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       <title>Today बिहार जाति जनगणना News | Latest बिहार जाति जनगणना News | Breaking बिहार जाति जनगणना News in English | Latest बिहार जाति जनगणना News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का बिहार जाति जनगणना समाचार:Today बिहार जाति जनगणना News ,Latest बिहार जाति जनगणना News,Aaj Ka Samachar ,बिहार जाति जनगणना समाचार ,Breaking बिहार जाति जनगणना News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>बिहार : लालू यादव के ट्वीट पर BJP ने उन्हीं के अंदाज में किया पलटवार</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-bjp-retaliated-in-the-same-style-as-lalu-yadavs-tweet/</link><pubDate>October 10, 2023, 6:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/3-6.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने RJD सुप्रीमो लालू यादव के अपने सोशल मीडिया एक्स पर किए गए पोस्ट पर उन्हीं के अंदाज में जवाब दिया है। प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि बिहार में एक यह भी कहावत है कि &amp;#8216;सूप दुसता है चलनी को, जिसमें कई छेद। ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने RJD सुप्रीमो लालू यादव के अपने सोशल मीडिया एक्स पर किए गए पोस्ट पर उन्हीं के अंदाज में जवाब दिया है। प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि बिहार में एक यह भी कहावत है कि &amp;#8216;सूप दुसता है चलनी को, जिसमें कई छेद।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जाति जनगणना पर उठ रहे सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रदेश में जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट को लेकर कई नेताओं ने सवाल उठाए हैं। दूसरी तरफ राज्य सरकार इन सवालों का खंडन करते हुए रिपोर्ट को सही बता रही है। बता दें कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सोमवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधाते हुए कहा था कि कैंसर का इलाज सिरदर्द की दवा खाने से नहीं होगा। अब लालू यादव की इस प्रतिक्रिया पर बीजेपी ने भी उन्हीं के अंदाज में पलटवार किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीजेपी ने किया लालू यादव के अंदाज में पलटवार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल लालू यादव के ट्वीट के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि लालू यादव की यह बात सही है कि कैंसर का इलाज सिरदर्द की दवा खाने से नहीं होगा, लेकिन बिहार में एक यह भी कहावत है कि &amp;#8216;सूप दुसता है चलनी को, जिसमें कई छेद। &amp;#8216; यहीं नहीं प्रभाकर मिश्रा ने लालू यादव से यह सवाल भी किया कि आपने अपने समय में जातीय गणना क्यों नहीं करवाई? प्रभाकर मिश्रा ने लालू पर तंज कसते हुए कहा कि आपने तो 15 साल बिहार में शासन किया। केंद्र में मनमोहन सिंह की 10 साल की सरकार थी उसमें आप मंत्री थे। उस वक्त आपको जातीय गणना की याद क्यों नहीं आई? आप इतना लेट क्यों कर दिए? जातीय गणना की शुरुआत एनडीए के शासनकाल में हुई है। अब आपका जनाधार खिसक रहा है तो जातीय गणना की बात आप कर रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह है पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि लालू प्रसाद यादव ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि जातिगत जनगणना के विरुद्ध जो भी लोग हैं वो इंसानियत, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक बराबरी तथा समानुपातिक प्रतिनिधित्व के खिलाफ हेैं। ऐसे लोगों में रत्ती भर भी न्यायिक चरित्र नहीं होता है। किसी भी प्रकार की असमानता एवं गैरबराबरी के ऐसे समर्थक अन्याय करने वाली प्रवृत्ति के होते हैं। ये जन्म से लेकर मृत्यु तक केवल जन्मजात जातीय श्रेष्ठता के आधार एवं दंभ पर दूसरों का अधिकार छीनकर अपनी कथित श्रेष्ठता को बरकरार रखना चाहते हैं। अंत में लालू यादव ने लिखा था कि कैंसर का इलाज सिरदर्द की दवा खाने से नहीं होगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार : BJP सांसद सुशील कुमार मोदी ने सीएम नीतीश और लालू यादव पर लगाया साजिश रचने का इल्ज़ाम</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-bjp-mp-sushil-kumar-modi-accused-cm-nitish-and-lalu-yadav-of-conspiring/</link><pubDate>October 10, 2023, 6:20 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/2-6-300x225.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट को लेकर सुशील कुमार मोदी ने सीएम नीतीश और RJD सुप्रीमो लालू यादव पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वैश्य एवं कुशवाहा समाज को बांटने और इनकी आबादी कम दिखाने की मंशा जाति आधारित जनगणना में उजागर हो चुकी है। पूर्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट को लेकर सुशील कुमार मोदी ने सीएम नीतीश और RJD सुप्रीमो लालू यादव पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वैश्य एवं कुशवाहा समाज को बांटने और इनकी आबादी कम दिखाने की मंशा जाति आधारित जनगणना में उजागर हो चुकी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूर्व उपमुख्यमंत्री ने लगाया आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार में जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट जारी होने के बाद जो आंकड़े पेश किए गए हैं उसे लेकर बिहार में हंगामा मचा हुआ है। जहां एक तरफ आंकड़ों को फर्जी बताया जा रहा है तो दूसरी तरफ राज्य सरकार इन आरोपों को बेबुनियाद बता रही है। अब इन सब के बीच सोमवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने सीएम नीतीश कुमार पर लालू यादव के साथ मिल कर साजिश करने का आरोप लगाया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रची गई है साजिश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पूर्व उपमुख्यमंत्री एंव बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को अपना बयान जारी करते कहा कि लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के इशारे पर तेली, तमोली, चौरसिया,दांगी सहित आधा दर्जन जातियों को अति पिछड़ा सूची से बाहर करने की जो साजिश रची जा रही है, उसे हम सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। सुशील कुमार मोदी ने कहा कि वैश्य एवं कुशवाहा समाज को बांटने और इनकी आबादी कम दिखाने की मंशा जाति आधारित जनगणना में दिखाई दे गई है। वहीं आरजेडी के एक विधान परिषद सदस्य वैश्य एवं कुशवाहा जातियों को अति पिछड़ा सूची से बाहर कराने के लिए पदयात्रा और सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन अतिपिछड़ी जातियों ने महागठबंधन को वोट नहीं दिया, उनके खिलाफ़ तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सारी त्रुटियों को दूर करने की आवश्यकता है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मुसलमानों में मल्लिक, शेखड़ा और कुल्हिया ऊंची जातियां हैं, लेकिन इन्हें भी अतिपिछड़ा वर्ग में शामिल करके आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों में जिन्हें शेरशाहबादी जाति का बताया गया है, वे बांग्लादेशी हैं और बांग्ला बोलते हैं। जबकि सुरजापुरी को मुस्लिम जाति दिखाया गया है, जो कि सुरजापुरी भाषा है। सुशील मोदी ने कहा कि इन सारी त्रुटियों को दूर करने की आवश्यकता है साथ ही ऊंची जातियों के मुसलमानों को अति पिछड़ा सूची से बाहर निकालकर अति पिछड़ों के हक को छिनने से बचाना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: लालू यादव ने विपक्षियों पर साधा निशाना, सोशल मीडिया पर लिखा- कैंसर का इलाज…</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-lalu-yadav-targeted-the-opposition-wrote-on-social-media-cancer-treatment/</link><pubDate>October 10, 2023, 5:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/1-5-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने जाति आधारित जनगणना पर सवाल उठा रहे विपक्षी दलों पर हमलावर होते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अपनी बात कही है। क्या कह गए लालू यादव बिहार में सियासी सरगर्मी तेज ह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने जाति आधारित जनगणना पर सवाल उठा रहे विपक्षी दलों पर हमलावर होते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अपनी बात कही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या कह गए लालू यादव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार में सियासी सरगर्मी तेज हो चुकी है और ऐसे में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है। बताया जा रहा है कि सोमवार को आरजेडी सुप्रीमो ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए विपक्षियों पर तंज कसा है। लालू प्रसाद यादव ने लिखा है कि जातिगत जनगणना के विरुद्ध जो भी लोग हैं वो इंसानियत, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक बराबरी तथा समानुपातिक प्रतिनिधित्व के खिलाफ हैं। ऐसे लोगों में रत्ती भर भी न्यायिक चरित्र नहीं होता है। लालू यादव ने आगे लिखा कि किसी भी प्रकार की असमानता एवं गैरबराबरी के ऐसे समर्थक अन्यायी प्रवृत्ति के होते हैं, जो जन्म से लेकर मृत्यु तक केवल और केवल जन्मजात जातीय श्रेष्ठता के आधार एवं दंभ पर दूसरों का अधिकार खाकर अपनी कथित श्रेष्ठता को बरकरार रखना चाहते हैं। कैंसर का इलाज सिरदर्द की दवा खाने से नहीं होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जेडीयू के नेता भी कर चुके हैं विरोध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल जाति आधारित जनगणना को लेकर बिहार में लगातार इस तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं कि जारी की गई रिपोर्ट में कई प्रकार की त्रुटियां हैं। यहीं नहीं कई नेताओं ने यहां तक कह दिया कि उनके घर कोई निरीक्षण टीम ही नहीं गई थी। ऐसे में कोई पड़ोसी या गांव के लोग कैसे सही जानकारी दे सकता हैं।यहीं नहीं बता दें कि विरोधी दलों के साथ-साथ सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के सांसद सुनील कुमार पिंटू भी जाति आधारित जनगणना की रिपोर्ट पर सवाल उठा चुके हैं। इसके अलावा तेली-साहू समाज की पटना में बैठक भी कर चुके हैं। उनका कहना है कि जाति आधारित सर्वे की रिपोर्ट में त्रुटि को लेकर लगातार तेली साहू समाज के द्वारा कई शिकायतें आ रही ही हैं क्योंकि उनकी गिनती नहीं हुई है। इस संबंध में बैठक में निर्णय लिया गया है कि एक कमेटी मुख्यमंत्री से मिले और मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी दिया जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसलिए किया गया है ट्वीट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि इसी क्रम में लगातार हो रहे विरोध को देखते हुए लालू प्रसाद यादव ने यह ट्वीट किया है और लिखा है कि जातिगत जनगणना के विरुद्ध जो भी लोग हैं वो इंसानियत, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक बराबरी तथा समानुपातिक प्रतिनिधित्व के खिलाफ है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: जाति आधारित सर्वे में यादवों की संख्या को लेकर हो रहे विवाद पर तेजस्वी ने किया सबकुछ क्लियर</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%a4-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%b5-%e0%a4%aebihar-tejashwi-made-everything-clear-on-the-controversy-regarding-the-number-of/</link><pubDate>October 8, 2023, 6:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/2-4-300x225.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव शनिवार को पटना में पर्यटन विभाग के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के बाद तेजस्वी यादव ने यादवों की संख्या को लेकर चल रहे विवाद पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा चुनावी लाभ के लिए आंकड़...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव शनिवार को पटना में पर्यटन विभाग के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के बाद तेजस्वी यादव ने यादवों की संख्या को लेकर चल रहे विवाद पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा चुनावी लाभ के लिए आंकड़ों में हेरफेर करने की होती तो मुख्यमंत्री की जाति की संख्या भी बढ़ा दी गई होती।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;तेजस्वी यादव पर है यह आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर बीजेपी और उनके सहयोगियों द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा है कि जाति सर्वेक्षण के निष्कर्षों में राजद की संभावनाओं को ध्यान में रखकर हेरफेर किया गया है। अब शनिवार को तेजस्वी यादव ने इस आरोप को खारिज करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। तेजस्वी ने कहा कि 1931 की जनगणना के अनुसार भी उनकी जाति सबसे अधिक आबादी वाली थी, और उन्होंने भाजपा से कहा कि अगर वह राज्य सरकार की कवायद से प्रसन्न नहीं है तो देशव्यापी जाति जनगणना की मांग पर ध्यान दें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या बोले तेजस्वी यादव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्ष 1931 में जब ओडिशा और झारखंड भी बिहार का हिस्सा थे, तब यादव कुल, आबादी का 11 प्रतिशत थे। आज लगभग एक सदी बाद, यह आंकड़ा 14 प्रतिशत है। इसमें इतना अनियमित क्या है उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार की मंशा चुनावी लाभ के लिए आंकड़ों में हेरफेर करने की होती तो मुख्यमंत्री की जाति की संख्या भी बढ़ा दी गई होती।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वैध सबूत के साथ आना चाहिए &amp;#8211; सुनील कुमार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जाति आधारित सर्वेक्षण रिपोर्ट को लेकर तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं साथ ही उसमें कई प्रकार की त्रुटियां भी देखी जा रही हैं। । ऐसे में बिहार के मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने बुधवार को पटना में बातचीत के दौरान यह बयान दिया था कि जिन लोगों को चिंता है, उन्हें वैध सबूत के साथ आना चाहिए और बिहार सरकार उस पर गौर करेगी। उन्होंने कहा कि जाति आधारित सर्वे निष्पक्ष तरीके से किया गया और अधिकारियों ने इसमें हर पहलू को ध्यान में रखा है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: CM नीतीश की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक, विपक्षी दलों ने गिनाई कमियां</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/bihar-all-party-meeting-chaired-by-cm-nitish-concluded-opposition-parties-pointed-out-shortcomings/</link><pubDate>October 3, 2023, 1:56 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/89-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। सोमवार को बिहार में जाति आधारित गणना की रिपोर्ट जारी की गई थी। इसे लेकर आज सीएम नीतीश की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक की गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक जाति आधारित गणना के आंकड़े जारी होने के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री न...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सोमवार को बिहार में जाति आधारित गणना की रिपोर्ट जारी की गई थी। इसे लेकर आज सीएम नीतीश की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक की गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जाति आधारित गणना के आंकड़े जारी होने के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में नौ दलों को बुलाया गया था। यह बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सीएम सचिवालय में हुई। बता दें कि इस बैठक में जाति आधारित गणना के आंकड़ो पर चर्चा की गई। वहीं, बीजेपी के नेता और &amp;#8216;हम&amp;#8217; संयोजक जीतन राम मांझी ने मौजूदा जाति आधारित गणना में कई प्रकार की खामियों को सरकार के सामने रखा, जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंभीरता से लेते हुए सम्बंधित अधिकारी को उसे दूर करने की बात कही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नौ पार्टीयों के नेता हुए थे शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि इस बैठक में सामाजिक और आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े नहीं रखे गए हैं, जिसका बीजेपी विरोध कर रही थी। मुख्यमंत्री नीतीश ने यह आश्वासन दिया है की सामाजिक और आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों को विधानसभा में सत्र के दौरान सामने रखा जाएगा। इस बैठक में बीजेपी नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा और हरि सहनी शामिल थे। इसके अलावा महागठबंधन की तरफ से 6 और एनडीए की तरफ से दो नेता और एक एआईएमआईएम के नेता बैठक में शामिल हुए थे। कुल नौ दलों के नेता बैठक में शामिल हुए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सर्वदलीय बैठक से पहले हुई थी कैबिनेट मीटिंग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि इस दौरान विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हरि सहनी ने इस जातीय गणना की रिपोर्ट को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस तरह कोई परीक्षा में एवरेज मार्किंग किया जाता है, उसी तरह ही इसमें भी किया गया है। किसी को घटा कर किसी को बढ़ा दिया गया, इससे स्थिति यह हो गई कि कहीं खुशी तो कहीं गम है। एक ही जाति को कई वर्गों में बांट दिया गया है। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने सोमवार को बहुप्रतीक्षित जाति आधारित गणना के निष्कर्ष जारी किए थे जिसमें यह खुलासा हुआ है कि अन्य पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग राज्य की कुल आबादी का 63 प्रतिशत है। बता दें कि आज सर्वदलीय बैठक से पहले कैबिनेट बैठक रखी गई थी जिसमें राज्य सरकार द्वारा 14 एजेंडों पर मुहर लगाई गई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>आज होगी जातीय आधारित गणना से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, पटना हाई कोर्ट के फैसले को दी गई है चुनौती</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/hearing-will-be-held-in-the-supreme-court-today-on-the-petitions-related-to-caste-based-census-the-decision-of-patna-high-court-has-been-challenged/</link><pubDate>September 6, 2023, 10:51 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/09/download3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना। सुप्रीम कोर्ट आज पटना उच्च न्यायालय के बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करने के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा। केंद्र सरकार ने हलफनामा वापस ले लिया था शीर्ष अदालत की वेबसा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट आज पटना उच्च न्यायालय के बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करने के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केंद्र सरकार ने हलफनामा वापस ले लिया था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शीर्ष अदालत की वेबसाइट अनुसार न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की पीठ मामले की सुनवाई जारी रखेगी। पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा वापस ले लिया था, जिसमें कहा गया कि उसके अलावा जनगणना जैसी प्रक्रिया करने का हकदार कोई और नहीं है। केंद्रीय गृह मंत्रालय में रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय द्वारा दायर नए हलफनामे में यह कहते हुए पैराग्राफ को वापस ले लिया गया कि संविधान के तहत या अन्यथा कोई अन्य निकाय जनगणना या जनगणना के समान कोई और कार्रवाई करने का हकदार नहीं है। पिछली सुनवाई में जब केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि वह संवैधानिक और कानूनी स्थिति को रिकॉर्ड पर रखना चाहते हैं। तब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की अनुमति दी थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शीर्ष अदालत में याचिकाकर्ताओं की दलीलें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शीर्ष अदालत के सामने याचिकाकर्ताओं ने यह दलीलें दी थी कि सर्वेक्षण प्रक्रिया गोपनीयता के कानून का उल्लंघन करती है और केवल केंद्र सरकार के पास ही भारत में जनगणना करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के पास जाति आधारित जनगणना के संचालन पर निर्णय लेने और उसे अधिसूचित करने का कोई अधिकार नहीं है। शीर्ष अदालत ने सर्वेक्षण प्रक्रिया या सर्वेक्षण के परिणामों के प्रकाशन पर रोक लगाने के लिए कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था, हालांकि यह तर्क दिया गया था कि डेटा के प्रकाशन के बाद मामला व्यर्थ ही हो जाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ट्रांसजेंडर समुदाय &amp;#8216;लिंग&amp;#8217; की बजाय &amp;#8216;जाति&amp;#8217;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नीतीश कुमार की राज्य सरकार ने कहा है कि बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और जल्दी ही परिणाम सार्वजनिक हो जाऐंग। राज्य की जाति सर्वेक्षण प्रक्रिया में ट्रांसजेंडर समुदाय को &amp;#8216;लिंग&amp;#8217; की श्रेणी के बजाय &amp;#8216;जाति&amp;#8217; के रूप में वर्गीकृत करने के बिहार सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत के सामने एक और याचिका दायर की गई है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>लालू-नीतीश पर गरजे प्रशांत किशोर, बोले- इन्हें बस जातिगत राजनीति से मतलब</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/prashant-kishore-thundered-on-lalu-nitish-said-they-only-mean-caste-politics/</link><pubDate>August 2, 2023, 5:29 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/07/download-2023-07-27T160214.735-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। हाई कोर्ट ने बिहार में जातिगत जनगणना पर लगी रोक हटा दी है। उच्च न्यायलय के फैसले से जदयू और राजद खेमे में ख़ुशी है। बिहार के पूर्व सीएम एवं राजद प्रमुख लालू यादव ने इसे सीएम नीतीश और तेजस्वी की कड़ी मेहनत का नतीजा बताया है। इसी बीच प्रशांत ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना।&lt;/strong&gt; हाई कोर्ट ने बिहार में जातिगत जनगणना पर लगी रोक हटा दी है। उच्च न्यायलय के फैसले से जदयू और राजद खेमे में ख़ुशी है। बिहार के पूर्व सीएम एवं राजद प्रमुख लालू यादव ने इसे सीएम नीतीश और तेजस्वी की कड़ी मेहनत का नतीजा बताया है। इसी बीच प्रशांत किशोर ने इसे लेकर महागठबंधन सरकार पर निशाना साधा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;9वीं फेल को अपना डिप्टी सीएम मानेंगे लोग&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जनसुराज के संयोजक और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने जातीय जनगणना को लेकर राजद प्रमुख लालू यादव और सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लालू और नीतीश को जातीय जनगणना नहीं बल्कि जातिगत राजनीति करनी है ताकि पूरा समाज अशिक्षित और अनपढ़ बना रहे। तभी तो लोग एक 9वीं फेल को अपना डिप्टी सीएम मानेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जातीय जनगणना पर उठाया सवाल&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पीके ने आगे सवाल किया कि जातिगत जनगणना का कानूनी आधार क्या है? बिहार की जनता खुद सोचे कि पिछले 32 सालों से लालू-नीतीश सरकार में हैं। इतने समय में इन्होंने जनता के लिए क्या प्रयास किया? आज ये आम जनता की आंख में धूल झोंकने के लिए सर्वे करवाने में लगे हुए हैं। इस दौरान प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार के लोगों को यह समझना पड़ेगा कि यदि गरीबों के बच्चे पढ़े-लिखे रहेंगे तो इन अनपढ़ों को नेता कौन मानेगा?&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>जातीय गणना: हाईकोर्ट के फैसले पर बोले लालू यादव, सीएम और तेजस्वी की कड़ी मेहनत का नतीजा</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/caste-enumeration-lalu-yadav-said-on-the-decision-of-the-high-court-the-result-of-hard-work-of-cm-and-tejashwi/</link><pubDate>August 1, 2023, 11:49 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-2023-08-01T171852.279-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। पटना उच्च न्यायलय के फैसले से जदयू और राजद खेमे में ख़ुशी है। सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर इसे लेकर हमलावर हो गये हैं।...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। पटना उच्च न्यायलय के फैसले से जदयू और राजद खेमे में ख़ुशी है। सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर इसे लेकर हमलावर हो गये हैं। इसी बीच बिहार के पूर्व सीएम एवं राजद प्रमुख लालू यादव का बयान भी सामने आया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;सीएम और तेजस्वी की कड़ी मेहनत&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मीडिया से बात करते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा कि हम हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। यह सिर्फ एक फैसला नहीं है बल्कि गरीबों के लिए फैसला है। इससे उनके लिए दरवाजे खुलेंगे। उनके सर्वेक्षण के बाद, उनकी आर्थिक स्थिति का पता चलेगा और उस आधार पर सरकार उनके लिए योजनाओं का मसौदा तैयार करेगी और इससे विकास के द्वार खुलेंगे। मैं CM और तेजस्वी यादव को धन्यवाद देता हूं, उन्होंने कड़ी मेहनत की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जानिए अब तक क्या-क्या हुआ&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार में 7 जनवरी से जातिगत जनगणना की शुरुआत हुई थी। 15 अप्रैल से दूसरे चरण की शुरुआत हुई थी। 21 अप्रैल को मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा जहां एससी ने हाईकोर्ट जाने को कहा। 2 और 3 मई को सुनवाई के बाद इस मामले में पटना उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने 4 मई को गणना पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने 3 जुलाई को सुनवाई की अगली तारीख रखी। जिसमें बिहार सरकार की तरफ से जल्द सुनवाई की अपील की गयी। हाई कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इंकार कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;पहले भी हुई थी जातिगत गणना&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;11 मई को बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया। 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को हाईकोर्ट जाने को कहा। 3 और 4 जुलाई को हाई कोर्ट में बहस हुई, जिसमें फैसला सुरक्षित रख लिया गया और आज सारी याचिकाएं खारिज करते हुए जनगणना कराने की मंजूरी दे दी गयी है। बता दें कि देश में सबसे पहले जातिगत जनगणना 1931 में हुई थी। 1941 में इसका डेटा एकत्रित कर लिया गया था लेकिन इसे सार्वजानिक नहीं किया गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>जातीय गणना: हाईकोर्ट के फैसले पर बोले मंत्री विजय चौधरी, &amp;#8216;बीजेपी एक्सपोज हो गई&amp;#8217;</title><link>https://bihar.inkhabar.com/politics/caste-enumeration-minister-vijay-chowdhary-said-on-the-decision-of-the-high-court-bjp-has-been-exposed/</link><pubDate>August 1, 2023, 11:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-2023-08-01T170337.983-300x169.png</image><category>राजनीति</category><excerpt>पटना। बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। पटना उच्च न्यायलय के फैसले से जदयू और राजद खेमे में ख़ुशी है। सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर इसे लेकर हमलावर हो गये हैं।...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पटना। &lt;/strong&gt;बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। पटना उच्च न्यायलय के फैसले से जदयू और राजद खेमे में ख़ुशी है। सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर इसे लेकर हमलावर हो गये हैं। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि भाजपा एक्सपोज हो गई है जबकि बिहार सरकार की नीति और नीयत की जीत हुई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;बीजेपी ने डाला बाधा&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मंत्री विजय चौधरी ने हाईकोर्ट के फैसले को स्वागत योग्य बताते हुए समाज के लिए प्रगतिशील बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से पता चलेगा कि समाज में कमजोर वर्ग की कितनी संख्या है। इससे सरकार को उनके लिए विकास की योजना बनाने में मदद मिलेगी। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने जातिगत जनगणना में बाधा डालने का काम किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जानिए अब तक क्या-क्या हुआ&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार में 7 जनवरी से जातिगत जनगणना की शुरुआत हुई थी। 15 अप्रैल से दूसरे चरण की शुरुआत हुई थी। 21 अप्रैल को मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा जहां एससी ने हाईकोर्ट जाने को कहा। 2 और 3 मई को सुनवाई के बाद इस मामले में पटना उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने 4 मई को गणना पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने 3 जुलाई को सुनवाई की अगली तारीख रखी। जिसमें बिहार सरकार की तरफ से जल्द सुनवाई की अपील की गयी। हाई कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इंकार कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;पहले भी हुई थी जातिगत गणना&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;11 मई को बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया। 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को हाईकोर्ट जाने को कहा। 3 और 4 जुलाई को हाई कोर्ट में बहस हुई, जिसमें फैसला सुरक्षित रख लिया गया और आज सारी याचिकाएं खारिज करते हुए जनगणना कराने की मंजूरी दे दी गयी है। बता दें कि देश में सबसे पहले जातिगत जनगणना 1931 में हुई थी। 1941 में इसका डेटा एकत्रित कर लिया गया था लेकिन इसे सार्वजानिक नहीं किया गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>जातीय गणना: पटना HC के फैसले पर खुश हुए तेजस्वी यादव, बीजेपी ने भी किया स्वागत</title><link>https://bihar.inkhabar.com/states/caste-census-tejashwi-yadav-happy-with-patna-hcs-decision-bjp-also-welcomed/</link><pubDate>August 1, 2023, 11:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-2023-08-01T165152.265-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>पटना। बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। दरअसल यह महागठबंधन सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में एक है। पटना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;पटना। बिहार में जातिगत जनगणना पर आज फैसला सुनाया गया है। पटना हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुनाते हुए जातिगत जनगणना पर से रोक हटा दी गई है। दरअसल यह महागठबंधन सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में एक है। पटना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने इस मामले में दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। उच्च न्यायलय के फैसले पर बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने ख़ुशी जताई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;खुश हुए तेजस्वी&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;फैसले के बाद उपमुख़्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि जातीय गणना आर्थिक न्याय की दिशा में क्रांतिकारी कदम साबित होगा। हमारी मांग है कि केंद्र जातीय गणना करवाए। वहीं बीजेपी ने भी हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। विजय सिन्हा ने कहा कि बीजेपी जातिगत जनगणना का समर्थक रही हैं। लेकिन बिहार सरकार के नियत में खोट है वो गणना के उद्देश्य को बताने में असफल रही।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;जानिए अब तक क्या-क्या हुआ&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बिहार में 7 जनवरी से जातिगत जनगणना की शुरुआत हुई थी। 15 अप्रैल से दूसरे चरण की शुरुआत हुई थी। 21 अप्रैल को मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा जहां एससी ने हाईकोर्ट जाने को कहा। 2 और 3 मई को सुनवाई के बाद इस मामले में पटना उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने 4 मई को गणना पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने 3 जुलाई को सुनवाई की अगली तारीख रखी। जिसमें बिहार सरकार की तरफ से जल्द सुनवाई की अपील की गयी। हाई कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इंकार कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;पहले भी हुई थी जातिगत गणना&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;11 मई को बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया। 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को हाईकोर्ट जाने को कहा। 3 और 4 जुलाई को हाई कोर्ट में बहस हुई, जिसमें फैसला सुरक्षित रख लिया गया और आज सारी याचिकाएं खारिज करते हुए जनगणना कराने की मंजूरी दे दी गयी है। बता दें कि देश में सबसे पहले जातिगत जनगणना 1931 में हुई थी। 1941 में इसका डेटा एकत्रित कर लिया गया था लेकिन इसे सार्वजानिक नहीं किया गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>बिहार: जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच ने दिया आदेश, जातिगत जनगणना पर लगी रोक</title><link>https://bihar.inkhabar.com/top-news/justice-vinod-chandrans-bench-ordered-ban-on-caste-census-prince-singh-inkhabar-bihar/</link><pubDate>May 4, 2023, 9:39 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-69-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>पटना: बिहार में चल रहे जातिगत जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है. गुरुवार को जातीय जनगणना पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि . बता दें कि सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही मामल...</excerpt><content>
&lt;p&gt;पटना: बिहार में चल रहे जातिगत जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है. गुरुवार को जातीय जनगणना पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि . बता दें कि सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के महाधिवक्ता पीके शाही मामले में अपनी दलील दे रहे थे, लेकिन पटना हाईकोर्ट ने जाति जनगणना पर रोक लगा दी है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;हाईकोर्ट ने लगाई रोक&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई 3 जुलाई को होनी है. इसके साथ ही तब तक कोई डेटा सामने नहीं आएगा. इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील ने जानकारी दी कि तीन जुलाई से इस मामले पर डिटेल में सुनवाई की जाएगी. इसके साथ ही कोर्ट के इस फैसले से नीतीश कुमार को बहुत बड़ा झटका लगा है. ऐसे में ये देखना होगा कि जुलाई के बाद इस मामले में क्या कुछ होता है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;गुरुवार को कोर्ट ने लगाई रोक&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आज पटना हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने राज्य में जातिगत जनगणना पर रोक लगा दी है। बता दें कि पटना उच्च न्यायलय ने जनगणना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>