठक का मिशन दक्ष, चलेगी स्पेशल क्लास</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/kk-pathaks-mission-daksh-is-starting-in-government-schools-of-bihar-special-classes-will-be-run/</link><pubDate>December 1, 2023, 1:06 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/15-300x200.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए केके पाठक ने इसी दिसंबर से एक बड़े मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत ऐसे बच्चों का चुनाव किया जाएगा जो पढ़ाई में बहुत कमजोर हैं। अब से इन बच्चों को अलग से 45 मिनट का समय दिया जाएगा। इस 45 म...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए केके पाठक ने इसी दिसंबर से एक बड़े मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत ऐसे बच्चों का चुनाव किया जाएगा जो पढ़ाई में बहुत कमजोर हैं। अब से इन बच्चों को अलग से 45 मिनट का समय दिया जाएगा। इस 45 मिनट के दौरान शिक्षक न सिर्फ कमजोर बच्चों पर अलग से ध्यान देंगे बल्कि ये भी पता लगाएंगे कि बच्चा पढ़ाई में पीछे क्यों है? इसके कारण का पता लगाने के बाद बच्चे की पढ़ाई में सुधार किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लाखों बच्चों की चलेगी स्पेशल क्लास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गौरतलब है कि दिसंबर से ही सूबे के सभी सरकारी स्कूलों में मिशन दक्ष की शुरुआत होने जा रही है। केके पाठक के इस मिशन के अनुसार पढ़ाई में कमजोर बच्चों को अलग से पढ़ाया जाएगा। यही नहीं इन बच्चों की परीक्षा भी अलग से ली जाएगी। बिहार के लाखों बच्चों के लिए स्पेशल क्लास चलेगी जो मिशन दक्ष के अंतर्गत होगी। इन छात्र-छात्राओं के लिए स्पेशल एग्जाम कैलेंडर भी बनाए जाएंगे। इस मिशन के तहत प्रत्येक कक्षा से 5 बच्चों का चुनाव किया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;15 मार्च तक रखी गई डेडलाइन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा मिशन दक्ष के तहत स्कूलों में एक खास समय तय किया गया है। इसमें चयन किए गए बच्चों की क्लास स्कूल में छुट्टी होती ही शुरू हो जाएगी। ये स्पेशल क्लास प्रतिदिन दोपहर साढ़े 3 बजे से लेकर सवा 4 बजे तक चला करेगी। इसमें वो बच्चे शामिल किए जाएंगे जो अपनी किताबें ठीक से नहीं पढ़ सकते। इतना ही नहीं इन छात्र-छात्राओं के लिए 15 मार्च 2024 तक की डेडलाइन भी तय की गई है। दी गई डेडलाइन तक बच्चों को पढ़ने में अच्छा बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। अगर इस स्पेशल परीक्षा में बच्चे पास नहीं हो पाए तो स्कूल प्रिंसिपल को लेने के देने पड़ सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केके पाठक ने लिखी चिट्ठी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने इस विषय में जिलों के अफसरों को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें मिशन दक्ष को चलाने के लिए खास निर्देश दिए गए। इसके लिए जिला पदाधिकारियों की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई गई है। इस दौरान केके पाठक का यह ऑर्डर है कि हर टीचर को कम से कम 5 बच्चों को पढ़ाना होगा। शिक्षकों को शैक्षणिक तौर पर इन कमजोर बच्चों को गोद लेना होगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Bihar Teacher Accommodation : अब शिक्षकों को स्कूल के पास आवास देगी नीतीश सरकर</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-teacher-accommodation-now-nitish-government-will-provide-accommodation-to-teachers-near-the-school/</link><pubDate>October 30, 2023, 6:38 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/2-23-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार लोक सेवा आयोग ने हाल ही में एक लाख 22 हजार शिक्षकों का रिजल्ट जारी किया है। अब जल्दी ही इस परीक्षा में सफल हुए सभी शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने के लिए जाना शुरु करेंगे। इससे जुड़ी हुई एक बड़ी ख़बर सामने आई है। बता दें कि सीएम नीतीश की ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;बिहार लोक सेवा आयोग ने हाल ही में एक लाख 22 हजार शिक्षकों का रिजल्ट जारी किया है। अब जल्दी ही इस परीक्षा में सफल हुए सभी शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने के लिए जाना शुरु करेंगे। इससे जुड़ी हुई एक बड़ी ख़बर सामने आई है। बता दें कि सीएम नीतीश की सरकार ने इन सभी पास हुए शिक्षकों के अलावा पहले से भी कार्यरत करीब चार लाख शिक्षकों को आवास देने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि इस निर्णय के अनुसार इन शिक्षकों के रहने की व्यवस्था स्कूल के पास में ही की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि शिक्षकों को विद्यालय पहुंचने में देरी न हो।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विभागीय वेबसाइट पर प्रस्ताव की मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल विभाग ने रविवार को विज्ञापन जारी कर मकान मालिकों और रियल एस्टेट कंपनियों से 4 नवंबर तक विभागीय वेबसाइट पर प्रस्ताव की मांग की है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षकों के रहने की व्यवस्था करने के लिए बिहार सरकार जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत के गांव तक मकानों को किराए पर लेगी। हालांकि अगर रियल एस्टेट कंपनी मकान बनाकर देती है तो भी सरकार जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत के गांवों तक के मकानों को किराए पर ले सकती है। वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग ने इच्छुक मकान मालिकों एवं रियल एस्टेट कंपनियों से भी पूछा है कि वह कितने फ्लैट और मकान तत्काल उपलब्ध करा सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निजी कंपनियां अपने खर्चे पर करेंगी निर्माण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा मकानों और बहू मंजिला इमारतों के मालिकों से यह प्रस्ताव मांगा गया है कि किस जिले में कितने मकान हैं ? साथ ही वह किस प्रखंड और ग्राम पंचायत में कितने मकान उपलब्ध करा सकते हैं जो पहले से बने हुए हों। शिक्षा विभाग ऐसे मकानों को तुरंत किराए पर ले सकता है। वहीं रियल एस्टेट कंपनियों और अन्य इच्छुक जमीन मालिकों से जिला, अनुमंडल और प्रखंड मुख्यालय में बहुमंजिला इमारत एवं भवन निर्माण करने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। बता दें कि यहां केवल विभाग के शिक्षक ही रहेंगे। ऐसे इमारतों का निर्माण निजी कंपनियां अपने खर्चे पर करेंगी। इस दौरान शिक्षा विभाग उन्हें लंबे समय के लिए लीज पर लेगा और हर महीने किराया का भुगतान किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रतिवर्ष शिक्षकों के वेतन पर करोड़ों खर्च&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि निदेशक प्रशासन ने विज्ञापन जारी किया है। इसके अंतर्गत मकान मालिक और रियल एस्टेट कंपनियों की तरफ से 4 नवंबर तक प्रस्ताव देने की मांग की गई है। जिसके बाद 8 नवंबर को पटना में शिक्षा विभाग इनके साथ बैठक करेगी। शिक्षा विभाग प्रतिवर्ष शिक्षकों के वेतन पर 33 हजार करोड़ खर्च करता है। जिसमें से 8% यानी लगभग 2500 करोड़ रुपये आवास पर खर्च किए जाते हैं। अब आवास भत्ता की कटौती कर यह पैसा लीज पर लिए गए मकान और रियल एस्टेट कंपनियों को दिया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: नियोजित शिक्षकों के लिए खुशखबरी, अब विशिष्ट परीक्षा देकर बनेंगे राज्यकर्मी</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/bihar-good-news-lottery-for-employed-teachers-now-they-will-become-state-employees-by-giving-special-examination/</link><pubDate>October 12, 2023, 8:04 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/2-8-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग की बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अब नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के रास्ते खोल दिए गए हैं। हालांकि इसके लिए पहले परीक्षा पास करनी होगी। पहले परीक्षा, फिर मिलेगा दर्ज...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग की बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अब नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के रास्ते खोल दिए गए हैं। हालांकि इसके लिए पहले परीक्षा पास करनी होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहले परीक्षा, फिर मिलेगा दर्जा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से खुशखबरी है। बताया जा रहा है कि अब प्रदेश में काम करने वाले लगभग चार लाख नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाएगा। फिलहाल उन्हें इसके लिए पहले परीक्षा पास करनी होगी। दरअसल बीते बुधवार को शिक्षा विभाग ने बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 का प्रारूप जारी किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;परीक्षा पास करने के लिए मिलेंगे तीन मौके&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि जैसे बिहार लोक सेवा आयोग के द्वारा भर्ती होने वाले शिक्षकों को सुविधाएं मिला करती थी , उसी प्रकार नियोजित शिक्षकों को भी सुविधाएं मिला करेंगी। इसमें नियोजित शिक्षक विशिष्ठ शिक्षक कहलाने के साथ-साथ इनकी सैलरी भी बढ़ाई जाएगी। बता दें कि राज्य सरकार द्वारा चयनित एजेंसी से नियोजित शिक्षकों की परीक्षा ली जाएगी। यहीं नहीं परीक्षा पास करने के लिए नियोजित शिक्षकों के पास तीन मौके होंगे। अगर तीनों बार में परीक्षा पास नहीं कर पाते तो शिक्षकों को सेवा से हटा दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि नियमावली प्रकाशित होने की तिथि से एक साल के अंदर ही तीन बार सक्षमता परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वेतन कितना होगा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि कक्षा 1 से 5 तक के विशिष्ट शिक्षकों (मध्य विद्यालय के शारीरिक शिक्षक सहित) का वेतन 25 हजार रुपये होगा। वहीं कक्षा 6 से 8 तक के विशिष्ट शिक्षकों का वेतन 28 हजार रुपये होगा। कक्षा 9 और 10 के विशिष्ट शिक्षकों (माध्यमिक के शारीरिक शिक्षक व पुस्तकालय अध्यक्ष सहित) का वेतन 31 हजार रुपये होगा। इसके अलावा कक्षा 11 से 12 तक के विशिष्ट शिक्षकों का वेतन 32 हजार रुपये किया जाएगा। इसके साथ जरुरी बात ये है कि मूल वेतन के अलावा राज्य सरकार की प्रचलित दरों के अनुसार महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, चिकित्सा भत्ता और शहरी परिवहन भत्ता का लाभ भी मिला करेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दे सकते हैं अपना सुझाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि शिक्षा नियमावली बनकर तैयार हो गई है। इसके साथ ही इस नियमावली का प्रारूप विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इस प्रारूप पर सुझाव देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसका सुझाव माध्यमिक शिक्षा निदेशक के ई-मेल (directorse.edu@gmail.com) पर दिया जा सकता है। इसके साथ ही बता दें कि विशिष्ट शिक्षक जिला शिक्षा पदाधिकारी के जरिए ये नियोजित शिक्षक स्थानांतरित होते रहेंगे। यहीं नहीं विशिष्ट शिक्षकों के अनुरोध पर निर्देशक प्राथमिक या निर्देशक माध्यमिक से अनुरोध कर जिले के बाहर स्थानांतरण लिया जा सकता है। वहीं एक विशिष्ट शिक्षक अपने पूरे सेवा काल में केवल दो ही बार इस तरह के विकल्प का प्रयोग कर सकेगा।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>